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Giant boobs owner August Taylor is ready to wank and ride fat cock

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Damn man! This busty brunette is such a mouth-watering hooker! Her huge boobies look really fantastic. Fabulous booty of this curvy bitch is sexy as well. This buxom tanned nympho just loves to get her bald pussy fucked missionary in the steamiest possible way. Her meaty pussy needs nice good doggy banging too. Moreover tanned curvy sexpot in high heels surprises her stud with such a good handjob and blowjob today.

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DD cup boobs owner Dee Williams gives head and gets analfucked well

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Well-shaped social worker is just a real slut - Dee Williams who has mouth-watering big boobs. Amazing voracious for orgasm lady with big rack and big tits loves to suck her stud's strong cock. She is so damn wild that she prefers to fingerfuck her own asshole after being fucked doggy style. Drilling wet cunt isn't enough to please such a horn-mad nympho. That's why dude pushes his erected cock deep in her trained loose asshole and bootyful nympho starts riding him on top.

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Indian Girl Showing Her Boobs in Bathroom

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desi bhabhi हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजय है, मेरी उम्र 43 साल है, में थाने मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच, वजन 82 किलोग्राम है। में शादीशुदा हूँ और एक फ्लेट में फेमिली के साथ रहता हूँ, में बिजनसमैन हूँ। मेरे घर के पीछे एक बंगला है, वहाँ एक सेक्सी भाभी रहती है, उसका नाम कुसुम है। वो 36 साल की है, उसका फिगर साईज 40C-36-42 है, कलर गोरा और हाईट 5 फुट 4 इंच है, उसके एक 3 साल का लड़का है। उसकी अपने पति के साथ नहीं बनती थी। में अपनी खिड़की से उसके बेडरूम में देखता रहता था खासकर रात को, वो और उसका बेटा बेड पर सो जाते थे और पतिदेव जमीन पर बिस्तर लगाए। तो तब मुझे उस पर तरस आती थी, में उसे देखता रहता था, कई बार उसे पता चल जाता था। वो कपड़े सुखाने बाहर कमपाउंड में आती थी, तो तब में उसके बूब्स देखने की कोशिश करता था, तो तब उसका ध्यान जाता तो भी वो कुछ नहीं करती थी। फिर एक दिन में घर पर अकेला था तो तब मुझे एक अनजान कॉल आया तो उधर से आवाज आई कौन है? तो मैंने कहा कि में संजय। तो वो बोली कि हाए संजय, में तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहती हूँ।
में : ओके, आपका शुभ नाम?
वो : नाम जानकर क्या करोगे डियर?
में : लेकिन नाम तो बताओ, तब में फ्रेंडशिप करूँगा ना डियर।
तब उसने कहा कि मेरा नाम क से शुरू होता है और में तुम्हारे एरिया में ही रहती हूँ, मुझे तुम बहुत पसंद हो। तो मैंने कहा कि ओके कब मिलोगी? तो तब उसने कहा कि टाईम आने पर। अब उसके फोन मेरे मोबाईल पर रोजाना आने लगे थे। फिर एक दिन उसका फोन आया और उसमें वही गाना बज रहा था, जो कुसुम के घर टी.वी पर बज रहा था। तो तब में समझ गया और मैंने कहा कि ओके कुसुम भाभी कभी मिलो तो सही, तो तब उसने फोन रख दिया। फिर उसने थोड़ी देर के बाद फोन किया और बताया कि तुमने मुझे पकड़ ही लिया, ओके कल में अकेली हूँ तो हम दोनों घूमने जाएँगे। तो मैंने कहा कि ओके ठीक है, शाम को 8 बजे ओके? तो उसने कहा कि ओके। फिर हम बाइक लेकर निकले, में घर से अकेला निकला था और वो बुरखा पहनकर निकली थी। अब अंधेरा हो गया था। फिर अगले मोड़ पर वो मेरे पीछे बैठ गयी। अब में जब भी शॉर्ट ब्रेक मारता और ज़्यादा प्रेस करता तो उसके बूब्स मेरी पीठ पर प्रेस हो रहे थे। फिर हम दोनों अतिरा गये, वहाँ अंधेरा रहता है और कपल बैठे रहते है।
फिर मैंने बाइक रोकी और पार्क की और उसको बाइक पर बैठाया और में उसके पास में खड़ा रहा और फिर हमने बातें शुरू की। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रखा और उसके चेहरे के करीब गया और अब हम बात कर रहे थे। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम अपने पति के साथ खुश हो? मैंने तुम दोनों को लड़ते झगड़ते देखा है। तब उसने कहा कि नहीं, लेकिन क्या करूँ? किस्मत में वही लिखा है। तो तब मैंने कहा कि में तुम्हारा बेस्ट दोस्त हूँ, चिंता मत करो। फिर उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और थैंक्स कहा और कसकर मेरा हाथ पकड़े रखा। फिर मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके गालों पर किस दी। तब उसने कहा कि पागल किस लिप्स पर करते है और फिर मैंने उसके लिप्स पर क़िस दी, एक लंबी किस। फिर मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर गया और उसने मेरा लंड पकड़ा और कहा कि ये तो उससे बड़ा है मेरा दिल कर रहा है कि इसे अपने हाथ और होंठो से प्यार करूँ, लेकिन अभी नहीं फिर कभी ओके? तो तब मैंने कहा कि ओके और फिर हम वापस घर के लिए निकल गये।
फिर एक दिन वो घर पर अकेली थी और मेरी बीवी स्कूल की पिकनिक पर आउट ऑफ स्टेशन गयी थी और में अकेला था। फिर दोपहर को 1 बजे मेरा फोन बजा तो मैंने उठाया। वो बोली कि संजय में कुसुम, तुम अभी दरवाज़ा खुला रखो में 10 मिनट में आ रही हूँ। तो मैंने कहा कि ओके। फिर वो मेरे घर आई, तो मैंने दरवाज़ा बंद किया और फिर हम बेडरूम में चले गये और मैंने वो दरवाजा भी बंद कर दिया। तो उसने वैसे ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया, तो मैंने भी उसे अपनी बाहों में लेकर प्रेस किया और किसिंग की, उसने सलवार कुर्ता पहना था। फिर मैंने उसकी चूचीयों को दबाया और उसका कुर्ता ऊपर किया और फिर उसकी ब्रा में अपना एक हाथ डाला और उसके बूब्स दबाए और धीरे से उसका कुर्ता अनहुक किया और निकाला और उसका सलवार भी उतार दिया।
फिर उसने मेरी टी-शर्ट और शॉर्ट उतारी। फिर मैंने उसके बूब्स उसकी ब्रा के साथ सक करना शुरू किया। अब वो मेरा लंड दबा रही थी। फिर मैंने उसकी ब्रा अपने दाँतों से खोली तो उसकी दोनों बड़ी-बड़ी, गोरी- गोरी और भरी हुई गड्राई चूचीयाँ बाहर आ गयी थी। फिर मैंने उसके निप्पल को मसला और चूसने लगा था। अब में उसकी चूचीयों को देखकर हैरान हो गया था। फिर तब मैंने कहा कि कुसुम भाभी आपकी चूचीयाँ गजब की है। तब उसने कहा कि भाभी नहीं, कुसुम कहो। फिर तब मैंने कहा कि ओके कुसुम और उसको क़िस किया और एक दूसरे की जीभ सक की। अब में उसकी चूचीयों पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा था और लीक किए, सक किए, निपल सक किया और थोड़ा काटा भी था। अब वो सी-सी, आह करने लगी थी। फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर से दबाकर उसका दूध निकाला और पिया और थोड़े बहुत बाईट भी करता रहा तो वो चिल्लाने लगी कि नहीं संजय धीरे मेरे बूब्स खा ज़ायेगा क्या? तो तब मैंने कहा कि काश में खा पाता। फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी तो में उसकी क्लीन शेव गुलाबी चूत देखकर बेताब हो गया।

अब में उसमें फिंगरिंग करने लगा था, तो तब उसने कहा कि संजय इसे खुजाओ, इसमें रात को बहुत खुजली होती है। तब मैंने कहा कि आज सब खुजली मिटा दूँगा मेरी जान। तब उसने कहा कि बस अब तुम लेट जाओ, तो में लेट गया। फिर उसने मेरी अंडरवेयर उतारी और मेरा लंड पकड़कर बोली कि बाप रे इतना मोटा और लंबा, कैसे रॉकेट जैसा खड़ा है? मेरी तो इतने मोटे लंड से फट जाएगी, तुमने इस रॉकेट को कहाँ छुपाया था? यही तो मुझे चाहिए था। तब मैंने कहा कि मेरी जान ये तुम्हारे लिए ही तो है। फिर उसने कहा कि में इसे किस करूँ? तो तब मैंने कहा कि जो करना हो करो, आज से ये तुम्हारा गुलाम है। तो उसने पहले क़िस की और फिर बोली में इसे मुँह में ले लूँ? तो मैंने कहा कि कभी लिया है किसी का? तो उसने कहा कि नहीं, लेकिन शादी के पहले ब्लू फिल्म में देखा था। फिर मैंने कहा कि ओके, लेकिन 1 मिनट तुम बैठो, में अभी आया और फिर में उठकर किचन में चला गया और शहद लेकर आया।

फिर मैंने उससे कहा कि इसे मेरे लंड पर लगाओ और बाद में चूसो और चाटो। फिर उसने शहद लिया और मेरे लंड पर लगाया तो तब मैंने उससे कहा कि अंदर से बर्फ की प्लेट ले आओ, तो वो नंगी ही किचन में गयी और बर्फ की ट्रे फ्रिज में से निकालकर ले आई। तब मैंने कहा कि अब तुम मेरे लंड को चूसो, प्यार करो और अपनी चूत मेरे मुँह पर लगाओ। फिर वो 69 की पोज़िशन में मेरे ऊपर लेटी और मैंने 69 की पोज़िशन में उसकी चूत को चूसना शुरू किया। अब वो मेरा लंड चूसने लगी थी। फिर मैंने उसकी चूत पर बर्फ का टुकड़ा लगाया, तो वो सिहर उठी, अब उसकी चूत ठंडी हो गयी थी। फिर बाद में मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाली और अंदर बाहर करने लगा और वो मोनिंग करती गयी आआअहह संजय बहुत अच्छा लग रहा है, आह और मेरा लंड चूसती गयी और 15 मिनट तक मेरा लंड किया।
अब वो गीली हो चुकी थी और बर्फ बिल्कुल पानी हो गया था। अब उसकी चूत ने बहुत सारा पानी निकाल दिया था। अब इस तरह से वो एक बार झड़ गयी थी। फिर उसने कहा कि संजय 1 मिनट रुको, में जरा मूतकर आती हूँ। तब मैंने कहा कि ओके। फिर वो बाथरूम में गयी और मूतने के बाद बाहर आई और बोली कि ऑश संजय तुम तो बड़े एक्सपीरियन्स हो, आज तक मैंने सिर्फ़ देखा था, लेकिन आज कर भी लिया, ऐसा मज़ा मुझे मेरी 5 साल की शादीशुदा लाईफ में कभी नहीं आया और अभी चुदाई तो बाकी है। तब मैंने कहा कि चुदाई में में तुझे पागल कर दूंगा। फिर में लेट गया और उससे कहा कि चल बैठ मेरे रॉकेट पर में तुझे दुनियाँ की सैर करवाऊंगा। अब पहले तो वो डर रही थी कि इतना मोटा लंड कैसे अंदर जाएगा? मेरे पति का तो बहुत पतला है और छोटा भी है। तो तब मैंने कहा कि मेरे लंड पर अपना थूक अच्छे से लगा दो। तो उसने वैसा ही किया और अपने दोनों पैर फैलाते हुए बैठ गयी थी।
फिर मैंने कहा कि अब ऊपर नीचे होना शुरू करो। तो वो शुरू हो गयी, लेकिन उसे बहुत दर्द हो रहा था। अब वो धीरे-धीरे हिल रही थी और मेरी गाड़ी टॉप गियर में थी। फिर मैंने कहा कि यार थोड़ी उछल और फास्ट करो। तब उसने कहा कि मैंने इतना बड़ा और मोटा देखा भी नहीं और किसी तरह अंदर लिया है, मुझे बहुत दर्द हो रहा है तो तेज चुदवाऊँ भी कैसे? सच में बहुत दर्द कर रहा है। तब मैंने कहा कि ओके, तुम लेट जाओ में चोदता हूँ, तो वो अपने दोनों पैर फैलाकर लेट गयी। फिर मैंने उसके दोनों पैर उसके सिर की तरफ मोड़ दिए और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और अपना 9 इंच लम्बा और एकदम मोटा लंड एक झटके में उसकी चूत के अंदर डाला तो वो ज़ोर से चिल्लाई हाईईईई में मर गयी, हाईईईईईई कहते हुए वो मुझसे ज़ोर से चिपक गयी थी।
फिर मैंने एक बर्फ का टुकड़ा अपने होंठो में दबाया और उसके निप्पल पर रब करने लगा और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा था। तब वो बोली कि संजय धीरे, प्लीज बहुत दर्द हो रहा है, ये अंदर जाकर और मोटा हो रहा है और जैसे बोले जा रही थी और सिसकियाँ भर रह थी। फिर मैंने पूरा बर्फ उसकी चूचीयों पर पिघला डाला और फिर अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी। अब में करीब 40 धक्के पर मिनट की स्पीड से कर रहा था। तभी उसने कहा कि संजय आज फाड़ डालो। तो यह सुनकर मुझमें जोश आया और मैंने अपनी स्पीड सीधी 70 धक्के पर मिनट कर दी और वो धक्के खाती गयी और चिल्लाने लगी थी। फिर मैंने अपने होंठ उसके मुँह पर दबा लिए और उसका चिल्लाना बंद करवाया। फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई और करीब 20 मिनट तक उसकी जमकर चुदाई करता गया। अब वो बार-बार झड़ रही थी और मेरे पूरे लंड को गीला कर दिया था। अब पूरे कमरे में पच-पच, पचा-पचा की आवाज आ रही थी। अब में उसे दबोचे हुए था। फिर उसने कई बार मुझे धीरे करने को कहा, लेकिन मेरे जैसे ब्रेक फैल हो गये थे तो
तब उसने कहा कि बस अब बाकि बाद में करना, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मेरी चूत फूल गयी है, अब उतर जाओ, लेकिन में उसकी बात को बिना सुने करता गया और पूरी 30 मिनट की चुदाई के बाद मेरी क्रीम को उसकी चूत में भर दिया। अब मैंने मेरा पूरा का पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में घुसा दिया था और फिर उसने भी अपने पैर सीधे कर लिए, लेकिन मेरा लंड अंदर ही था। अब में उसकी चूचीयों को प्यार करने लगा। अब हम दोनों हाँफ रहे थे। फिर में उसके सीने से उतर गया और उसके बाजू में लेट गया। तो वो मुस्कुराई और फिर उसने कहा कि संजय मुझे तुम्हारी वाईफ की फिक्र हो रही है, वो ऐसी चुदाई किस तरह सहन करती है, शायद पहली रात में तो तुमने उसे ऐसा चोदा होगा कि दूसरे दिन उसने हॉस्पिटल में टांके लगवाए होंगे। फिर में हंस दिया और उससे कहा कि नहीं पहली बार तो मैंने उसे बहुत आराम से चोदा था, उसे पूरा तैयार किया था और फिर क्रीम लगाकर अपना लंड अंदर डाला था, उसकी सील तोड़ने के लिए मुझे आधा घंटा लगा था।
फिर भी वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई थी। फिर उसने कहा वैसे तुम बहुत शानदार चुदाई करते हो और तुम्हारा लंड भी बहुत दमदार है म्‍म्म्मम और फिर उसने मुझे किस दी और कहा कि में तुमसे चुदवाने बार-बार आऊंगी, चोदोगे ना? तो मैंने कहा कि यह चैन तुम्हारे लिए हमेशा खुली है जब तुम्हारी चूत चाहे और मौका मिल जाए तो तुम बिना झिझक चुदवाने आ जाना, मेरा लंड तुम्हारे लिए 24 घंटे और 7 दिन और हर महीने तैयार है। फिर हमारा यह सिलसिला चालू रहा और अभी भी चालू है और हमेशा रहेगा, क्योंकि अब हम फोन पर सब प्लान करते है और बाहर होटल में जाते है। अब वो भी मेरी चुदाई से बहुत खुश है ।।
धन्यवाद

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Meri Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Kai bar sapne me mai apni priti bhabhi ko unki tariff me kahata tha. Bhabhi aap bahut khoobsurat ho aapke rasile hontho ka ras pine ke liye koi mard chahega. Gol gol badi badi aankhon meun azib si uljhan hai. Aapki patli kamar dekh kar koi chhune ko chahega. Kajol ki jaise badi badi chuchiyan hai. Aapki do mote kulho ko dekh kar har koi deewana ho jayega. Sach kahu bhabhi aap ek hasin heroin ke jaisi dekhti hai. Wo muskura kar kahti hai. Bas bas bahut tariff karte ho. Wo bhi jhuthi. Ye kya kaha aapne main bhi kurban jaun aap par agar jhutha nikla to. Meri Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut .

Bhaiya ko aksar sahar se bahar jana padta hai. Ek bar bhabhi ne kale rang ki blouse pahna. Bhabhi gori hai. Isliye maine uski khoob tariff ki. Aur kaha – bhabhi aap to kale kapdo me bahut khoobsurat dikhti ho. Wo muskura ke boli jhuthe kahi ke.

Phir kai dino tak man me ek sapna sajota raha. Ki ab bhabhi ko pa lun. Aur kas ke unki garam naram chut me apna mota lund dal ke unhe cheekhne par majboor kar dun. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Ek din bhaiya ne subah hi jaldi bahar jana tha. Aur maine unhe station tak chhodne jana tha. Maine kewal underwear pahne kasrat kar raha tha. Ki achanak bhabhi aa gai. Mujhe ek jhatka sa laga. Aur maine ekdum apni kamar par tauliya lappet liya. Bhabhi mere pas aur boli – devar ji ! aapki body to bahut jandar hai.

Meri baju oakad kar kaha – kya sakht baju hai. Mera lund bhabhi ke naram hantho ka sparsh pate hi machalne laga. Bhabhi ne towel me mera lnd khada hote hue dekha. Phir wo jaldi se boli – jaldi taiyar ho jao. Chalo tumhare bhaiya rah dekh rahe hai. Unki gadi ka waqt ho rha hai. Wo chali gai, mera lund garam ho chukka tha. Main bhiya ko station chhod aaya. Aur fir college chala gaya.

Sham ko jab ghar aaya to bhabhi pados me gappe hank rahi thi. Mujhe dekh kar wo andar aa gai. Aaj unhone gahre nile rang ka gown pahan rakha tha. Andar aa kar darwaja band karte hi. Unhone kaha – kyun devar ji main kale kapdo me sundar lagti huna ! Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Maine kaha – haan, to unhone main kaisi dikhti hun, in kale kapdo me ?

Maine haste hue kaha – bhabhi tumne to nile rang ka gown pahana hai.

Unhone sharat se kaha – us din to kahte the ki bhabhi tum kali sadi aur kale blouse me apsara lagti ho. Aaj kya hua ? maine kaha – lekin bhabhi aapne to neela gown pahna hai. Kala nahi.

Tabhi mera dhyan bhabhi ke kandhe par dikh rahe bra strap par gaya. Maine aage badh kar bra strap ke niche ungli dal kar upper ko uthaya. Aur kaha – achha to ye hai kale rang ki bra. Lekin dikh to nahi rahi hai. Bhabhi jara dikho na.

Kuchh nahi ! kuchh nahi ! main to majak kar rahi thi – bhabhi boli.

Maine kaha – bhabhi please ! dikhao na ! please bhabhi please ! bas ek jhalak ek bar !

Itna sunte hi bhabhi ne apna gown nikal diya. Mai to use dekhte hi dang rah gaya. Sach bhabhi kale rang ki chhoti si bra aur kale rang ki bilkul chhoti si panty me thi. Uski dono chuchiya aadhi se jyada nangi thi. Jab panty uski aadhi chut ko hi dhank pa rahi thi. Dono or se chut nangi dikhai de rahi thi. Ye najara dekh ke mera lund underwear me khada hone laga. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Bhabhi ne kaha – us din bade tariff karte the. Aaj kya ho gaya. Maine kaha bhabhi tumhari chut aur chuchiyo ka koi jawab mere pas nahi. Pahli bar kisi aur aurat ka aadha badan nanga dekh raha hai sach kah raha hun. Tumhari kasam bhabhi itni khoobsurat gadrai hui javni pahli bar dekh kar main bag bag ho gaya hun.

Ye kahte hue maine aage kadam badhaya to bhabhi hili nahi apni jagah se. maine bhabhi ko kandho se pakad kar apne se chipta liya.

Unhone mujhse kaha – kya kar rahe ho andar chalo !

Main samajh gaya ki aaj bhabhi davit de rahi hai. Andar jate hi jate maine apni shirt nikal di. Upper ka badan nanga ho gaya. Phir bina soche apni pant utar di sirf underwear me aa gaya. Meri najar bhabhi ki chuchiyo par gai, chhoti si bra aur bade kad ki chuchiya kab tak chhupati. Maine pichhe ja ke hunk khol di. Do nange fal bhabhi ke badan par jhulne lage. Wo kasmasai maine unki bina parwah kiye panty ko ek hi jhatke me utar di aur apna underwear ko nikal diya. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Unhone nakli gusse se kaha  – yah kya kah rahe ho  ?

Maine kuchh suna nahi. Maine apni baho me nangi bhabhi ke jism ko daboch liya wo karahne lagi ki. Maine dono honth ko uske  rasile honth par rakh diye. Aur jee bahr kar uska raspan kar raha tha. Ek hath se unki chuchiyo ko dabata sahlata hai. Ur dusre hath se uska jism poora kas ke mere jism se chipkaya. Ye sab achanak ho jane se wo hath pav marne lagi. Lekin unki ek na chali aur main bhabhi ke jism ko buri tarah raudne laga.

Hontho ke bich jeebh dal kar maine use buri tarah chuma uske munh me. Aah uff…. Monu…..main tumhari bhabhi hun. Ye galat hai…. Chhod do mujhe… jaggg ki awaje nikalne lagi. Par main poori tarah se unki bhari chuchiyo ko dabata raha. Uski kadi nipple ko do ungliyo ke bich me lekar masalne laga. Bhabhi ab siskariya bharne lagi. Uski kadi nipple ko do ungli ke bich le ke masalne laga. Bhabhi ab siskariya bharne lagi….nahi …. Please….uiiii……dhire….monu….u…u.. lekin ab uska virodh khatam ho gaya tha. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Hum dono ki sanse tej hone lagi. Main jam kar bhabhi ke badan ko bethasa chuma… mere honth uske badan par fisne lage. Ek dum gora aur chikna aur chikna badan tha. Abhi tak main uski chut par hath nahi lagaya tha. Wo dono jangho ko sikode hue thi. Mere hath aur hontho ke sparsh se wo….. aisi awaje nikalne lagi thi.

Priti bhabhi mithi mithi aahe bhar rahi thi. Mera dhyan ab main unke pet se hote hue unke gahri nabhi par gaya. Maine wahan sahlaya to unhone sihar kar apni janghe khol di. Aur ab meri najar un ki chut par padi main jhum utha. Ek bhi bal nahi tha gulabi rang ki chut ke bich me ek lal rang ka hole dikhai diya. Ye dekh kar mere munh me pani aa gay. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Bhabhi ke jism ko charo or se chumne sahlane aur dabane ke bad chuchiyo ko pyar se lekar chuma. Bhabhi ka an gang mahkane laga. Uski chuchiya kadi aur badi ho gai. Uske lal lal nipple utha kar khade ho gaye. Tirki tarah nukile lag rahe the. Tab meri bhabhi mujhse jor se lipat gai.

Do badan ek dusre se ragadne lage. Meri sans fulne lagi. Hum dono teji se apne maksad ki or aage badhne lage. 10 minutes tak hum dono ne ek dusre ko poora chuma sahlaya. Bhabhi ne pahli bar sharmate lund ko pakda to badan me bijli si daud gai. Pahli bar bar maine kaha meri jaan uske sath khelo sarmao mat. Ab hum dono me sharam me kaisi.

Mera badan bahut garma chukka tha. Tab maine bhabhi ko farsh par lita diya.  Aur uske upper jake uski chuchiyo ko dabaya. Paar bad me maine chut ki taraf dekha. Chut to poori giili ho chuki thi.  Usme se juice to aise bahar nikal rha tha. Jaise nal se pani nikal raha ho.ab maine bhabhi ke pav ko chauda kiya. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

To unki phuli hui gulabi chut poori dikhni lagi. Bhabhi ki gulabi chut ko dekh kar maine kaha – bhabhi sach me bahut hi chikani hai teri ye chut bina bal ki gori ubhari hui. Dil kar raha ise kha jaun. Itna kaha kar main uski chut par jhuka. Aur chut ke hontho ko apne hontho se chumne laga.

Bhabhi to jaise uchhal padi. Oh.. aa monu…!! A….. ye kya kar rahe ho…. Aisa to tumhare bhaiya bhi nahi karte kabhi. Oh…. Mujhe azib sa lag raha hai. Bhabhi ki siskariyo se poora kamra goojne laga. Main bade pyar se bhabhi ki chut ko chusta, chumta, chatata raha. Wo apne hontho par jeebh fer rahi thi. Aur machal rahi thi. Ki achanak chillai – monu chhod mujhe.

Aah….. mera ho raha hai. Jor se……. kahte hue mera sir apni jangho me daba liya. Aur mere bal khichne lagi. Bhabhi ne aah.. bharte hue jaldi jaldi tin char jhatke apne chuttad utha kar mare. Maine phir bhi unko nahi chhooda, aur apni jeebh se unki chut se bahne wale ras ko chat gaya. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Wo kah rahi thi – ab hat jao monu, ab sahan nahi ho raha hai. Ab apni pyari bhabhi ko chodo. Phad do meri chut ko apni bhabhi ki chut me ghus jao. Main pahle se janti thi. Ki tum mujhe chodna chate ho. Main bhi tum se chudna chahti thi. Ab main bhi apne laude ko apni bhabhi ki chut ka swad chakhana chahta tha. Main bhabhi ke upper aaya. To bhabhi ne apna sir utha kar mere laude ko dekha. Unhone kaha – devar ji main to mar jaungi. Itne mote lambe se.

Maine pucha – kis mote lambe se.

Wo sharmate hue boli – tumhare lau…. Laude se.

Maine kaha – kuchh nahi hoga. Aur phir maine bhabhi ki tange chaudi ki. To unki chut ke honth aise khul gaye. Jaise kisi five star hotel ke darwaje apne aap khul jate hai. Kisi ke aane ppar. Maine apni do ungliyo se chut ko thoda aur khola aur apna lund ka sir us poore khile gulab ke phool par rakh diya. Bhabhi ne kaha – thoda andar to karo !

Maine kaha – abhi karta hun. Yah kar main lauda bahr hi dhire dhire ragadne laga. Bhabhi bechain ho uthi. Wo apne chuttad upper utha utha kar laude ko apni chut me lene ki koshish karne lagi. Main unko tadpate hue. Unki sari koshishe nakam kar raha tha. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Ab dalo na bhabhi ! – bhabhi boli.

Kya dalu… aur kaha dalu…. – maine bhabhi se puchha.

Achha batau tujhe ? bahanchod ! apni bhabhi ki chut me apna lauda dal de aur chod sale ! – bhabhi tadapte hue boli.

Bhabhi ke munh se aisi galiya sun kar main hairan rah gaya.

Tabhi bhabhi ne ek aisa jhatka diiya. Upper ki taraf apne huttado ko. Ki ek bar me hi poora lauda unki chut ki gahrai me utar gaya. Bhabhi ke much se nikla – aah hai mar dala. Ek dard mishrit aanand bhari cheekh !

Ab main bhabhi ke upper gir sa gaya. Aur unko hilne ka mauka na dekar. Unke honth apne hontho se band kar diya. Aur apne chuttad upper utha kar ek jor ka dhakka mara. To bhabhi tadap gai.

Iske bad to bas aah….aa…aah…….aahh….h..hhhhhhhhhh…..aaahh…..aah…aah…aahhhhh.

Ruk jara…aah…aahhhhh…hmmmmmmmm………haaan….

Hum dono ki ek jaisi awaje nikal rahi thi. Kafi der aisa hi chalta rha. Bich bich me bhabhi badbadati rahi – maja aa raha hai ! karte raho ! chuso !

Bhabhi ki chut lagatar pani chhod rahi thi. Aur mera luad bade aram se andar bahar aa jar aha tha. Bhabhi bhi apne chuttad utha utha kar sahyog kar rhi thi. Wo madhosh hue ja rahi thi. Unke aanand ka koi parwara nahi tha. Aisa maja unhe pahle nahi mila tha. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Ab main charmoutkarsh tak pahuchne wala tha. Maine bhabhi ko kaha – le priti ! le le mer sara ras ! pila de apni chut ko.

Haan ! bhar de meri chut apne ras se maer monu bhaiya. – bhabhi boli.

Aur maine phir poore josh se aakhiri dhakka lagaya. To mera poora lund gharbhasay tak pahuch gaya. Sayad wo cheekh padi – mar dalega kya.

Mere munh se nikla bas ho gaya. Mera lund bhabhi ki chut me pichkariya mar raha tha. Bhabhi bhi charam seema prapt kar chuki thi. Pir kuchh ruk ruk kar halke jhatke mar kar main bhabhi ke upper let gaya. Hum dono adhmurchhit avashta me pade rahe kafi der. Pata nahi kab neend bhi aa gai.

Jab meri neend khuli. To maine dekha ki bhabhi waise hi mere bagal me leti thi. Unke much se asim tripti ka abhas ho raha tha. Unke labo par bahut halki si muskan bhi dikh rahi thi. Main dhire se utha aur rasoi me jake do cup chay bana kar laya. To dekha bhabhi waise hi so rahi thi. Main unke pas gaya aur unke labo ko dhire se chum liya. Jaise hi mere hontho ne unke hontho ko sparsh kiya. Bhabhi ne aankhe khol di. Aur muskura kar meri aankhon me jhakne lagi. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Maine bhabhi se kaha – to sone ka bahana kar rahi thi aap ?

Bhabhi boli – main to tabhi jag gai thi. Jab tum yahan se uth kar gaye the. Lao ab chy to pila do. Jo pyar se bana kar laye ho.

Humne chay pi. Tab rat ke 8 baj chuke the. Maine bhabhi se puchha – kaisa laga.

Bhabhi ne sharma kar najre niche kar li. Kuchh nahi bola.

Maine unki thuddipakad kar unka chehra upper uthaya. Aur puchha kaisa laga aaj mere sath.

Bhabhi sharmili muskan ke sath boli – bahut maja aaya. Maja to tumhare bhaiya ke sath bhi aata hai. Par tumhare andar naya josh hai.

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Pahle aisa hi maja aata tha. Bhaiya ke sath – maine puchha.

Sach kahu to aisa maja mujhe kabhi nahi aaya. Mujhe to pata hi nahi tha ki itna maja bhi aaata hoga chudai me. – bhabhi ne kaha.

Bhabhi ke munh se chudai shabd sun kar main awak rah gaya. Phir maine bhabhi se kaha – bhabhi ! maine aapko itna maja diya. Mujhe inam milna chahiye. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

Haan ! inam ke hakdar to tum ho. Bolo kya chahiye tumhe inam me ? – bhabhi ne poochha.

Main to aise hi kah raha tha. Aap mil gai mujhe mera inam mil gaya. – maine kaha.

Nahi ! phir bhi tumhe kuch na kuch inam main tumhe dungi. – bhabhi ne kaha.

Jaisi aapki marji ! agar main apni taraf se kuchh mang liya to dena padega bhabhi ! – maine kaha.

Han, han ! jarur, mere bas me hoga, to jarur dungi. Bhabhi ne aashvashan diya.

Achha ab batao rat ke khane me kya banau. Priti bhabhi ne puchha.

Ab kya banaogi. Main bajar se le aata hun kuchh. Waise bhi abhi sari rat baki hai. Aap mujhe khana main aapko khaunga. Maine bhabhi ko chheda.

Maine bajar jane ke liye uthate hue kaha – bhabhi ! main bajar se khana lekar aata hun. Aap aise hi rahna nangi. Kapde nahi pahnana.

Bhabhi bhi mere pichhe se khade ho gai aur kaha – darwaja to band karna hoga na. bhabhi mere pichhe pichhe aai. Aur mujhe kaha – dekho koi bahar hai to nahi. Main darwaja band kar lun. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

 

Jab mai bajar se aakar darwaje ki ghanti bajai. Bhabhi ne darwaja khola to wahi nila gown pahne thi.

Andar aate hi maine puchha ki gown kyu pahanaa ?

To kamre me pahuch kar bhabhi boli aaj to bas bach gai. Abhi abhi thodi der pahle darwaje ki ghanti baji to maine socha kitum hi hoge. Main nangi hi darwaja kholne wali thi. Ki mujhe pados wali ritu ki awaj sunai di. Wo mujhe hi pukar rahi thi. Maine daud kar gown pahna aur phir darwaja khola.

Kya karne aai thi ritu ? ritu wahi na jo 4-5 ghar chhod kar namita aunty ke bagal me rahti hai.

Haan ! wahi, tu to sabko janta hai.

Badi mast chich hai. Sali woe k bar mil jaye to main use chod chod kar 5-6 bachho ki maa bana du.

Tera bas chale to tu sari dunia ki ladkiyo ko chod chod kar maa bana dale. – bhabhi boli.

Sari dunia ko nati to bhabhi aapko maa jarur bana dunga. –main bola.

Phir humne apna chudai ka programm jari rakha. Kamsin Bhabhi Ki Sexy Chut

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम वेद है और में जयपुर का रहने वाला हूँ, में जयपुर सिटी में काम करता हूँ और वहीं मेरी फेमिली के साथ रहता हूँ। में 25 साल का हूँ, मेरा थोड़ा सा गोरा चेहरा है, मेरे लंड का साईज़ 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। आज मैं एक बेहद नशीली sister sex story सुनाने जा रहा हूँ।


मेरे घर में 3 रूम है और किचन और छोटा सा आंगन है, एक रूम में मेरे पापा मम्मी, दूसरे रूम में दीदी और उनके ही बगल वाला कमरा मेरा है। मेरी दीदी और मेरे कमरे के बीच में एक खिड़की है, जिससे दोनों कमरे में आसानी से देख सकते है।

हमारी फेमिली में पाँच लोग है। पापा मोहन, उम्र 49 साल, जो हमेशा काम के सिलसिले से बाहर ही रहते है। मम्मी सरिता, उम्र 46 साल, वो अभी भी बहुत सेक्सी दिखती है, उनका रंग गोरा है, उनका फिगर साईज 32-30-34 है। दीदी पारुल जो हमारे साथ ही रहती है, क्योंकि उनके पति ने उन्हें झगड़ा होने की वजह से निकाल दिया, वो भी बहुत सेक्सी है, उनका फिगर साईज 36-34-38 है। में और मेरी पत्नी सविता, वो भी बहुत सेक्सी है, उसका फिगर 34-32-36 है, हम दोनों बहुत सेक्स करते है और हमारी शादी 10 महीने पहले हुई थी।

अब में सीधा कहानी पर आता हूँ। में हर रोज सुबह 10 बजे काम पर जाता और शाम को 6 बजे घर आ जाता हूँ। एक दिन की बात है, में और मेरी पत्नी सेक्स कर रहे थे, तभी मुझे अहसास हुआ कि खिड़की पर कोई है, लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया और मेरी पत्नी के साथ सेक्स करने लगा। अब हम दोनों बहुत इन्जॉय कर रहे थे। फिर आधे घंटे के बाद हम सो गये और फिर सुबह हुई, उस दिन रविवार था तो मेरे काम की छुट्टी थी। उस दिन मेरी पत्नी के मायके में किसी की मौत हो गयी थी, तो वो वहाँ 20 दिन के लिए चली गयी। फिर में उसे बस स्टॉप तक छोड़कर आया और वापस घर आने के बाद खाना खा कर मैच खेलने चला गया। फिर में वापस घर आया और चाय पी, अब में और मेरी दीदी बैठकर बात कर रहे थे, मेरी माँ कहीं बाहर गयी थी।

अब मेरी दीदी मुझसे पूछ रही थी कि अब कैसे दिन निकलेंगे तुम्हारे? तो में कुछ समझा नहीं। फिर मैंने दीदी से पूछा, तो वो बोली कि कुछ नहीं ऐसे ही मुँह से निकल गया और फिर वो मुस्कुरा कर चली गयी। फिर रात को हमने खाना खाया और सोने चले गये, अब माँ अपने कमरे में चली गयी और में अपने कमरे में और दीदी उनके कमरे में चली गयी। अब मुझे नींद नहीं आ रही थी तो में कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देखने लगा और मुठ मार रहा था तो मैंने खिड़की की तरफ देखा, तो दीदी मुझे देख रही थी। फिर में उन्हें पटाने के लिए पूरा नंगा हो गया और ऐसे नाटक कर रहा था कि जैसे मैंने उन्हें नहीं देखा है। फिर थोड़ी देर के बाद में सोने चला गया, लेकिन तब भी मुझे नींद नहीं आ रही थी।

फिर में दीदी के रूम में देखने लगा तो मुझे इतना नज़र नहीं आ रहा था, लेकिन मुझे कुछ कुछ दिखाई दे रहा था। अब मेरी बहन अपनी चूत में उंगली डाल रही थी और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थी आ आ उ उ और बीच बीच में मेरा नाम ले रही थी, वेद चोदो, चोदो मुझे, फिर वो सो गई और में भी जाकर अपने बेड पर सो गया। फिर एक दिन मेरी फेमिली में कुछ प्रोग्राम था, तो माँ वहाँ गयी थी और में और दीदी घर पर ही थे।

उस दिन शनिवार था, तो में काम से जल्दी आ गया था। अब जब में घर आया तो दीदी बहुत खुश थी, फिर दीदी ने मेरे लिए खाना बनाया और बोली कि खाना खाने के बाद हम शाम को मार्केट जायेंगे, मैंने कहा कि ठीक है। फिर में और दीदी मेरी बाइक पर बैठकर मार्केट गये, वहाँ पर दीदी ने कुछ कपड़े लिए और सब्जी ली। फिर जब हम वापस घर आ रहे थे तो बीच में एक थियेटर था, तो दीदी ने कहा कि चलो हम मूवी देखते है। मैंने कहा कि ठीक है और में और दीदी रोमांटिक मूवी देखने गये, क्योंकि उस दिन थियेटर में वही मूवी लगी थी, वो मूवी शुरुआत में तो नॉर्मल ही थी, लेकिन फिर बाद में उस मूवी में कुछ सेक्सी सीन आने लगे।

फिर मैंने दीदी की तरफ देखा तो वो बहुत ध्यान से देख रही थी। उसके बाद हम जब बाहर निकले तो दीदी ने कहा कि उन्हें अंडरगारमेंट्स लेनी है तो वो दुकान पर गयी और मुझे बोली कि तुम भी चलो। अब में शरमा रहा था और मैंने कहा कि तुम लेकर आओ, लेकिन उन्होंने बहुत ज़िद की तो में उनके साथ चला गया। फिर दीदी ने पारदर्शी 2 ब्रा और 2 पेंटी, काले और पीले कलर में ली। फिर दीदी ने मुझसे पूछा कि कैसी है? तो मैंने शरमाते हुए कहा कि अच्छी है। फिर हम घर पहुँचे, अब दीदी ने रात का खाना बनाया और फिर हमने खाया। अब खाना खाने के बाद में मम्मी के कमरे गया, क्योंकि वहाँ पर टी।वी लगा हुआ था और अब में टी।वी देख रहा था।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरी बहन आई और मेरे बगल में बैठ गयी। अब मेरे मन में अभी तक कुछ भी ग़लत ख्याल नहीं था, अब हम इंग्लिश मूवी देख रहे थे। मेरी दीदी ने एक नाइटी पहनी थी और मुझसे कहा कि क्या मूवी देख रहे हो? चलो कुछ बातें करते है। फिर मैंने टी।वी बंद की और में और दीदी उनके कमरे में चले गये और अब हम पहले तो नॉर्मल बातें कर रहे थे। फिर दीदी ने पूछा कि वेद में ब्रा और पेंटी ट्राई करती हूँ, तुम देखकर बताओ। अब मे हैरान हो गया और अब में अंदर ही अंदर खुश था कि चलो आज दीदी के बूब्स देखेंगे।

meri talaakshuda bahan sister sex story

मेरी मस्त दीदी की चुदाई

फिर दीदी उठी और अलमारी में से ब्रा और पेंटी का सेट निकाला और बाथरूम में जा कर चेंज करके आई। पहले तो उन्होंने काले कलर की ब्रा और पेंटी पहनी, उसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी। अब मुझे उनका पूरा बूब्स आसानी से दिख रहा था और उनकी चूत भी साफ़-साफ़ दिख रही थी, उनकी चूत पर बहुत बाल थे और उनके बूब्स के निप्पल बड़े-बड़े थे। फिर दीदी ने कहा कि कैसी है? तो मैंने कहा कि सेक्सी, तो फिर दीदी हंसी और कहा कि में दूसरी ट्राई करती हूँ।

उसके बाद दीदी ने कहा कि अब मुझे नींद आ रही है तो वो सोने चली गयी। उस रात मैंने 3 बार मुठ मारी और फिर सो गया। फिर सुबह में काम पर नहीं गया और मैंने 2-3 दिन की छुट्टी ले ली कि मुझे थोड़ा बुखार है। फिर हमने खाना खाया और फिर दीदी अपना काम करने लगी। अब दीदी बाथरूम में बैठकर अपने कपड़े धो रही थी। दीदी ने रात वाली ही नाइटी पहनी थी और अब उनकी नाइटी पूरी भीग गयी थी और फिर जब वो अपने कपड़े लेने बाहर आई तो उनकी नाइटी भीगी होने की वजह से मुझे उनके बूब्स का साईज़ साफ़-साफ़ दिख रहा था, शायद उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी। अब में उनके बूब्स को ही देख रहा था, जो शायद उन्हें पता चल गया था।

Kunwari Ladki Ki Panty Mein Ungli Dal Chut Sahlaya

दोस्तों यह घटना शुरू होती है जब मेरे घर मेंपहले और नये किरायेदार रहने आए। उनका परिवार बहुत छोटा था और वो परिवार में चारलोग थे पति, पत्नी, एक लड़का और एकलड़की रेहाना।Kunwari Ladki Ki Panty Mein Ungli Dal Chut Sahlaya.

दोस्तों जब में शाम को अपने ऑफिस से घरपर आया तो मुझे मेरी माँ ने बताया कि कलसुबह हमारे घर पर एक नये किरायेदार आनेवाले है। में अपनी माँ की कही बात कोसुनकर मन ही मन सोचने लगा कि अगरकोई पटाका लड़की या भाभी हुई तो मेरीचाँदी हो जाएगी और फिर हुआ भी ठीक ऐसेही। मैंने माँ से पूछा कि उनके परिवार में कौनकौन है? तो माँ ने मुझे बताया और अब मेंउनकी वो पूरी बात सुनकर मन ही मन बहुतखुश हुआ।

फिर अगले दिन सुबह में अपने ऑफिस चलागया और जब में शाम को घर पर आया तोमैंने देखा कि हमारे नये किरायेदार तब तकआ चुके थे, लेकिन मुझे तो अब रेहाना कोदेखना था, लेकिन किस्मत से मुझे सबसेपहले रेहाना की माँ मिली जो एक सेक्स मस्त माल थी और उनको देखते ही मेरा मुर्गा अंदर ही अंदर घूमने लगा।

उनकी कमर 34 की बूब्स तो देखने से लग रहे थे कि ब्रा में आ ही नहीं सकते इतनी बड़े आकार के थे। उसे देखकरमेरा मन तो बस यही कर रहा था कि ब्लाउज को फाड़कर बूब्स को अपने मुहं में भरकर चूस लूँ, लेकिन हमारे बीचबस दुआ सलाम हुआ और में अपने कमरे में चला गया।

दोस्तों शाम के करीब 6.30 बजे में अपनी छत पर बैठा हुआ ठंडे मौसम का आनंद ले रहा था, तभी मुझे लगा कि मेरेपीछे कोई है और जब मैंने पलटकर देखा तो एक नाज़ुक सी लड़क जो बहुत सुंदर और मासूम सी है वो खड़ी हुई थी।मैंने उससे हैल्लो किया और अपना हाथ आगे की तरफ बढ़ाया और मैंने कहा कि मेरा नाम शादाब है और उसने बोलाकि में रेहाना।

कसम से दोस्तों दिल ने इतनी ज़ोर से धक्का दिया कि मुझे लगा कि हार्ट अटेक आ गया। उसका फिगर दिखने में कोईऐसा ख़ास नहीं कमर 28 की बूब्स शायद 30 के, लेकिन वो सुंदर कमाल की थी।

फिर मैंने रेहाना को कुर्सी दे दी और उससे बैठने को कहा तो वो बैठ गई और अब हमारी बातें शुरू हो गई धीरे धीरेमुझे उसके बारे में सब पता चला उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है मुझे यह बात जानकर बहुत ख़ुशी हुई और अब मैंने भीधीरे धीरे उससे अपनी दोस्ती को आगे बढ़ानी शुरू कर दी में उसको कभी चोकलेट तो कभी टेडी दे देता।

दोस्तों वो भी अब अच्छी तरह से समझ गई थी कि लड़का लाईन दे रहा है, लेकिन दोस्तों आप भी जानते हो कि किसीभी लड़की को फंसाना इतना आसान काम नहीं है जितना सुनने से लगता है।

अब धीरे धीरे यह भी हो गया अब हम हमेशा शाम को मिलते और घूमते थे। एक दिन मैंने भी थोड़ी हिम्मत करकेउसको अपने मन की बात को बता दिया और उसने भी मेरी बात को मान लिया। उसी शाम हम बातें करते करते कबएक दूसरे के इतना करीब आ गए। Panty Mein Ungli

हमें पता ही नहीं चला और हमने एक दूसरे को किस किया। उसकी सांसो की गरमी से लगा कि आज मेरा पप्पू तोउल्टी कर ही देगा, लेकिन कंट्रोल रखते हुए हमने सिर्फ़ उस रात किस किया और यह हमारा किस का सिलसिलालगातार चलता रहा।

एक शाम हम दोनों बैठे ही थे कि बारिश शुरू हो गई और रेहाना भागकर नीचे जाने लगी। तभी मैंने उसका हाथपकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया और उसको अपने सीने से लगाकर एक प्यार से उसके होंठो पर किस किया।

किस करते ही वो बेजान हो गई और उसने अपने आपको मुझसे चिपका दिया में भी अब धीरे धीरे हाथ अपना नीचे लेजाकर उसके बूब्स को ऊपर से ही दबाने लगा। उसकी तो आह्ह्ह्ह निकल गई और वो पूरी तरह बैचेन हो गई, लेकिन में अब आज उससे छोड़ने वाला नहीं था।

अब मैंने उसके बूब्स को दबाते हुए अपना एक हाथ उसके पीछे ले जाकर उसकी गांड को दबाने लगा। वो अह्ह्ह्हहउफ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी। तभी मैंने उसको उठाकर अपनी गोद में ले लिया और अब उसने अपने दोनों पैरों से मेरीकमर को पकड़ लिया और में खड़े खड़े उसको किस कर रहा था। Panty Mein Ungli

तभी रेहाना की माँ उसे बुलाने लगी। कसम से यार लंड पर तो लगा किसी ने तेज़ाब गिरा दिया, लेकिन कोई कुछ करनहीं सकता था और कई महीनो बाद हमें मौका मिल ही गया, उस दिन ना मेरे घर पर कोई था और ना ही मेरेकिराएदार के घर पर। सिर्फ़ रेहाना और उसका भाई था.

हमने शाम को बैठकर बातें की और मैंने उससे कहा कि आज रात को में और रेहाना साथ रहेंगे, लेकिन रेहाना ने कहाकि हम सेक्स नहीं करेंगे, तो मैंने भी कहा कि ठीक है, लेकिन तुम मेरे साथ में तो रहोगी। फिर वो मान गई उफ.. लड़कियों के नखरे, क्या करें? चूत पाने के लिए तो करना ही पढ़ता है।

फिर रात को करीब 12.30 बजे रेहाना मेरे रूम में आई और उसके आते ही मैंने उसको तुरंत पकड़कर अंदर खींचलिया आई और उसके आते ही मैंने उसको तुरंत पकड़कर अंदर खींच लिया और उसे अपनी बाहों में भर लिया औरअब हम दोनों बेड पर गिर पड़े। मैंने उसकी गर्दन पर किस किया और वो करवाती रही। Panty Mein Ungli

फिर कुछ देर बाद मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो गया और उसे यह भी महसूस हो गया और वो अपनी चूत को धीरे धीरेरगड़ने लगी, लेकिन फिर से वही लड़कियों के नखरे, शादाब प्लीज ऐसे नहीं, ग़लत तो नहीं होगा ना? यह सब बिल्कुलग़लत है। फिर मैंने कहा कि में ऐसा कुछ नहीं करूँगा सिर्फ़ तुम्हारा दूध पिऊँगा और वो मान गई। दोस्तों उस समयरेहाना सिर्फ़ मेक्सी में थी और में सिर्फ़ लोवर में था।

में अब नीचे और रेहाना मेरे ऊपर और मेरा लंड जो 8 इंच का है पूरा खड़ा हो गया था, लेकिन मैंने कुछ किया नहीं, क्योंकि में जानता था कि में बस एक बार रेहाना का दूध पीने लगा तो बाकी काम तो खुद ही हो जाएगा और में धीरेधीरे रेहाना की मेक्सी को उतारने लगा। अब रेहाना सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी और वो लाल कलर की ब्रा और पेंटी मेंग़ज़ब लग रही थी।

अब में उसके ऊपर आ गया और मैंने उसकी गर्दन पर किस करते हुए उसके होंठो पर किस किया।  उसने अपने दोनोंपैर मेरी कमर पर रख दिए जिससे में उसकी कमर पर आ गया और मेरा लंड ठीक उसकी चूत के ऊपर था, लेकिनफिर भी मैंने कोई ऐसी वैसी हरकत नहीं की क्योंकि में जानता था कि सब कुछ खुद ही हो जाएगा। Panty Mein Ungli

फिर में रेहाना को किस करते हुए धीरे धीरे उसकी छाती पर आ गया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही दूध पीने लगा, लेकिन कुछ ही देर के बाद उसने अपनी ब्रा को खोल दिया और अपनी ब्रा को हटाकर मेरा चेहरा पकड़ा और तुरंतअपनी छाती पर रख दिया और अब मैंने बड़े ही प्यार से दबा दबाकर उसका दूध पीना शुरू किया। दोस्तों वो मेरासबसे कमाल का अनुभव था क्योंकि में रेहाना के एक बूब्स को चूस रहा था और दूसरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबानेलगा।

फिर मैंने हाथ लगाकर महसूस किया कि अब तक रेहाना की पेंटी पूरी गीली हो गई थी और उसकी चूत का पानी मेरेलोवर को भी गीला कर रहा था और उस समय मैंने अंडरवियर नहीं पहनी हुई थी तो मेरे लंड पर भी उसकी चूत कापानी लग गया था।

अब मैंने अपना हाथ उसकी कमर पर रखते हुए उसकी नाभि पर रखा तो रेहाना ने धीरे से मेरे कान में कहा कि प्लीजएक बार मेरी नाभि पर किस करो और बस में समझ गया कि आज अपना लंड जरुर अंदर घुसेगा। फिर मैंने उसकेनिप्पल पर एक हल्का सा काटते, चूसते हुए उसकी नाभि पर आ गया और उसकी नाभि पर किस करने लगा। Panty Mein Ungli

वो बिल्कुल मदहोश हो गई और मैंने सही मौका देखते हुए अपना मुहं उसकी गीली पेंटी पर रख दिया और उसकी चूतपर एक हल्का सा किस किया। वो पूरे जोश में आकर गरम हो गई। और में भी उसकी तरफ से हाँ समझते हुए उसकीपेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर किस करने लगा।

दोस्तों रेहाना की चूत से पानी ऐसे निकल रहा था जैसे नल से पानी आता है और अब मैंने रेहाना की पेंटी को उतारदिया और उसकी गांड के पीछे हाथ लगाकर उसकी चूत को चाटने लगा वो तो जैसे पूरी तरह से पागल ही हो गई, लेकिन मैंने उसकी चूत को चाटना लगातार जारी रखा और धीरे से मैंने उसकी चूत पर अपनी एक उंगली घुमाई औरकुछ देर बाद उसे अंदर बाहर करने लगा।

जिसकी वजह से वो तो जैसे पागल सी हो गई और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब अंदर डाल दो मुझसे अब औरबर्दाश्त नहीं हो रहा, लेकिन मैंने सोचा कि अभी थोड़ा और तड़पा लूँ। Panty Mein Ungli

फिर धीरे से मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ को डाल दिया और अब में उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा।फिर कुछ देर बाद रेहाना इतनी गरम हो गई कि वो झड़ गई और में उसकी चूत से निकले पानी से नहा गया, लेकिनअब तो मुझे उस किले पर चड़ाई करनी थी और मैंने धीरे से अपना लोवर उतार दिया और में रेहाना के ऊपर आ गया।

वापस उसके बूब्स को पीने, दबाने लगा और अब रेहाना भी मुझसे चुदने को पूरी तरह से तैयार थी। उसने अपने दोनोंपैरों को पूरी तरह फैला दिया था और मैंने उसके बूब्स को पीते हुए धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया औरअंदर की तरफ दबाने लगा।

जैसे ही उसे दर्द हुआ तो में उसके होंठो पर किस करने लगा और मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर दबाना जारीरखा। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर घुसा तो उसने दर्द में अपने दांत ऐसे दबाए कि मेरे होंठ का सत्यानाश होगया। Panty Mein Ungli

अब में अपना लंड अंदर डालता रहा और लगातार धक्के देता रहा। उसकी चूत अब फट गई, लेकिन चूत बहुत गीलीथी जिसकी वजह से आराम से मेरा लंड उसकी चूत में अंदर बाहर हो रहा था। फिर में धीरे धीरे उसकी चूत में धक्कालगाने लगा और अब उसे भी मज़ा आने लगा और अब मेरी चुदाई करने की स्पीड अचानक से बढ़ गई।

तभी रेहाना ने मुझसे कहा कि शादाब तुम नीचे हो जाओ और मैंने भी ठीक वैसा ही किया क्योंकि सेक्स में हम दोनोंको मज़ा आना चाहिए। अब रेहाना मेरे ऊपर बैठ गई और उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी चूत के मुहं परटिकाया और फिर बैठ गई।

मेरा लंड उसकी चूत में पूरा अंदर चला गया और फिर जबरदस्त चुदाई हुई पूरे कमरे में फच फच आहहह्ह्ह्हआईईईइ उह्ह्ह्ह की आवाज़े आने लगी और इतनी देर में रेहाना दो बार झड़ गई थी और अब बारी मेरी थी, लेकिनअब भी रेहाना मेरे ऊपर थी और अगर अब लंड को उसकी चूत से बाहर नहीं निकाला तो मामला उलझ सकता था, क्योंकि में अपना वीर्य उसकी चूत से बाहर ही निकालना चाहता था।

मैंने तुरंत पूज़ा को बेड पर पटका और उसके ऊपर आकर दस झटके दिए और अब मेरी बारी थी मैंने अपना लंडउसकी चूत से तुरंत बाहर निकालकर में अब रेहाना के बूब्स पर रगड़ने लगा और मैंने अपना सारा माल रेहाना केनिप्पल के ऊपर निकाल दिया और वापस लंड को उसकी चूत में डालकर हम दोनों लेट गये। हमें पता ही नहीं कि कबनींद आ गई और हम सो गये । Panty Mein Ungli

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Kamwali Ki Bahu Sexy Chudai -कामवाली की बहु की सेक्सी चुदाई

सिद्धार्थ वर्मा का स्नेह भरा नमस्कार!लगभग तीन माह पहले मुझे Sexstory के एक पाठक एवम् मेरी रचनाओं के प्रशंसक अभिनव का सन्देश मिला जिसमें उसने उसके जीवन में घटी एक यौन सहवास सम्बन्धी घटना के बारे में बताया.
जब अभिनव ने मुझसे उस घटना में मिले अनुभव को sexstory के श्रोताओं के साथ साझा करने का अनुरोध किया तब मैंने उसे उस घटना को एक रचना के रूप में लिख कर भेजने के लिए कहा.
कुछ दिन पहले ही अभिनव ने उस घटना को एक रचना के रूप में लिख कर मुझे भेजा था जिसे मैं संपादित करने के पश्चात Sexstoryपर प्रकाशित करने के लिए प्रेषित कर रहा हूँ.
अभिनव के द्वारा उसी के शब्दों में लिखी निम्नलिखित रचना आपके लिए प्रस्तुत है:

Sexstory की प्रिय पाठिकाओं एवम् पाठकों को मेरा अभिनंदन!
मेरा नाम अभिनव है, मेरी आयु पच्चीस वर्ष की है और मेरा शरीर बहुत हृष्ट-पुष्ट एवम् तंदरुस्त है क्योंकि मैं स्कूल और कालेज में खेल कूद में बहुत भाग लेता था.
मैं अब भी प्रतिदिन घर पर व्यायाम करता हूँ और कभी कभी व्यायामशाला में जा कर भी भार-उत्तोलन तथा विभिन्न प्रकार की कसरतें इत्यादि करता हूँ.
मैं मूल रूप से देहली का निवासी हूँ तथा मेरा पूरा परिवार वहीं रहता है, लेकिन आई-टी में इंजीनियरिंग करने के बाद पिछले तीन वर्षों से बैंगलोर में नौकरी कर रहा हूँ.

तीन वर्ष पहले जब मैं बैंगलोर में आया था तब मैं पन्द्रह दिनों के लिए एक पेइंग गेस्ट-हाउस में रहा था लेकिन उसके बाद कंपनी ने मुझे रहने के लिए एक फ्लैट दिला दिया. मेरा फ्लैट एक बहुमंजिली इमारत के दसवें तल पर है और उसमें एक बैठक, एक बैडरूम, एक छोटा स्टोर कमरा, एक रसोई तथा एक बाथरूम है.
मैं अधिकतर बैठक, बैडरूम, रसोई और बाथरूम को ही प्रयोग में लाता हूँ और छोटा स्टोर कमरे में एक फोल्डिंग चारपाई, दो खाली अटैची तथा कुछ फ़ालतू का सामान आदि पड़े रहते हैं.

उस फ्लैट में स्थानांतरण के बाद जब मुझे खाने पीने और घर के रख-रखाव की समस्या आई तब मैंने उसी इमारत के अन्य फ्लैट में काम करने वाली एक पचास वर्षीय वृद्ध महिला को घर का काम करने के लिए रख लिया.
वह महिला जिसे सभी अम्मा कहते थी सुबह छह बजे ही आ जाती और मुझे चाय दे कर चौका बर्तन करती तथा मेरे लिए नाश्ता बनाती.
मेरे तैयार होकर ऑफिस जाने के बाद वह दूसरे फ्लैट में काम निपटा कर फिर मेरे घर की सफाई आदि करती तथा मेरे कपड़े आदि धो कर सुखाने डाल देती.

क्योंकि वह मेरे ऑफिस जाने के बाद तक घर का काम करती थी इसलिए उसकी सुविधा के लिए मैंने उसे अपने फ्लैट की एक चाबी भी दे रखी थी. वह शाम को मेरे आने से पहले ही धुले हुए सूखे कपड़ों को प्रेस करने के लिए धोबी को दे आती थी और मेरे घर आते ही मुझे चाय बना कर देती तथा रात के लिए मेरा खाना बना कर अपने घर चली जाती.

क्योंकि मुझे अच्छा वेतन मिलता था इसलिए मैं उस वृद्ध महिला को उसके काम के लिए पाँच हज़ार प्रति माह देता था जिस कारण वह बहुत ही लग्न और ईमानदारी से मेरा काम करती थी.
लगभग छह माह तक ऐसे ही लगन से काम करते रहने के बाद एक दिन उस वृद्ध महिला ने मुझसे कहा- साहिब, मेरी सबसे छोटी बहू के घर बालक होने वाला है इसलिए मुझे तीन-चार माह के लिए उसके पास जाना पड़ेगा. आप काम के लिए किसी दूसरी कामवाली को रख लीजिये अथवा अगर आप सहमत हों तो मैं अपनी मंझली बहू को आपके यहाँ काम के लिए लगा देती हूँ.

उसकी बात सुन कर मुझे एक बार तो झटका लगा लेकिन अपने को सम्हालते हुए मैंने कहा- अम्मा, आप यह क्या कह रही हो. आप तो मेरे घर का सभी काम अच्छे से जानती हो और उसे बहुत निपुणता से संभाल भी रखा है. अगर आप नहीं आओगी तो मेरा काम कैसे होगा? मैं किसी दूसरी कामवाली को कहाँ से ढूँढ कर लाऊं? आप अपनी जगह अपनी मंझली बहू को ही छोटी बहू के पास को क्यों नहीं भेज देती?
मेरी बात सुन कर वह बोली- साहिब, यह जच्चा और बच्चा संभालने की बात है कोई सैर-सपाटा करने की बात नहीं है. आजकल की लड़कियाँ तो ऐसा कोई भी काम नहीं कर सकती. साथ में वह लड़की जो खुद अभी तक माँ नहीं बनी हो उसे तो पता ही नहीं होगा कि गर्भावस्था में एक जच्चा को क्या खाना पीना है. उसे तो यह भी नहीं पता है कि प्रसव के समय क्या करना होता है.

उसकी बात सुन कर मैंने कहा- अम्मा, तुम जैसा ठीक समझो वैसा ही प्रबंध कर दो. क्या जो घर का काम आप करती हो वह सब तुम्हारी मंझली बहू कर लेगी?
मेरी बात सुन कर अम्मा बोली- आप चिंता नहीं करें, तुम्हें कोई कष्ट नहीं होगा. मैं जाने से दो सप्ताह पहले ही उसे रोज़ अपने साथ ले कर आऊंगी और उन दो सप्ताह में घर का सभी काम सिखा दूंगी.

उस माह के दूसरे सप्ताह में अम्मा रोजाना की तरह सुबह छह जब बजे काम पर आई तब वह अपनी मंझली बहू माला को भी साथ लेकर आई.
माला बहुत ही सुन्दर एवम् आकर्षक नैन नक्श वाली स्त्री थी जिसका वर्ण बहुत हल्का गेहुँआ था, शरीर पतला और कद लम्बा था, उठे हुए उरोज और बाहर निकले हुए नितम्ब मध्यम नाप के थे, गर्दन लम्बी तथा पेट समतल था.

उसने हरे रंग की सूती साड़ी में अपना पूरा बदन छुपा रखा था और घर में घुसते ही मुझे बैठक में अख़बार पढ़ते हुए देख कर दोनों हाथ जोड़ कर प्रणाम किया.
उत्तर में जैसे ही मैंने उसके प्रणाम का उत्तर दिया तभी अम्मा बोली- साहिब, यह मेरी मंझली बहू माला है जिसके बारे में मैंने आपसे बात करी थी. अब दो सप्ताह तक यह रोज़ मेरे साथ आएगी और यहाँ का सभी काम सीख लेगी ताकि दो सप्ताह के बाद जब मैं चली जाऊँगी तब यह आपकी अपेक्षा के अनुसार ही सभी कार्य करेगी.
उत्तर में मैंने कहा- ठीक है अम्मा, इसे मेरी पसंद एवम् सभी आवश्यकताओं के बारे में अच्छे से समझा देना और क्या कैसे करना है यह भी सिखा देना!

उसके बाद मैं अख़बार पढ़ने लगा और वे दोनों रसोई में जा कर चौका एवम् बर्तन और सफाई आदि में व्यस्त हो गई.

लगभग सात बजे रोज़ की तरह अम्मा ने मुझे चाय दी और कहा- साहिब, इस माह की तीस तारीख को मैं छोटी बहू के पास जाऊंगी इसलिए अगर मुझे मेरी इस माह की पगार कल मिल जाती तो मैंने जो खरीदारी करनी है वह कर सकूँगी.
मैंने उत्तर दिया- अरे अम्मा, इसमें अगर की क्या बात है? आप कल क्यों आज ही ले लो.

तब अम्मा ने एक और बात कही- साहिब, मेरा मंझला बेटा दुबई में काम करता है इसलिए मंझली बहू मेरे साथ रहती है. मेरे जाने के बाद वह अकेली रह जायेगी और जिस बस्ती में हम रहते हैं वह एक अकेली औरत के लिए बिल्कुल ही सुरक्षित नहीं है. इसलिए मेरे जाने के पश्चात मुझे मंझली बहू की सुरक्षा की चिंता लगी रहेगी.
अम्मा की बात सुन कर मैंने कहा- आप उसके लिए किसी दूसरी सुरक्षित बस्ती में कोई अच्छा घर किराए पर ले दीजिये.
वह बोली- पिछले दो माह से उसके लिए जगह ढूँढ रही हूँ लेकिन मुझे अभी तक कोई भी सुरक्षित जगह नहीं मिली. अगर कोई है भी तो वह बहुत दूर है या फिर वह ऐसी जगह है जो अवैध रूप से बनी हुई है और कभी भी गिराई जा सकती है.

मैंने कहा- अम्मा, मैं तुम्हारी समस्या को समझता हूँ लेकिन मैं इस बारे में तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूँ?
अम्मा तुरंत बोली- साहिब आप ही तो सब से अधिक सहायता कर सकते हो. अगर मेरे वापिस आने तक आप माला को इस घर के स्टोर कमरे में रहने की आज्ञा दे देंगे तो आपके द्वारा मेरे ऊपर इससे बड़ा कोई उपकार नहीं हो सकता. इसके लिए आप बेशक हमारी पगार में से जितना चाहे वह काट लीजिये लेकिन एक असहाय को आसरा जरूर दे दीजिये.

मैंने उसके अनुरोध पर अचंभित होते हुए कहा- अम्मा, आप यह क्या कह रही हो? एक अविवाहित पुरुष के घर में उसके साथ एक अकेली विवाहित स्त्री का रहना ठीक नहीं है. अड़ोसी-पड़ोसी और इमारत के बाकी सब लोग क्या कहेंगे?
अम्मा बोली- लोगों का क्या है वे तो जो मन में आएगा वही बोलते रहेंगे. मुझे आप पर बहुत भरोसा है और अगर माला इस घर में रहेगी तो आपको कष्ट नहीं होगा तथा आपका सभी काम आपकी आवश्यकता के अनुसार समय-बद्ध तरीके से हो जाया करेगा. मुझे आशा है की आप इस बात को ध्यान में रखते हुए मना नहीं करेंगे.

पता नहीं अम्मा की बात सुन कर मुझे उन दोनों पर क्यों तरस आ गया और मैंने उन्हें कह दिया- ठीक है अम्मा, ऐसा करो, आप आज ही अपना और माला का सभी सामान ले कर यहाँ आ जाओ. इस तरह आप कुछ दिन साथ में रह कर सब ठीक से समायोजित कर सकोगी और माला को भी हर काम अच्छे से समझा दोगी.

नाश्ता करने के बाद मैं अम्मा को उस माह का वेतन दे कर ऑफिस चला गया और शाम को घर लौटने पर देखा की अम्मा और माला ने अपना सभी सामान लाकर स्टोर में रख दिया था.
मुझे शाम की चाय नाश्ता कराने के बाद अम्मा रात का खाना बनाने लगी और माला स्टोर में समान सजाने लगी.

अम्मा उन दो सप्ताह में माला को घर का काम सिखाती रही और जब माला सारा काम संतोषजनक तरीके से करने लगी तब वह माह के अंतिम दिन अपनी छोटी बहू के पास चली गई.

कुछ ही दिनों में माला ने मेरे घर का काम ऐसे संभाल लिया था जैसे वह वर्षों से काम कर रही हो और अम्मा की तरह मेरे लिए हर काम बड़ी सफलता से समय पर कर देती.

अगले एक सप्ताह तक सब ठीक-ठाक चलता रहा और माला सुबह से रात तक घर काम करती तथा आराम एवम् सोने के लिए स्टोर में चली जाती. अगला दिन शनिवार था तथा छुट्टी होने के कारण मैं देर से उठा और जब रसोई में माला से चाय बना कर देने के लिए कहने गया तो उसे वहाँ नहीं पाया तब मैंने स्टोर में देखा तो वह वहाँ भी नहीं थी.

माला कहाँ गई होगी यह सोचते हुए जब मैं अपने कमरे की ओर लौट रहा था तब मुझे बाथरूम में नल चलने की आवाज़ सुनाई दी.
पानी की आवाज़ को सुन और बाथरूम का खुला दरवाज़ा देख कर मैं समझा कि माला कपड़े धो रही होगी इसलिए मेरे कदम अनायास उस ओर मुड़ गए और मैं यकायक उसमें घुस गया.

बाथरूम में कदम रखते ही अंदर का नज़ारा देख कर मेरे पाँव आगे नहीं बढ़ पाये और दो क्षण के लिए माला को देख कर उल्टे पाँव वापिस कमरे में आ गया.
कमरे में जब मैं बिस्तर पर बैठा तब मेरी आँखों के सामने, अपनी योनि से निकले खून को धोती हुई अर्ध-नग्न माला की छवि घूम रही थी.

कुछ क्षणों के बाद जब मुझे झाड़ू की आवाज़ सुने दी तब मैं दोबारा बाथरूम में घुसा तो देखा की माला ने अपनी योनि को ढक लिया था तथा वह फर्श पर बिखरे खून को झाड़ू से साफ़ कर रही थी.
मुझे बाथरूम में देख कर माला बोली- बस मुझे एक मिनट और दीजिये. मैं अभी सब साफ़ कर देती हूँ फिर आप अपने दैनिक क्रिया से निपट लीजियेगा.

मैंने अनजान बनते हुए कहा- अच्छा मैं प्रतीक्षा करता हूँ, लेकिन यह खून कहाँ से आया? क्या तुम्हें कहीं चोट लगी है?
मेरे प्रश्न सुन कर उसने शर्म से सिर झुका लिया तथा उसका चेहरा एवम् कान लाल हो गए और उसने बाथरूम से बाहर जाते हुए कहा- साहिब, सब ठीक है आप निश्चिंत रहिये और मुझे कहीं कोई चोट नहीं लगी है. आज सुबह से मुझे माहवारी शुरू हो गई हैऔर यह उसी का खून था.  “Bahu Sexy Chudai”

माला की बात सुन कर मैं चुप हो गया और सुबह की नित्य क्रिया से निपट कर बैठक में अख़बार पढ़ने बैठा ही था कि वह मेरी चाय दे गई. ऑफिस की छुट्टी होने के कारण मैं पूरा दिन घर पर आराम करता रहा और माला दिन भर रोजाना की तरह घर के काम में व्यस्त रही. रात को मैं तो समय पर खाना खा कर सोने चला गया और मुझे नहीं पता चला कि माला कब सोने गई थी.

उसके बाद अगले पाँच दिन यानि रविवार से बृहस्पतिवार तक बिल्कुल सामान्य निकल गए और कोई भी उल्लेखजनक प्रसंग नहीं हुआ.
शुक्रवार सुबह सात बजे जब मैं उठा और मुझे लघु-शंका के लिए जाना था इसलिए बाथरूम की और बढ़ा तो वहाँ पानी चलने की आवाज़ सुन कर थोड़ा ठिठका. लेकिन दरवाज़ा खुला देख कर मैं बाथरूम के दरवाज़े के पास जा कर अंदर झाँका तो देखा पूर्ण नग्न माला कपड़े धो रही थी.

मैं वापिस कमरे में आ गया लेकिन माला ने शायद मुझे देख लिया होगा इसलिए एक मिनट के बाद ही उसकी आवाज़ आई- साहिब, आप अंदर आ जाइए मैंने अपने आप को ढक लिया है.
मैं झिझकते हुए एक बार फिर बाथरूम में घुसा तो देखा की माला ने अपने शरीर को अपनी गीली साड़ी से ढक लिया था जो उसके जिस्म से बिल्कुल चिपकी हुई थी.

माला के बदन से चिपकी साड़ी में से उसका हर अंग मुझे दिख रहा था जिस कारण मेरा लिंग एक नाग की तरह अपना सिर उठाने लगा था. जब माला ने मुझे उस नाग के फन पर हाथ रख कर दबाते हुए देखा तब वह मुस्कराते हुए मेरी तरफ पीठ करते हुए बोली- साहिब, लगता है कि आपको बहुत तेज़ मूत आया है. मैं दूसरी तरह मुंह कर के बैठ जाती हूँ तब तक आप उससे निपट लीजिये.

पिछले शनिवार को हुई घटना के कारण मुझे माला की बात सुन कोई संकोच नहीं हुआ और मैंने भी मुस्कराते हुए झट से अपना लिंग निकाल कर मूतने लगा.
जब मैं मूत्र विसर्जन कर रहा था तब मैंने देखा कि माला मुड़ कर मेरे आठ इंच लम्बे लिंग को बहुत ध्यान से घूर रही थी. जैसे ही मैंने अपना सिर उसकी ओर घुमा कर उसकी आँखों में झाँका तो वह शर्मा गई और झट से मुड़ कर दूसरी तरफ देखने लगी.

मैं मूत्र विसर्जन से निपट कर जब कमरे में जाकर बिस्तर पर लेटा तब माला के नग्न शरीर के हर अंग की छवि मेरी आँखों के आगे एक चलचित्र की तरह घूमने लगी और मेरा मन उसे नहाते हुए देखने की लालसा ने जकड़ लिया. “Bahu Sexy Chudai”
इतने में जैसे ही मुझे शावर चलने की ध्वनि सुनाई दी, मैं समझ गया कि माला नहा रही होगी इसलिए मैं उठ कर बाथरूम में घुसा और पूछा- माला अभी और कितनी देर लगेगी? ज़रा जल्दी करो मुझे भी ऑफिस जाने के लिए नहाना एवम् तैयार होना है.

शावर की फुआर के नीचे नहाती पूर्ण नग्न माला ने जब मुझे उसके नग्न शरीर को घूरते हुए देखा तो अपने गुप्तांगों को हाथों और बाजुओं से छिपाते हुए बोली- बस समझिये नहा चुकी हूँ. अभी दो मिनट में बाहर आती हूँ.

माला के नग्न शरीर के ऊपर से फिसलती हुई पानी की बूँदें ऐसे लग रही थी जैसे सूर्य उदय के समय पेड़ एवम् पौधों की पत्तियों पर से मोती जैसी ओस की बूँदें फिसलती हैं.
मैंने बाथरूम से निकल कर दरवाज़े के पास खड़ा हो कर माला के निकलने की प्रतीक्षा करने लगा.

इस बार बाथरूम में माला के नग्न शरीर के भरपूर दीदार हो जाने के कारण मेरा लिंग तन कर खड़ा हो गया था जिसे ना तो मैंने छिपाने की और ना ही दबाने की चेष्टा करी.
कुछ देर के बाद माला ने अपने पेटीकोट को स्तनों के ऊपर बाँध कर और नीचे के शरीर को उसी से ढक कर बाहर निकली तब मैं दरवाज़े में ही खड़ा था.

अर्ध-नग्न माला जब मेरे पास से बाहर निकलने लगी तब मैंने थोड़ा से आगे सरक कर अपने लोहे जैसे सख्त लिंग को उसके जिस्म के साथ रगड़ने दिया.
मेरे लिंग की रगड़ महसूस होने पर माला पलट कर मुड़ी और मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और मेरे लोअर में बने तंबू को देख कर हंसती हुई वहाँ से भाग गई.      “Bahu Sexy Chudai”

उसके बाद मैंने बाथरूम में जा कर अपने सभी कपड़े उतार कर दरवाज़े के बाहर रख दिए और नहाते हुए माला को आवाज़ लगाईं- माला, मैंने मैले कपड़े बाहर दरवाज़े के पास रख दिए है उन्हें उठा लो और मैं तौलिया लाना भूल गया हूँ वह दे देना.

कुछ ही क्षणों में मैंने गर्दन मोड़ कर देखा की माला अपने हाथ में मेरा तौलिया लिए दरवाज़े पर खड़ी मुझे नहाते हुए देख रही थी तथा उसने मैले कपड़े उसके कंधे पर रखे हुए थे.
उसकी ओर देखते हुए मैंने मुड़ कर अपने शरीर की दिशा को उसकी तरफ कर दिया ताकि वह मेरे तने हुए लिंग को भी अच्छी तरह से देख ले.
मेरे आठ इंच लम्बे तने हुए लिंग को एक बार फिर देख कर उसकी आँखें फट गई और वह अपने खुले मुंह पर हाथ रख कर वहाँ से हट गई.

मेरे नहाने के बाद जैसे ही माला ने शावर के बंद होने की आवाज़ सुनी तो वह मुझे तौलिया देने के लिए एक बार फिर बाथरूम के दरवाज़े मुस्कराते हुए खड़ी हो गई.
माला की मुसकराहट का उत्तर मैंने भी मुस्करा कर दिया और उसके पास आ कर तौलिया लेकर अपने बदन को पौंछता रहा.
जब माला वही खड़ी मुझे देखती रही तब मैंने पूछा- तौलिया तो दे दिया है अब क्या देख रही हो? क्या कुछ चाहिए है या फिर कुछ कहना है?

माला को शायद मुझसे ऐसे प्रश्न की आशा नहीं थी इसलिए शर्माते हुए मुड़ कर रसोई की ओर जाते हुए बोली- नहीं, मुझे अभी कुछ नहीं चाहिए. मैं तो यह कहने आई थी की नाश्ता तैयार है आप जल्दी से तैयार हो कर खाने की मेज़ पर आ जाइये.

मैंने तैयार हो चाय नाश्ता किया और ऑफिस चला गया तथा शाम छह बजे के बाद रोजाना की तरह घर वापिस आया तथा शाम की चाय पी और रात को खाना खाने के बाद सो गया.
रात को लगभग तीन बजे दरवाज़ा खड़कने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गई और जब मैंने उठ कर देखा तो पाया की रसोई की ओर वाली बालकनी का खुला दरवाज़ा हवा के तेज़ झोंके से खुल बंद रहा था.

मैंने उस दरवाज़े को चिटकनी लगा कर बंद किया और बाकी के दरवाज़े एवम् खिड़कियाँ देखते हुए जब स्टोर में पहुंचा तो देखा की माला सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट पहने हुए सीधा सो रही थी.
माला के ब्लाउज के ऊपर वाले दो बटन ही सिर्फ बंद थे और सोते हुए ऊपर सरक जाने के कारण उसके दोनों उरोज उसमें से बाहर निकल गए थे.
क्योंकि माला एक टाँग सीधी और दूसरी टाँग ऊँची कर के सो रही थी इसलिए उसका पेटीकोट उसके घुटनों के ऊपर हट कर उसकी कमर तक सरक गया था और उसकी योनि और जघन-स्थल का क्षेत्र बिल्कुल नग्न हो रहा था.

मैंने कमरे की लाईट जला कर उस कमरे की खुली खिड़की को बंद किया जिसका माला को कुछ पता नहीं चला और वह वैसे ही सोई रही.
कमरे की लाईट की रोशनी में मुझे उसके जघन-स्थल के काले घने बालों के बीच में छुपी ही योनि और उसके गुलाबी होंठ दिखाई दिया.
उस सुबह बाथरूम में घटित घटना और उस समय सोई हुई माला के खुले उरोज और योनि को देख कर मैं उत्तेजित होने लगा और मेरे लिंग ने अपना सिर उठा लिया.
मैं काफी देर तक असमंजस की स्थिति में वहीं खड़ा उसको देखता रहा. “Bahu Sexy Chudai”

मैं कुछ देर तक असमंजस की स्थिति में वहीं खड़ा माला को देखता रहा. और फिर जब अपने पर नियंत्रण नहीं रख सका तब अपने एक हाथ से उस उरोजों को तथा दूसरे हाथ से योनि को सहलाने लगा.
माला के उरोज पर हाथ रखते ही मैं दंग रह गया क्योंकि वह बहुत हो ठोस एवम् सख्त था लेकिन उनकी त्वचा बहुत ही मुलायम थी. उसके जघन-स्थल के बाल बिल्कुल रेशम की तरह मुलायम थे और उसकी योनि डबल रोटी जैसे फूली हुई थी तथा उसका भगांकुर एक मटर के दाने जितना मोटा था.

मेरे हाथों द्वारा माला के उन अंगों के छूते ही उसने आँखें खोल दी लेकिन बिना हिले डुले वह मेरी ओर बहुत कामुक दृष्टि से देखने लगी. मैं समझ गया कि वह भी वासना की आग में जल रही थी इसलिए मैंने झुक कर अपने होंठ माला के होंठों पर रख दिये और तेज़ी से उसके अंगों को मसलने लगा.
माला ने मेरे होंठों का स्वागत उन पर अपने होंठों का दबाव डालते हुए किया और उन्हें चूसते हुए अपनी जीभ को मेरे मुंह डाल दी. कुछ देर तक होंठों एवम् जीभ के इस आदान प्रदान के बाद मैंने माला को अपनी बाजुओं में उठा कर अपने कमरे में ले जा कर बिस्तर पर लिटा कर पास में लेट गया.          “Bahu Sexy Chudai”

मेरे लेटते ही माला तथा मैं एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे और जैसे ही मैंने उसके उरोजों और भगांकुर को सहलाने लगा उसने भी मेरे लोअर के अंदर अपना हाथ डाल कर मेरे लिंग को सहलाने लगी.
अगले दस मिनटों तक इस क्रिया के करते रहने से हम दोनों इतने उत्तेजित हो गए की माला के अंगूर जितने मोटे चूचुक बहुत सख्त हो गए और मेरे लिंग की नस फूलने लगी. तब मैंने माला की चूचुक को मुंह में ले कर चूसने लगा और अपने हाथ की बड़ी उँगली को उसकी योनि में डाल कर अंदर बाहर करने लगा.
माला ने भी मेरे लिंग की त्वचा को पीछे सरका कर लिंग-मुंड को बाहर निकाल लिया और फिर उसके किनारों को अपनी उँगलियों एवम् अंगूठे से सहलाने लगी.

लगभग दस मिनट की इस क्रिया से दोनों ही अत्यंत उत्तेजित हो गए और मेरे लिंग में से पूर्व-रस की कुछ बूँदें निकल गई और माला की योनि में से भी रस का रिसाव होने लगा. उस हालत में जब मैंने माला की आंखों में आँखें डाल कर देखा तब उनकी मदहोशी ने मुझे संसर्ग शुरू करने के लिए प्रेरित कर दिया.

मैंने तुरंत उठ कर माला का ब्लाउज एवम् पेटीकोट उतार कर उसे नग्न किया और फिर अपनी टी-शर्ट एवम् लोअर उतार दिया. फिर मैं पीठ के बल बिस्तर पर लेट गया और माला को मेरे लिंग के ऊपर बैठने का इशारा किया.
मेरा इशारा समझ कर माला मेरी कमर के दोनों ओर टांगें कर के नीचे हुई और मेरे लिंग को हाथ से पकड़ कर अपनी योनि के मुंह की सीध में कर के उस पर बैठ धीरे से दबाव दिया.

कुछ ही क्षणों में जब मेरे लिंग-मुंड ने माला की योनि में प्रवेश किया तब माला के चेहरे कुछ असुविधा एवम् कष्ट की रेखाएं दिखाई दीं और उसके मुंह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… की सीत्कार निकली.
उस सीत्कार को सुन कर मैंने पूछा- क्या हुआ? बहुत दर्द हुआ क्या?      “Bahu Sexy Chudai”
माला ने सिर हिलाते हुए कहा- हाँ, बहुत दर्द हुई है. पति के दुबई जाने के बाद पहली बार इसमें कोई लिंग प्रवेश कर रहा है इसलिए.
मैंने कहा- थोड़ी देर ऐसे ही रुकी रहो और जब दर्द कम हो जाए तब आराम से धीरे धीरे अन्दर प्रवेश कराओ.

माला दो मिनट तक वैसे ही बैठी रही और फिर जब कुछ सहज हुई तब उसने एक बार फिर नीचे की ओर दबाव बनाया तो मेरा पूरा लिंग एक झटके से उसकी योनि में घुस गया.
ऐसा होते ही माला जोर से ‘आह्ह.. मर गई’ की चीत्कार मारते हुए मेरे ऊपर लेट गई और मैंने देखा कि उसकी आँखों में आंसू निकल आये थे.
मैंने उसे अपनी बाहुओं में ले कर उसके गालों और होंठों चूमते हुए पूछा- क्या हुआ?
अपनी आँखों से निकले आंसुओं को पोंछती हुई माला बोली- आपका बहुत लम्बा और मोटा है. जब अकस्मात पूरा अंदर चला गया तो बहुत दर्द हुआ.
मैंने पूछा- क्या मेरा लिंग तुम्हारे पति के लिंग से अधिक बड़ा है?
उसने कहा- जी हाँ, आपका बहुत ज्यादा बड़ा है. उनका तो सिर्फ साढ़े चार इंच लम्बा और एक इंच मोटा है. वह तो सिर्फ गर्भाशय के मुंह तक ही जाता है उसके अंदर नहीं. आपका तो मेरे गर्भाशय के अंदर भी घुस गया है तभी तो बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है.

उसके बाद माला अगले पाँच मिनट तक मेरे ऊपर लेटी रही और अपने ठोस एवम् सख्त उरोज और चूचुक मेरे सीने में चुभाती रही तथा मैं उसकी पीठ एवम् नितम्बों को सहलाता एवम् मसलता रहा.
पाँच मिनट के बाद उसने मेरे ऊपर उठ कर बैठ कर अपने कूल्हों को हिलाया और जब मेरा लिंग उसकी योनि के अन्दर ठीक से सेट ही गया तब वह उचक उचक कर उसे योनि के अन्दर बाहर करने लगी.
पाँच मिनट तक वह आहिस्ता आहिस्ता ऐसा करती रही और फिर उसके बाद वह बहुत तेज़ी से उछल उछल कर संसर्ग करने लगी.

माला को ऊपर बैठ कर संसर्ग करते हुए अभी दस मिनट ही हुए थे कि उसका शरीर अकड़ गया तथा उसकी योनि में बहुत तेज़ संकुचन हुआ और वह सीत्कार मारते हुए मेरे ऊपर लेट गई.
पसीने से भीग रही माला हाँफते हुए बोली- बस, मैं थक गई हूँ और नहीं कर सकती. अब आप ही ऊपर आ जाइये.

उसकी बात सुन कर मैंने करवट ली और उसे अपने नीचे लिटा लिया और खुद ऊपर चढ़ कर संसर्ग करने लगा. क्योंकि माला की योनि ने अभी तक मेरे लिंग को जकड़ रखा था इसलिए मुझे उसे अन्दर बाहर करने में बहुत अधिक रगड़ लग रही थी.
मैंने माला से कहा- तुम्हारी योनि बहुत कसी हुई है जिससे मुझे संसर्ग करने में काफी दिक्कत हो रही है. थोड़ा ढीली करो ताकि मैं अन्दर बाहर कर सकूं.
मेरी बात सुन कर उसने कहा- मेरी कसी हुई नहीं है बल्कि आपका बहुत फूला हुआ है.  “Bahu Sexy Chudai”

मैंने माला की बात सुन कर जब अपने लिंग को उसकी योनि में से थोड़ा निकाल कर देखा तो वह सचमुच में बहुत फूला हुआ दिखाई दिया.
मैंने उसी हालत में संसर्ग शुरू किया और इस डर से की मेरा शीघ्रपतन न हो जाए मैं आठ-दस धक्के मारने के बाद रुक जाता.
मेरे द्वारा पाँच-छह बार ऐसा करने पर माला ने जो की काफी देर से सिसकारियाँ ले रही थी एक जोर की सीत्कार मारी और उसकी योनि में से गर्म गर्म रस का रिसाव हो गया.
उस रस स्त्राव से माला की योनि में बहुत चिकनापन हो गया जिससे मेरे लिंग पर कम रगड़ लगने लगी और मैं बहुत सहजता से तेज संसर्ग करने लगा.

अगले पन्द्रह मिनट तक मैंने बहुत तेज़ी से धक्के लगाते हुए संसर्ग किया और इस दौरान माला ने तीन बार बहुत जोर से सीत्कार ली तथा उसकी योनि में से रस का स्त्राव हुआ.
इसके बाद मैंने अत्यंत तीव्रता से धक्के लगाये जिस कारण योनि लिंग के संसर्ग से निकली फच.. फच.. की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.
माला उस आवाज़ को सुन कर अत्यंत उत्तेजित हो गई और अपने कूल्हे उठा उठा कर मेरे हर धक्के का उत्तर देते हुए मेरा साथ देने लगी.

पाँच मिनट की इस अत्यंत तीव्र क्रिया के बाद उसने मुझे बहुत ही जोर से अपनी बाजुओं में जकड़ लिया और अपने हाथों के नाखून मेरी पीठ में गाड़ दिए. मैंने उसके नाखूनों की चुभन को सहते हुए उसी तीव्रता से संसर्ग करता रहा और कुछ ही क्षणों में माला ने बहुत ही ऊँची आवाज़ में एक लम्बी चीत्कार मारते हुए मेरी कूल्हे एवम् कमर को अपनी टांगों से जकड़ लिया.
उसी अत्यंत उत्तेजित स्थिति में माला की योनि में बहुत ज़बरदस्त सिकुड़न हुई और उसमें से निकलने वाले रस के लावा मेरे लिंग को गर्मी पहुँचाने लगा.

उस गर्मी के मिलते ही मेरे लिंग ने उस योनि रस के लावा को ठंडा करने के लिए वीर्य रस की बौछार कर दी. कुछ ही क्षणों में मेरे लिंग से वीर्य रस का इतना विसर्जन हुआ कि उससे माला की योनि पूरी भर गई तथा वह उमसे से रस बाहर निकल कर बहने लगा.
पैंतीस-चालीस मिनट के इस घमासान संसर्ग में हम दोनों पसीने से भीग गए थे और हमारी सांसें फूल गई थी इसलिए अगले दस मिनट तक हम उसी तरह एक दूसरे से चिपक कर लेटे रहे.

इन दस मिनट में माला ने मुझे गालों एवम् होंठों पर लगभग कई बार चूमा और कहा- साहिब, आप में बहुत सहन-शक्ति है. मैंने अब तक के जीवन में पहली बार इतनी देर यौन संसर्ग किया और कई बार स्खलित भी हुई हूँ. मेरे पति तो तीन से पाँच मिनट में निपट जाते है. वह खुद तो स्खलित हो जाते थे लेकिन उन्होंने मुझे एक बार क्या, कभी भी स्खलित नहीं किया था.
उसकी बात सुन कर मैं उसके ऊपर से उठते हुए बोला- तुम्हें तो बिल्कुल नया और बहुत अच्छा अनुभव मिला होगा. क्या तुम्हें आनन्द एवम् संतुष्टि मिली या नहीं?      “Bahu Sexy Chudai”

माला भी उठते हुए बोली- हाँ, यह पहली बार है जो मुझे बहुत अच्छा एवम् एकदम नया अनुभव मिला है और साथ में आनन्द और संतुष्टि किसे कहते है यह भी पता चल गया है. लेकिन एक शिकायत यह है कि आपका लिंग बहुत लम्बा है और जब वह मेरी गर्भाशय की दीवार से टकराता है तो मेरे जिस्म में एक झुरझुरी सी उठती है जिससे पूरे शरीर हलचल मच जाती थी. क्योंकि ऐसा मुझे पहली बार महसूस हुआ है इसलिए मैं नहीं जानती कि उस झुरझुरी एवम् हलचल को क्या कहूँ आनन्द या संतुष्टि या फिर दोनों?
मैंने चुटकी लेते हुए मुस्करा कर माला से कहा- ऐसा करो, इसके बारे में अम्मा जी से पूछ लो.
माला मेरी बात सुन कर हंसते हुए बोली- धत, क्या कोई लड़की अपनी सास से ऐसी बातें पूछती है?

इसके बाद हम दोनों बाथरूम में घुस गए और अपने गुप्तांगों को साफ़ कर के फिर बिस्तर पर एक दूसरे से चिपक कर सो गए.

रात में कामवाली की युवा बहू के साथ सेक्स के बाद हम दोनों सो गए थे.

उस दिन सुबह आठ बजे मेरी नींद खुली तो देखा नग्न माला मेरी ओर करवट किये मेरी बाएं बाजू पर सिर रखे सो रही थी और उसके दोनों उरोज मेरे सीने से चिपके हुए थे. उसका बायाँ बाजू मेरे कंधे के ऊपर से मेरी पीठ पर था तथा उसने उससे मुझे जकड़ा हुआ था और उसका दायाँ बाजू हम दोनों के बीच में था तथा उसका वह हाथ मेरे लिंग पर रखा हुआ था. उसकी दाईं टाँग बिल्कुल सीधी मेरी बाईं टाँग से चिपकी हुई थी तथा उसकी बाईं टाँग मुड़ी हुई थी और उसका घुटना मेरी दोनों टांगों के बीच में था.   “Bahu Sexy Chudai”

उसका चेहरा सुबह की रोशनी में चमक रहा था तथा उस पर एक अबोध बच्चे के जैसी मासूमियत थी जिसे मैं बिना हिले डुले चुपचाप निहारते हुए बीती रात के प्रसंग के बारे सोचने लगा.
रात के प्रसंग के बारे में सोचते ही मेरे लिंग में चेतना आने लगी और पूरे शरीर में एक रोमांच की लहरें उठने लगी.

कहते हैं कि उत्तर पश्चिम यूरोप के एक देश में हुए शोध से पता चला है कि पुरुष के लिंग को पूर्ण चेतना में लाने के लिए किसी भी स्त्री को अधिक से अधिक दस सेकंड ही लगते हैं.
लेकिन मेरा लिंग तो बिना किसी स्त्री की सहायता लिए, सिर्फ उसके साथ किये संसर्ग के बारे में सोचने से ही सात सेकंड में उस स्थिति में पहुँच गया.

इससे पहले मैं कोई अगला कदम उठता मुझे मेरे लिंग पर माला के हाथ का दबाव महसूस हुआ और मैंने गर्दन नीची करके उसे देखा तो वह जाग गई थी और मंद मंद मुस्करा रही थी. मेरी गर्दन नीचे झुकने से जैसे ही मेरा चेहरा उसके पास आया उसने अपना सिर ऊँचा करते हुए मेरे होंठों को चूम मुझे कस कर जकड़ लिया.
प्रत्युत्तर में मैंने भी उसे अपनी बांहों में इतनी जोर से भींचा कि उसकी सीत्कार निकल गई और उसके उरोज मेरे सीने में गड़ने से उसे पीड़ा का अनुभव हुआ.

माला की सीत्कार सुन कर मैंने जैसे ही अपनी पकड़ ढीली की, उसने मुझे हल्का धक्का दे कर सीधा किया और मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गई. मैं तुरंत उसके दोनों उरोजों को हाथों से सहलाने लगा और उनकी चूचुक को उंगलियों एवम् अंगूठे के बीच में लेकर मसलने लगा.
मेरा ऐसे करते ही जब उसके शरीर में उत्तेजना की लहरें दौड़ने लगी तब वह थोड़ा पीछे हो कर मेरी जाँघों पर बैठते हुए मेरे लिंग को पकड़ कर सहलाने तथा हिलाने लगी. “Bahu Sexy Chudai”

जब मैंने अपने एक हाथ को उसके उरोज से हटा कर उसकी जाँघों के बीच में डाल कर उसके भगांकुर को सहलाने लगा तब वह उचक पड़ी. उसने तुरंत पलटी होकर मेरे लिंग को अपने मुंह में भर लिया और अपनी योनि को मेरे मुंह के आगे कर दिया.
मैंने उसका न्योता स्वीकार किया और अपने दोनों हाथों से उसके नितम्बों को पकड़ कर उसे नीचे खींच कर उसकी योनि पर अपना मुंह गाड़ दिया.

जैसे ही मेरी जीभ उसके भगांकुर को छूती, माला का शरीर में कंपकंपी की लहर दौड़ जाती और वह अपनी योनि को मेरे मुंह पर दबा देती. उसके ऐसा करते ही मैं अपनी जीभ को उसकी योनि के डाल देता और उसके अन्दर घुमा कर उसकी उत्तेजना की आग में घी डालने का काम करता.

जब माला के मुंह से सिसकारियाँ निकलती, तब मेरी उत्तेजना बढ़ जाती और उसके मुंह में मेरा लिंग-मुंड फूल जाता जिस से उसकी आवाज़ निकलना बंद हो जाती.

दस मिनट तक इस युगल पूर्व क्रिया करते हुए जब हम बहुत उत्तेजित हो गए तब मैंने माला को उठा कर बिस्तर पर पटक दिया और एक ही झटके में अपने लोहे जैसे सख्त लिंग को उसकी सिकुड़ी हुई योनि में घुसेड़ दिया. “Bahu Sexy Chudai”

पूरे लिंग का एक ही झटके में योनि के घुसते ही माला तडप उठी और पैर पटकती ही बहुत ऊँची एवम् लम्बी चीत्कार मारती हुई बोली- आह्ह… ओह्ह.. मेरी माँ… हाय.. मैं मर गईईई… क्या आप आराम से नहीं कर सकते? बड़ी बेदर्दी से मार डाला मुझे.

मैं समझ गया कि उसे बहुत दर्द हुआ होगा तभी के लिए वह ऐसा बोल रही है इसलिए मैं चुपचाप बिना कुछ उत्तर दिए उसके ऊपर लेट गया.
पाँच मिनट के बाद वह बोली- मैं नीचे दब रही हूँ, मेरा दम घुट रहा है. थोड़ा ऊँचा हो जाइए ताकि मेरे ऊपर वज़न कम हो जाये.

मैंने माला की आँखें डाल कर उसकी ओर देखते ही मैं समझ गया कि उसका दर्द कम हो गया था और वह संसर्ग के लिए तैयार थी. तब मैंने थोड़ा ऊँचा होकर संसर्ग शुरू किया और अपने लिंग के मुंड को उसकी योनि के अंदर ही रखते हुए बाकी का हिस्सा बाहर निकाल कर फिर अंदर धकेलने लगा.

लगभग दस मिनट तक धीरे धीरे धक्के मारने के बाद जब मैंने तेज़ धक्के लगाने शुरू किये तब माला भी अपने कूल्हे ऊपर उठा कर मेरा साथ देने लगी. जब मैं लिंग को योनि से बाहर खींचता तब वह कूल्हे नीचे कर लेती और जब मैं लिंग को योनि के अंदर धकेलता तब वह कूल्हे ऊँचे उठा कर उसका स्वागत करती. “Bahu Sexy Chudai”

तेज़ संसर्ग को करते हुए पाँच मिनट ही हुए थे जब माला की योनि में से रस का रिसाव होना और उसके मुंह से सिसकारियों का निकलना शुरू हो गया. रस के रिसाव से योनि के अंदर स्नेहन हो जाने से मेरा लिंग बहुत तेज़ी से उसके अंदर बाहर जाने लगा और कमरे में फच फच का स्वर गूंजने लगा.
मैं दस मिनट से तेज़ी से संसर्ग कर रहा था और माला मेरा पूरा साथ दे रही थी तभी उसने कहा- और अधिक तेज़ी से करिए मैं प्रेमोन्माद की चरमसीमा पर पहुँचने वाली हूँ.

क्योंकि मैं भी कामोन्माद के समीप पहुँचने वाला था इसलिए मैंने माला की बात मानते हुए अत्यंत तीव्रता से धक्के लगते हुए अपने लिंग को उसकी योनि के अंदर बाहर करने लगा.
मैंने अभी आठ दस तीव्र धक्के ही लगाये थे कि माला चिल्लाई- आह.. ओह्ह… उईईमाँआआ….. मैं गईईई… मैं मर गई… माँआआ….
इसके साथ ही उसकी योनि में गर्म गर्म रस की बाढ़ आ गई जिसमें मेरा लिंग गोते खाने लगा और रस की ऊष्मा लगते ही लिंग ने अपनी पिचकारी चला कर ढेर सारा वीर्य रस उगल दिया. “Bahu Sexy Chudai”

हम दोनों पसीने से लथपथ थे तथा बुरी तरह से थके हुए हांफ रहे थे इसलिए मैं माला के ऊपर ही लेट गया और अगले दस मिनट हम वैसे ही लेटे रहे.
जब हमारी साँस में सांस वापिस आई तब माला मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर उन्हें चूसने लगी और मेरे सिर तथा पीठ पर बहुत प्यार से हाथ फेरने लगी.

मैं अभी कुछ देर और उसके ऊपर ही लेटा रहना चाहता था लेकिन मेरे लिंग के सिकुड़ कर माला की योनि से बाहर निकल जाने के कारण योनि में से निकल रहा दोनों का मिश्रित रस बिस्तर गीला करने लगा था.
जैसे ही माला को गीलापन महसूस हुआ उसने झट से अपनी योनि पर हाथ रख कर रस को बहने से रोका और मुझे धक्का दे कर अलग करते हुए उठी और बाथरूम में भाग गई.

मैं भी अपने ढीले लिंग को हाथ में पकड़े जब उसके पीछे बाथरूम में गया तब देखा कि माला अपनी योनि साफ़ करने वाली ही थी.
मैं झट से उसके पास जा कर खड़ा हो गया तथा अपने लिंग को उसकी ओर बढ़ा दिया तब माला ने अपनी योनि को धोना छोड़ कर मेरे लिंग को पकड़ कर पहले तो चूमा और फिर उसे चूस एवम् चाट कर बिल्कुल साफ़ कर दिया.

उसके बाद जब माला नीचे बैठी अपनी योनि को पानी से धो रही थी तब मैंने शावर खोल दिया और माला को खींचते हुए उसके नीचे अपने साथ नहलाने लगा. शावर के नीचे दोनों ने एक दूसरे के शरीर को अच्छे से मल कर नहलाया और फिर बदन पोंछ एवम् कपड़े पहन लिए.

उस दिन के बाद अम्मा के वापिस आने तक माला रात हो या दिन मेरे ही साथ मेरे बिस्तर पर नग्न सोती थी और हम दोनों हर रात एक बार तथा अवकाश के दिनों में तो दो से तीन बार संभोग करते थे.

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