Get Indian Girls For Sex
   

लौड़ा भाभी के मुँह में दे दिया उन्होंने मेरा पूरा माल खींच लिया

Group Sex Forced to fuck in extreme gangbang sex Cum covered eurobabes Full HD Nude fucking image Collection_00021

लीजिए मैं फिर आ गया अपनी एक और स्टोरी लेकर.. जो मेरे साथ घटी थी।

कहानी शुरू करूँ.. उससे पहले सभी रिसती चूतों को मेरे खड़े लण्ड का सलाम और लौड़ों को प्रणाम..

शायद आप सभी तो जानते ही होंगे कि मुझे खेली खाई औरतें और भाभियाँ काफ़ी पसंद हैं और मैं उन्हें कमसिन लड़कियों से ज्यादा पसंद करता हूँ.. क्योंकि उनमें कुछ अलग और ज्यादा ही मज़ा होता है

बात ठंड की है.. मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती हैं जिनका नाम प्रीति (बदला हुआ नाम) है। हम दोनों में काफ़ी हँसी-मज़ाक होता रहता था और अभी भी होता है.. हो भी क्यों ना.. आप लोगों को तो पता ही होगा कि भाभियों के हँसी-मज़ाक वगैरह सब चलता रहता है.. तो प्रीति भाभी भी मुझसे बहुत मज़ाक किया करती थीं।

मैं जब फ्री होता था.. तो उनके घर हमेशा जाता रहता था.. कभी उनके घर में जा कर टीवी देख लेता.. तो कभी कभी उनकी रसोई में भी जाकर उनका हाथ बटा देता। ऐसे ही काफ़ी दिन से हमारी बातें होती रहती थीं।

मैं प्रीति भाभी के पति के बारे में बताना तो भूल ही गया.. भाभी के पति यानि कि मेरे पड़ोस के भैया का नाम राजेन्द्र है.. कुछ महीने पहले उनकी दूसरे शहर में जॉब लग गई.. तो वो हाँ शिफ्ट हो गए और भाभी यहाँ अकेली रह गईं।
उनके साथ में उनकी बूढ़ी सास रहती हैं।

एक दिन हुआ यूँ कि मैं हमेशा की तरह भाभी के घर में बैठ कर टी वी देख रहा था। ठंड होने के कारण सब दरवाजे और खिड़कियाँ बंद थीं.. भाभी रसोई में रात के खाने की तैयारी कर रही थीं और वहीं से बोले जा रही थी- अजीत आज खाना यहीं से खाकर जाना पड़ेगा, खाना तो मैंने बना भी लिया है।

भाभी सब कुछ समेट कर खाना लेकर आईं.. मैं करता भी क्या.. मुझे खाना खाना ही पड़ा।

खाना खाकर हम फ्री हुए और भाभी से बातें होने लगीं और साथ में हम दोनों टी’ी देखने लगे.. अब ठंड थोड़ी ज्यादा हो चली थी। हम दोनों में इधर-उधर की बातें होने लगीं.. बातों-बातों में भाभी ने पूछ दिया- अजीत क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेण्ड नहीं है?
मुझे हल्का सा झटका सा लगा.. मैं कुछ नहीं बोला

भाभी ने फिर पूछा.. तो मैं बोला- है भाभी.. फोन पर बात तो होती है..
भाभी बोली- सिर्फ बात होती है.. या कुछ और भी किए हो??

मैं बोला- आप क्या बोल रही हो??
‘वही जो तुमने सुना..’
‘हाँ..’

‘क्या बात है.. तब तो तुम मास्टर होगे उस काम में…’
फिर मैंने कहा- क्या भाभी आप भी..?!
‘बोलो तो..’
‘हाँ भाभी पर आपने कौन सी पीएचडी की डिग्री ली हुई है उसमें…’
भाभी ने एक और झटका दिया.. पूछा- अजीत तुम्हारा वो कितना बड़ा है?

मैं चुप.. मैं भी अब बेशर्मी पर उतर आया।
मैंने कहा- मुझे नहीं पता.. आप ही नाप लो..

मुझे बस ये बोलने की देरी थी कि भाभी झट से मेरे नज़दीक आ कर मेरे लोवर में हाथ डाल कर मेरे लंड को सहलाने लगीं और 5 मिनट बाद मुझे देख कर बोलीं- अजीत तुम्हारा ये है तो बहुत मस्त..
मैं लौड़े पर स्पर्श से जरा गनगना गया था।

वे बोलीं- इतना बड़ा.. तुम्हारी गर्लफ्रेंड सहन कर लेती है?
मैंने कहा- हाँ भाभी, शुरू में दिक्कत हुई थी।

आप सबको क्या बोलूं दोस्तो.. भाभी इतने प्यार से मेरे लंड को सहला रही थीं कि मत पूछो..
फिर भाभी ने कहा- चलो.. ठीक से नापते हैं..

हम दोनों दूसरे कमरे में चले गए और मैंने घर में फोन करके बोल दिया कि आज मैं अपने दोस्त के ही घर सोऊँगा।
फिर क्या था.. भाभी और मैं एक-दूसरे की प्यास बुझाने में शुरू हो गए।

भाभी तो बस मेरा लंड खा जाने पर उतारू थीं.. और मेरे लंड को ऐसे चूस रही थीं.. जैसे कोई बच्चा चॉक्लेट वाली आइसक्रीम की सोफ्टी को चूस-चूस कर ख़ाता है… ‘उम्म्मह… अम्म… मम्म ऊऊऊहह म्ह उम्मओममा आहह..’

मेरे सुपारे को बार-बार अपनी जीभ से चाटे जा रही थीं और बीच-बीच में लंड के छेद में अपनी जीभ डालने की नाकाम कोशिश कर रही थीं.. और थूक लगा कर लंड को पूरा चिपचिपा बना दिया।

मैं क्या करता.. मुझे तो उठने ही नहीं दे रही थीं।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

जब भाभी 15 से 20 मिनट के बाद उठीं तो मैंने उनको बिस्तर में पटक कर उनके बचे हुए कपड़े उतारे और उनकी चूत पर टूट पड़ा। उनकी चूत तो ऐसी रसीली लग रही थी कि कुछ भी रखने से फिसल जाए.. एकदम चिकनी और फूली हुई..

मैंने अपना मुँह जैसे ही भाभी की चूत में लगाया.. वो तो जैसे झनझना ही गईं।
फिर मैंने सिर्फ़ चूत चूसने में ध्यान लगाया, पहले तो चूत को मैंने अपने थूक से अच्छी तरह से गीला किया।

‘उंह… उम्म्म्म.. उम्म अँह.. चस्स्सस्स… उम्मामा..’

फिर मैंने आहिस्ते-आहिस्ते अपनी जीभ भी चूत के अन्दर डाल कर हिलाने लगा और एक हाथ से चूत के ऊपर वाले दाने को सहला रहा था।
भाभी के मुँह से बस यही निकल रहा था- आअहह… ऑह उम्म्म्म.. अहम्म्मी आअहज ओमम्मह..

भाभी भी भी दो बार झड़ चुकी थीं। मुझे पता ही नहीं चला कि मैं भाभी की चूत आधे घन्टे तक चूसता ही रहा।
भाभी तो कब से बोले जा रही थीं- अब डाल भी दे अपना लंड मेरी चूत में.. चोद दे रे.. अपनी भाभी की चूत.. अब और नहीं रहा जा रहा..

पर मैं कहाँ मानने वाला था.. मैं तो सुन के अनसुना कर रहा था.. क्योंकि मैं तो चोदने में चूत का रसपान करके और मम्मों को दबा-दबा कर पूरा मज़ा लेता हूँ।

मैं अब उठा और भाभी को एक बार और अपना लंड चूस कर चिकना करने को कहा.. तो भाभी ने झट से लंड को मुँह में ले लिया और लंड को तगड़ा करने लगीं।
अब मैं भाभी को कुतिया की मुद्रा में होने को कहा।
भाभी तुरंत तैयार हो गईं।

मैंने अपना एक हाथ से लंड पकड़ कर चूत के मुहाने पर रखा और दूसरे हाथ से भाभी की कमर पकड़ी और लंड अन्दर डालने लगा। जब दो से तीन कोशिश में भी लंड अन्दर नहीं गया.. तो भाभी ने मज़ाक से कहा- लगता है आज तुम्हारा लंड ज्यादा मोटा हो गया है..
मैं बोला- भाभी जी सब आपका कमाल है।
भाभी बोलीं- अच्छा तुम लेट जाओ.. मैं तुम्हारे लंड के ऊपर बैठती हूँ.. तब लंड आराम से अन्दर चला जाएगा

मैं चित्त लेट गया और भाभी मेरे लंड के ऊपर बैठने लगीं.. थोड़ा ज़ोर लगाने से लंड अन्दर घुस गया.. अभी आधा गया लेकिन भाभी की जो चीख निकली.. ‘आआअहह..’
मत पूछिए..

भाभी की सास की आवाज़ आई- क्या हुआ बहू?
मैं तो डर ही गया।
भाभी ने कहा- कुछ नहीं मम्मी जी.. वो मोटा सा चूहा था.. कहीं घुस गया है..

मेरी तो जान में जान आई.. मेरा तो अभी आधा लंड ही चूत में गया था
भाभी ने कहा- मैं झूठ नहीं बोलती.. तुम्हारा चूहा मेरे बिल में घुस गया है।
मैं हँस दिया।

भाभी थोड़ी देर में कुछ शान्त हुईं और अपनी कमर आहिस्ते-आहिस्ते हिलाने लगीं।
मैं समझ गया कि अब मौका सही है.. और अपनी मोटर भी स्टार्ट करनी चाहिए।
मैंने भाभी से कहा- आप मेरे लंड उछलो.. और मैं नीचे से आपकी चूत को गरम करता हूँ।

भाभी के मुँह से सिर्फ़ ‘आअहह… आाहह… म्म्म्मँमह.. आअहह ओहह.. अहाआ हाहह…’ निकल रही थी।
हालाँकि 5 मिनट तक ऐसे चला.. पर दोनों के धक्के एक साथ नहीं लग पा रहे थे जिससे ठीक से बात नहीं बन पा रही थी।
तो मैंने कहा- भाभी पहले आप उछल लो.. जब आप थक जाओगी.. फिर मैं करूँगा।

दस मिनट बाद भाभी थक गईं और बोलीं अब मैं नीचे लेटती हूँ.. तुम करो।
भाभी अब नीचे चूत पसार कर लेट गईं.. मैं उठ कर भाभी की चूत को लंड से रगड़ने लगा। भाभी के मुँह से भी सिसकारियाँ निकलने लगी थीं।

‘आह.. ओह.. आअहहा.. अम्म्म्म और जोर से चोदोओ.. आअहह.. हाआ और करो अन्दर तक.. डालो.. अजईतत्त..’

कुछ देर चोदने के बाद मैंने उठ कर भाभी को उठाया और भाभी को अब मैं खड़े कर चोदने लगा।
भाभी भी साथ दे रही थीं और मस्त हो कर चुद रही थीं।
भाभी दो बार झड़ चुकी थीं और अब मैं भी झड़ने वाला था।

मैंने पूछा- भाभी कहाँ निकालूँ?
उन्होंने कहा- रूको.. मेरे मुँह में निकालना।

मैंने लंड बाहर निकाल कर.. मैं बिस्तर पर लेट गया और लौड़ा भाभी के मुँह में दे दिया.. उन्होंने मेरा पूरा माल खींच लिया और वो लौड़ा चूसती ही रहीं.. मुझे कब नींद आई.. पता ही नहीं चला।

सुबह हम दोनों ने एक राउंड और खेला। उस दिन बहुत तरीके से चुदाई का मज़ा लिया।

अब आप सबकी इज़ाज़त चाहता हूँ, कोई ग़लती हुई हो तो माफ़ कर दीजिएगा।
मैं आपको अब अगली कहानी में बताऊँगा कि कैसे भाभी ने मुझे अपनी कुछ रिश्तेदारी की औरतों से और अपनी सहेलियों से भी मिलवाया। कुछ को तो ग्रुप में भी चोदना पड़ा।

आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी.. मुझे ईमेल करके ज़रूर बताईएगा।

Free Full HD Porn - Nude Images - Adult Sex Stories

Related Post & Pages

कुतिया की तरह चुदी मैं.. हमारे घर में मैं, मेरा भाई, मम्मी और पापा हैं, भाई मुझसे दो साल छोटा है, मम्मी घर पर ही रहती है और पापा बिल्डिंग कंस्ट्रकटर हैं। वो रात को देर से ...
कोई और चोद रहा था मेरी बीवी को भाग 2-छवि अभी तक बेड पर नंगी पड़ी थी और... (छवि की आखों से पानी निकल गया और छवि लंड को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी..लेकिन सतपाल जी ने उसकी कमर कसकर पकड़ी हुई थी ताकि वो हिल ना पाए थोड़ी देर...
मेरी चूत में केले वाले का लंड - मैंने उसका लंड अपने हाथ से सहलाना शुरू... (वो मेरे बूब्स को मसलते हुए मुझे चूमने लगा और थोड़ी ही देर बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हो गया तो मैंने कहा कि अब तुम बहुत ही धीरे धीरे अपना लंड मेरी चूत क...

Indian Bhabhi & Wives Are Here

Bollywood Actress XXX Nude