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हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ती हूँ और आनन्द लेती हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगी। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रही हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रही थी। अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरा नाम इशिका है। मैं भरतपुर, (राजस्थान) की रहनी वाली हूँ। मेरे फेमिली में सब काफी पढ़े लिखे है और नौकरी कर रहे है। मेरी उम्र 26 साल की है। अभी कुवारी हूँ पर अनेक मर्दों से चुद चुकी हूँ। मुझे जवान और हैंड्सम लड़के काफी पसंद है और उनको देखकर मुझे उनसे प्यार हो जाता है। फिर मैं लड़को से चुदवा लेती हूँ। आपको बता दूँ की मेरा हाईट कम है। 5’ 3” की हूँ पर मस्त लड़की हूँ। मेरा फिगर 34 28 32 का है। मेरा भरा हुआ बदन मेरे जिस्म से दिखता है और मेरा रंग भी काफी गोरा है। हमेशा अपने बाल खोलकर चलती हूँ। मेरे उड़ते बाल और जुल्फों को देखकर लड़को का दिल मचल जाता है। वो सब मेरे रूप और खूबसूरती के दीवाने हो जाते है।

आपको जो स्टोरी सुना रही हूँ वो मेरी डबल चुदाई की स्टोरी है। मेरे चाचा के लकड़े विक्रम से मेरा अफेयर काफी दिनों से चल रहा था। उसके साथ कई बार सेक्स हो गया था। कुछ दिनों बाद विक्रम का बर्थडे आने वाला था। वो हमारे घर आया और मुझसे कहने लगा की उसके बर्थडे पर मुझे जरुर आना है। फिर मैं भी उसके घर पर चली गयी। उस दिन विक्रम बहुत स्मार्ट दिख रहा था। उसने व्हाईट कलर का कोट पेंट पहना था। जिसमे वो बहुत जंच रहा था। मैंने फूलो का बुके विक्रम को दिया।

“हलो भाई!! आज बहुत जम रहे हो” मैंने फूल वाला बुके उसे देते हुए कहा

“इस्स्स्स!! मुझे भाई मत कहा करो। जिसके पास तेरी जैसी मस्त जवान लड़की होगी वो तेरा भाई तो नही बनना चाहेगा। तू भी किसी से कम नही दिख रही है इशिका!!” विक्रम बोला

मैंने रेड कलर की लोंग कुर्ती और लेगी पहनी हुई थी। मेरे 34” के मस्त मस्त दूध मेरी कुर्ती से दिख रहे थे। गले से हल्के हल्के सफ़ेद दूध की झलक विक्रम को मिल रही है

“थैंक्स विक्रम!!” मैंने कहा

“तुझे देख लेता हूँ तो नियत डोल जाती है। आओ मिलो इनसे। ये है मेरा सबसे क्लोस फ्रेंड विहान!!” विक्रम बोला

विहान ने मुझे हेलो कहा और हाथ आगे बढ़ा दिया। फिर मैंने भी विहान से हाथ मिलाया। उसके बाद हम तीनो बाते करने लगे। मेरा चचेरा भाई मुझे कई बार चोद चूका था इसलिए मैं उससे खुलकर चूत चुदाई की बात करती थी। विक्रम मुझे चोदने के लिए पूछने लगा। वो कहने लगा की आज मैं विहान और उससे डबल चुदाई करवा लूँ। एक लौड़ा चूत में ले लूँ और दूसरा गांड में ले लूँ। मैंने आजतक डबल लंड नही खाया था पर आज मेरा भी दिल कर रहा था। बर्थडे की पार्टी खत्म होने के बाद मैं चाचा के घर पर रुक गयी। फिर रात में विक्रम और विहान मेरे रूम में आ गये।

“भाई!! किसी से देखा तो नही??” मैंने पूछा

“नही!! सब सो रहे है” विक्रम बोला

उसके बाद दोनों मेरे आजू बाजू आकर लेट गये और मुझे छूने लगे। रात को मैं नाईट सूट पहनकर लेटती थी। धीरे धीरे विक्रम और विहान मेरे मस्त मस्त दूध पर हाथ लगाने लगे तो मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”करने लगी। दोनों मेरे एक एक गाल पर चुम्मा लेने लगे और मुझे प्यार कर रहे थे। मेरा नाईट सूट को उतरवा दिया और अब मैं ब्रा और पेंटी में आ गयी।

“विहान!! देख मेरे बहन कैसी है???? क्या तुझे अच्छी लगी???” विक्रम विहान से पूछने लगा

विहान ने मेरे बड़े बड़े दूध को ब्रा के उपर छुआ और सहलाने लगा। फिर मेरी दोनों चूचियों पर हाथ घुमाने लगा। मुझे बड़ा मजा मिला।

“भाई विक्रम!! तेरी बहन तो जबरदस्त सामान है। तू नसीब वाला है जो ये तुझको अपनी मस्त मस्त चूत दे देती है” विहान मेरे बूब्स को प्रेस करके बोला

फिर विक्रम भी मेरी मस्त मस्त चूचियों को दबाने लगा। खूब आनन्द हम तीनो को आने लगा। दोनों ने बारी बारी से मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे रसीले होठो को चूसा। दोस्तों लड़के तो गुटका तम्बाकू खाते है इसलिए उनके होठ काले और भद्दे हो जाते है। पर हम लड़कियाँ किसी तरह का पान मसाला नही खाती है जिसकी वजह से हमारे ओंठ बहुत सुंदर दीखते है। विहान और विक्रम से बारी बारी मेरे होठ चूसकर मुझे और गर्म किया। मेरे मुंह में दोनों से अपनी जीभ घुसाकर मुझसे चुसाई। जिसके बाद मैं चुदासी लड़की बन गयी। अब दोनों गांडू मेरी सफ़ेद पेंटी पर हाथ घुमाने लगे।

मेरी चूत पर ऊँगली चला रहे थे। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। दोनों दोस्तों से मेरी पेंटी पर काफी ऊँगली चलाई और खूब सहला दिया जिससे मैं बड़ी सेक्सी महसूस करने लगी। फिर दोनों से अपनी अपनी जींस खोल दी और मेरे दोनों हाथो में लौड़ा दे दिया। आज पहली बार मैं दो दो लौड़े से खेल रही थी।

“इशिका!! पहले तुम 1 लौड़ा चूसती थी पर आज तुमको 2 2 लौड़े को चूसकर खड़ा करना है” विक्रम बोला

उसके बाद दोनों मर्द लेट गये और मैं बैठ गयी और दोनों का लौड़ा हिलाने लगी। दोस्तों दोनों के लौड़े काफी मोटे तगड़े थे। विक्रम का 8” लम्बा था और विहान का तो 10” था जो काफी खतरनाक दिख रहा था। मैं अपनी खूबसूरत उँगलियों से दोनों के लंड फेटने लगी और मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था। दोनों मर्द आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह् करने लगे। फिर मैं झुक कर मुंह में लेकर चूसने लगी।

“ohh yes beby चूसो इसे!! और अंदर तक मुंह में लो!!” विहान बोला

मैंने उसके लौड़े को और अधिक मुंह में ले लिया और मस्ती से चूसने लगी। दूसरे हाथ से विक्रम का लौड़ा फेट रही थी। काफी देर तक चुस्ती रही। फिर मुंह से विहान का लौड़ा निकाल दिया और विक्रम का लेकर चूसने लगी। सिर हिला हिलाकर मेहनत कर रही थी। विहान से इसी बीच मेरी पेंटी उतार दी और पीछे से मेरे चूतड़ सहलाने लगा। फिर पीछे से मेरी चूत और गांड में ऊँगली करने लगा।

“तुम तो बहुत सेक्सी हो बेबी!!” ऐसा विहान कहने लगा

फिर मैं और जादा खुश हो गयी और मेहनत से उसके लौड़े को फेट फेटकर चूसने लगी। काफी मजा आया इसमें। विक्रम और विहान दोनों ने बारी बारी से मेरी चूत में ऊँगली की और अंदर बाहर करते रहे। फिर गांड में ऊँगली कनरे लगे तो मैं काँप गयी और “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। बड़ा आनन्द आया दोस्तों। दोनों मर्दों ने मुझे काफी गर्म कर दिया था।

“बेबी!! क्या तुमने कभी डबल लौड़ा खाया है” विहान पूछने लगा

“नो!!” मैंने कंधे उचकाकर बोला

“आज तुमको डबल लौड़ा मिलेगा” विहान बोला

उसके बाद दोनों दोस्त मेरी एक एक चूची को हाथ लगाने लगा। सहला सहलाकर दबा रहे थे। दोस्तों मेरे दूध बहुत सेक्सी और मलाई जैसे मुलायम थे। खूब मजा आया रहा था। दोनों जब जब हाथ से मेरे बूब्स प्रेस करते थे तो कितना आनन्द आता था। फिर दोनों गांडू मेरी एक एक चूची मुंह में लेकर एक साथ चूसने लगे तो बड़ा आनन्द मिला। आज मुझे हर तरह का मजा डबल डबल मिल रहा था। दो दो मर्द आज मेरी नर्म नर्म चूची को मुंह में लेकर चूस रहे थे। मेरी चूत अपना पानी छोड़ रही थी। मैं खुद भी अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी।

बड़े देर तक विक्रम और विहान मेरे सेक्सी जिस्म से खेलते रहे। मुझे फॉरप्ले करते रहे और पूरी तरह से चुदासी बना डाला। उसके बाद विक्रम नीचे लेट गया और मुझे अपने उपर ले लिया। मैं उलटी होकर विक्रम के उपर बैठ गयी। उसने होले होले मेरी गांड में 8” लंड घुसा दिया। फिर विहान उपर से आ गया और मेरी चूत में लंड डालने लगा। मुझे दर्द होने लगा। मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। मुझे काफी दर्द हो रहा था। पर फिर दोनों मर्दों के लंड मेरी गांड और चूत में घुस गये। फिर दोनों मुझे चोदने लगे “अई. .अई..अई…..मर गयी!! मर गयी मैं … उ उ उ उ उ…” मैं ऐसा कहने लगी। दोनों लड़के मुझे चोदने लगे। मुझे बड़ा अलग तरह का अहसास हो रहा था। मेरे दोनों छेदों में मोटे मोटे लंड दौड़ लगा रहे थे जिसकी वजह से मुझे काफी उत्त्जेना और चुदास वाला नशा मिल रहा था। दोनों बारी बारी से लंड मेरे छेदों में डालकर फाड़ रहे थे।

मैं तो मरी जा रही थी। “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” मैं चिल्लाने लगी तो मेरे चचेरे भाई ने मेरे मुंह पर अपना हाथ रखकर दबा दिया वरना फेमिली के लोग सुन लेते। दोनों मस्ती से मेरी चूत और गांड को फाड़ रहे थे। मैं तो मरी जा रही थी। मेरी आँखों से गर्म गर्म आंसू निकलने लगे। दर्द भी हो रहा था पर मजा भी बहुत आ रहा था। मुझे मीठा दर्द दोनों छेद में हो रहा था।

“चोदो!! आज मुझे चोद चोदकर रंडी बना दो!! किसी रांड की तरह फाड़ दो मेरे भोसड़े को!!” मैं उत्तेजना में बकने लगी

मेरी नशीली कामोत्तेजक आवाज सुनकर दोनों दरिन्दे बन गये और जल्दी जल्दी अपने पाने अपने लौड़े मेरे सेक्सी चोदनीय छेदों में दौड़ाने लगे। मेरी पीठ विक्रम की तरह थी। मैं उलटा मुंह करके उसके उपर लेटी थी और विहान सबसे उपर था और मेरी चूत फाड़ रहा था। इस तरह से दोनों ने 20 मिनट मेरे छेद को फाड़ा और फिर झड़ गये। “सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” बोलकर विहान कापते हुए मेरी चूत में झड़ गया। फिर मेरा चचेरा भाई विक्रम भी मेरी गांड में झर गया। अब मैं नीचे उतर आई और बेड पर लेटकर आराम करने लगी। मेरी बुरी हालत थी और दोनों छेदों में काफी दर्द हो रहा था।

“बेबी! आई लव यू!! बहुत मजा दिया तूने!!” विहान बोला

उसके बाद विहान ने मेरी टाँगे खोल दी और चूत में जीभ लगाकर चाटने लगा। मुझे फिर से वो मजा देने लगा।

“कुछ देर रुक जाओ!! अभी तो मेरी चूत में दर्द हो रहा है” मैंने विहान से कहा

पर वो गांडू माना ही नही। अपना मुंह लगा लगाकर मेरी गुलाबी चूत को किसी चोकलेट की तरह चाट रहा था। दोस्तों लड़को ने मुझे फाड़ मेरी चूत को फाड़ फाड़कर उसका भरता बना दिया था। मेरा छेद तो अब और भी बड़ा हो गया था। विहान मेरी टांगो और खूबसूरत चिकनी जांघो को बार बार किस कर रहा था। “तुम बहुत हॉट माल हो इशिका बेबी!!” वो बार बार कहे जा रहा था। उसके मुंह में मेरी चूत का सफ़ेद माल लगा हुआ था। मेरी चूत की एक एक पंखुड़ी को वो मजे लेकर चूस रहा था। बड़ा आनन्द मुजको भी देख रहा था। मैं फिर से अब “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी।

“चाटो विहान!! मेरी खूबसूरत चूत को और चाटो!! अच्छे से चूसो!!” मैंने किसी छिनाल बेशर्म लड़की की तरह कह रही थी

विहान भी पूरे जोश में भर गया और मजे लेकर चूसने लगा। मेरी चूत के सेक्सी कामुक होठो को वो ऐसे चूस रहा था जैसे कोई रबड़ी मलाई मिल गयी हो। फिर से चूत में ऊँगली नही पूरा अंगूठा ही कुत्ते से पेल दिया और मुझे तड़पाने लगा। मैं फिर से कसमसाने लगी। उई उई करने लगी। मेरे चूत के दाने को विहान से अपने दांत से खींचना शुरू कर दिया। मुझे लगा की मैं मर न जाऊं। कमीना मुझे अपना घर का माल समझकर खींच रहा था। जैसे कुत्ते मुर्गी को देखकर नोचने लग जाते है। इस दौरान मुझे दर्द हुआ पर मजा भी बहुत मिला। उसके बाद विहान का लौड़ा फिर से टनटना गया और किसी तट्रोफी की तरह खड़ा हो गया। उस बहनचोद ने फिर से अपना लंड पकड़कर मेरे भरे और गद्दीदार चूत में डाल दिया और मुझे घमा घम पेलने लगा।

“आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…फाड़ो!! और तेज फाड़ो मेरे भोसड़े को!! ….सी सी सी सी..हा हा हा..” मैं बदहवास होकर कहने लगी। मैं अपने दांतों से अपने होठ काटने लगी। इस समय मैं कोई हाई क्लास काल गर्ल दिख रही थी। विहान भी पूरी तरह से चोदू बन गया और कमर उठा उठाकर मेरी चूत की गहराई में लंड को कुदाने लगा। वो किसी रेसर की तरह अपना लंड रूपी बाइक को अपनी चूत की सड़क पर दौड़ाये जा रहा था।

“विहान चोदो!! और चोदो मेरी बहन को!!” उधर से विक्रम बोला

वो हम दोनों की चुदाई का लाइव शो देखने लगा। अब विहान और जोश में भर गया और इतनी जल्दी जल्दी चोदने लगा की मैं आप सबको क्या बताऊं। विहान की आँखे लाल लाल किसी कातिल की तरह दिख रही थी। वो बहनचोद मेरी आँखों में देख देखकर मेरी चूत का भरता बनाए जा रहा था। मेरी एक एक हड्डी चट चट चटक रही थी क्यूंकि विहान मुझे किसी रंडी की तरह घमा घम हावी होकर पेल रहा था। वो हरामी मुझे अपनी गर्लफ्रेंड समझकर पेल रहा था। पका पक!! उस गांडू ने मेरे माथे पर पसीना ला दिया।

“आह झड़ी मैं…..अब झड़ जाउंगी!!” ऐसा बोलते हुए मेरी कमर मरोड़ खाने लगी और मेरा बदन ऐठने लगा। फिर मेरी भोसड़ी से अपनी चूत का पानी किसी पिचकारी की तरह छोड़ दिया।

“इशिका बेबी!! यू आर ए फकिंग सेक्सी गर्ल!! फकिंग हॉट!!” विहान कहने लगा

मेरी झड़ती हुई चूत में उसने फिर से लंड घुसा दिया और फिर से पेलने लगा। मेरी रंडी की तरह फटी चूत अपना पानी छोड़ रही थी और इसी कस्मकश में विहान मुझे लगातार चोदे जा रहा था। “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” मैं कहने लगी और अपना मखमली पेट उपर उठाने लगी। विहान ने मेरी गले में हाथ डाला और मुझे अपने मुंह की तरह खींचा। फिर मेरे सेक्सी गुलाबी चिकने होठो को चूसने लगा। मुझे अपनी तरह उठाकर चोदता रहा। कुछ मिनट बाद वो झड़ गया और अपने माल से मेरी चूत का कुवां भर दिया। फिर लंड बाहर निकालकर विहान हट गया।

अब मेरे चाचा का लड़का मुझसे जलने लगा और आकर तुरंत मेरी चूत को मेरी पेंटी से साफ किया और लंड मेरी चुद्दी में डालकर मुझे चोदने लगा। विक्रम अब मुझे जलन और इर्षा में चोदने लगा और पका पक बजाने लगा। कुछ देर बाद वो भी झड़ गया। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।


[Total: 22    Average: 3.2/5]

हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ता हूँ और आनन्द लेता हूँ आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगा आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रहा हूँ कई दिन से मैं लिखने की सोच रहा थाअगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना

मेरा नाम गोविंद है। मैं अभी 21 साल का हुआ हूँ। मै देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता हूँ। मेरे मोहल्ले की सारी लडकियां मरती हैं मुझ पर। लेकिन मैं भी किसी को लिफ्ट नहीं देता। मेरे एटीट्यूड को देख कर अच्छे अच्छे घर की लडकियां भी फ़िदा हो जाती हैं। लेकिन सच तो ये था कि किसी भी लड़की से बोलने से मेरे को डर लगता था। इसीलिए मैं कभी किसी लड़की को नार्मल फ्रेंड के अलावा गर्लफ्रेंड नहीं बना पाया। मेरे को एक लड़की इंटर में पसंद भी आई। उसके साथ थोड़ा नैन मटक्का भी हुआ। उसका नाम जानवी था। उसके पापा आर. टी.ओ ऑफिसर थे। उनकी पोस्टिंग कही और हो गयी। जानवी भी उन्ही के साथ चली गयी। मै उसके बड़े बड़े बूब्स पर ही फ़िदा हुआ था। उसकी चूंचियो को मैं आज तक नही भूल पाया।

मेरे नसीब में लग रहा था चूत की एक भी झलक देखनी नही लिखी है। लेकिन क्या पता था चूत और दूध के साथ गांड भी मेरे को मेरे घर में ही मिल सकती है। वो भी दीदी जैसी खूबसूरत लड़की की। वो भी अप्सरा लग रही थी। मेरा लंड दीदी को देखते ही मीनार बन जाता था। फ्रेंड्स ये बात कुछ ही दिन पहले की है जब मैंने अपनी दीदी से चुदाई करना सीखा। उनका नाम चारू है। वो बहुत ही हॉट और सेक्सी लगती है। उनके कसमसाती बदन को देखने में बहुत ही आनंद मिलता है। मै भी उनको खूब ताड़ता था। लेकिन मैंने अभी तक उनको चोदने की नजर से नहीं देखा था।  मै और चारु दीदी सभी लोग साथ में हाल में आ गए।कुछ मेहमान भी आये थे। दीदी ने बहुत ही जबरदस्त कपड़ा पहना था। कंधे पर उनके नेट वाला कपड़ा था जिससे उनकी ब्रा की पट्टियां अच्छे से साफ़ साफ़ पिंक कलर की दिख रही थी। लेकिन मुझे क्या पता था की आज इन्हें छूने का अवसर भी मिलेगा। मैने अभी तक किसी को नहीं चोदा था। मेरे अंदर चोदने की तड़प मुझमे कूट कूट कर भरी हुई थी। दीदी ने अपने इस रूप का दर्शन कराके मेरा लंड खड़ा कर दिया।

मेरा सिकुड़ा लंड बड़ा होने लगा। मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था। मेरा लंड पैंट को फाड़कर बाहर आने को मचलने लगा। मेरी दीदी ये सब शायद देख रही थी। मैं वहाँ से किसी तरह से भाग कर बाथरूम में आया। 10 मिनट तक हाथ से काम चलाने के बाद मेरा माल निकल आया। सब माल निकाल कर थोड़ा रिलैक्स फील क़िया। उसके बाद मैंने पैंट पहना और फिर से सबके पास चला आया। अब मेरा लंड सिकुड़ चुका था। दीदी ने केक काटा। सभी लोग तालियां बजा कर हैप्पी बर्थडे टू यू……. कहने लगे। उसके बाद सब लोग खाना खाकर मजे से बात कर रहे थे। रात काफी हो चुकी थी। पडोसी और सारे मेहमान अपने अपने घर चले गए। घर पर मम्मी पापा ही थे। वो लोग भी थक हुए थे और अपने रूम में जाकर कुछ ही देर बाद सो गये। मुझे और दीदी को नींद ही नहीं आ रही थीं। हम दोनों लोग आज भी एक ही रूम में सोते थे।

दीदी: गोबिंद तुम्हे नींद आ रही है?

मै: नहीं दीदी मुझे नहीं आ रही आपको??

दीदी: मुझे भी नहीं आ रही है यार!!

मैं: दीदी चलो हम सब बात करते हैं।

दीदी का बिस्तर मेरे बिस्तर से दूर था।

दीदी: तेज बोलोगे तो आवाज होगी। तुम मेरे बेड पर ही आ जाओ।

मै: ओके दीदी!!

दीदी: और बताओ आज पार्टी में मजा आया।

मै: बहुत मजा आया। वो आपकी फ्रेंड निहारिका बहुत अच्छी लग रही थी।

दीदी: क्यों मै अच्छी नही लगती क्या??

मैं: अपनी तो बात ही न किया करो आपसे से भी कोई अच्छा हो सकता है क्या??? “आप तो करोडो में एक हो” ऐसा मैंने उनकी गुलाबी रंग की ब्रा की तरफ देखते हुए कहा।

दीदी: तुम्हारी नजर कहाँ है।

मै: कही नहीं। मैं तो दीवाल देख रहा था। मुझे डर लगने लगा।  

दीदी: गोबिंद मेरी पीठ में खुजली हो रही है।

मै: दीदी मै खुजला देता हूँ।

दीदी अपना पिछवाड़ा मेरी तरफ करके लेट गई। मै  खुजलाने लगा। उनकी ब्रा की पट्टियां मेरे हाथों में लग रही थी। मेरा लंड तो रॉकेट की तरह खड़ा होनेलगा। मै बहुत ही बेचैन होने लगा। हुक सहित मै पूरे ब्रा की पट्टियों पर हाथ फिराने लगा। वो मुझे देख कर हँसने लगी। मै “क्या बात है दीदी”

दीदी: देख लो मेरी पीठ पर लाल लाल तो नही हुआ है कुछ। मुझे अब भी खुजली हो रही है।

मै: नहीं दीदी आप जाकर शीशे में देख लो।

दीदी: देख लो यार आज मुझे मना न करो मेरा बर्थडे है।

इतना कहकर उन्होंने अपनी नेट वाली टी शर्ट को उठाकर गले पर कर लिया। मुझे सब कुछ साफ़ साफ़ दिख रहा था। उनका मुह टी शर्ट से ढका हुआ था। मैंने उनके गोरी गोरी चूंचियों को देखने के लिए अपना आगे भी देखने लगा। आगे की चूंचियो को देखकर मैं पीछे की खुजली की बात करने लगा। उनकी गोरी चूंचियो को देखकर मैंने कहा: दीदी सब नार्मल है। कही एक भी दाग नहीं नजर आ रहा।

दिल तो कर रहा था। अभी इन बड़े बड़े मम्मो को काटकर खा जाऊं। मेरी नजर ही वहाँ से नहीं हट रही थी। दीदी ने अपने टी शर्ट को मुह से हटाया। तो मेरे को  चुच्चो को ताड़ते हुए देख ली।

 मैंने कहा: दीदी मै अभी इधर एक कीड़े को जाते देखा था। पता नही कहाँ गायब हो गया!

दीदी ने कहा: मुझे इस टी शर्ट में खुजली हो रही है। मैं इसे निकाल देती हूँ।

इतना कहकर उन्होंने निकाल कर चादर ओढ़ ली। मुझे भी ठण्ड लगने लगी। मैंने कहा- “दीदी मै जा रहा हूँ अपने बिस्तर पर मुझे ठण्ड लग रही है”

उन्होंने चादर उठाते हुए मुझे ढका और चिपकाने लगी।

मेरे सीने में उनकी 34″ की चूंचिया लग रही थी। मैं कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था। उनकी चूंचियो को दबाने को जी करने लगा।

दीदी: तुम अपनी किसी गर्लफ्रेंड को नहीं बुलाये थे मेरे बर्थडे पार्टी में??

मै: कोई होगा तभी तो बुलाऊंगा। जब कोई है ही नहीं तो किसको बुला लूं??

दीदी: हमसे झूठ बोल रहे हो तुम??

मै: नहीं दीदी मै झूठ नहीं बोल रहा। आपकी कसम!!

दीदी: तुम इतने बड़े हो गए। और तेरे को ये सब प्यार मुहब्बत वाली ए बी सी डी नहीं पता

मै: नही मेरे को नहीं पता!!

दीदी ने मेरी तफरी लेनी शुरु कर दी। मुझसे पता नहीं क्या क्या कहकर मजाक करने लगी। मै भी चुपचाप सब सुनता रहा। वो कुछ देर बाद हँसना बंद की तो मैंने कहा: इतना भी नहीं है कि मैं कुछ नही जानता। मैंने अभी तक कुछ किया नहीं है। लेकिन मुझे सबकुछ पता है।

दीदी: तू भी ब्लू फिल्म देखता है।

मै: हाँ देखता हूँ तुम्हारे ही फ़ोन से!!

दीदी चौंक गई। सच दोस्तों मुझे इसका कोई पता नहीं था कि वो भी देखती हैं। मैंने भी ऐसे तैसे अपनी सारी बात कह डाली।

दीदी कहने लगी: आज बर्थडे के मौके पर एक शो सनी लियॉन मैडम का देख ही लेते है। मैंने भी हाँ में हाँ मिला दी। दीदी ने अपना लैपटॉप उठाया और एक इयरफोन लगाकर देखने लगी। मैं भी एक इयरफोन लगाकर आवाज सुन रहा था।

दीदी देख देख कर गरम होने लगी। कंधे पर रखे अपने हाथों से मुझे दबाने लगी। मै भी मौक़ा नहीं गवाना चाहता था। आज मैं अपने अंदर के भड़ास को निकालना  चाहता था। मैंने भी उनके हिम्मत करके उनकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया। मेरा भी अब मन चोदने को करने लगा। इतने में सनी की चुदाई ख़त्म हो गईं।

दीदी ने कहा : एक और देखते है ऐसे कर करके हमने दो तीन ब्लू फिल्म देखी।

मैने पैंट में हाथ डालकर लंड के टोपे को छुआ। मुझे कुछ चिपचिपा लगा। मेरा लंड अपना थोड़ा सा माल निकाल चुका था। मै दीदी की तरफ देखकर मुस्कुराने लगा। वो अपना चुदासी मुह बनाये मुझसे कहने लगी: चलो हम लोग भी ऐसे ही करते हैं।

दीदी की बाते सुनकर मैं दंग रह गया। मेरे दिल की बात बोल डाली उन्होंने। मैंने भी सीधा बनने का नाटक किया। मै: मै आपको कैसे चोद सकता हूँ। तुम मेरी बड़ी बहन हो।

दीदी: मुझे पता है तुम मेरे सगे भाई हो। लेकिन चुदाई करने से कुछ हो थोड़ी न जायेगा।

मैं: मम्मी जान गई तो हम दोनों लोग घर से भगा दिए जाएंगे

दीदी ने जाकर दरवाजा बंद कर दिया। वापस बेड पर आकर मेरे से आकर चिपकते हुए।

दीदी: अब कोई नहीं जान पायेगा। आज मुझे तुम अपना लंड बर्थडे गिफ्ट समझ कर दे दो!!

मै ले लो दीदी आज तुम मेरे लंड को कोन वाले आइसक्रीम की तरह चाट कर चूसो। कुतिया की तरह वो हवस की पुजारन आकर मेरे लंड पर अपना हाथ रख दी। वो कहने लगी: भैया जी आज तुम मेरे सैयां जी बन जाओ। आज मुझे किसी चीज के लिए ना मत करना।

मैंने कहा: ठीक है मेरी प्यारी बहना आज तेरा ये भाई भी देख तेरी हर तरह की ख्वाहिश कैसे पूरी करता है।

इतना कहकर मैंने अपना पैंट निकाल दिया। अब मेरा डिक्सी सकॉट का अंडरबियर को फैलाये मेरा लंड रॉकेट की तरह उड़ने को तैयार था। वो मेरे मेरे कच्छे में ही मेरा लंड पकड़कर साइज़ नापने लगी।

 दीदी- वाओ… कितना बड़ा और मोटा है!!

मै: दीदी अभी तो ये और बड़ा होगा।

दीदी को मेरा लंड देखने की बहुत ही बेचैनी होने लगी। उन्होंने एक झटके में मेरा कच्छा मेरे लंड से जुदा कर दिया। मेरा लंड देख कर उनकी आँखे फ़टी की फटी रह गई। वो अपने मुह पर हाथ लगाकर जोर से सांस ली। फिर हाथ लगाकर मेरा लंड सहलाने लगी। लंड के टोपे का ख़ाल सरक कर नीचे आ गया। गुलाबी होंठो से मेरे गुलाबी टोपे को चूसने लगी। मै लेट कर अपना कमर उठा उठा कर चुसवाने लगा। वो पूरा टोपा मुह में लेकर चूस रही थी। मैंने उनके बालो को पकड कर पूरा लंड उनके मुह में घुसा दिया। मेरा लंड उनके गले में जाकर फस गया। कुछ ही देर में दीदी की साँसे फूलने लगी। वो मुझे विनती भरी आँखों से देख रही थी। नाखूनों को मेरी गांड में गड़ा रही थी। मैंने उचक कर उनके मुह से अपना लंड निकाल लिया। दीदी ने चैन से सांस ली।

वो मेरे गांड पर मार कर बुरा भला कहने लगी। मैनें उनके होंठो पर अपने पर रख कर उनका मुह बंद करवा दिया। ब्लू फिल्म के इंग्लिश पोर्न स्टारों की तरह मै जोरदार  किस करने लगा। दीदी को भी भाई आज अपने भाई पर नाज करवा दिया। लगातार मैंने उनके होंठो की 10 मिनट तक चुसाई कर लाल लाल कर दिया। दोनों चुच्चो को देखकर मुझसे रहा नहीं गया। मैंने दोनों को एक एक हाथ में पकड़ कर दबाने लगा। वो गर्म  होने लगी।  वो“……अई…अई….अई……अई....इस स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिसकारी भरने लगी।

मैंने ब्रा को निकाल कर दोनों लटकते बड़े बड़े दूध को चूसने लगा। गोरी गोरी चूंचियो पर काले रंग का निप्पल बहुत ही रोमांचक लग रहा था। दीदी भी बहुतखुश हों रही थी। मुझे अपने मजेदार चूंचियो में दबाकर बहुत ही मजे से उसका रसपान करवा रही थी। मै निप्पलों काट काट कर उनकी चीखे निकलवा रहा था। वो जोर जोर से उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँऊँ…ऊँ….” की मनमोहक आवाज निकाल मुझे पागल कर रही थी।

मैंने कहा: दीदी अब अपने कुएं का दर्शन करा दो।

दीदी: आओ मेरे कुएं के महाराज मै तुम्हे दर्शन के साथ साथ उसका पानी भी पिलाती हूँ।

इतना कहकर वो अपनी जीन्स को निकाल कर पैंटी में हो गई। मुझे उनकी निकली सफ़ेद सफ़ेद गोरी गांड साफ़ साफ़ पैंटी में दिख रही थी। दीदी ने अपनी पैंटी को निकाल कर नंगी हो गई। मैंने उनको लिटा दिया। दोनों टांगो को खोलकर मैंने उनकी चूत के दर्शन किया। मैंने जिंदगी में पहली बार आज चूत का साक्षात् दर्शन कर रहा था। मैंने दीदी की रसमलाई की तरह चूत पर जीभ लगाकर पीना शुरू किया। दीदी बहुत ही गर्म हो गई। कुछ ही देर में वो कहने लगी: गोबिंद बाबू अब न तड़पाओ मेरी चूत मे अपना लंड भर दो।

मैंने सेक्स स्टोरी में पढ़ा था कि तड़पा कर चोदने में बहुत मजा आता है। मैं भी वैसा ही कर रहा था। मैंने उनकी बात मान ली। अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा। चूत पर रगड़ते ही वो और तड़पने लगी। मेरा लंड पकड़ कर वो अपनी चूत में घुसाने लगी। मैंने भी धक्का मार ही दिया। मेरा टोपा अंदर घुस गया। वो जोर जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीखे निकालने लगी। मैंने उनका मुह दबाकर आवाज दबा दिया। उसके बाद मैंने जोर का धक्का मार कर पूरा लंड घुसा दिया। वो दर्द से तड़पने लगी।

 मैंने चुदाई करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में उनकी आवाजे धीमी होने लगी। मैंने अपना हाथ उनके मुह से हटा लिया। वो भी अपनी चूत को उठा दी। दीदी सनी लियॉन की तरह ओह्ह…फ़क..फ़क मी…. ओह्ह माई गॉड फ़क… की आवाजे निकाल कर चुदवा रही थी। मैंने भी चुदाई तेज कर दी। दीदी कहने लगी: तेरा लंड तो बहुत मजा दे रहा है। और जोर से चोदो मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैंने कहा: मै थक गया हूँ। अब तुम ही चुदाई करो!!

इतना कहकर मै लेट गया। वो मेरे लंड पर चूत रख कर बैठ गई। पूरा लंड चूत में घुसाकर वो जोर जोर से उछल उछल कर चुदवाने लगी। मै भी अपना लंड उठा उठा कर पेल रहा था। घच पच घच्च पच्च की आवाज के साथ वो चुदाई करने में मस्त थी। आवाजों को सुनने के लिए वो जल्दी जल्दी उछल कर चुदवा रही थी। मेरा लंड बहुत ही अकड़ रहा था। मैंने अब एकाग्रचित होकर चुदाई करने के लिए उनको झुका दिया। मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसाकर कमर पकड़ लिया। उसी के सहारे से पूरा लंड जड़ तक पेलने लगा। वो आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की चीखों के साथ चुद रही थी।

दीदी के कुएं में से पानी आ गया। लंड को निकालते ही झरने की तरह सफेद दूधिया माल निकलने लगा। मैंने सारा का सारा माल चाट कर पी लिया। माल की खुशबू मुझे बहुत अच्छी लगी। मैंने दीदी की गांड मारने के लिए अपना लंड छेद पर लगा दिया। लंड को डालते ही उनकी गांड फट गई। वो फिर से जोर जोर चिल्लाने लगी।  उनकी गांड बहुत ही टाइट थी। मेरा लंड चोदने में बहुत ही रगड़ खा रहा था। मै उनकी गांड को फाड़ता हुआ तेज तेज से चुदाई कर रहा था। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ गांड हिला हिला कर चुदाई करवाने लगी। मेरा लंड अब और भी ज्यादा टाइट होने लगा। दीदी की चूत पर मेरे लंड की दोनों गोलियां बहुत ही तेजी से लड़ रही थी। वो मेरी गांड का फालूदा कुल्फी बना डाला। मैंने दीदी से कहा: दीदी मै झड़ने वाला हूँ। कहाँ गिराऊं अपना माल।

दीदी: मेरी गांड में ही भर दो सारा माल। मैं भी अपने लंड का जूस दीदी की गांड में ही गिराने लगा। वो मेरे गर्म माल का अपनी गांड में एहसास कर रही थी। दीदी की गांड मैने लंड के गरमा गरम माल से भर दिया। लंड को निकलते ही टप टप करके वीर्य गांड से टपकने लगा। वो कुतिया की तरह नीचे गिरे सारे माल को जीभ से  चाट कर साफ़ कर दिया। साफ़ कपडे से अपनी गांड पोंछकर उन्होंने मेरे लंड को भी साफ़ कर दिया। एक रात चुदाई करके दीदी कोअपने लंड का आदि बना दिया। अब वो रोज मेरा लंड खाने को बेकरार रहती है। हम लोग खूब मजा करते है।  आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना आप स्टोरी को शेयर भी करना


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