Get Indian Girls For Sex
   

वन्दना को मेरे और मेरे घर वालों के सामने नंगी करके जमकर चोदा और हम उसकी इस चुदाई के मज़ा ले रहे थे

maxresdefault (6)

दोस्तों, मेरा नाम बाबूराव है और मेरी बीवी का नाम वन्दना है. उसकी लम्बाई 5.2 और 38-32-38 फिगर है. उसकी उम्र 37 साल है और वो दिखाने में एकदम गोरी चिट्टी है. में मुंबई का रहने वाला हूँ और हमारे दो बच्चे है, लेकिन उस में से एक ही हमारे साथ रहता है और दूसरा मेरी साली के पास रहता है. मेरा बड़ा बेटा भूषण 19 साल का है और एक बड़े कॉलेज में पढ़ता है.

दोस्तों मेरी बीवी अभी भी दिखने में बड़ी ही सेक्सी है, उसका रंग गोरा, बाल लंबे और बहुत काले है. वो ज्यादातर समय साड़ी पहनती है और वो हमेशा आधी बाँह का ब्लाउज और साड़ी को नाभि से 3 इंच नीचे बांधती है क्योंकि उसे उसकी नाभि लोगों को दिखना बहुत अच्छा लगता है और मुझे भी. दोस्तों इस कहानी का असली हीरो मेरा बेटा है जिसने अपनी माँ को अपने दोस्त अनिल के पापा (अमर) से चुदवाया और यह चुदाई हमारे सामने ही हुई. मुझे उस पर नाज़ है कि उसने हम सबको यह करने के लिए समझाया और बहुत मज़ा दिया. तो अमर ने मेरी बीवी वन्दना को मेरे और मेरे घर वालों के सामने नंगी करके जमकर चोदा और हम उसकी इस चुदाई के मज़ा ले रहे थे.

तो एक दिन भूषण ने एक सपना देखा जिसमे उसकी माँ वन्दना को उसके दोस्त के पापा चोद रहे थे और उसके पापा और बाकी घर वाले मज़ा ले रहे थे और वन्दना की बहुत जमकर चुदाई हुई और तभी उसकी नींद खुल गई. तो उसने महसूस किया कि उसका लंड एकदम टाईट था और पूरा बदन पसीने से लथपथ था. उसने अपने लंड को हाथ में पकड़ा और अपनी माँ के नाम से मुठ मारी और सो गया और सुबह उठकर वो अपने कॉलेज चला गया. तो उसने यह बात उसके कॉलेज के दोस्त को बताई.

भूषण ने अपने दोस्त अनिल से कहा कि यार अनिल कल रात को मैंने एक सपना देखा, तो अनिल ने पूछा कि अच्छा बता उसमे तूने ऐसा क्या देखा? तो उसने कहा कि मेरे समझ में नहीं आता कि तुम्हे कैसे बताऊँ? तो अनिल बोला कि बिना झिझक बताओ, फिर भूषण बोला कि यार कल मैंने एक सपना देखा जिसमे मेरी माँ को तेरे पापा चोद रहे थे और मेरा बाप खड़ा खड़ा देख रहा था और मज़े ले रहा था. इतना ही नहीं मेरे दादा, दादी भी मज़े ले रहे थे.

तो अनिल बोला कि क्या यह चुदाई तुम्हारे घर में हो रही थी? और तुम्हारी माँ ने सफेद कलर की पेंटी पहनी हुई थी? जिसे मेरे पापा ने तेरे पापा को उतारने को कहा था. तो भूषण झटसे बोला कि हाँ यार, लेकिन यह सब तुझे कैसे पता? तो अनिल बोला कि दोस्त तुमने और मैंने कल रात शायद एक ही सपना देखा है और मैंने तो यह सपना सुबह देखा और फिर भूषण बोला कि हाँ मैंने भी.

अनिल बोला कि मुझे तो लगता है कि यही भगवान की भी मर्ज़ी है तो भूषण बोला कि भगवान की मर्जी हो या ना हो, लेकिन में अब अपनी माँ को तुम्हारे बाप से चुदवाकर ही रहूँगा. तो अनिल बोला कि लेकिन यह सब कैसे होगा? मेरा बाप काला तवा और तेरी माँ गोरी सुंदर. वो मेरे बाप से क्यों चुदवाएगी और फिर तुम्हारे पापा का क्या? तो भूषण बोला कि तू चिंता मत कर, में एक प्लान बनाता हूँ तू सिर्फ़ वैसा कर. तो अनिल बोला कि में तेरी माँ को मेरे बाप से चुदवाने के लिए कुछ भी करूँगा, लेकिन यार अगर तुम्हारी माँ ने चुदवाने से इनकार किया तो?

भूषण बोला तो हम उसका अपहरण करके चुदवाएँगे और फिर सिर्फ़ चुदाई ही नहीं बल्कि रेप होगा और वो भी दस लोगों से और तू फ़िक्र मत कर तेरे बाप का काला काला लंड मेरी माँ की गुलाबी चूत में जरुर घुसेगा और चल अब में प्लान समझाता हूँ और उसने पूरा प्लान अनिल को समझाया. अनिल अपने घर पर रहता था और उसकी माँ के गुजरने के बाद उसके पापा ने दूसरी शादी नहीं की थी, इसलिए उन्हे जब कभी सेक्स की इच्छा होती तो वो मुठ मारते थे. तो एक दिन उन्हे मुठ मारते हुए अनिल ने रंगे हाथ पकड़ लिया और फिर अमर बहुत शर्मिंदा महसूस करने लगा. तो अनिल बोला कि क्या पापा आप कितने दिन तक मुठ मारोगे? तो अमर बोला कि मुझे माफ़ करना बेटा, लेकिन मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ.

अनिल : तो पापा कोई लड़की या औरत को पटाईये.

अमर : अब इस उम्र में मुझसे कौन पटेगी? में अब 47 साल का हूँ और दिखाने में काला और गंजा हूँ.

अनिल : पापा मेरे एक दोस्त की माँ है आप कहे तो में बात आगे चलाऊँ?

अमर : लेकिन क्या तेरे दोस्त और उसके पापा कुछ नहीं कहेंगे? उन्हे पता चला तो और वो भी क्यों तैयार होगी?

तो अनिल ने पापा को वन्दना की फोटो दिखाई, उस तस्वीर में वन्दना ने नीले कलर की साडी पहनी हुई थी और उसका गोरा पेट और पेट गहरी पर नाभि दिखाई दे रही थी. फिर वन्दना को देखकर अमर की खुश हो गया और अमर बोला कि बेटा, लेकिन इतनी सुंदर औरत मुझसे चुदवाएगी क्या तुम बेवकूफ़ हो? तो अनिल बोला कि लेकिन पापा यह आइडिया मेरे दोस्त भूषण का ही है, अमर एकदम चौंक गया, क्या? हाँ पापा और अनिल ने कहा कि यह आइडिया उसी का है और फिर अनिल ने अमर को पूरी बात बता दी.

अमर बोला कि ठीक है में तैयार हूँ, फिर अनिल ने कहा कि ठीक है, में भूषण को अभी बुलाता हूँ, आप उससे बात कर लीजिए, वो अपने साथ में वन्दना के और भी फोटो लाएगा तो आप ठीक तरह से उसे देख लीजिए. फिर अनिल ने भूषण को फोन करके घर पर बुला लिया और भूषण आ गया. उसने अभी तक अमर को इतनी ठीक तरह से कभी नहीं देखा था. अमर 6 फिट उँचा काला, टकला और एक भद्दा आदमी था, लेकिन वन्दना को ऐसे ही आदमी से चुदते हुए देखने में मज़ा था.

तो अमर ने भूषण से पूछा कि बेटे तुम अपनी माँ को मुझसे क्यों चुदवाना चाहते हो? भूषण ने कहा कि अंकल मुझे सिर्फ़ मेरी माँ को चुदवाना है, लेकिन क्यों यह पता नहीं? और मेरी माँ जैसी सेक्सी रांड को आप जैसा सांड ही चाहिए. तो अमर हंस पड़ा और वो बोला कि ठीक है बेटा में तुम्हारी माँ को चोदने को तैयार हूँ, लेकिन क्या वो तैयार है? और हम तुम्हारे बाप का क्या करेंगे? तो भूषण बोला कि आप मेरे बाप की चिंता मत कीजिए वो मान जाएगा.

फिर अमर बोला कि लेकिन बेटा मैंने तुम्हारी माँ को चोदा तो उसके आगे क्या? उसके बाद और क्या होगा? तो भूषण बोला कि फिर मेरी माँ आपकी रांड बनेगी और आप उसे हमेशा चोदना. में मेरी माँ को पूरी तरह से आपके हवाले करूँगा और फिर आप जो चाहे वो करना उसके साथ और आप चाहे तो उसे भरे बाज़ार में नंगी करो तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं और उसके जैसी छिनाल आईटम को आप जैसा मर्द ही चाहिए. फिर अमर ने कहा कि ठीक है अब मुझे दिखाओ मेरी चिकनी चमेली के फोटो. तो अनिल और भूषण दोनों हंसने लगे, भूषण ने कहा कि अंकल यह हुई ना मर्दो वाली बात. तो अमर ने कहा कि बेटे भूषण जब में तुम्हारी माँ वन्दना की गांड मेरे लंड से चोदूंगा तो वो होगी मर्दो वाली बात और फिर सब हंसने लगे.

फिर भूषण ने कहा कि अंकल मेरी माँ की गांड आपके लंड की राह देख रही है और फटने को बेकरार है, अंकल आपका काला मोटा ताज़ा लंड मेरी माँ की गांड चीर देगा तो बड़ा मज़ा आएगा. तो अमर बोला कि ठीक है भूषण दिखा दे मुझे मेरी चिकनी वन्दना के फोटो. फिर भूषण ने अमर को वन्दना के फोटो दिखाए, अमर ने कहा कि में अपना लंड बाहर निकाल कर फोटो देखूँगा.

वन्दना का पहला फोटो देखकर अमर बोला कि वन्दना डार्लिंग तुम इतने दिन से कहाँ थी? अमर हर फोटो पर कॉमेंट कर रहा था और दोनों हंस रहे थे. वन्दना ने एक फोटो में जीन्स पहनी हुई थी उसे देखकर अमर बोला कि देख अनिल बेटा इस छिनाल ने क्या टाईट जीन्स पहनी है? साली की गांड तो गोल गोल है, मस्त मज़ा आएगा इस कुतिया की गांड मारने में. भूषण बेटा क्या इस छिनाल की गांड तुम्हारे हरामी बाप ने मारी है? तो भूषण बोला कि अंकल इस छिनाल की गांड अभी भी कुंवारी है. अनिल बोला कि तो इस गांड को फाड़ने में बहुत मज़ा आएगा. तो भूषण बोला कि प्लीज तुम दोनों बाप बेटे इसकी गांड जरुर फाड़ दीजिएगा.

फिर सभी फोटो देखने के बाद अमर बोला कि बेटे भूषण तुम्हारा बाप बहुत कमीना है जो ऐसे सेक्स बम को अकेला चोदा. तो भूषण ने कहा कि अमर अंकल अब में मेरी माँ को पूरी तरह से आपके कब्जे में दे दूँगा. तुम मेरे बाप को इसे हाथ भी मत लगाने देना. तो अमर बोला कि ठीक है बेटे, मुझे तुम पर पूरा विश्वास है तुम मेरी वन्दना मुझे जरुर दिला दोगे, भूषण बोला कि ठीक है अंकल.  में अब चलता हूँ मुझे मेरे पापा को भी समझाना है और फिर भूषण वहां से चला गया और भूषण घर पर आकर अपने पापा को समझा रहा था, लेकिन उसका बाप बाबूराव मान नहीं रहा था.

आख़िरकार बाबूराव मान गया और भूषण से बोला ठीक है बेटा में वन्दना की चुदाई उस अमर से करवाने को तैयार हूँ और उसके बाद में वन्दना को उसके हवाले करने को भी तैयार हूँ, मुझे भी बहुत बार ऐसा ही लगता था कि तुम्हारी माँ को दूसरा कोई आदमी चोदे. तुम उसे घर पर बुला लो वो इस बहाने से उसे देखेगा. तो भूषण ने अनिल को फोन किया और कहा कि अनिल तुम अपने बाप को लेकर बाज़ार पहुँचो, वहां पर वन्दना गई हुई है तुम उसे नज़र मत आना सिर्फ़ अमर अंकल से बोलो कि उसको छेड़े और अपना चेहरा उसे दिखाओ. फिर बाबूराव ने बोला कि मुझे उस आदमी की तस्वीर तो दिखाओ, भूषण ने बाबूराव को अमर की फोटो दिखाई उसे देखने के बाद बाबूराव बोला कि यह तो बहुत काला है.तो अमर बोला कि काला है, लेकिन दिलवाला है. वन्दना बहुत अच्छे आदमी की बीवी बनाने वाली है.

बाबूराव बोला कि तो क्या वन्दना अब उसकी बीवी बनेगी? भूषण बोला कि हाँ अब से सिर्फ़ नाम के लिए आपकी बीवी रहेगी, चुदाई और बाकी के काम वही करेंगे और थोड़ी देर में अनिल का फ़ोन आया. उसने भूषण से बात की बाबूराव ने भूषण से पूछा कि क्या हुआ? तो भूषण ने कहा कि उन्होंने माँ को पहले पीछे जाकर गांड पर एक फटका मारा नाभि में उंगली की और गाल पर किस किया. तो बाबूराव बोला कि क्या इतने लोगों के सामने? भूषण बोला कि अब तो सिर्फ़ किस किया आने वाले दिनों में अमर अंकल वन्दना को उसी माल में पब्लिक के सामने नंगी करेंगे और चोदेगें. बाबूराव अब पूरी तरह से समझ गया था और वो अब वन्दना की चुदाई के सपने देख रहा था. उसकी भी बरसो की इच्छा उसका बेटा भूषण पूरा करने वाला था.

भूषण फिर एक बार अमर से मिलने गया, अमर भूषण से बोला कि बेटा वन्दना तो एकदम मक्खन है, धन्यवाद बेटा तुमने मेरी जिंदगी बदल दी. तो भूषण बोला कि अंकल एक और खुश खबरी है. आपके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा मेरा बाप बाबूराव मान गया है और वो आपसे मेरी माँ की चुदाई करने को तैयार है और बाद में वन्दना को आपके हवाले करने को भी तैयार हो गया है. तो अमर एकदम उछल पड़ा और अब स्वर्ग सिर्फ़ उसके हाथ से दो कदम दूर था और अमर भी अब वन्दना के साथ चुदाई के सपने देख रहा था और एक दिन बाबूराव ने भूषण से कहा कि बेटा मुझे अमर से मिलना है में भी तो देखूं कि मेरी बीवी को चोदने वाला आदमी कैसा है?

भूषण बोला कि ठीक है और उसने अमर से फोन पर बात कर ली और फिर बाबूराव भूषण के साथ अमर के घर पर चला गया. अमर 6 फिट लंबा, थोड़ा सा मोटा, काला और टकला आदमी था. उसकी उम्र करीब 48 साल थी. तो अमर ने बाबूराव का और भूषण का स्वागत किया, लेकिन बहुत देर तक कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहा था और उस रूम में अमर, बाबूराव, भूषण और अनिल बैठे हुए थे.

उस कमरे की दीवार पर वन्दना की एक तस्वीर लगी हुई थी. उसे देखकर बाबूराव ने भूषण से कहा कि यहाँ तो बहुत आग लगी हुई है और तभी सब लोग हंस पड़े और फिर अमर बोला कि क्या बताऊँ साहब, आपकी बीवी है ही ऐसी चीज़? वन्दना जैसी सेक्सी औरत से मिलने के लिए नसीब की ज़रूरत होती है और यह तो भूषण बेटे की कृपा है कि वो मुझे मिलने वाली है.

बाबूराव ने कहा कि देखो अमर मैंने भी मेरी बीवी को बहुत बार चोदा है, लेकिन आज कल मुझे भी उसे चोदने में उतना मज़ा नहीं आता है और अब तुम उसे चोद सकते हो, लेकिन पहले तुम्हे उसे पटाना होगा. तो अमर बोला कि में तो भूषण बेटा जैसे कहेगा वैसा ही करता जाऊंगा, लेकिन बाबूराव जी आपकी बीवी वन्दना बहुत ही गरम माल है. तो बाबूराव बोला कि गरम ही नहीं बल्कि उसकी गांड में भी बहुत खुजली है. अमर बोला कि आप चिंता मत करो में उसकी गांड की सारी खुजली और मस्ती भी उतार दूँगा और मैंने सुना है कि आपने आपकी बीवी की गांड नहीं मारी है? तो बाबूराव ने कहा कि हाँ नहीं मारी, मैंने दो बार ट्राई किया था, लेकिन फिर भी मार नहीं पाया.

तो अमर बोला कि अच्छा हुआ नहीं मार पाए, मेरे लिए उसकी गांड तो कुँवारी बची है. अब आप देखिए आपकी सेक्सी बीवी की गांड जमकर मारूँगा. तो बाबूराव ने कहा कि बिंदास अमर. फाड़ दे उस छिनाल की गांड. में अपना लंड नहीं घुसा पाया कम से कम तुम्हारे लंड से तो फटने दो मेरी हरामजादी बीवी की गांड को. तो अमर बोला कि में मेरा लंड भी वन्दना के मुहं में देने वाला हूँ और मेरा पानी पिलाने वाला हूँ में अभी बता देता हूँ. तो बाबूराव बोला कि में मेरी बीवी को आपके हवाले कर रहा हूँ आप जो चाहे उसके साथ करो. उसे उठाकर, लेटाकर, खड़ा करके, उल्टा करके जैसी चाहे जहाँ चाहे और जब चाहे चोद दो और यह बात सुनकर सब हंस पड़े.

भूषण बोला कि मुझे ऐसे लग रहा है कि में तुम दोनों की बातें सुनता ही रहूँ, मुझे कितना अच्छा लग रहा है. पापा आपको माँ के बारे में ऐसी बातें करते हुए मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. फिर सबने जमकर शराब पी और दूसरे दिन का प्लान करके बाबूराव और भूषण घर लौट आए. तो दूसरे दिन का पूरा प्लान भूषण ने सबको समझा दिया था और घर पर आने के बाद भूषण ने दादाजी और दादी को भी पूरा प्लान समझा दिया, उन दोनों को भी यह प्लान बहुत पसंद आया. तो दूसरे दिन भूषण ने वन्दना से कहा कि मम्मी आज मेरा दोस्त अनिल और उसके पापा आने वाले है, वन्दना बोली कि ठीक है बेटा लेकिन वो लोग कब आने वाले है? तो भूषण बोला कि वो शाम के 4.00 बजे आने वाले है, वन्दना बोली कि ठीक है और शाम के ठीक 4.00 बजे अनिल और अमर भूषण के घर पर आ गए.

वन्दना किचन में काम कर रही थी. तो बाबूराव ने दरवाजा खोला, अमर और अनिल अंदर आ गए. अमर ने बाबूराव से धीरे से पूछा कि मेरी चिकनी चमेली वन्दना कहाँ है? तो बाबूराव ने कहा कि तो अंदर है, वो शायद तुम्हारे लिए कुछ बना रही है. तो अमर ने कहा कि उसे कहो कि में आज उसे ही खाने आया हूँ और वो दोनों हंस पड़े. अनिल और अमर सोफे पर बैठे हुए थे और अंदर से वन्दना पानी लेकर बाहर आ गई. उसने सफेद कलर की साड़ी पहनी हुई थी और उसने साड़ी नाभि से 4 इंच नीचे पहनी हुई थी और सफेद कलर का बिना बाँह का ब्लाउज पहना हुआ था. साड़ी का पल्लू ऐसे लिया था कि उसका एक बूब्स और नाभि दिखाई दे और जब कोई मेहमान घर पर आते है तो वन्दना हमेशा साड़ी कमर से ज़्यादा नीचे पहनती थी ताकि देखने वाले को उसकी सेक्सी नाभी अच्ची तरह से दिखाई दे और उसके होंठो पर हल्की सी गुलाबी लिपस्टिक थी.

फिर अमर को देखते ही वन्दना एकदम चौंक गयी, लेकिन सब लोगों के सामने अपनी परेशानी को उसने जाहिर नहीं किया, उसने अनिल और अमर को पानी, चाय, नाश्ता दिया और चली गयी और थोड़ी देर इधर उधर की बातें होने के बाद अमर ने कहा कि भूषण बेटे तुम्हारी मम्मी को बुलाओ मुझे उनसे कुछ कहना है. तो भूषण ने वन्दना को बुलाया, वन्दना बाहर आ गई तो अमर बोला कि में तुम सब लोगों के सामने एक बात कहना चाहता हूँ, मैंने तुम्हारी मम्मी के साथ मॉल में बत्तमीजी की है, लेकिन में नहीं जानता था कि यह तुम्हारी मम्मी है. वन्दना जी में आप से माफी माँगना चाहता हूँ.

भूषण की दादी बोली कि देखो बहू यह आदमी शरीफ लगता है, इसने तुमसे माफी माँगी है इसे माफ़ कर दो, बाबूराव भी बोला कि हाँ वन्दना माफ़ कर दो. तो वन्दना बोली कि ठीक है अमर जी और इधर उधर की बातें होने के बाद अनिल और अमर जाने को निकले उन्होंने बाबूराव के माता, पिता के पैर छुए और बाबूराव को बोले कि चलो बाबूराव और दोनों गले मिले और भूषण को अमर ने कहा कि चलो भूषण बेटे. तभी वन्दना भी बाहर आई. अनिल बोला कि ठीक है आंटी बाय. वन्दना बोली कि बाय बेटे आते जाते रहना और अमर बोला कि अच्छा वन्दना जी में अब चलता हूँ.

तभी बाबूराव बोला कि अमर तुम वन्दना को वन्दना ही कहो, क्यों वन्दना? तो वन्दना बोली कि हाँ क्यों नहीं? तो अमर बोला कि वैसे तो में वन्दना से दोस्ती करना चाहता हूँ, बाबूराव बोला कि क्यों नहीं वन्दना आगे आओ और अमर से हाथ मिलाओ. तो वन्दना आगे आ गई और उसने अमर से हाथ मिला लिया, तभी भूषण बोला कि अंकल आप और माँ सच में अब दोस्त हो गये हो तो अब आप दोनों गले क्यों नहीं मिलते? तो वन्दना शायद अमर के गले नहीं लगना चाहती थी, लेकिन अमर ने उसे बाहों में ले लिया और सब लोग हंसने लगे और तुरंत अमर ने वन्दना के गाल पर एक किस कर दिया और वन्दना शरम से पानी पानी हो गयी.

फिर अमर ने उसे थोड़ी देर उसे वैसे ही पकड़कर रखा. भूषण वन्दना से बोला कि मम्मी अब आप अमर अंकल को एक किस करो. तो वन्दना बोली कि नहीं में ऐसा नहीं करूँगी, लेकिन सबने वन्दना से कहा तो उसे अमर को मजबूरी में किस करना ही पड़ा. अमर ने वन्दना के होंठो को चूमा और बाबूराव से पूछा कि क्या अब में वन्दना को वन्दना डार्लिंग बुला सकता हूँ? तो बाबूराव बोला कि मुझे इसमें कोई भी आपत्ति नहीं है. बाबूराव के माँ, बाप यानी वन्दना के सास ससुर भी बोले कि हमारी तरफ से भी कोई मना नहीं है और भूषण तो बोला कि मेरी तरफ से रुकावट होने का सवाल ही नहीं आता, मुझे तो बहुत खुशी होगी. फिर वन्दना बोली कि ठीक है, लेकिन मुझे सोचने का थोड़ा वक्त चाहिए तो अमर बोला कि ठीक है डार्लिंग तुम्हे हमने टाईम दिया बेबी और उसने वन्दना के गालों पर एक और किस कर लिया और उसकी नाभि में भी उंगली की और वन्दना तो शरम से पानी पानी हो गयी.

फिर दूसरे दिन सुबह ही अमर, भूषण के घर पर आ गया. बाबूराव के पिता नारायण ने दरवाजा खोला तो अमर को देखकर नारायण ने कहा कि अरे अमर बेटा सुबह सुबह कैसे आना हुआ? तो अमर ने कहा कि अरे चाचाजी में यहीं से गुजर रहा था तो मैंने सोचा कि आपके दर्शन करता जाऊँ. फिर नारायण ने कहा कि ठीक है में समझ गया कि तुम किसके दर्शन करने आए हो? तुम तुम्हारी चिकनी चमेली वन्दना डार्लिंग के दर्शन करने आए हो ना. अमर शरमा गया और फिर नारायण ने कहा कि अरे बेटा शरमाना कैसे? आओ अंदर और अमर अंदर आ गया. तभी बाबूराव ने कहा कि वेलकम अमर जी लगता है आपको रातभर नींद नहीं आई है?

तो अमर ने कहा कि में क्या बताऊँ रातभर सपने में एक सेक्सी माल आता रहा और वो दोनों हंस पड़े और तभी वन्दना किचन से बाहर आ गई. उसने आज नीले कलर की टाईट जीन्स और काली कलर का बिना बाँह का टॉप पहना हुआ था और फिर वन्दना को देखते ही अमर वन्दना से लिपट गया और वन्दना भी उससे आज खुलकर लिपट गई और वो दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. तो अमर बोला कि क्या तुम मेरी डार्लिंग बनाने को तैयार हो?

वन्दना बोली कि अगर यहाँ पर किसी को ऐतराज़ नहीं है तो मुझे क्यों ऐतराज़ होगा, फिर अमर बोला कि तो क्या तुम मेरी बीवी बनोगी? तो वन्दना बोली कि लेकिन बाबूराव का क्या होगा? तो बाबूराव बोला कि कुछ नहीं तुम मेरी नाम के लिए बीवी रहोगी, असली बीवी तुम अमर की ही रहोगी, अमर कहेगा वो सब तुम करोगी, वो जब चाहे तुम्हे चोदेगा और जब चाहे तुम्हे नंगी करेगा. तो वन्दना बोली कि ठीक है चलेगा, भूषण बोला कि देख लो माँ अमर अंकल तुम्हे हमारे सामने भी चोद सकते है. तो वन्दना बोली कि ठीक है बेटा मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है, भूषण बोला कि ठीक है अमर अंकल आपकी बीवी को आप अभी हमारे सामने चोद सकते है. तो अमर ने वन्दना को पूरी तरह से नंगा किया और अमर खुद नंगा हो गया. बाबूराव ने कमरे का दरवाजा जानबूझ कर खुला रखा था.

तो वन्दना बोली कि दरवाजा तो बंद कीजिए, भूषण बोला कि नहीं मम्मी आपकी चुदाई दरवाजा खुला रखकर ही होगी, ताकि अगली बार आपको शरम ना आए और जिस किसी को यह चुदाई देखनी है वो देख ले. तो वन्दना बोली कि ठीक है और अमर ने वन्दना को पहले अपना लंड चूसने को कहा. वन्दना भी बड़े शौक से लंड चूस रही थी, सब देखकर हंस रहे थे. तो अमर बोला कि वन्दना मेरी जान क्या मस्त लंड चूसती है तू. अमर ने बाबूराव से पूछा कि क्या इसने कभी आपका लंड चूसा था?

बाबूराव बोला कि नहीं इसने कभी मेरा लंड नहीं चूसा, वन्दना ने लंड मुहं से बाहर निकाला और बोली कि में सिर्फ़ असली मर्दों के लंड चूसती हूँ और सब हंस पड़े. तो बाबूराव के पिता नारायण ने कहा कि बेटा यह छिनाल तुम्हे नामार्द कह रही है. तो बाबूराव अमर को बोला कि अमर इस छिनाल, रंडी, कुतिया की आज गांड, चूत सब फाड़ दो. अमर बोला वो तो में आज वैसे भी फाड़ने वाला हूँ, वन्दना बोली कि में भी मेरी गांड आज फड़वाकर ही रहूंगी और अमर ने वन्दना के मुहं में पिचकारी मार दी.

वन्दना ने अमर का सारा वीर्य पी लिया और अब अमर ने वन्दना को सोफे पर पेट के बल लेटा दिया और ऊपर से उसकी चूत में अपना ताज़ा, मोटा, काला लंड डाल दिया. दोस्तों जैसे ही लंड अंदर गया वैसे वन्दना चिल्ला उठी आईईईईईइ में अह्ह्हह्ह्ह्ह मर गइईईईईई मेरी चूत फट गई और सब लोग हंसने लगे. तो वन्दना की सास बोली कि देख रंडी आज तेरा सामना असली मर्द से हुआ है तुझ जैसी छिनाल औरतों को तो ऐसा ही मर्द चाहिए. तो वन्दना बोली कि सासू माँ आज यह मर्द मुझे पूरी तरह से खाने वाला है और वन्दना भूषण से बोली कि धन्यवाद बेटा, मुझे असली मर्द देने के लिये और अमर अब तेज स्पीड में लंड वन्दना की चूत के अंदर बाहर कर रहा था और वन्दना नीचे तड़प रही थी.

दोस्तों वन्दना की चूत कितने दिनों से आग में जल रही थी और अमर का लंड भी कितना तड़प रहा था. अमर वन्दना को 20 मिनट तक चोद रहा था. फिर बाबूराव बोला कि अमर ठोक साली रंडी को और ज़ोर से ठोक इसकी चूत में आज अपना पूरा लंड दे और फिर अमर का दस इंच का लंबा लंड वन्दना के बच्चेदानी में घुसकर हल्ला मचा रहा था और अमर ने वन्दना की चूत में वीर्य गिरा दिया.

तो अब वन्दना भी शांत हो गयी और अमर भी शांत हो गया और थोड़ी देर दोनों उसी पोज़िशन में रहे. अमर ने लंड को बाहर निकाला और देखा कि वन्दना की चूत थोड़ी सी फट गयी थी और अब अमर ने वन्दना को डोगी स्टाईल में बैठाया और पीछे से उसकी गांड में लंड डालने को शुरुवात की अमर का सुपाड़ा गांड के होल में घुसते ही वन्दना दर्द से चिल्ला उठी.

वन्दना बोली कि अमर प्लीज़ बाहर निकालो, मेरी गांड फट जाएगी तो अमर बोला कि मेरी छम्मक छल्लो मैंने लंड क्या बाहर निकालने के लिए अंदर डाला है, अब में तुम्हारी गांड फाड़कर ही दम लूँगा. उसने और ज़ोर से लंड गांड के छेद में घुसा दिया. तो वन्दना की आँखे सफेद हो गई. उसकी आँखो के सामने तारे चमक रहे थे और चेहरा लाल हो गया था और दर्द से उसका बहुत बुरा हाल हो रहा था और फिर वन्दना बोली कि भगवान के लिए मेरी गांड से लंड बाहर निकालो वरना में मर जाउंगी. तो बाबूराव बोला कि अमर बिल्कुल मत निकालना फटने दो इसकी गांड और मरने दो इसे. फिर वन्दना की सास बोली कि हाँ अमर बेटे अब पीछे मत हटो फाड़ दो इसकी गांड, वन्दना बेटी थोड़ी हिम्मत रखो तुम सबसे बड़ी रंडी बनोगी.

तो अमर ने कहा कि में भी एसी टाईट गांड थोड़ी छोड़ने वाला हूँ और अमर वन्दना की गांड में अंदर बाहर लंड करने लगा, वन्दना चिल्ला रही थी उईईईईई माँ उह्ह्ह्हह्ह मर गई, भूषण बेटे यह हरामखोर तुम्हारी माँ की गांड ही फाड़ देगा उईईईईई माँ आआअ बड़ा जालिम है और बिना फ़िक्र के अमर वन्दना की गांड मार रहा था और उसने वन्दना को कहा कि मदारचोद साली कुतिया और उसने वन्दना की गांड पर एक ज़ोर का चांटा मार दिया. तो वन्दना बोली कि अबे साले हरामी मार मत. अमर बोला कि फिर क्या तेरी पूजा करूं, रंडी चल हिला अपनी गांड और एक ज़ोर का चांटा मार दिया सटाक और सब लोग ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे.

वन्दना बोली कि मेरी यहाँ पर गांड फट रही है और तुम सब हंस रहे हो. भूषण आगे आकर वन्दना के बूब्स दबाते हुए बोला तो मम्मी आप अपनी गांड क्यों नहीं हिलाती? वन्दना बोली कि यह लो हिलाती हूँ और उसने गांड हिलाना शुरू किया और अब सभी और ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे. तो अमर बोला कि देखो भूषण बेटे तुम्हारी माँ कैसे रंडी जैसे गांड हिलाती है. हिला मेरी बेबी वन्दना और ज़ोर से हिला. तो भूषण बोला कि अंकल अब वन्दना आपकी रंडी है, अमर बोला कि नहीं बेटा इस हरामजादी को में सच की रंडी बनाऊंगा. बाबूराव तूने अब तक यह सेक्सी माल अकेले ने खाया है. अब सारे शहर को इसे चोदने दो.

बाबूराव ने कहा कि अमर मेरी बीवी वन्दना अब तुम्हारी गुलाम हो चुकी है तुम इसे जिसे चाहे और जहाँ चाहे चुदवा सकते हो. फाड़ दो साली की गांड और अमर ने वन्दना की गांड पर ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ जड़ दिए. तो वन्दना बोली कि आप मुझे इतना मार क्यों रहे हो? अमर बोला कि तो क्या तेरी पूजा करूं? छिनाल कहीं की चल हिला साली तेरी गांड, नहीं तो आज फाड़ दूँगा और अमर अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था. वन्दना दर्द से चिल्ला रही थी और सभी हंस रहे थे. दोस्तों यही वो सपना था जो भूषण ने देखा था और आज वो पूरा हो गया था. त

भी वन्दना की गांड से खून आने लगा. अमर ने फिर भी गांड में धक्के दिए शायद वन्दना की सील टूट गयी थी और सब लोग तालियां बजा रहे थे. तो अमर ने लंड बाहर निकाला तो वन्दना पेट के बल लेट गई, अमर उसके ऊपर लेट गया. वो दोनों बहुत थक गये थे और आधे घंटे के बाद दोनों की नींद खुली. तो वन्दना बहुत फ्रेश महसूस कर रही थी और आज वो सुहागन बन गयी थी. अमर का काम होते ही उसका बेटा अनिल खड़ा हो गया और उसने भी वन्दना की जमकर चुदाई की और फिर अमर और अनिल बाप बेटे ने मिलकर वन्दना की चुदाई की, अमर ने सबको वन्दना की गांड दिखाई जो की थोड़ी सी फट गयी थी.

फिर वन्दना ने नहाकर साड़ी पहन ली और सब लोग मंदिर चले गये. वहाँ पर अमर ने वन्दना से शादी की, अब वन्दना बाबूराव के साथ अमर की भी बीवी बन गयी थी. अमर ने वन्दना के सामने एक एग्रीमेंट रखा, जिसमे लिखा था कि वन्दना अमर की बीवी है और अमर जिसे कहेगा उससे वो चुदाई के लिए तैयार है. तो वन्दना बोली कि यानी मुझे पूरी रंडी ही बनाना चाहते हो तुम लोग. ठीक है जैसी आप सबकी मर्ज़ी और वन्दना ने एग्रीमेंट पर साइन कर दिया और वन्दना अब पूरी तरह से अमर की हो चुकी थी.

Free Full HD Porn - Nude Images - Adult Sex Stories

Related Post & Pages

अब कंडोम Condoms खरीदने मेडिकल स्टोर जाने की जरुरत नही - लिंग राज कवर... अब कंडोम Condoms खरीदने मेडिकल स्टोर जाने की जरुरत नही - लिंग राज कवर अब कंडोम Condoms खरीदने मेडिकल स्टोर जाने की जरुरत नही : क्या आप को कंडोम खर...
Rajiv Kanakala Removing Shruti Malhotra Saree Shruti Malhotra Sex and ... Shruti Malhotra Sex and Romantic Scene Please Naaku Pellaindi Movie Indian porn
महिला कंडोम का इस्‍तेमाल कैसे करें ( How to Use a Female Condom )... >> Read in Hindi Click here <<   Method 1 of 3: Prepare to Use the Female Condom   1 Understand the advantages and disadv...
big tits brunette Laura Cattay Solo indoor fingering Erotic solo with big tits brunette Laura Cattay Solo indoor fingering scenes big tits angel Mind blowing hard sex big boobs Full HD Porn and Nude Imag...
भांजे का मोटा लंड चूत में डलवाया - अपने हाथों से उसके लंड को जीन्स के ... भांजे का मोटा लंड चूत में डलवाया हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम श्रेया है और में नासिक की रहने वाली हूँ. में 36D साईज की ब्रा पहनती हूँ और मुझे पब्...

Indian Bhabhi & Wives Are Here

Bollywood Actress XXX Nude