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bhabhi

indiansexkahani.com यह मेरी पहली स्टोरी हे, जब मुझे पहली जॉब लगी थी. मेने मेरी पढ़ाई २०१६ में पूरी कर ली थी. मेने एक इंजीनियर कोलेज से पढ़ाई की थी. मेरा जब कोलेज ख़तम हुआ तो मुझे ग्रेट नॉएडा से नॉएडा शिफ्ट होना था. मेने नॉएडा से सेक्टर ३७ में एक थ्री बेड होल किचन का फ्लैट ले लिया था, मेरे ४ फ्रेंड थे और वह भी मेरे ही साथ रहते हे, जब मेरी जॉब नही लगी थी तो मै बोहोत निराश हो चूका था. मेरे ही बिल्डिंग में एक भाभी रहती थी. और उसकी उमर मेरे ख्याल से २८ साल के आस पास होगी लेकिन वह लगती एकदम २१ साल की थी. उसने आपने शरीर को बहोत ही अच्छी तरह से रखा था और उसका फिगर भी बहोत धांसू था. मेरे ख्याल से वह रोजाना कसरत करती होगी तब जाकर इतना सुंदर और सेक्सी शरीर उसने रखा था. में हमेशा ही उनपे लाइन मारता था. और उनसे बात करने का मोका ही खोजता रहता था. एक बिन मुझे मौका मिल ही गया.

में हमेशा रात में चेट पे ऑनलाइन ही रहता हु क्योंकि में बहोत टेंशन में होता था और आप लोगो को तो पता ही हे की टेंशन में कभी अच्छी नींद नहीं आ सकती हे. एक रात में जब में चाट शेयर कर रहा था तो मुझे रितु नाम से एक २०० मीटर की रेंज में एक लड़की मिली. मेने उससे बात करनी स्टार्ट की तो तो पता चला की वो मेरे ही बिल्डिंग में रहती है. एंड और बात करने पर मुझे पता चल गया की ये कौन है. ये वही भाभी थी जिनपे में में इतने दिन से लाइन मार रहा था. उन्होंने मुझे पहले भी बिल्डिंग में उनपे लाइन मारते हुए देखा था. तो वो मुझे पहचान गई थी. उसने मुझे पूछा की तुम इतना घूरते क्यों रहते हो मुझे? मेने बोला की आप के जैसी कोई हे ही नई इस बिल्डिंग में,एंड में जब भी आपको देखता हु तो कंट्रोल ही नही कर पाता अपनी आँखों पे.

उन्होंने एक स्माइली  भेजी. फिर उन्हो ने पूछा के तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड वगेरा हे की नहीं हे? मेने बोला की अभी तक तो नही है.

फिर मेने पूछा के में आपको इतना लाइन मारता हु तो आपको कैसा लगता हे, तो उन्होंने बोला की मेने उस तरह से आज तक सोचा ही नही हे. एंड इतना ध्यान ही नही दिया आज तक.

फिर मेने पूछा की तुम अभी भी  चेट क्यों इस्तेमाल करती हो आपकी तो शादी भी हो चुकी हे, तो उन्होंने बोला के उसके हसबंड के पास टाइम ही नही होता उसके लिये, तो इसलिए बोर होती रहती हु दिनभर, इसलिए  चाट करती हु, फिर ऐसे ही करते करते हमारी उस दिन बात सुबह के ५ बजे तक चली, फिर उसने बोला की उसको नींद आ रही है.

तो मेने बहाना बना कर उसका नंबर माँगा, तो उसने बोला की तुम अपना नंबर दे दो में व्हाट्सअप कर दूंगी, मेने अपना नंबर उसको सेंड कर दिया. फिर उसका कोई रिप्लाई नही आया शायद वो सो गयी थी, मेने भी फिर मेसेज नही किया एंड सो गया.

सुबह जब १२ बजे सो के उठा तो देखा के कोई मेसेज नही आया था. मेने फिर उसको  चाट पे ही पिंग किया. उसका उस टाइम तो कोई मेसेज नई आया तो में समजा की उसे कुछ जरुरी काम होगा इसीलिए वह मुझे जवाब नही दे रही हे. और में भी अपना काम करने लगा. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम लगभग ३ बजे के आस पास एक अनजाने नंबर से व्हाट्सअप आया, मेने डीपी चेक किया तो पता चला की भाभी ने  मेसेज किया था. मेने फिर उसको हेलो भेजा, एंड पूछा के सुबह से कोई मेसेज ही नही किया, तो उसने बोला की बिजी थी, मुझे आज मेरे पुरे घर की साफ सफाई करनी थी तो मुझे मेरा मोबाईल हाथ में लेने का भी टाइम नहीं मिला था. एंड अभी फ्री हुई हु, फिर ऐसे ही बात होने लगी, एंड उसने मुझे पूछा की मेरी गर्लफ्रेंड क्यू नही है?

मेने बताया की आज तक मौका ही नही मिला, एंड ये भी बताया की में बहोत बार फिसिकल हुआ हु रैंडम लडकियों के साथ. लेकिन कोई लड़की मेरे साथ दोस्ती नही करना चाहती थी.

तो उसने शोक्ड वाली स्माइली भेजी एंड पुछना स्टार्ट कर दिया की कैसे मिली वो सब लडकिया, मेने बताया की में स्टोरी लिखता हु और उस पर में लिखता हु के यह मेरी मेल आय डी हे और कोई आंटी, भाभी, लडकी मेरे साथ सीक्रेट सेक्स करना चाहती हे तो मुझे मेल करे उनकी सारी इच्छा पूरी की जाएगी और उनकी सारी बाते एकदम प्रायवेट रहेंगी जिस के कारण उनको लाइफ में आगे जाके कभी कोई प्रॉब्लम खड़ी ना होने पाए. तो मेरी कहानिया लडकिया भी पढ़ती हे तो मुझे उनके साथ करने का मोका मिल जाता हे. वही से मिली, एंड मेने उसको अपनी स्टोरी की लिंक भी भेज दी.

उन्हों ने पहले तो बोला की वो ये सब नही पढ़ती, एंड टोपिक चेंज कर के बात करने लगी, आज मेरा घुमने जाने का प्लान बना फ्रेंड के साथ, एंड में भाभी को बाय बोल के चला गया. में जब रात को वापस आया तो मेने मेसेज किया उनको.

पहले तो नोर्मल बात हो रही थी, फिर उन्होंने बताया की अच्छी स्टोरी हे, मेने बोला की ये मेरी रियल स्टोरी है.

मेने उनसे पूछा की उनको स्टोरी में सबसे अच्छा क्या लगा? तो में उनका रिप्लाई सुनकर शोक्ड हो गया, उन्होंने बताया की टेरेस पे सेक्स एंड मसाज वाली चीज, फिर मेने उन्हें बताया की मै आयल मसाज अच्छा करता हु. एंड पूछा की आपको ट्राय करना हे क्या मेरे हाथो से मसाज.

तो उनका थोड़ी देर तक तो कोई रिप्लाई नही आया, मेने फिर सोरी भेजा, एंड थोडा पोक किया तो थोड़ी देर बाद उनका ओके आया, मेने पूछा की ये ओके किस लिए, तो उन्हों ने बोला के वो मसाज के लिए रेडी हे, एंड एक स्माइली भेजी, मेने पूछा की आप कब फ्री हो? उन्होंने बताया की उनके हसबंड आज नही है क्योंकि वह उनके काम के कारण दो दिन के लिए एक टूर पर गये हुए हे और में घर पे अकेली हु.

तो मेने बाथ लिया एंड उनसे बिना पूछे ही रेडी हो के उनके फ्लैट के गेट के सामने गया. एंड बेल बजाई. उन्होंने गेट खोला तो वो एकदम शोक्ड हो गयी. पहले उन्हों ने अगल बगल चेक किया के कोई देख तो नही रहा एंड मुझे हाथ पकड के अन्दर खीच लिया. एंड मुझसे बोलने लगी की पूछ के तो आना था. मेरे फिर बोला की नेक्स्ट टाइम पूछ के ही आऊंगा. फिर उन्हों ने एक नॉटी वाली स्माइल दी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम फिर वो मुझे मेरा हाथ पकड़ कर खींचते हुए अपने बेडरूम के अन्दर ले कर गई. एंड थोड़ी देर तक तो बाते की, मेने फिर थोड़ी देर बाद उनसे खुद ही बोल दिया की कोकोनट ओइल ले आईये. उन्हों ने बोला की बड़ी जल्दी हे तुमको, मेने बोला हा. फिर वो उठी एंड एक बोटल में कोकोनेट ओइल लेकर आई. मेने उसको कपडे खोलने को बोला तो वो शर्माने लगी.

फिर में खड़ा हुआ एंड एकदम उसके पास गया. उसकी आँखों ने देखा एंड उसको एक टाईट सा हग किया. उसने फिर मुजको किस करना स्टार्ट कर दिया. मेने भी उसका साथ दिया. एंड हमने थोड़ी देर तक किस की, फिर मेने किस करते करते उसके शर्ट के बटन खोलना स्टार्ट कर दिया. मेने जब उसके पुरे के पुरे बटन खोल दिए तो वो शर्मा के मुझे और टाइट से हग करने लगी. मेने फिर बोला की इतना मत शरमाओ. मेने फिर बोला की अगर में नंगा हो जाऊ तब तो नही शरमाओगी ना? उसने बोला ओके.

मेने तुरंत ही अपनी टी शर्ट एंड शॉर्ट्स उतर दी. फिर में उसके पास गया. एंड उसकी भी शर्ट उतार दी, उसने आँख बंद की हुई थी. मेने फिर उसका लोअर भी उतार दिया एंड उसको बेड पे लेटने को बोला. वो उल्टा लेट गयी. मेरे फिर उसकी ब्रा भी खोल दी. एंड पेंटी भी साइड कर के उतार दी. अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. मेने फिर उससे बोला की तुम तो बिना कपड़ो के और भी सेक्सी लगती हो. एंड मेने फिर हाथ में ओइल लगाया. एंड उसके बेक पे मसाज करने लगा. वो अब थोडा थोडा ओपन हो गयी थी. उसको भी अच्छा लग रहा था. मेने फिर उसके शोल्डर एंड बेक पे मसाज किया. उसके बाद मेने उसके लेग पे ओइल लगाया. एंड लेग पे मसाज किया. वो पूरा एन्जॉय कर रही थी. एंड वो तड़प भी रही थी.

उसने अपने लेगस स्प्रेड कर लिए थे. में उसकी एसहोल एंड  चूत का क्रेक देख सकता था. मेने आयल वाला बाउल लिया एंड ओइल उसकी एसहोल पे गिराया. फिर उसकी गांड एंड चूत के आसपास वाले एरिया में मसाज करने लगा. वो थोडा थोडा मोअन कर रही थी. एंड अपने लेग्स और स्प्रेड कर दिये थे.

में समज गया की वो चाहती हे की में उसकी चूत पे मसाज करू. बट मेने उसको और तडपाने की सोची.

मेने उसको सीधा लेटने को बोला. वो बिना कुछ बोले ही पलट गई. मेने फिर उसके बूब्स पर धीरे से सारा ओइल गिराया. एंड उसके बूब्स को मसाज करने लगा. वो और जोर जोर से मोअन करने लगी. एंड खुद से ही अपनी पुसी को रब करने लगी.

मेने उसका हाथ पकड़ के रोक दिया. एंड बोला के कंट्रोल करो. मेने फिर उनके नवेल पे ओइल गिराया एंड उसके पेट वाले एरिया पे मसाज करने लगा.  उसके बाद में मसाज करते करते नीचे आने लगा. मेने उसके चूत के लिप्स के साइड पे मसाज किया एंड फिर धीरे से सारा ओइल उसकी चूत के ऊपर गिरा के उसकी चूत रब करने लगा. उसकी चूत आलरेडी बहोत वेट हो चुकी थी. अब तो मुझसे भी कंट्रोल नई हो रहा था. मेने फिर भी कंट्रोल किया. एंड उसकी चूत एंड गांड के होल पे मसाज करने लगा.

वो अपनी चूत उठा उठा के मुझसे मसाज करवा रही थी. मेने फिर थोडा और ओइल लिया. एंड उसकी चूत एंड गांड दोनों में एक साथ फिंगर दाल दी. उसने जोर से चीख निकाली. मेने और ओइल लगाया. एंड उसकी चूत एंड गांड दोनों में एक साथ स्लोली स्लोली फिन्गेरिंग कर रहा था.

वो अब बहोत तेज तेज से मोअन कर रही थी. मुझे उसकी वेट पुसी देख के कंट्रोल नई हो रहा था. मुझे चूत लिक करना बहोत पसंद है. मेने फिर फिन्गरिंग करते करते उसकी चूत लिक करनी स्टार्ट कर दी.

उसके बाद में उसकी क्लिट रब कर रहा था. एंड में उसकी चूत चाट रहा था. वो मेरे लिकिंग के साथ ही अपनी चूत ऊपर नीचे कर रही थी. एंड थोड़ी ही देर उसने मोअन की स्पीड बढ़ा दी. औउ आयी आह्ह्ह येस्स आह्ह येस्स्स्स ओह्ह औऔउ ऐईई येस्स ओह्ह्ह बेबीईई और करो आह्ह्ह अम्म्म. एंड चूत को मेरे मुह में और फ़ोर्स करने लगी. उसका जेसे ही पानी निकलने वाला था, तो वो अचानक से उठी एंड मेरा सिर पकड के अपनी चूत में सटा दिया. एंड अपना सारा कम मेरे मुह में ही निकाल दिया.

उसके बाद मैंने जब उसका कम मेरे जीभ से चाट लिया तो उसने मुझे ऊपर उठाया और मुझे किस करने लगी, और उसने अपना खुद का रस थोड़ा सा मेरे मुह में से पिया. हम दोनों के थूक एक दूसरे के साथ मिल रहे थे. फिर उसने मुझे किस करते हुए अपना एक हाथ मेरे लंड पर रखा और मेरे लंड को सहलाने लगी. उसके हाथ लगाते ही मेरी पूरी बॉडी में करंट सा लग गया और फिर मैं उसे बहुत जोर जोर से किस करने लगा. फिर उसने मुझे नीचे लेटने को कहा पर मैं बिना कुछ बोले लेट गया.

फिर उसने अपनी चूत मेरे मुंह के ऊपर रखी और मुझे बोली कि अब इसको चूस और वह मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. मुझे तो अपना लंड चूसाने में बहुत मजा आ रहा था और मैं अब उसकी चूत और अच्छे से लिक कर रहा था उसकी चूत अभी भी भीगी थी और उसका प्रिकम आ रहा था. उसने मेरे लंड को बहुत  देर तक सक किया लेकिन मेरा वीर्य बाहर नहीं आ रहा था, तो उसने बोला कि अब चुदाई करते हैं. मैं भी तुरंत रेडी हो गया, मैंने अपने शोर्ट से कंडोम निकाला और पूछा कि तुम पहनाओगी की में खुद पहन लू?

फिर उसने कहा मेरे हाथ से कंडोम छीन लिया और मेरे लंड पर पहनाने लगी. उसने मेरे लंड पर कंडोम पहना दिया और मेरे सामने देख कर बोली के मेरे होते हुए तुम्हारे लंड को तुम भी हात नहीं लगा सकते क्योंकि आब आज के बाद इस पर मेरा पूरा पूरा अधिकार हे. फिर मैंने उसको लेटने के लिए बोला और सीधी लेट गई. फिर मैंने उसके पैर पकड़े और उसको खोल दिया और फिर मैं धीरे धीरे बीच में गया और उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा.

फिर मैंने एक शॉट दिया और लंड उसकी चूत में डाल दिया पूरा का पूरा. उसे थोड़ा सा दर्द हुआ तो उसने आवाज निकाली मैंने पूछा क्या हुआ तो उसने बोला की बहुत दिन से किया नहीं है तो इसलिए मुझे दर्द हो रहा है. तुम्हारे अंकल तो मुझे कभी कभी एक महीने तक हाथ भी नही लगाते हे, और में एकदम तडपती रहती हु अपनी गर्म चूत की आग को शांत करने के लिए. मैने कहा की अब आप को तदपने की कोई भी जरूरत नहीं हे. आपकी जब इच्छा हो जाये तब आप मुझे बुला लेना, में वादा करता हु की यह बात सिर्फ हमारे दोनों के बिच ही रहेगी. फिर मैंने धीरे धीरे  से चुदाई शुरू कर दिया वह मेरे एक एक धक्के के साथ मौन कर रही थी. अहह अह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह ओह्ह ओह एस स्श्ह येस्स अह्ह्ह यस्स अहह्ह्ह  और मेरी पीठ पर अपने नाखून से निशान बना रही थी. फिर मैंने धीरे धीरे  अपनी स्पीड तेज कर दी. और उसको फुल स्पीड मैं जोर जोर से धक्के देकर चोदने लगा. और उसने और जोर से आवाजे निकालना स्टार्ट कर दिया आह्ह्ह औऊउ अह्ह्ह औऊ ओह्ह्ह आयी अह्ह्ह आऊह्ह ओह्ह्ह. उसकी आवाज इतनी सेक्सी लग रही थी उस टाइम तक मैं १० मिनट में ही मेरा कम आ गया.

फिर मैं उसकी साइड में ही लेट गया. अब वह मेरे हाथ पर अपना सिर रख कर लेट गई. और मुझसे बातें करने लगी और फिर उसने मेरे साथ बातें करते करते मुझे थैंक यू बोल दिया. मैंने पूछा किसलिए थैंक्यू बोल रही हो? तो उसने बोला की मुझे खुशी देने के लिए. उसने कहा की मुझे आज जितनी ख़ुशी हुई हे उतनी कभी मेरी जिंदगी में नहीं हुई हे. में आज तक अधूरी ओरत थी और आज तूने मेरी सारी इच्छा पूरी कर के मुझे एक सम्पूर्ण स्त्री बना दिया हे. फिर मैंने उसे वापस किस किया और बोला कि मैं बहुत नसीब वाला हूं कि मुझे तुम मिली, और थोड़ी ही देर में मेरा लौड़ा फिर से खड़ा हो गया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

उसने मेरे लंड को थूक लगाया और फिर खड़ा किया और फिर से चूसने लगी. जब मेरा लंड अच्छे से खड़ा हो गया तो उसने मुझे कंडोम मांगा. मैंने उसे कंडोम निकाल कर दिया.

उसने मुझे फिर से कंडोम पहनाया और मेरे लंड को कंडोम के ऊपर से फिर से सक करने लगी. मैंने फिर उसको बेड में धक्का दिया और उसके एक पैर को हवा में उठा कर उसकी चूत में लंड डाल दिया. इस बार मेरा लंड बहुत आसानी से उसकी चूत के अंदर घुस गया, और मैंने फिर से उसको चोदना शुरू कर दिया. फिर उसने मेरे कान के पास आकर बोला कि मुझे डॉगी स्टाइल में सेक्स करना है, मैंने बोला ठीक है. और फिर वह डॉगी वाली पोजीशन में आ गई.

मैंने पहले तो उसकी चूत पर थूक लगाया फिर उसकी चूत को बहुत चाटा. उसके बाद मैंने उसकी चुदाई स्टार्ट कर दिया. इस पोजीशन में चुदाई का और भी मजा आ रहा था पर मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और वह अपनी गांड आगे पीछे करते मेरा साथ दे रही थी.

मैंने कुछ देर तक उसको इसी पोजीशन में चोदा और उसके बाद मैंने उसे उसकी गांड मारने की परमिशन मांगी. तो पहले उसने एकदम से मना कर लिया, फिर वह बोली अगर तुझे मेरी गांड मारनी है तो पहले तुझे मेरी गांड को चूसना, चाटना पड़ेगा तो मैं तो बहुत खुश हुआ और हां कर दी. फिर मैंने उसकी गांड पर थूक लगाई और उसकी गांड को चाटने लगा. वह धीरे धीरे मोंन कर रही थी और फिर चिल्ला रही थी और जोर से चाटो.. और जोर से करो… मुझे बहुत मजा आ रहा… है फिर मैं उसकी गांड में अपनी जीभ  डालने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह घुस नहीं पाई.

फिर मैंने उससे पूछा कि क्या अब मैं कर सकता हूं? उसने बोला ठीक है, अब तुम मेरे    गांड को मार सकते हो. फिर मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और अपना लंड उसकी गांड के पास रखा और धीरे धीरे  अंदर घुसने की कोशिश करने लगा. फिर जब मैं उसकी गांड में लंड डालने की कोशिश करता तो वह उछल कर आगे चली जाती.

मैंने फिर थोड़ा सा तेल लगाया अपने लंड पर और उसकी गांड पर और फिर से कोशिश करने लगा इस बार मेरा लंड थोड़ा सा अंदर चला गया, तो वह चिल्लाने लगी इसे बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है आह्ह ईई अह्ह्ह हह्ह्ह ईई अह्ह्ह औऊ. लेकिन मैंने उसकी कुछ न सुनी और धीरे धीरे  धक्के लगाना शुरू कर दिया और फिर मैंने अपना पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया. मुझे उसकी कांड की पूरी स्किन फिल हो रही थी बहुत टाइट थी उसकी गांड. मैंने फिर अपने लंड पर और तेल लगाया और धीरे धीरे  उसको शॉट मारने लगा. थोड़ी देर में उसको भी मजा आने लगा और वह भी अपनी गांड आगे पीछे कर कर के मुझसे चुदाई करने लगी, और फिर वह चिल्लाने लगी और जोर से करो प्लीज़… और जोर से करो… आज मेरी गांड फाड़ के रख दो… प्लीज और जोर से करो… मुझे बहुत मजा आ रहा है… मैं तो डर रही थी कि गांड मारने में बहुत दर्द होता है लेकिन अब पता चला कि इसमें तो बहुत मजा आता है. फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और उसको तेज तेज से धक्के मारने लगा.

मैंने उसकी गांड में २० मिनट तक बहुत जोर जोर से धक्के लगाए और उसके बाद मैं थक गया. तो उसने बोला कि अब तुम लेट जाओ और मैं तुम्हारे ऊपर आती हूं तो मैं बिना कुछ बोले नीचे लेट गया और वह मेरे ऊपर आ गई. उसने मेरा लंड अपने गांड के अंदर डाला और मेरे ऊपर बैठ गई. मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया इस बार थोड़ा ज्यादा गया था. वह अब उछल उछल कर चुड रही थी. अब मुझे बहुत मजा आ रहा था और उसे भी मजा आ रहा था. फिर उसने अपनी स्पीड को और तेज कर दिया.

मैं थक गया था इसलिए मैं निकालना चाहता था अपना वीर्य. इसलिए मैंने उसको वापिस से डॉगी स्टाइल में आने को बोला तो फिर ऊपर उठकर डॉगी स्टाइल में खड़ी हो गई. और फिर मैंने उसकी गांड में अपना लंड डाल कर उसे चोदना शुरु कर दिया और फिर मैंने उसको बहुत देर तक चोदने के बाद मेरा कम थोड़ी देर में आ ही गया. मैंने वीर्य आने के बाद भी उसको चोदा, उसके बाद थक कर लेट गया.

वह भी बहुत थक चुकी थी और मेरे बगल में आकर लेट गई थी. हम दोनों ही थक गए थे. फिर मैंने मजाक में कहा कि अभी तो और भी पोजीशन ट्राई करनी है तो उसने बोला कि इस बार बालकनी में करेंगे. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

लगभग ३० मिनट के बाद मेरा लंड खड़ा हो गया उसने सहलाके  उसको और कड़क कर दिया. इस बार उसने बोला कि इस बार बिना कंडोम के ही मुझे चुदाई करनी हे.

पहले तो मैंने मना कर दिया लेकिन फिर मान गया. मैं उसको हाथ में उठाकर बालकनी में लेकर गया. वहां पर कारपेट बिछाया और उसको लिटा दिया. बालकनी में बहुत ठंडी ठंडी हवा चल रही थी, और मेरे लंड पे बहुत ठंडी हवा फिल हो रही थी, मुझे तो बहुत मजा आ रहा था.

उसके बाद मैंने उसकी दोनों टांगें हवा में उठाई और उसको चोदने लगा. उसे इस पोजीशन में बहुत मजा आ रहा था, मैंने उसके पैर हवा में ही देख खोल दिये और उसको जोर जोर से चोदने लगा. वह बहुत जोर जोर से आवाज  निकाल रही थी मैंने उसको बोला कि इतनी आवाज मत निकालो तो उसने आवाज धीरे कर दी.

उसके बाद मैंने उसको खड़ा होने को बोला और उसको दीवार से लगा कर खड़ा कर लिया और उसकी एक टांग हवा में उठाई और उसको फिर से चोदने लगा वह मेरी आंखों में देख रही थी और मैं उसको देख कर और जोर जोर से चोद रहा था. इस बार बहोत ट्राय करने के बाद में मेरा लंड का वीर्य नही आया.

मैं थक गया था और वह भी थोड़ा थक गई थी. फिर हमने डिसाइड किया कि सुबह उठकर फिर से मजे करेंगे. वह मेरे बगल में लेट गई और बोली प्लीज मुझे ऐसी ही चोदते रहना और फिर वह मेरे हाथ पर अपना सिर रखकर मेरी बाहों में ही लेट गई उसके बाद हम सो गए.

desi bhabhi हैल्लो दोस्तों, में विक्की एक बार फिर से आप चाहने वालों की सेवा में हाजिर हूँ। दोस्तों में लुधियाना पंजाब का रहने वाला हूँ। अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों मैंने हरलीन को ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले खूब चोदा और वो मेरे लिए एक बहुत अच्छा काम कर गयी थी। वो मुझे अपनी एक बहुत अच्छी सहेली से मिलवाकर उससे मेरी बात करवाकर यह देश छोड़कर जा चुकी थी। दोस्तों उसकी वो दोस्त भी उसी की तरह एक हाई सोसाइटी की औरत थी। उसकी उम्र करीब 34 साल के करीब थी और उसका नाम सिम्मी था। उसके बूब्स का आकार 38-34-36 था और उसकी लम्बाई करीब 5.6 इंच होगी। वो आसपास की किसी कोलोनी के बी-ब्लॉक में ही रहती थी और यह सभी मुझे कुछ दिनों बाद ही पता चला। दोस्तों अच्छे हंसमुख स्वभाव खुले विचारों की वजह से सिम्मी से मेरा बहुत ही कम समय में बहुत अच्छा रिश्ता बन गया था, इसलिए वो भी मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त बन चुकी थी। वो मुझसे बहुत हंसी मजाक किया करती थी। फिर एक दिन सिम्मी का मेरे पास फोन आया और वो उस समय बहुत रो रही थी, जब मैंने उससे इस तरह से रोने की वजह के बारे में पूछा तो उसने मुझसे कहा कि वो बहुत उदास है और उसने उसी समय मुझे कहीं मिलने के लिए कहा।
फिर मैंने उससे कुछ देर बातें करके शांत कर दिया और उसके बाद हम दोनों उसी शाम को एक माल में कॉफी की दुकान पर मिले, उस समय भी वो अपने चेहरे से मुझे बहुत ही उदास लग रही थी। फिर मैंने उससे उसकी उदासी की वजह के बारे में पूछा और तब उसने मुझे बताया कि उसके पति का एक तलाकशुदा औरत के साथ कुछ महीनों से चक्कर चल रहा है और उसके बारे में शक तो उसको बहुत पहले ही था, लेकिन उसको ठीक तरह से पता आज ही लगा है, क्योंकि उसने आज चोरी छिपे अपने पति के मोबाईल पर उसके कुछ गंदे मैसेज पढ़ लिए है, लेकिन उसने इस बारे में अपने पति से कुछ नहीं कहा और इस बात की वजह से वो अब अंदर ही अंदर घुटने लगी है, क्योंकि अब उसके पति ने उसके ऊपर ध्यान देना और उसके साथ सेक्स करना भी बहुत कम कर दिया है और इसलिए उसका पूरा बदन अब उस आग में जल रहा है, जिसके बारे में वो किसी को बता भी नहीं सकती। यह बात कहते हुए वो रोए जा रही थी और में उसको चुप करा रहा था।
फिर उसने कुछ देर शांत होने के बाद दोबारा मुझसे कहा कि उसने अपनी शादी से लेकर आज तक किसी और लड़के के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचा, क्योंकि वो अपने पति को कभी भी धोखा नहीं देना चाहती है, लेकिन जब उसको अपने पति के बारे में यह सब पता चला तो उसके दिल को बहुत गहरा धक्का लगा और उसका दिल टूट चुका है और इसलिए अब उसने भी अपने इस बचे हुए जीवन को अपनी मर्ज़ी से जीने का फ़ैसला ले लिया है और इसलिए तुम्हारे इलावा मेरा कोई अच्छा दोस्त भी नहीं है जो मेरी इस परेशानी को ठीक तरह से समझ सके। तुम ही अब मेरी मदद करो और मुझे बताओ कि में क्या करूं विक्की और वो इतना कहते हुए मेरे गले लगकर दोबारा ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। फिर मैंने उसको बहुत मुश्किल से चुप करवाया और फिर मैंने उसको कहा कि में हमेशा उसके साथ ही हूँ तुम्हे इतना सोचने की जरूरत नहीं है, में हमेशा तुम्हारा हर जगह साथ दूंगा, में हूँ ना तुम्हारे साथ, क्यों तुम इतना सोचकर परेशान होती हो और यह सभी बातें उससे कहकर मैंने उसको बिल्कुल शांत किया और उसके बाद हम दोनों ने साथ में बैठकर कॉफी के मज़े लिए और फिर उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर आ गये। में पूरी रात बस उसी के बारे में सोचता रहा और पता नहीं कब मुझे नींद आई। फिर अगले दिन दोबारा उसका मेरे पास फोन आया और तब उसने मुझे बताया कि आज उसने अपने पति को बोल दिया है कि वो अपनी किसी सहेली की सगाई की वजह से दो दिनों के लिए दिल्ली जा रही है और उसके पति ने उसको वहां पर जाने की आज्ञा भी दे दी है।
दोस्तों आप लोगो के सच्ची बात कहूँ तो वो एक दिन और एक पूरी रात मेरे साथ अकेले में बिताना चाहती थी और में भी उसकी मर्जी से उस काम को करने के लिए मान गया और फिर उसने मुझसे कहा कि उसने पहले से ही एक अच्छी होटल में हम दोनों के लिए कमरा बुक करवा दिया है और उसने मुझे उस होटल का पता और कमरे का नंबर भी बता दिया। फिर अगले दिन मैंने भी अपने घर पर एक झूठा बहाना बनाकर कहा कि में अपने ऑफिस के किसी जरूरी काम की वजह से दो दिन के लिए दिल्ली जा रहा हूँ और में यह बात अपने घर बताकर मन ही मन बहुत खुश होता हुआ सीधा उसी होटल में अपने ठीक समय पर पहुँच गया। मैंने देखा कि सिम्मी वहां पर मुझसे पहले ही पहुँच चुकी थी और वो उस रूम में भी पहुंच चुकी थी, क्योंकि वो मुझसे भी ज्यादा व्याकुल थी। फिर मैंने कमरे की घंटी को बजाया और उसने आकर दरवाजा खोल दिया। वो उस समय मेरे सामने एक सफेद रंग का गाउन पहना हुआ था और उसको देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो कोई परी थी, जो दूसरी दुनिया से आकर मेरे सामने खड़ी थी। फिर मुझे उसने अंदर बुलाया और दरवाजा वापस बंद कर दिया। फिर उसने मुझे बताया कि वो घर से बड़ी जल्दबाजी में निकलकर यहाँ पर आई है और इस वजह से वो आज नहाई भी नहीं है और वो नहाने के लिए ही जा रही थी कि मैंने दरवाजे की घंटी को बजा दिया और इसलिए वो बस गाउन ही पहनकर दरवाज़ा खोलने चली आई थी।

अब उसने मुझसे कहा कि चलो आओ पहले हम दोनों नहा लेते है और फिर उसने इतना कहते हुए अपने गाउन को उतार दिया। में चकित होता हुआ देखने लगा वाह क्या मस्त सेक्सी थी, वो इतनी गोरी कि में क्या बताऊँ और उसने अपने गाउन के नीचे हल्के लाल रंग की ब्रा और उसी रंग की पेंटी पहनी हुई थी। अब मैंने उसका एक हाथ पकड़कर झटके के साथ उसको अपनी तरफ खींच लिया, जिसकी वजह से उसका वो गोरा चिकना जिस्म पूरा मेरी बाहों में आकर मुझसे लिपटा हुआ था और फिर उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने चाटने लगे थे और साथ ही साथ वो अब मेरे भी कपड़े उतारने लगी थी, जिसकी वजह से अब में सिर्फ़ अंडरवियर में था और वो मेरी बाहों में ब्रा और पेंटी में थी। फिर हम दोनों बाथरूम की तरफ चले गये। वहां उसने नहाने वाले टब में पहले से ही झाग को तैयार करके रखा हुआ था और उसने उस टब के पास में मोमबत्ती भी जलाई हुई थी, वाह क्या रोमॅंटिक माहौल था। अब हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह स्मूच करने लगे थे और उसको स्मूच करते हुए मैंने उसकी लाल रंग की ब्रा और पेंटी को धीरे धीरे एक एक करके उतार दिया और उसने भी मेरा अंडरवियर को भी उतार दिया और अब हम दोनों उस टब में एक दूसरे के साथ लिपटकर बैठ गए और आधे घंटे तक एक दूसरे को वैसे ही चूमते रहे।
फिर उसके बाद हम दोनों मज़े मस्ती करने और नहाने के बाद बाहर आ गए। फिर उसने केफ्री सूट पहन लिया और मैंने अंडरवियर बनियान पहन लिया। उसके बाद हमने खाने का ऑर्डर किया जो कुछ देर बाद हमारे कमरे में पहुंच गया। हम दोनों साथ में बैठकर खाना खाने लगे और खाना खाने के बाद हमने आईसक्रीम भी मंगवाई और जब आईसक्रीम आई तो मैंने उससे कहा कि मुझे तुम यह आईसक्रीम अपने तरीके से खाने दो। फिर उसने कहा कि जैसा तुम चाहो वैसे ही खा लो तो मैंने अब उसका वो सूट उतार दिया। मैंने देखा कि उसने नहाने के बाद अपनी ब्रा नहीं पहनी थी, अंदर सिर्फ़ पेंटी ही पहनी हुई थी। अब मैंने उसको बेड पर एकदम सीधा लेटा दिया और वो फिर से गरम होने लगी और मैंने उस आईसक्रीम को उसके बूब्स पर लगा दिया और अब में उसके निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और बूब्स के साथ साथ आईसक्रीम का भी मज़ा लेने लगा।

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फिर यह सब करने की वजह से मेरा लंड पूरी तरह से तनकर टाइट हो चुका था और अपने चेहरे उन सिसकियों की आवाजों से वो भी मुझे बहुत जोश में लग रही थी। में लगातार उसका जोश बढ़ता ही चला गया और में एक बूब्स को चूसते हुए उसके पूरे बदन को अपने दोनों हाथों से सहलाते हुए निप्पल को निचोड़ रहा था। फिर कुछ देर बाद उसका जोश इतना बढ़ गया कि उससे रुका ही नहीं गया और उसने कुछ देर बाद तुरंत ही उठकर मुझे बेड पर लेटा दिया और उसके बाद मेरी अंडरवियर को उतारकर उसने मेरे लंड को भी अब पूरी तरह से उस अपनी आईसक्रीम से ढक दिया। फिर वो मेरे लंड को अपने एक हाथ में पकड़कर अपनी जीभ से चाट चाटकर आईसक्रीम को खाने के साथ ही साथ मेरे लंड को चूसने चाटने के मज़े लेने लगी थी वो बिल्कुल इस तरह से मेरे लंड को ऊपर नीचे सभी जगह से चाट रही थी जैसे वो सच में कोई आईसक्रीम से भरा हुआ कोन खा रही हो उसके यह सब करने से में मस्ती के सातवे असमान पर जा पहुंचा।
फिर मैंने भी बिना देर किए तुरंत ही उसकी पेंटी को उतारकर उसकी बहुत जमकर अपनी जीभ से चुदाई करना शुरू किया, जिसकी वजह से वो जोश में आकर गरम होकर अपनी गांड को उठा उठाकर मेरे सर को अपनी चूत के मुहं पर दबाकर मज़े लेने लगी थी और कुछ देर उसकी अपनी जीभ से चुदाई करने के बाद जब मुझे महसूस हुआ कि अब उसकी चूत का पानी निकलने लगा है, तो उसी समय मैंने अपने लंड को उसकी गीली कामुक चूत में डाल दिया। पहली बार तो उसको बहुत दर्द तेज हुआ, लेकिन फिर धीरे धीरे जब मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर पहुँच गया तो उसको बहुत मज़ा आने लगा और वो भी अब अपनी कमर को ऊपर उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी थी और करीब दस मिनट तक लगातार वैसे ही धक्के मारने के बाद में उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया, जिसके बाद धीरे धीरे हम दोनों का जोश भी ठंडा होता चला गया, क्योंकि उस चुदाई के दौरान वो भी दो बार झड़ चुकी थी।
अब हम दोनों उस चुदाई की वजह से बहुत थक चुके थे और हम वैसे ही पूरे नंगे एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए ना जाने कब गहरी नींद में सो गये। उसके बाद हम शाम को उठे और फिर दोबारा हम दोनों ने बहुत जमकर मस्ती के मज़े लिए और उसी रात को मैंने खाने पीने का काम खत्म हो जाने के बाद उसको तीन बार चोदा और मेरी हर एक चुदाई में उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और वो मेरी मस्त दमदार चुदाई की वजह से पूरी तरह से संतुष्ट मुझे अपने चेहरे से नजर आ रही थी। फिर दूसरे दिन सुबह जब हम दोनों वापस आने लगे तो उसने मुझे 5000/- मेरे हाथ में दे दिए और वो मुझसे कहने लगी कि तुम मेरी तरफ से कोई अच्छा सा उपहार ज़रूर खरीद लेना, क्योंकि में यहाँ पर जल्दी जल्दी आते समय तुम्हारे लिए कुछ नहीं खरीद सकी और जब मैंने उससे वो पैसे लेने से मना किया तो वो मुझे हमारी दोस्ती की कसम देने लगी, जिसकी वजह से में अब मान गया और फिर उसके बाद हम दोनों ने उस होटल के कमरे को खाली कर दिया, जिसके बाद हम दोनों वापस अपने अपने घर आ गये।
दोस्तों अब जब भी उसका मेरे साथ चुदाई करने का दोबारा मन करता है तो वो किसी ना किसी अच्छी होटल में हम दोनों के लिए पहले से ही कमरा बुक करवा देती है, जिसके बाद हम दोनों खुश होकर वहां पर पहुंचकर पूरे चार पांच घंटे एक दूसरे के साथ वैसे ही मस्त जमकर सेक्स के पूरे पूरे मज़े लेते है। दोस्तों मैंने उसको अब तक हमेशा उसकी बताई हुई जगह पर जाकर उसकी जमकर चुदाई करके ना जाने कितनी बार वो सुख मज़ा दिया है, जिसके लिए वो तरसती रहती है, क्योंकि उसका पति तो किसी दूसरी चूत के पीछे उसका भूत बना हुआ है, इसलिए उसको हमेशा अब अपनी चूत की प्यास को बुझाने उस खुजली को मिटाने के लिए मेरे लंड की जरूरत होती है और में उसके कहने पर जाकर उसको वो काम पूरी मेहनत और लगन से करके उसको खुश करके वापस अपने घर चला आता हूँ। फिर मैंने उसको हर बार पूरी तरह से संतुष्ट किया है और यह बात वो मुझे खुद अपने मुहं से कहती है। उसने मुझसे यह भी कहा है कि चुदाई के काम में बहुत अनुभवी हूँ और मुझे बड़ी अच्छी खुश करने वाली चुदाई करना आती है ।।
धन्यवाद

sexy aurat हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है, आज में अपना एक सच्चा अनुभव लिख रहा हूँ और अपनी एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि मेरी यह कहानी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी। एक बार मेरे बगल वाले घर में एक परिवार कुछ महीनों के लिए नये-नये रहने आया था। उस परिवार में मियां बीवी और उनका 18 साल का एक लड़का था, वो 8वीं क्लास में पढ़ता था। उनका लड़का स्कूल के बोरडिंग हाउस में रहकर पढ़ाई करता था और इस समय वो गर्मियों की छुट्टियों में आया हुआ था। उस लड़के के पिताजी मोहम्मद अंसारी जो कि करीब 48 साल के थे, उनकी बीवी का नाम तबसुम था, वैसे तो वो भी 35 साल के करीब थी, लेकिन बहुत ही सुंदर और गदराये बदन वाली थी। उनकी दूसरी शादी हुई थी, उनकी पहली वाईफ मर चुकी थी, वो सरकारी कर्मचारी थे। हम दोनों सरकारी कर्मचारी होने के कारण एक दूसरे के घर आकर गप्पे मारा करते थे या फिर शतरंज खेला करते थे। में उन्हें अंकल कहकर बुलाता था और उनकी बीवी को भाभी कहता था। अंकल उनको चोद नहीं पाते थे, उनकी वाईफ काफ़ी सेक्सी थी, उनके बड़े-बड़े चूतड़ और चूचीयों को देखकर किसी का भी मन उसे चोदने के लिए तड़प उठता था। वो अक्सर मुझे सेक्सी निगाहों से देखती थी, कभी-कभी तो उसकी आँखे वासना से भरी नजर आती थी और बातें करते हुए मुझे देखकर कभी अपने होंठो को दाँतों से दबाती थी। कभी अपने होंठो पर बार-बार अपनी जीभ फैरती थी।
फिर एक दिन बातों-बातों में उन्होंने कहा कि राहुल जी युनुस (उनके लड़के का नाम है) के पापा को तो समय ही नहीं मिलता है और अगर तुम्हारे पास टाईम हो तो शाम को उसे गणित पढ़ा दिया करो। तो तब मैंने कहा कि मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है, में शाम को पढ़ाने आपके घर आ जाऊंगा। फिर में रोज शाम को आंटी के घर युनुस को पढ़ाने जाने लगा। अब मेरी आंटी से काफ़ी बात होने लगी थी। अब जब भी में उसके लड़के को पढ़ाता तो वो मेरे पास ही बैठी रहती थी। अब मैंने उसकी तरफ ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया था। तो तब मैंने महसूस किया कि वो अब मेरे सामने काफ़ी सेक्सी कपड़े पहनती थी। वो जब कभी साड़ी पहनती है तो उसका ब्लाउज काफ़ी कसा हुआ होता था, जिसकी वजह से उसकी 36 साईज की चूचीयाँ तनी हुई रहती थी और साड़ी भी चूतडों पर भी काफ़ी कसी हुई रहती थी। उसकी चूचीयाँ बहुत बड़ी-बड़ी थी जिसे देखकर ही मेरा लंड बुरी तरह से खड़ा हो जाता था और वो जब कभी सलवार पहनती थी तो वो भी बहुत कसी हुई होती थी और कमीज लो-कट वाले गले से उसकी चूचीयाँ बहुत ही सेक्सी लगती थी और उसकी गांड भी एकदम कसी हुई रहती थी। उसकी गांड का साईज भी 44 था और कमर 34 थी, वो पूरी की पूरी जबरदस्त माल लगती थी।
मेरा मन करता था कि जाकर दबोच लूँ और उसकी गांड और चूत में अपना लंड पेल दूँ, लेकिन संकोच के मारे मेरी हिम्मत नहीं बढ़ रही थी। फिर एक दिन जब में उसके लड़के को पढ़ा रहा था, तो वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी थी। उस दिन उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज पहना था, ऐसा लगता था कि वो उसकी चूचीयों की साईज से काफ़ी छोटा था। अब में थोड़ी-थोड़ी देर में आंटी पर नजर डाल रहा था और कभी-कभी उससे नजर भी मिल जाती थी, तो वो केवल मुस्कुरा देती थी। उस दिन वो कोई किताब पढ़ रही थी और फिर जैसे ही फोन की घंटी बजी तो उसके हाथ किताब गिर गई। फिर वो उसको उठाने की लिए झुकी, उउउफफफ्फ़ क्या गजब का नज़ारा था? एकदम कसी हुई दो बहुत ही मोटी गोल-गोल, गोरी-गोरी चूचीयाँ मेरे सामने थी। उसने ब्लाउज बहुत ही गहरे गले का पहना था, तो उसकी चूचीयाँ का काफ़ी भाग दिखाई दे रहा था।

फिर जब मेरी और उसकी नजर आपस में मिली, तो वो समझ गयी थी कि में बड़े गौर से उसकी चूचीयों को निहार रहा था। तब वो मुस्कुराकर फिर से किताब लेकर पढ़ने लगी, लेकिन उसने अपनी साड़ी का पल्लू ऊपर नहीं किया था। अब उसकी कसी हुई मोटी चूचीयाँ ब्लाउज से कसी हुई साफ दिख रही थी। फिर वो ऐसे ही काफ़ी देर तक पढ़ती रही और मेरे लंड का बुरा हाल बना रही थी। फिर वो बाद में उठकर चली गयी। फिर अगले हफ्ते जब में उसके घर गया तो पता चला कि उसका लड़का अपने फ्रेंड के बर्थ-डे में गया हुआ था, इसलिए मैंने आंटी से कहा कि ठीक है तो में चलता हूँ। तब वो बोली कि चले जाना, थोड़ी देर रूको तो सही, तो में रुक गया। फिर मैंने उसको गौर से देखा तो उसने आज नाइटी पहनी हुई थी, वो भी काफ़ी पारदर्शी थी और उसके अंदर का सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था। उसने अंदर काली ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी, उसकी पेंटी तो उसके चूतडों में एकदम फंसी हुई थी, ऐसा लगता था की वो केवल ब्रा और पेंटी में खड़ी हो।

अब मेरा तो लंड पूरी तरह से तन गया था, जो मेरी पैंट के ऊपर से लंड का तना हुआ उभार साफ दिख रहा था। अब वो भी मेरे लंड को ही काफ़ी ध्यान से देख रही थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम कुछ लोगे? तो तब मैंने कहा कि कोल्डड्रिंक, तो वो कोल्डड्रिंक लाने के लिए चल दी। अब में उसके चूतडों को देख रहा था, जो कि इधर उधर मटक रहे थे। फिर वो कोल्डड्रिंक लेकर आई और मुझे देने के लिए झुकी, तो मुझे उसकी चूचीयाँ की दरार दिखाई देने लगी तो में उसको ही देखने लगा और ड्रिंक लेना ही भूल गया, तो वो भी कुछ नहीं बोली। अब उसको पता चल गया था कि में उसकी चूचीयों को देख रहा हूँ। फिर मुझे याद आया की मुझे ड्रिंक लेना है तो मैंने जल्दी से ले लिया। तब वो मुस्कुराते हुए बोली कि संजय आराम से लेलो, कोई जल्दबाजी नहीं है। अब में उसकी बात सुनकर हैरान रह गया था। अब में समझ गया था कि अब वो भी तैयार है। फिर वो मेरी बगल में आकर बैठ गयी और में उसके कंधे पर अपना एक हाथ रखकर उसकी चूचीयों को सहलाने और दबाने लगा था।
फिर वो अपनी नाइटी उतारने लगी तो तब मैंने कहा कि अभी नहीं मेरी जान, तुझको में अपने हाथों से नंगा करूँगा। तो वो बोली कि हाँ ये भी ठीक है, मुझको नंगा करते समय तुम अच्छे से मेरी प्यासी चूत का मज़े ले लेना। आज मेरी दिल की मुराद पूरी हो रही थी, उसका बदन वाकई में काफ़ी गजब का था, एकदम मुलायम, चिकना। अब मुझे उसको सहलाने में बहुत मज़ा आ रहा था। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी ही पहने थी, हाए क्या गजब का माल लग रही थी? फिर मैंने उसके होंठ चूमने शुरू किए और उसकी चूचीयों को भी दबाने लगा था। अब वो धीरे-धीरे गर्म हो रही थी। फिर उसने मेरी शर्ट और पैंट उतार दी, अब में सिर्फ़ अंडरवेयर में था। फिर वो मेरे खड़े हुए लंड को देखने लगी, जो मेरी अंडरवेयर से बाहर आ गया था। फिर वो मेरे लंड को देखकर बोली कि संजय वाकई में तुम्हारा लंड तो घोड़े जैसा बड़ा और मोटा है इतने बड़े और मोटे लंड से तो में मर जाउंगी, लेकिन तुम मुझे पूरी बेदर्दी से चोदना, मेरी चूत इस लंड के लिए कुँवारी जैसी है, तुम खुद ही देख लेना, फाड़ दो मेरी चूत को, आज तुम्हारा लंड अपनी चूत में लेकर इस प्यासी चूत की प्यास बुझा दूँगी।
ख़ैर फिर उसने धीरे से मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसको चूसने लगी थी। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था। फिर मैंने भी धीरे से उसकी पेंटी उतार दी और फिर उसकी ब्रा भी उतार दी। अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और बहुत ही गजब की लग रही थी। फिर मैंने भी उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। अब वो काफ़ी उत्तेजित हो रही थी और मेरा लंड भी तना जा रहा था। फिर में उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत से सटा दिया और कस-कसकर उसकी चूचीयों को रगड़ने लगा था। अब वो सिसकारियाँ ले रही थी सीईईईईई मेरे राजा अब जल्दी से पेल डालो मुझको और मत सताओ, चोद दो मेरी इस चूत को, साली बहुत तरसी है तुम्हारे लंड के लिए, अब फाड़ दो इसको। अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था तो मैंने अपना लंड झटके से उसकी कसी हुई चूत में घुसा दिया। तो वो धीरे से कहराई हाईईईई रे फाड़ डाला। अब मेरे लंड का सुपाड़ा अंदर घुस गया था।
फिर में थोड़ी देर तक बिना कोई हरकत किए ऐसे ही पड़ा रहा और उसके होंठो कों चूमते हुए उसकी चूचीयों के निपल्स को सहलाता जा रहा था। अब वो भी काफ़ी गर्म हो चुकी थी। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकालकर एक ज़ोर का धक्का मारा तो मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया तो वो और जोर से कहराई हाईईईईईईईई रे मार डाला रे, फाड़ दी हाईईईईईई मेरी चूत। अब में कस-कसकर धक्के लगाने लगा था। अब वो भी मस्त हो गयी थी और पता नहीं क्या-क्या बोल रही थी? हाईईईईईईई रे मारा डाला जालिम, बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा और कस-कसकर पेल डालो, हाँ ऐसे ही चोदो, हाईईईई, सीईईईईई, उईईई, मज़ा आ रहा है, हाईई और कसकर, फाड़ डालो मेरी चूत को, साले अब देखती हूँ कितना दूध पिया है तुने अपनी माँ की चूचीयों से? मेरा पीकर दिखा।
अब में भी जोश में आ गया था और यह सुनकर और भी जोश में चढ़ गया था और उससे बोला कि साली कुत्तियाँ चुप हो, मादरचोड़, फाड़ डालूँगा तेरी चूत, समझी रंडी, साली। अब वो और भी मस्त हो गयी थी हाईईई, सीईईईईईईई और पेलो राजा, आआआहह, मज़ा आ गया रे और कसकर चोदो मुझको, फाड़ डालो मेरी चूत को, उईईईईई, सस्स्स, हाईईईई रे, उईईईईइ माँ, आआआ में मरी, हाईईईईईई। अब मुझको उसे चोदते हुए 30 मिनट हो गये थे, वो अब तक कई बार झड़ चुकी थी। फिर तभी मेरा ध्यान उसकी गांड पर गया तो मैंने उसका छेद छूकर देखा तो बड़ा कसा हुआ लगा। फिर उसने पूछा कि क्या इरादा है? अब गांड भी मारेगा क्या मेरी? तो तब मैंने कहा कि हाँ बिना चोदे तो नहीं छोड़ूँगा तुझको। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसे कुत्तिया की तरह खड़ा कर दिया। अब मुझे उसकी गांड का गुलाबी छेड़ साफ-साफ दिख रहा था। अब मेरा लंड उसकी चूत के पानी से पहले से ही गीला था तो मैंने उसकी गांड से अपना लंड सटा दिया और हल्के से एक धक्का लगा दिया तो मेरा लंड 2 इंच तक उसकी गांड में घुस गया। फिर वो चिल्ला उठी हाए में मररररर गयी रे, हाईई बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और फिर से एक धक्का लगा दिया और बार-बार धक्के लगाने लगा, तो 10 मिनट के बाद वो थोड़ी नॉर्मल हो गयी।
अब उसको भी मज़ा आ रहा था, अब वो सिसकने लगी थी हाईईईई रे इसमें तो चूत से भी ज़्यादा मज़ा आता है और कसकर पेल मेरे राजा, हाईईईई रे, बहुत मजा आ रहा है, सीईईईई, सीईईईईईईई और कस के, उईईईई माँ, आआअ बहुत मजा मिल गया रे। अब में उसको चोदता ही जा रहा था। अब करीब 20 मिनट तक चुदाई के बाद मेरा झड़ने वाला था तो मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी, साली क्या मस्त गांड है तेरी? अब तो तू मेरी हो गयी है, अब में रोज तेरी कसकर चुदाई किया करूँगा, साली, रंडी, तू बहुत मस्त औरत है, हाए मज़ा आ गया, हाईईईईईईई रे मेरा निकलने वाला है रे और फिर मेरा पानी उसकी गांड में ही निकल गया। फिर हम काफ़ी देर तक चिपककर लेटे रहे। फिर थोड़ी देर के बाद में उठा और अपने कपड़े पहन लिए। तभी वो बोली कि राजा अब तो मेरी रोज चुदाई करनी पड़ेगी। मैंने कहा कि ठीक है करूँगा मेरी रानी और फिर उसके बाद मैंने उसे खूब जमकर चोदा और फिर हम दोनों ने खूब इन्जॉय किया ।।
धन्यवाद

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हाय एवेरिवन मेरा नाम लकी है. मे हरयाणा का रहने वाला हू. मेरी हाइट 5 फुट 9 इंच है दिखने मे बहुत ही सुन्दर अंड सेक्सी हू.
तो मे अब स्टोरी पे आता हू मेरी एक भाबी है जो मेरे चाचा के लड़के की वाइफ है उनका नाम स्वेता है. वो दिखने मे बहुत ही सेक्सी है अंड 5फुट6 इंच की लंबी हाइट है बहुत ही सुन्दर आंड सेक्सी बॉडी है.

एक बार उनका एग्ज़ॅम आया हुआ था चंडीगड़ का. वो शाम की शिफ्ट मे था. मेरा भाई उनके साथ मे नही जा सकते थे किसी इंपॉर्टेंट कम की वजह से तो भाई ने मुझे मेरी भाबी के साथ जाने को कहा..
ये सुनते ही मेरा मान अंदर ही अंदर बहुत खुश हुआ . मैने फॅट से हा कर दी भाबी के साथ जाने के लिए.

हम नेक्स्ट दे सुबहा 8 ब्जे घर से चल दिए गाड़ी मे .

पहले तो भाबी जी पीछे बैठ गई थी बट थोड़ी दूर जाने के बाद मैने कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए गाड़ी रोकी तो भाबी जी आगे आके बैठ गई .मे काफ़ी सरमा रा था बात करने मे तो भाबी बोली की तू चुप चाप क्यू है भाबी बोली की क्यू तेरी जी. फ नाराज़ हो गई क्या जो ऐसे फेस बना रखा है.
तो मैने कहा की भाबी मेरी कोई गफ़ नही है. तो भाबी बोली क्यु नही बनाई तो मैने खा की कोई बन ही नही रही है. मै गाड़ी तेज चला रा था तो भाबी बोली की देवर जी गाड़ी आराम से चलाओ ना इतनी भी क्या जल्दी है.

थोड़ी देर बाद बारिस सुरू हो गई .मोसम बहुत ही सेक्सी हो गया. रास्ते मे ह्मने बहुत सी बाते की फिर हम चंडीगड़ पहुच गये यो भाबी का एग्ज़ॅम स्टार्ट हो गया 4 ब्जे. 2 अवर्स का पेपर था तो वो एग्ज़ॅम देने के बाद बाहर आ गई तो काफ़ी शाम हो चुकी थी.

बारिस काफ़ी तेज आ रही थी तो मैने भाबी को आज रात चंडीगड़ मे ही रुकने के लिए ही बोला तो भाबी बोली की अपने भाई से पूछ लो तुम. तो आज हम यही रुक जाएगए और खूब मोज मस्ती करेगे.
तो मैने भाई को फ़ोन किया और बता दिया की भाई बारिस तेज हो रही है अंड मेरी त्बीयत भी थोड़ी खराब है अगर आप कहो तो मे और भाबी आज रात यही रुक जाएंगे और सुबहा आ जाएंगे यदि आपको कोई प्रबलं ना हो तो.

पहले तो भाई ने माना किया फिर मान गया. मै बहुत ही खुश हुआ की रात भाबी के साथ बिताने का मौका मिलेगा ये सोचकर मेरा लंड तो तभी खड़ा हो गया और भाभी भी खुश हो गई थी.
फिर मैने भाबी से पूछा की अपने सूखना लेक देखी है क्या तो भाभी बोली की मुझे आज सारी चंडीगड़ देखनी है अच्छे से तो मे उनको पहले सूखना लेक ले गया. वाहा काफ़ी कपल्स आए हुए थे सब हाथो मे हाथ लिए गुम थे थे तो मैने भाबी से बोला की भाबी आपको कोई प्रबलं ना हो तो क्या हम वाइफ हज़्बेंड की जैसे गुम सकते है नही तो सबको थोड़ा ऑड लगेगा.

तो भाबी ब मान गई, उन्होने मेरे हाथ मे हाथ डाल लिया और हम बारिस मे ही घूमने लगे. हम दोनो बुरी तरह बिघ चुके थे गीली होने के कर्ण भाबी की ब्रा साफ साफ दिखाई दे रही थी. मै उनको घूर रा था तो भाबी ने देखा की मे उनको घूर रा हू तो वो बोली क्या देख रहे हो देवर जी पहले कभी भीघी हुई लड़की नही देखी क्या. फिर मैने स्माइल दी ओर आगे चल दिए.
थोड़ी देर बाद हम लेक से सेकटर 17 मे चले गये शॉपिंग करने तो भाबी ने ब्रा और कुछ अंडरगार्मेंट्स शॉप करने थे तो वो देखने लगी तो मे एक साइड खड़ा हो गया फिर भाबी बोली यार आओ ना मेरी हेल्प कर दो कलर चूज़ करने मे मैने ब्लॅक न्ड रेड कलर की ट्रॅन्स्परेंट ब्रा न्ड पॅंटीस चूज़ की उन्होने ले ली न्ड बोली की तेरी चाय्स बदी सेक्सी है.

फिर हमने एक होटेल मे रूम ले लिया न्ड मै फ्रेश होने चला गया मे जल्दी बाहर आ गया न्ड फिर भाबी जी भी फ्रेश होने चली गई न्ड नाइटी पहन के आ गई जैसे ही वो बाहर आई मेरे तो होश उड़ गये उनकी नाइटी सिर्फ़ जंगो तक ही थी वाउ यार इतनी साफ मिल्की सिल्की जंगे देख कर मै तो पगल हो गया.
मैने भाबी से बोला की भाबी आपको कोई प्रबलं ना हो तो मे ड्रिंक कर सकता हू क्या . भाबी बोली कमीणे इसमे भी कोई पूछने की बात है चल आज तो दोनो ड्रिंक करेगे.
बट मै बोला की भाबी आप भी तो उन्होने हल्के से सेक्सी अंदाज मे मेरे गाल पे थप्पड़ मारा ओर बोली तू मेरे दोस्त है समझा आज खूब मस्ती करेगे चल पेग बना दोनो के लिए. फिर मैने पेग बना लिए और कोल्ड्रींक डाल के भाबी को दे दिया . मैने भी ले लिया फिर जल्दी ही एक एक पेग ओर लगा लिया.

फिर मैने सिग्रेट लगा ली भाबी ने भी सुत्टा लगा लिया . सिगरेतटे पीते ही एक दूं से नशा चॅड गया. मै बोला यार भाबी आप भी गंदी हो अपने देवर का कोई ख़याल नही रखती हो. तो भाबी बोली साले कमीणे कितने दिन से तेरेको लाइन दे रही थी गंडवे तू सम्झ ही नि रा था. ये सुन कर मे सॉक्ड हो गया और बोला सची मे.
भाबी बोली यस माइ स्वीतू. तो मैने कहा भाबी आप क्या चाहती हो वो बोली की तू मेरा ब्फ ब्नेगा क्या. ये सुनकर मे खुशी के मारे दो पेग ओर लगा गया मई बोला जरूर बनउगा भाबी.
भाबी को फुल नशा चॅड चुका था तो मैने बोला की यार डार्लिंग जो ब्रा और पॅंटीस लेके आई हो वो ट्राइ करके देखो ना. तो बोलू जो हुकुम मेरे राजा वो बाथरूम मे गई अंड रेड कलर की ब्रा न्ड पॅंटीस पहन के आ गई जैसे ही बाहर आई मे तो सॉक्ड हो गया इतनी मिल्की बॉडी वाउ यार वो मेरे पास आ गई.

desi bhabhi हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजय है, मेरी उम्र 43 साल है, में थाने मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच, वजन 82 किलोग्राम है। में शादीशुदा हूँ और एक फ्लेट में फेमिली के साथ रहता हूँ, में बिजनसमैन हूँ। मेरे घर के पीछे एक बंगला है, वहाँ एक सेक्सी भाभी रहती है, उसका नाम कुसुम है। वो 36 साल की है, उसका फिगर साईज 40C-36-42 है, कलर गोरा और हाईट 5 फुट 4 इंच है, उसके एक 3 साल का लड़का है। उसकी अपने पति के साथ नहीं बनती थी। में अपनी खिड़की से उसके बेडरूम में देखता रहता था खासकर रात को, वो और उसका बेटा बेड पर सो जाते थे और पतिदेव जमीन पर बिस्तर लगाए। तो तब मुझे उस पर तरस आती थी, में उसे देखता रहता था, कई बार उसे पता चल जाता था। वो कपड़े सुखाने बाहर कमपाउंड में आती थी, तो तब में उसके बूब्स देखने की कोशिश करता था, तो तब उसका ध्यान जाता तो भी वो कुछ नहीं करती थी। फिर एक दिन में घर पर अकेला था तो तब मुझे एक अनजान कॉल आया तो उधर से आवाज आई कौन है? तो मैंने कहा कि में संजय। तो वो बोली कि हाए संजय, में तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहती हूँ।
में : ओके, आपका शुभ नाम?
वो : नाम जानकर क्या करोगे डियर?
में : लेकिन नाम तो बताओ, तब में फ्रेंडशिप करूँगा ना डियर।
तब उसने कहा कि मेरा नाम क से शुरू होता है और में तुम्हारे एरिया में ही रहती हूँ, मुझे तुम बहुत पसंद हो। तो मैंने कहा कि ओके कब मिलोगी? तो तब उसने कहा कि टाईम आने पर। अब उसके फोन मेरे मोबाईल पर रोजाना आने लगे थे। फिर एक दिन उसका फोन आया और उसमें वही गाना बज रहा था, जो कुसुम के घर टी.वी पर बज रहा था। तो तब में समझ गया और मैंने कहा कि ओके कुसुम भाभी कभी मिलो तो सही, तो तब उसने फोन रख दिया। फिर उसने थोड़ी देर के बाद फोन किया और बताया कि तुमने मुझे पकड़ ही लिया, ओके कल में अकेली हूँ तो हम दोनों घूमने जाएँगे। तो मैंने कहा कि ओके ठीक है, शाम को 8 बजे ओके? तो उसने कहा कि ओके। फिर हम बाइक लेकर निकले, में घर से अकेला निकला था और वो बुरखा पहनकर निकली थी। अब अंधेरा हो गया था। फिर अगले मोड़ पर वो मेरे पीछे बैठ गयी। अब में जब भी शॉर्ट ब्रेक मारता और ज़्यादा प्रेस करता तो उसके बूब्स मेरी पीठ पर प्रेस हो रहे थे। फिर हम दोनों अतिरा गये, वहाँ अंधेरा रहता है और कपल बैठे रहते है।
फिर मैंने बाइक रोकी और पार्क की और उसको बाइक पर बैठाया और में उसके पास में खड़ा रहा और फिर हमने बातें शुरू की। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रखा और उसके चेहरे के करीब गया और अब हम बात कर रहे थे। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम अपने पति के साथ खुश हो? मैंने तुम दोनों को लड़ते झगड़ते देखा है। तब उसने कहा कि नहीं, लेकिन क्या करूँ? किस्मत में वही लिखा है। तो तब मैंने कहा कि में तुम्हारा बेस्ट दोस्त हूँ, चिंता मत करो। फिर उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और थैंक्स कहा और कसकर मेरा हाथ पकड़े रखा। फिर मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके गालों पर किस दी। तब उसने कहा कि पागल किस लिप्स पर करते है और फिर मैंने उसके लिप्स पर क़िस दी, एक लंबी किस। फिर मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर गया और उसने मेरा लंड पकड़ा और कहा कि ये तो उससे बड़ा है मेरा दिल कर रहा है कि इसे अपने हाथ और होंठो से प्यार करूँ, लेकिन अभी नहीं फिर कभी ओके? तो तब मैंने कहा कि ओके और फिर हम वापस घर के लिए निकल गये।
फिर एक दिन वो घर पर अकेली थी और मेरी बीवी स्कूल की पिकनिक पर आउट ऑफ स्टेशन गयी थी और में अकेला था। फिर दोपहर को 1 बजे मेरा फोन बजा तो मैंने उठाया। वो बोली कि संजय में कुसुम, तुम अभी दरवाज़ा खुला रखो में 10 मिनट में आ रही हूँ। तो मैंने कहा कि ओके। फिर वो मेरे घर आई, तो मैंने दरवाज़ा बंद किया और फिर हम बेडरूम में चले गये और मैंने वो दरवाजा भी बंद कर दिया। तो उसने वैसे ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया, तो मैंने भी उसे अपनी बाहों में लेकर प्रेस किया और किसिंग की, उसने सलवार कुर्ता पहना था। फिर मैंने उसकी चूचीयों को दबाया और उसका कुर्ता ऊपर किया और फिर उसकी ब्रा में अपना एक हाथ डाला और उसके बूब्स दबाए और धीरे से उसका कुर्ता अनहुक किया और निकाला और उसका सलवार भी उतार दिया।
फिर उसने मेरी टी-शर्ट और शॉर्ट उतारी। फिर मैंने उसके बूब्स उसकी ब्रा के साथ सक करना शुरू किया। अब वो मेरा लंड दबा रही थी। फिर मैंने उसकी ब्रा अपने दाँतों से खोली तो उसकी दोनों बड़ी-बड़ी, गोरी- गोरी और भरी हुई गड्राई चूचीयाँ बाहर आ गयी थी। फिर मैंने उसके निप्पल को मसला और चूसने लगा था। अब में उसकी चूचीयों को देखकर हैरान हो गया था। फिर तब मैंने कहा कि कुसुम भाभी आपकी चूचीयाँ गजब की है। तब उसने कहा कि भाभी नहीं, कुसुम कहो। फिर तब मैंने कहा कि ओके कुसुम और उसको क़िस किया और एक दूसरे की जीभ सक की। अब में उसकी चूचीयों पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा था और लीक किए, सक किए, निपल सक किया और थोड़ा काटा भी था। अब वो सी-सी, आह करने लगी थी। फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर से दबाकर उसका दूध निकाला और पिया और थोड़े बहुत बाईट भी करता रहा तो वो चिल्लाने लगी कि नहीं संजय धीरे मेरे बूब्स खा ज़ायेगा क्या? तो तब मैंने कहा कि काश में खा पाता। फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी तो में उसकी क्लीन शेव गुलाबी चूत देखकर बेताब हो गया।

अब में उसमें फिंगरिंग करने लगा था, तो तब उसने कहा कि संजय इसे खुजाओ, इसमें रात को बहुत खुजली होती है। तब मैंने कहा कि आज सब खुजली मिटा दूँगा मेरी जान। तब उसने कहा कि बस अब तुम लेट जाओ, तो में लेट गया। फिर उसने मेरी अंडरवेयर उतारी और मेरा लंड पकड़कर बोली कि बाप रे इतना मोटा और लंबा, कैसे रॉकेट जैसा खड़ा है? मेरी तो इतने मोटे लंड से फट जाएगी, तुमने इस रॉकेट को कहाँ छुपाया था? यही तो मुझे चाहिए था। तब मैंने कहा कि मेरी जान ये तुम्हारे लिए ही तो है। फिर उसने कहा कि में इसे किस करूँ? तो तब मैंने कहा कि जो करना हो करो, आज से ये तुम्हारा गुलाम है। तो उसने पहले क़िस की और फिर बोली में इसे मुँह में ले लूँ? तो मैंने कहा कि कभी लिया है किसी का? तो उसने कहा कि नहीं, लेकिन शादी के पहले ब्लू फिल्म में देखा था। फिर मैंने कहा कि ओके, लेकिन 1 मिनट तुम बैठो, में अभी आया और फिर में उठकर किचन में चला गया और शहद लेकर आया।

फिर मैंने उससे कहा कि इसे मेरे लंड पर लगाओ और बाद में चूसो और चाटो। फिर उसने शहद लिया और मेरे लंड पर लगाया तो तब मैंने उससे कहा कि अंदर से बर्फ की प्लेट ले आओ, तो वो नंगी ही किचन में गयी और बर्फ की ट्रे फ्रिज में से निकालकर ले आई। तब मैंने कहा कि अब तुम मेरे लंड को चूसो, प्यार करो और अपनी चूत मेरे मुँह पर लगाओ। फिर वो 69 की पोज़िशन में मेरे ऊपर लेटी और मैंने 69 की पोज़िशन में उसकी चूत को चूसना शुरू किया। अब वो मेरा लंड चूसने लगी थी। फिर मैंने उसकी चूत पर बर्फ का टुकड़ा लगाया, तो वो सिहर उठी, अब उसकी चूत ठंडी हो गयी थी। फिर बाद में मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाली और अंदर बाहर करने लगा और वो मोनिंग करती गयी आआअहह संजय बहुत अच्छा लग रहा है, आह और मेरा लंड चूसती गयी और 15 मिनट तक मेरा लंड किया।
अब वो गीली हो चुकी थी और बर्फ बिल्कुल पानी हो गया था। अब उसकी चूत ने बहुत सारा पानी निकाल दिया था। अब इस तरह से वो एक बार झड़ गयी थी। फिर उसने कहा कि संजय 1 मिनट रुको, में जरा मूतकर आती हूँ। तब मैंने कहा कि ओके। फिर वो बाथरूम में गयी और मूतने के बाद बाहर आई और बोली कि ऑश संजय तुम तो बड़े एक्सपीरियन्स हो, आज तक मैंने सिर्फ़ देखा था, लेकिन आज कर भी लिया, ऐसा मज़ा मुझे मेरी 5 साल की शादीशुदा लाईफ में कभी नहीं आया और अभी चुदाई तो बाकी है। तब मैंने कहा कि चुदाई में में तुझे पागल कर दूंगा। फिर में लेट गया और उससे कहा कि चल बैठ मेरे रॉकेट पर में तुझे दुनियाँ की सैर करवाऊंगा। अब पहले तो वो डर रही थी कि इतना मोटा लंड कैसे अंदर जाएगा? मेरे पति का तो बहुत पतला है और छोटा भी है। तो तब मैंने कहा कि मेरे लंड पर अपना थूक अच्छे से लगा दो। तो उसने वैसा ही किया और अपने दोनों पैर फैलाते हुए बैठ गयी थी।
फिर मैंने कहा कि अब ऊपर नीचे होना शुरू करो। तो वो शुरू हो गयी, लेकिन उसे बहुत दर्द हो रहा था। अब वो धीरे-धीरे हिल रही थी और मेरी गाड़ी टॉप गियर में थी। फिर मैंने कहा कि यार थोड़ी उछल और फास्ट करो। तब उसने कहा कि मैंने इतना बड़ा और मोटा देखा भी नहीं और किसी तरह अंदर लिया है, मुझे बहुत दर्द हो रहा है तो तेज चुदवाऊँ भी कैसे? सच में बहुत दर्द कर रहा है। तब मैंने कहा कि ओके, तुम लेट जाओ में चोदता हूँ, तो वो अपने दोनों पैर फैलाकर लेट गयी। फिर मैंने उसके दोनों पैर उसके सिर की तरफ मोड़ दिए और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और अपना 9 इंच लम्बा और एकदम मोटा लंड एक झटके में उसकी चूत के अंदर डाला तो वो ज़ोर से चिल्लाई हाईईईई में मर गयी, हाईईईईईई कहते हुए वो मुझसे ज़ोर से चिपक गयी थी।
फिर मैंने एक बर्फ का टुकड़ा अपने होंठो में दबाया और उसके निप्पल पर रब करने लगा और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा था। तब वो बोली कि संजय धीरे, प्लीज बहुत दर्द हो रहा है, ये अंदर जाकर और मोटा हो रहा है और जैसे बोले जा रही थी और सिसकियाँ भर रह थी। फिर मैंने पूरा बर्फ उसकी चूचीयों पर पिघला डाला और फिर अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी। अब में करीब 40 धक्के पर मिनट की स्पीड से कर रहा था। तभी उसने कहा कि संजय आज फाड़ डालो। तो यह सुनकर मुझमें जोश आया और मैंने अपनी स्पीड सीधी 70 धक्के पर मिनट कर दी और वो धक्के खाती गयी और चिल्लाने लगी थी। फिर मैंने अपने होंठ उसके मुँह पर दबा लिए और उसका चिल्लाना बंद करवाया। फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई और करीब 20 मिनट तक उसकी जमकर चुदाई करता गया। अब वो बार-बार झड़ रही थी और मेरे पूरे लंड को गीला कर दिया था। अब पूरे कमरे में पच-पच, पचा-पचा की आवाज आ रही थी। अब में उसे दबोचे हुए था। फिर उसने कई बार मुझे धीरे करने को कहा, लेकिन मेरे जैसे ब्रेक फैल हो गये थे तो
तब उसने कहा कि बस अब बाकि बाद में करना, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मेरी चूत फूल गयी है, अब उतर जाओ, लेकिन में उसकी बात को बिना सुने करता गया और पूरी 30 मिनट की चुदाई के बाद मेरी क्रीम को उसकी चूत में भर दिया। अब मैंने मेरा पूरा का पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में घुसा दिया था और फिर उसने भी अपने पैर सीधे कर लिए, लेकिन मेरा लंड अंदर ही था। अब में उसकी चूचीयों को प्यार करने लगा। अब हम दोनों हाँफ रहे थे। फिर में उसके सीने से उतर गया और उसके बाजू में लेट गया। तो वो मुस्कुराई और फिर उसने कहा कि संजय मुझे तुम्हारी वाईफ की फिक्र हो रही है, वो ऐसी चुदाई किस तरह सहन करती है, शायद पहली रात में तो तुमने उसे ऐसा चोदा होगा कि दूसरे दिन उसने हॉस्पिटल में टांके लगवाए होंगे। फिर में हंस दिया और उससे कहा कि नहीं पहली बार तो मैंने उसे बहुत आराम से चोदा था, उसे पूरा तैयार किया था और फिर क्रीम लगाकर अपना लंड अंदर डाला था, उसकी सील तोड़ने के लिए मुझे आधा घंटा लगा था।
फिर भी वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई थी। फिर उसने कहा वैसे तुम बहुत शानदार चुदाई करते हो और तुम्हारा लंड भी बहुत दमदार है म्‍म्म्मम और फिर उसने मुझे किस दी और कहा कि में तुमसे चुदवाने बार-बार आऊंगी, चोदोगे ना? तो मैंने कहा कि यह चैन तुम्हारे लिए हमेशा खुली है जब तुम्हारी चूत चाहे और मौका मिल जाए तो तुम बिना झिझक चुदवाने आ जाना, मेरा लंड तुम्हारे लिए 24 घंटे और 7 दिन और हर महीने तैयार है। फिर हमारा यह सिलसिला चालू रहा और अभी भी चालू है और हमेशा रहेगा, क्योंकि अब हम फोन पर सब प्लान करते है और बाहर होटल में जाते है। अब वो भी मेरी चुदाई से बहुत खुश है ।।
धन्यवाद

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हेलो फ्रेंड्स, ई आम अँज़न पोवेट. मैं 3 साल बाद दुबारा एक कहानी लेकर आपके बीच आया हू. ये कहानी मेरे दोस्त के गॅव की एक भाभी की है. जिस से मेरा दोस्त प्यार करता था. मेरी उमर 23 साल की है ओर मैं हरयाणा मई रोहतक मे रहता हू.

मैने पिछले साल ही देल्ही यूनिवर्सिटी से ग्रॅजुयेशन कंप्लीट की है. जब मे कॉलेज मे था तो जस्सी नाम का लड़का मेरा दोस्त बन गया. हम साथ मे पी जी मे रहते थे. जस्सी अमृतसर मे एक गाव से है.

हम दोनो की अची दोस्ती हो गयी थी. वो उमर मे मुझसे बड़ा था पर हम सभी बाते शेयर कर लेते थे. वो वैसे कभी किसी से कुछ शेयर नही करता था. पर उसकी मेरे साथ अछी बॉनडिंग हो गयी थी.

तो एक दिन उसने बताया की गाव मई उसके पड़ोस मे एक भाभी है. वो उस से प्यार करता है. भाभी भी उस से प्यार करती है. भाभी का एक लड़का भी है 5 साल का. जो की जस्सी का ही है. भाभी का नाम साहिबा है.

साहिबा की उमर 32 के करीब है ओर जस्सी 26 का. कहानी मई असली ट्विस्ट रब आया जब जस्सी के घर वालो को इस बारे मे थोड़ा अहसास हो गया. ओर जस्सी की इस साल जन्वरी मे शादी फिक्स करदी. अब जस्सी बेचारा कुछ कह नही पाया. जस्सी ने मुझे कॉल करके बताया ओर बोला भाई मे मॅर जाऊंगा कुछ कर यार.

मैने बोला भाई टेन्षन मत्त ले कुछ करते है. घर वालो ने उसकी शादी जल्दी फिक्स कर दी थी ओर अगले महीने ही शादी की डेट रख दी. हुमारे हॉलिडे चल रहे थे तो जस्सी ने मुझे अपने गाव बुला लिया.

उसके घर शादी की तयारी चल रही थी. मे उसकी फॅमिली से मिला ओर साहिबा के बारे मे जस्सी से पूछा. जस्सी ने बोला रात को मिलवाता हू. शाम को खाना खाकर मे ओर जस्सी छत पर सोने चले गये. ओर बाकी घर वेल भी सो गये. गाओ मे लोग ज्लडी सो जाते है.

11 भे तक पूरा गाव सुन सान सा लग रहा था. जस्सी मुझसे बोला चल भाई मिल वता हू तुझे. ओर हम छतो की दीवार कूदते हुए 4 घर छोड़कर साहिबा के घर की छत पर पहुच गये ओर वाहा चॉबारे से नीचे आते ही भेसो का कमरा था ओर उसी मे एक भूसे (चारा) का कमरा था. हम वाहा पहुचे ही थे की जस्सी बोला ओ शिट यार अनवॉंटेड 24 की गोली रह गयी घर पे.

आज दोपहर मे खेतो मे कर दिया था. तू यही रुक मे लेके आता हू. वो आने वाली होगी तू मिल लेना मे अभी आया. अंधेरा काफ़ी था मेरी फॅट रही थी कही किसी ने देख लिया तो. मैने साथ चलने को बोला तो उसने कहा टेन्षन ना ले साहिबा आ ही रही होगी.

मे चुप चाप वही खड़ा रहा . जस्सी वाहा से चला गया. मे जस्सी को जाते हुए देख ही रहा था की पीछे से किसी ने मुझे कस के पकड़ लिया. पहले तो मेरी गॅंड फॅट गयी. मगर फिर जब मोटे मोटे मुममे का कमर पर अहसास हुआ तो मे समझ गया की साहिबा है. वो मुझे कस के पकड़े हुए थी ओर ज़ोर से मेरी चेस्ट पर हाथ रग़ाद रही थी.

एक तो सर्दी का मोसम ओर उपर से साहिबा इतनी हॉट. लंड एक दम खड़ा हो गया. मे बताना चाहता था पर बताने का मान नही किया. साहिबा धीरे धीरे अपना हाथ चेस्ट से नीचे लेके आती रही. ओर कान मे फूस फूसाने लगी.

अभी चुड़वके आई हू पर जस्सी जब तक तेरे साथ ना करू जिस्म की प्यास ही नही बुझती . ओर ये कहते कहते उसका हाथ मेरे लोवर के अंदर डाल दिया ओर पीछे से मेरा लंड पकड़ लिया. मेरा लंड पकड़ते ही वो एक दम चोक कर मुझ से हट गयी.

आक्चुयल मे मेरा लंड 9 इंच का है जो की जस्सी से बहुत बड़ा है. साहिबा को लंड से पता लग गया की मे जस्सी नही हू.साहिबा गुस्से मे बोली कों है तू. तभी जस्सी वाहा आ गया. जस्सी ने बताया साहिबा ये अँज़न.

मैने बताया था ना तुझे मेरा दोस्त. मैने पहली बार पलट के देखा. साहिबा नीचे सर झुकाए हुए थी. उसका जिस्म कयामत था. फाड़ जैसे मोटे मोटे बूब्स. डीप नेक सूट मै बूब्स के बीच की खाई दिख रही थी. लाइट थोड़ी कम थी मगर मेरी आँखे एक दम खुली की खुली रह गयी.

उसने पटियाला सूट सलवार पहना हुआ था. उस सलवार मे उसकी गॅंड एक दम बाहर निकली हुई थी. पेट बिल्कुल थोड़ा सा जो उसकी खूबसूरती को ओर बढ़ा रहा था. एक दम दिखने मे चुदस औरत थी. जस्सी ने एक दूसरे के बारे मे बताया. साहिबा ने पहली बार नज़र उपर की. उसके उपर वाले होठ के उपर एक तिल था.

होतो पे लिपस्टिक फैली हुई थी. साहिबा ने प्यास ओर हवस की एक टिकी नज़र से मेरी आँखो मे देखा. मैने आँखे झुका ली.थोड़ी दर्र मे हम वाहा से चले आए.

xxx story यह चुदाई स्टोरी आज से दो साल पहले की हे जब मेरी भाई और भाभी की नयी नयी शादी हुई थी भाभी बहोत ही हॉट थी और उसका नाम अनु था. शादी के बाद वो घर आये और में रोज रात को उनके रूम के बहार जा के उनकी चुदाई की आवाजे सुनता था. भाभी हमेशा और जोर जोर से करो और जोर जोर से करो प्लीज़ और करो मुझे  कहती थी. पर हमेशा उनका सेक्स सिर्फ १५-२० मिनिट का ही होता था..

और सुबह भाभी हमेशा ऑफ़ मुड में रहती थी. एक महीने के बाद जब मेरा भाई बहार चला गया कंपनी टूर पर १० दिनों के लिए और फिर भाभी सारा दिन रूम में एकदम अकेले ही रहती थी. मेरा और मेरे भाई का रूम फर्स्ट फ्लोर पे था और मम्मी पप्पा का ग्राउंड फ्लोर पे था. पापा सवेरे सवेरे काम पे चले जाते थे और रात को वापस आते हे. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम एक दिन में रात का खाना खाने के बाद भाभी के रूम में गया और मैने देखा की  वह ब्लेक कलर का गाउन पहन कर लेटी हुई थी. में उन्हें आवाज दी  और  वह डर गयी और फिर मुझे अंदर आने को कहा और फिर हम दोनो साथ में  बैठ कर बाते करने लगे. पहले तो हम लोग यहां वहा की बाते करते थे पर उसके बाद वह थोड़ी फ्री हुई तो हम एक दुसरे के साथ हसी मजाक करने लगे. फिर अचानक मुजे भाभी ने पूछा की तुम्हारी पढ़ाई केसे चल रही हे तो मैने कहा की भाभी बहोत ही अच्छी चल रही हे. फिर मेरी भाभी ने हस्ते हुए मेरे आँखों में देख के कहा की तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड हे की नहीं. तो मैने कहा की हां भाभी मेरी गर्ल फ्रेंड हे. तो उसने कहा

भाभी : कितने टाइम से हे?

में : दो साल से हे.

वह : इतने टाइम से हे? तो उसके साथ ही शादी कर लोगे क्या तुम?

में : मैने कहा की अभी मैने सोचा नहीं हे.

वह : और वह क्या बोलती हे?

में : उसने आज तक इस बारे में कभी कोई बात नहीं की हे. हम लोग बस साथ में घूमते हे और मस्ती करते हे.

वह : मस्ती मतलब?

में : क्या भाभी आप तो सब जानती हे ना?

फिर हम ऐसे ही थोड़ी देर बाते करने लगे और में उसे मेरे कोलेज की बाते बताने लगा और फिर मैने कहा की अब मुझे मैरे कमरे में जाना चाहिए क्योंकि मेरी गर्ल फ्रेंड की कोल आने का टाइम हो गया हे, और में वहा से निकल कर मैरे रूम में आ गया. और फिर में अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ मस्ती से फोन सेक्स करने लगा और फिर मैने मुठ मारी और में सो गया.

दुसरे दिन भाभी मुझे बहोत ही अजीब नजरो से देख रही थी और वह दिन भर मेरी तरफ घुर घुर के देखती रही और ऐसे ही पूरा दिन निकल गया. में सोच रहा था की ऐसा क्या हो गया की भाभी मुझे एक अजीब नजर से देखने लगी हे लेकिन मेरी समज में कुछ भी नहीं आ रहा था. और फिर में उसके साथ बात करने के लिए उनके कमरे में गया. तब उन्होंने सिर्फ स्लिप पहनी हुई थी. मैने उसको कहा की सोरी भाभी तो उन्होंने कहा कोई बात नहीं हे तुम अंदर आ सकते हो. फिर में धीरे धीरे उसके रूम में अंदर गया और फिर उसने मुझे बेठने को कहा और में भी बेठ गया. वह मेरे सामने सिर्फ स्लिप पहन कर बैठी हुई थी. और तब मैने शोर्टस पहन रखी थी और अब उसको इन कम कपड़ो में देख के मेरा लंड अब खड़ा होते लगा था और वह मेरे शोर्ट के बहार से खड़ा हुआ दिखने लगा था और वह उसने भी साफ साफ देख लिया और उसे भी पता चल गया की में गर्म होने लगा हु.

भाभी : और बताओ देवरजी तुम्हारी गर्ल फ्रेंड क्या कहती हे?

में : हां भाभी वह तो एकदम मजे कर रही हे.

वह : तुम रोज रात को उसके साथ बाते करते हो?

में : हां भाभी, वह मुझे बात किये बिना सोने ही नहीं देती हे.

भाभी : और क्या क्या करते हो?

में : बस और कुछ भी नहीं करते हे.

वह : कल मैने दरवाजे के बहार से तुम्हारी बात सुनी थी.

में : चोंक गया, आप ऐसा केसे कर सकती हो.

तो मेरी  भाभी ने कहा की मैने ऐसे कहा तो क्या हुआ अब हम दोनों दोस्त बन गए हे ना? अब तुम मुझे  यह बताओ तुम्हारी गर्लफ्रेंड कैसी दिखती है उसकी फोटो दिखाओ मुझे जरा में भी देखू के मेरे प्यारे देवरजी किस लड़की के जाल में फस गये हे और वह भी पुरे दो साल से. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

मैंने मोबाइल निकाला और उन्हें अपनी गर्ल फ्रेंड की  फोटो दिखाने लगा उन्होंने फोटो देखा और फिर कहा अच्छी है पर मुझ से नहीं फिर उन्होंने अगला फोटो देखा तो  उसमें हम लोग स्मूच कर रहे थे. वह देख कर हंसने लगी और कहां अच्छा है फिर मैने उनसे मेरा मोबाइल ले लिया और मेरी जेब में रख दिया.

बाद में भाभी ने मेरी तरफ हसके देखा और कहा :  तुम्हारी गर्लफ्रेंड ज्यादा अच्छी है या मैं?

मैंने कहा आपके सामने वह कुछ भी नहीं हे भाभी.

भाभी ने कहा हां वह तो मैं देख रही हूं जब से तुम आये हो. और उन्होंने मेरे टेंट की तरफ इशारा किया और में शरमा गया.

भाभी बोली शरमा क्यों रहे हो देवर जी अपनी भाभी के साथ थी वैसे बात कर सकते हो जैसे कल अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कर रहे थे.

यह कहते ही उन्होंने मुझे पकड़ा और मुझे किस करना स्टार्ट कर दिया और में भी  पागलों की तरह उन्हें किस करने लगा. कभी वह मेरी जीभ अपने मुह में लेकर चुस्ती तो कभी में उनकी जीभ अपने मुह में लेकर उसे सहलाता था. भाभी की गर्म सांसे में अपने मुह पर महसूस कर रहा था और में आपको बता नहीं सकता की मुझे कितना मजा आ रहा था. 15 मिनट के किस के बाद मैंने उनकी स्लिप को उतार दी उन्होंने अंदर कुछ भी नहीं पहना था ना ब्रा पहनी थी और ना पैंटी पहनी थी. वह मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी. उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और 69 पोजीशन में आ गए. अब में उनकी चूत को अपनी जीभ से मस्त चाट रहा था और वह मेरा लंड चूस रही थी. वह 20 मिनट में दो बार झड़ चुकी थी और मैंने उनके मुंह में अपना माल गिरा दिया, वह सारा का सारा माल पी गई.

भाभी ने मुझे  कहा तुम्हारा लंड तो तुम्हारे भाई से भी बड़ा है और ज्यादा टाइम तक भी  चलता है. यह कह कर वह फिर मेरे लंड को चूसने लगी और 5 मिनट में मेरा लंड तैयार हो गया. भाभी ने कहा की बढ़िया हे देवर जी अब जल्दी से मेरी चूत की प्यास को बुझा दो. चोद दो अपनी रंडी भाभी को और तुम्हारा भाई आज तक मेरी चूत को खुश नहीं कर पाया. मैंने भाभी के पैर अपने कंधो पर रखे और एक ही झटके में अपना पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया वह रो पड़ी और मुझे कस के पकड़ लिया कुछ देर बाद वह साथ देने लगी और आवाजे निकालने लगी.

और चोदो  अपनी रंडी भाभी को और जोर से करो आहाह हह्ह्ह रखेल बना दो अपनी देवर जी, मैं अब तुम्हारी हूं.

और 20 मिनट चोदने के बाद मेरा होने वाला था मैंने कहा की भाभी मेरा होने वाला है, उन्होंने कहा अंदर ही गिरा दो, बना लो इस रंडी को अपने बच्चे की मां देवर जी, और वह तब तक दो बार झड़ चुकी थी और मैंने भी अपना सारा माल अंदर ही गिरा दिया. वह पूरी तरह से खुश हो गई और कहा आज जन्नत का मजा आया देवर जी रोज इसी तरह इस रंडी की प्यास बुझाने आना. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम  फिर हम दोनों नंगे ही चिपक के सो गए. फिर सुबह 4:00 बजे मुझे कुछ अजीब लगा मैंने देखा कि भाभी मेरा लंड चूस रही थी. उस वक्त मुझे लगा कि मैं आसमान में उड़ रहा हूं और कोई परी मेरा लंड चूस रही है. जब मेरा पूरा खड़ा हो गया तब भाभी ने कहा देवरजी क्या इरादा है? मैंने कहा था कि मैं आपकी गांड मारना चाहता हूं. उन्होंने कहा मैं भी तुम्हारा लंड हर जगह डलवाना चाहती हूं. उन्होंने  यह कह कर वह बाथरुम से तेल लेकर आई और अपनी गांड में लगाने लगी और फिर मेरे लंड पर तेल लगाने लगी और फिर उन्होंने गांड मेरी तरफ की और बोली लो मार लो अपनी भाभी की गांड.

फिर में धीरे धीरे उनकी गांड में लंड डालने लगा और उन्हें काफी दर्द हो रहा था फिर और उनकी गांड से खून निकल रहा था फिर कुछ ही देर में मेरा पूरा लंड की गांड में गायब हो गया और वह मजे से चुदने लगी मारो अहहह अह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह्ह और मारो रंडी की गांड और बहुत मजा आ रहा है

मैं तो अपनी रंडी की गांड मार रहा हूं. हां मैं तुम्हारी रंडी  ही हु. मुझे तुम रंडी ही  बोलो. और रोज मारा करो मेरी गांड. 20 मिनट के बाद उनकी गांड में जड गया और जैसे ही मैंने लंड बाहर निकाला उन्होंने मेरा लंड मुंह में ले लिया और फिर हम साथ में नहाने चले गए. जहां उन्होंने मुझे अपने ऊपर मुतने को कहा मैंने किया. फिर मैं अपने रूम में आकर सो गया. और जब तक भैया आते मैंने भाभी को 10 दिन में 30 बार चोदा. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

Hindi Sex Kahani यह कहानी उस समय की हे जब मैने पहली बार मेरी सगी बहन रश्मि को चोदा था और इस काम में मेरी मदत मेरी भाभी अंजू ने की थी. और अब में स्टोरी पर आता हु. हेलो फ्रेंड्स में देव कुमार शर्मा एक बार फिर आप के सामने मेरी एक सच्ची कहानी ले कर आया हु और पहले में आप लोगो को अपने बारे में बताता हु मेरी उमर २६ साल हे और में दिखने में एकदम हेंडसम हु, मेरी बोडी एवरेज टाइप की हे और मेरे लंड का साइज़ ६.५ इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा हे..

मेरी बहन का नाम रश्मि हे और उसकी उमर २४ साल की हे और उसका फिगर ३२-२८-३४ हे. और वह दिखने में एकदम जूही जेसी दिखती हे. मेरी बहन को देख कर बुढ्हो का भी लंड खड़ा हो जाये. रश्मि १२th के बाद एक कोल सेंटर में जॉब करती हे और अब बात करते हे मेरी भाभी  की जिसका नाम अंजू हे और उसकी उमर २५ साल हे. उसका फिगर ३४-२८-३६ हे और वह बिल्कुल उर्मिला मातोंडकर जेसी दिखती हे. यह मेरे ताऊजी की बहु हे यानी के मेरे ताउजी के लड़के की वाइफ जो हमारे घर के पीछे की तरफ रहते हे. और मैने आप को पहले ही बताया हे की मैने किस तरह मेरी भाभी की चुदाई की थी और उसके बाद हमारा यह खेल महीने में २५ दिन तक होता था. मोक मिलते ही भाभी मेरे लंड की प्यास को बजाने आ जाती थी. मेरे घर में मेरी बहन रश्मि के अलावा माँ और पिताजी भी हे. माँ ऑफिस में जाते हे और माँ घर का काम संभालती हे और वह साथ में एक स्कुल में भी पढ़ाने के लिए जाती हे.

बेहें जब चली जाती तब भाभो हर रोज मेरे पास चुदवाने के लिए चली आती थी और एक दिन चुदाई करते समय मेर्री भाभी ने मुझे कहा.

अंजू : क्या कहते हो मेरे रंडी बाज देवर तुम्हे में ज्यादा मजा देती हु के तुम्हारी गर्ल फ्रेंड?

में : जो मजा घर की रखेल को चोदने में हे वह बहार किसी भी रंडी को चोदने में नही हे.

भाभी : और घर की रखेल में मेरी जगह कोई और होती तो?

में : क्या करू जान मेरी कोई और भाभी नहीं हे सिर्फ तू ही हे.

भाभी : अगर मेरी जगह रश्मि होती तो?

में यह सुन कर थोडा चोंक सा गया लेकिन अच्छा लगा सुन कर की काश मेरी बहन की चूत का स्वाद भी मिल जाये. में तो चाहता था की बहन की चुदाई का भी में मजा लू.

में : यह तो उसे चोदने के बाद ही पता चलेगा की तू ज्यादा नमकीन हे या वह हे.

भाभी : चलो अब बाते बंद करो और मेरी प्यास बुजा दो आग लगी हे मेरी चूत में.

मैने भाभी को चूमना चाटना चालू कर दिया पर मेरा ध्यान रश्मि पर था की काश एक बार मेरी बहन की चूत भी मुझे मिल जाए साली क्या माल हे, और फिर मैने भाभी को बोला

में : तुम मेरी मदद करोगी?

भाभी : किस काम में केसी मदद?

में : मुझे रश्मि की बुर का स्वाद लेना हे.

भाभी : पागल हो गया हे क्या? वह नहीं मानेगी और ये बहोत ही मुश्किल हे क्योंकि वह तुम्हारी बहन हे.

में : मुझे वह कुछ भी पता नही हे, तू मेरे लिए कुछ भी कर. नहीं तो में तुजे नही चोदुंगा.

भाभी : में कोशिश करुँगी लेकिन पक्का नहीं कह सकती के क्या होगा, सोच लो.

में : हा मैने सोच लिया मुझे बस रश्मि को चोदना हे बस चोदना हे.

भाभी : ठीक हे मुझे तो चोद ले हरामी, और फिर मेरी और उसकी रास लीला शुरू हो गयी और एक घंटे के बाद भाभी चली गई और में मेरी बहन की ब्रा और पेंटी ढूंढने लगा और मुझे उसकी ब्लेक पेंटी मिल भी गई और में उसे सूंघने लगा. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम आह्ह्ह अहः क्या मस्त नशीली खुशबु आ रही थी उसमे से. मेरा लंड तो फिर से खड़ा हो गया मैने रश्मि को सोच कर मुठ मारी, और में लेट कर रश्मि के बारे में सोचने लगा, थोड़ी देर बाद डोर बेल बजी मैने दरवाजा जाके खोला और देखा तो मेरी बहन आ गयी थी उसका जिस्म देख कर मेरा मन मचल गया और में मन में सोचने लगा की साली क्या मस्त कडक माल हे तू, एक बार मेरे लंड से चुदवा के देख ले.

रश्मि अंदर आकर बैठ गयी रोज की तरह, उसने सलवार और सूट पहना हुआ था सफ़ेद कलर का जिसमे उसकी अंदर की समीज साफ़ दिख रही थी, फिर बहन फ्रेश होने के लिए गयी और मैने तभी भाभी को कोल किया.

में : हेलो जान.

भाभी : क्या हुआ देवरजी?

में : रश्मि आ गयी हे कब तक मुझे इसकी दिलवा दोगी?

भाभी : थोडा सबर तो रखो ज्यादा जल्दी भी मत करो, में वही पर आती हु और तुम मुझे रश्मि के सामने फ्लर्ट करना और मुजे टच करने की कोशिश करना. और तुम यह भी भूल जाओ के आज ही बहेनचोद बन जाओगे.

में : ठीक हे जल्दी आ जाओ यह कह कर मैने फोन रख दिया और इधर से रश्मि भी बाथ रूम से बहार आ चुकी थी और वह टीवी देखने लगी थी. में आगे वाले रूम में जाके मोबाईल में पोर्न देखने लगा. और थोड़ी देर में अंजू भाभी आ गयी और मैने डोर खोला.

वह घर में आई और रश्मि के पास जा के बैठ गयी, और में भी उठ कर अंदर वाले रूम में आ गया.

में : भाभी क्या बात हे? आज तो आप बहोत अच्छी तयार हो कर आई हो कही भैया के साथ बहार जाने का प्लान हे क्या?

भाभी : अरे वो कहा मुझे लेकर जायेंगे उनके पास तो टाइम ही नही हे.

रश्मि : हां भाभी मुझे भी यही लग रहा था की आप कही बहार जा रही होगी.

भाभी : अरे में कहा जाउंगी वह मुझे कही लेकर जाए तो जाऊ ना, वह तो मुझे कही भी लेकर नहीं जाते हे.

में : तो चलो में आपको ले चलता हु.

भाभी : तुम मुझे कहा लेकर जाओगे?

में : लवर्स पॉइंट पर.

भाभी : अगर तुम्हारे भैया को पता चला ना तो तुम्हारा कुछ नही पर मरा चेहरा जरुर लाल कर देंगे.

रश्मि : उसमे क्या भाभी, तुम देवर के साथ हो तो जाओगी और कोई पराया थोड़ी ना हे.

भाभी : मैने तो उनको छोड़ के किसी के भी साथ कभी नहीं जा सकती, में मन में सोच रहा था की साली कितनी बड़ी रंडी हे रोज चुद्वाती हे मेरे से और अभी सती सावित्री बन रही हे.

रश्मि : बेठो में चाय बना देती हु, रश्मि किचन में गयी तो मैने भाभी को एक लिप किस किया, और भाभी ने मेरे हाथ में से मेरा मोबाईल एकदम से छीन लिया और बोली.

भाभी : दीदी यह मोबाईल देखो तो यह कोनसा वीडियो देख रहे थे, मुझे नहीं मालुम था की यह रंडी कोई चाल चल रही हे, मेरी तो गांड फट गई क्योंकि, पोर्न देख रहा था, में मोबाईल छिनने की कोशिश करने लगा लेकिन भाभी ने मेरा मोबाईल ब्लाउज में रख दिया और इतनी देर में रश्मि भी आ गयी.

रश्मि : क्या हुआ भाभी?  बताऊ दीदी को क्या देख रहे थे?

में : मेरा मोबाईल दे दो नहीं तो में निकाल लूँगा, और मेरी बहन वही खड़ी खड़ी हस रही थी.

भाभी : हिम्मत हे तो निकाल के दिखाओ और नही निकाल सकते तो में दीदी को बोल दूंगी के तुम क्या देख रहे थे.

रश्मि : भाभी यह क्या कर रहा था जरा मुझे भी तो बताओ?

में : मोबाईल दो मेरा.

भाभी : निकाल लो हिम्मत हे तो, मेरी तो अब गांड फटने लगी थी क्योंकि रश्मि और घर के बाकि लोगो के सामने हमारा रिश्ता अभी भी भाभी और देवर का ही हे, लंड और चूत का नहीं. मैने कहा अगर रश्मि नही होती तो में निकाल लेता.

भाभी : समज लो दिदि यहाँ पर नहीं हे निकाल लो, हे हिमत?

रश्मि : तुम दोनों जानो के क्या करना हे, मेरी तो चाय पक रही हे, रश्मि किचन में गई और मैने भाभी की ब्लाउज में हाथ डाल दिया.

में : मेरा मोबाइल दो.

भाभी : में नहीं दूंगी ऐसा बोल कर वह मोबाईल को हाथ से दबाने लगी थी, हम दोनों मोबाईल के लिए इतनी कशमकश कर रहे थे की भाभी कब बेड पर लेट गई और में उनके उपर चढ़ कर उनके ब्लाउज में से मोबाइल निकाल ने की कोशिश कर रहा था यह मुझे कुछ भी पता नहीं चला.

रश्मि : ये लो चाय पि लो तुम. रश्मि ने हम को ऐसे देख लिया पर वह कुछ भी नही बोली क्योंकि उसे लगा की हम लोग मस्ती कर रहे हे.

भाभी : यह ले लो, मुझे तुम्हारा मोबाइल नहीं चाहिए में तो ऐसे दस खरीद लुंगी तुम्हारे भैया से बोल के.

रश्मि : आज पहली बार तुमको ऐसा इतनी मस्ती करते हुए देखा हे वरना कभी भी ज्यादा बात नही करते हो आप, ऐसा क्या हे इस मोबाइल में?

भाभी : इनकी गर्ल फ्रेंड के फोटो देख रहे थे बिना कपडे वाले, ऐसा बोल के वह हस दी, और में भी शरमा गया. दीदी आपका मोबाईल दो ना मुझे आपके भैया को फोन लगाना हे. रश्मि ने मोबाइल दे दिया लेकिन भाभी ने उसे भी ब्लाउज में रख लिया और बोली.

में घर जाकर देखूंगी के इसमें किसके किसके फोटो हे.

रश्मि : यही पर देख लो ना उसमे कुछ भी नही हे.

थोड़ी देर के बाद भाभी रश्मि का मोबाइल देकर चली गई और तब तक माँ भी आ चुकी थी, और इसी तरह रोज दिन में में और भाभी बहन के सामने मस्ती करते थे और धीरे धीरे मेरी बहन को हम पर शक होने लगा था, क्योंकि जब भी मेरी बहन ऑफिस से घर पर आती तब मेरी बहन यही पर मिलती थी. और में आज कल घर में शर्ट निकाल कर घुमने लगा था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  एक दिन भाभी ने मुझे बताया की जब में घर में नहीं था तब उनके और रश्मि के बिच क्या बात हुई.

भाभी : आप को कोई बॉय फ्रेंड हे की नहीं?

रश्मि : नही, क्यों?

भाभी : क्या दीदी आप भी ना इतनी सुंदर हो और जूठ मत बोलो.

रश्मि : नही हे भाभी, लेकिन आपका शादी से पहले जरुर रहा होगा, और वह कुछ बोली नही और स्माइल देने लगी.

रश्मि : अच्छा तो सच में था मतलब.

भाभी : हां, लेकिन तुम्हारे भैया को यह बात पता नही चलनी चाहिए.

रश्मि : अरे वह पहले था ना और आब कहा से पता चलेगा.

भाभी : अब भी मेरा एक हे.

रश्मि : क्या, कोन भाभी,

भाभी : हे कोई.

रश्मि : भाभी यह गलत हे और भाई को पता चल गया तो?

भाभी : तुम्हे नही पता चला तो उनको कहा से पता चलेगा?

रश्मि : मुझे नही पता मतलब?

भाभी : कुछ नही छोडो. तुम बताओ तुमने किसी को बॉय फ्रेंड बनाने की नहीं सोची हे क्या?

रश्मि : भाभी आप पहले बताओ की आप गलत क्यों कर रही हो? आप की तो शादी भी हो चुकी है और फिर भी.

भाभी : में नही चाहती की मेरा और तुम्हारे भाई का रिलेशन ख़राब हो लेकिन वह मुझे बिस्तर पर खुश नहीं रख पाते और अगर यह बात ने उन्हें बताउंगी तो रिलेशन पर असर पडेगा, इसीलिए मुझे बहोत सोच समज कर यह कदम उठाना पड़ा. लेकिन प्लीज़ तुम किसी से नहीं कहना और यह मेरी और तुम्हारे भैया की जिंदगी का सवाल हे, क्या आप यह चाहती हो के हम लोग अलग हो जाये?

रश्मि : ठीक हे किसी को नही कहूँगी.

भाभी : तुम्हारा कोई बॉय फ्रेंड क्यों नही हे?

रश्मि : में ऐसे ही किसी को नहीं बनाउंगी किसी मर्द को सिलेक्ट करुँगी.

भाभी : लेकिन उसके लिए तो पहले आप को उसके साथ हमबिस्तर होना पड़ेगा.

रश्मि : तो क्या करू भाभी आप ही बताओ.

भाभी : क्यों अपनी जवानी बरबाद कर रही हो? एक बार जवानी चली गई तो बहोत पछताओगी खुल के मजे लो जवानी के और कोई अपना बॉय फ्रेंड बना लो.

रश्मि : क्या भाभी आप भी, लड़के सिर्फ एक ही चीज के लिए गर्ल फ्रेंड बनाते हे और फिर मुझे डर लगता हे.

भाभी : अगर लड़के एक ही चीज के लिए गर्ल फ्रेंड बनाते हे तो तुम भी सिर्फ एक ही चीज के लिए बॉय फ्रेंड बना लो. और बहार डर लगता हे तो घर में कर लो मरी तरह.

रश्मि : भाभी आप घर में किस से..

भाभी : आप किसी को बताओगी नहीं तो आप को भी में दिलवा दूंगी.

रश्मि : नहीं बताउंगी

भाभी : देवरजी से, फिर कुछ देर बाद भाभी चली गई और रात में मेरे मोबाईल पर मेसेज आया.

भाभी : दीदी कहा हे देवरजी?

में : घर में हे.

भाभी : ठीक हे, और फिर में अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने लगा. मैने देखा की रश्मि बड़े गौर से मोबाईल में कुछ कर रही थी लेकिन मैने देखना सही नहीं समजा.

अगले दिन जब भाभी घर पर आई तो आते ही बोली.

भाभी : आज मेरा रंडीबाज देवर बहनचोद बन जायेगा.

में : क्या बात कर रही हे मेरी रंडी, तूने उसे मना लिया क्या?

भाभी : नही लेकिन आज तेरा काम बन गया लगता हे, और अब ये बताओ की दीदी ने रात को कब तक मोबाइल चलाया?

में : येही कोई १ बजे तक क्यों?

भाभी : कल रात की मैने दीदी को कुछ गन्दी गन्दी कहानिया सेंड कर दी थी भाई बहन वाली.

में : भाभी अगर आज मेरा काम हो गया तो में तेरी बहोत ही धमाकेदार चुदाई करूँगा और नहीं हुआ तो तेरी गांड को फाड़ के रख दूंगा.

भाभी : फाड़ देना में भी यही तो चाहती हु की तू मेरी फाड़ के रख दे. तभी भाभी के पास रेशमा का मेसेज आया उसमे लिखा था एस मैने मेसेज पढ़ा. तो भाभी ने मुझे बताया की मैने उसे कहानी सेंड करने से पहले मेसेज किया था की अगर तुम बॉय फ्रेंड बनाना चाहती हो तो देवरजी ने क्या बुराई? हे घर की बात घर में रहेगी और किसी को कुछ शक भी नही होगा. और अगर तुम कहो तो में देवरजी से बात करू, कल तक तुम सोच कर बता देना और उसे एक कहानी और सेंड की और मुझसे कहा.

भाभी : जब वो  आएगी तब हम दोनों बिस्तर पर लेटे रहेंगे और बाकी काम आप मुज पर छोड़ देना.

में : ओके शाम को जब रश्मि आई तो में बिस्तर में लेटा हुआ था और भाभी ने गेट खोला और फिर आकर मेरे बगल में लेट गयी. रश्मि यह देख कर मुस्कुराई लेकिन कुछ भी नही बोली, लेकिन में उठ के बेठ गया, मुजे थोड़ी शर्म और डर लग रहा था.

भाभी : दीदी से ज्यादा तो आप डर रहे हो देवरजी.

रश्मि : भाभी में क्यों डरूंगी मैने आप के जेसे कुछ गलत थोड़ी ही कुछ किया हे?

भाभी : चलो ठीक हे कोई नहीं डर रहा लेकिन मेंरा एक काम कर दो बस तुम दोनों …

हम दोनों भाई बहन एक साथ बोले : क्या अब ऐसे अंजान मत बनो और तुम दोनों को पता नहीं हे की क्या करना हे तो हम तुम बेठो में तो जा रही हु मैने भाभी का हाथ पकड़ा और कहा.

में : तुम कहा जा रही हो अभी तो खेल शुरू हुआ हे.

भाभी : आज दूसरी पिच पर खेलना और फिर रश्मि का हाथ पकड पर उसे मेरे ऊपर गिरा दिया. मैने भाभी का हाथ नहीं छोड़ा लेकिन एक हाथ रश्मि को पकड लिया और उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था, मन तो कर रहा था की रश्मि को नंगा कर के चोद डू लेकिन ऐसा नहीं किया, रश्मि क्या माल लग रही थी उसने रेड सलवार सूट पहन रखा था.

मैने भाभी से कहा

में : यही रुको न प्लीज़.

भाभी : अब तुम बोलते हो तो रुक जाते हे.

और भाभी ने मेरे जींस की जिप पार हाथ रख के लंड को रगड़ना चालू कर दिया. मैने हिमत कर के रश्मि के लिप्स पर लिपस रखे और जब  उसने कुछ नहीं कहा तो में उसके लिप्स को चूसने लगा. भाभी मेरे लंड को जींस के ऊपर से मसलने लगी थी और में रश्मि के बूब्स को सहला रहा था.

में : आःह अह्ह्ह अह्ह्ह रश्मि मेरी बहन तेरे लिए में कब से तडप रहा था, रश्मि भी मेरा साथ दे रही थी लेकिन थोडा डरी हुई थी और मैने उसके बूब्स को दबाना चालू कर दिया.

रश्मि : आःह्ह्ह्हह धीरे. में और जोर जोर से बहन के बूब्स को दबाने लगा और बहन मेरी जान है तू रश्मि आहाह आम्म्म.

भाभी : ओये मेरे रंडी बाज देवर जेसा मुझे बोलते हो वैसा ही बोलो नहीं तो में भी तुम्हारी गलिया नही सुनूंगी,

में : रश्मि मेरी बहन मरी रंडी आय लव यु.

रश्मि : आह आह्ह भाई.

मैने रश्मि के सूट को उपर किया और उसकी रेड ब्रा उह्ह्हह्ह, क्या मस्त बूब्स थे मेरी बहन के. मैने तो जल्दी से उसकी कुर्ती निकाल दी वो शरमा गई और अपने हाथ से छुपाने लगी. मेरी भाभी ने उसके हाथ पकडे लेकिन उसने हाथ नहीं खोले. मैने भाभी का ब्लाउज निकाल दिया और कहा.

में : मेरी बहन आज से तू मेरी हे. अपनि भाभी से मत शरमा और मैने उसके हाथ को पकड के धीरे धीरे अलग किया. अब में रश्मि के बूब्स को ब्रा के ऊपर से मसल रहा था.

रश्मि : भाई धीरे आह्ह अह्ह्ह अहह मम्म अम्म्म ओह्ह ओह्ह ओह्ह भाई. इधर भाभी ने रश्मि की सलवार निकाल दी और खुद भी नंगी हो गयी.

रश्मि को बहुत शर्म आ रही थी लेकिन में उसके बूब्स दबा रहा था तो उसे खूब मजा आ रहा था, मैने रश्मि के ब्रा को अलग कर दिया उफ़फ क्या मस्त गोर चिकने बूब्स थे बहन के?

में : वाह्ह्अह्ह्ह मेरी रंडी बाज बहन क्या मस्त गोर बूब्स हे तेरे रंडी, एकदम सॉफ्ट सॉफ्ट हे.. उफ्फ्फ्फ़ में उन्हें चूसने लगा और एक हाथ से रश्मि की बुर को पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा भाभी ने मेरी जींस उतार दी थी और शर्ट तो मैने पहनी ही नही थी.

अब में चड्डी ने था और रश्मि पेंटी में. और मेरी भाभी ने ब्रा और पेंटी पहन रखी थी. मैने भाभी की ब्रा निकाल फेकी और में रश्मि के बूब्स को चूसने लगा और रश्मि की पेंटी के अंदर हाथ डाल के बुर मसलने लगा. भाभी भी मेरा साथ दे रही थी. वो एल हाथ से खुद को मसल रही थी और दुसरे से रश्मि के बूब्स दबा रही थी.

बहोत देर तक रश्मि के बूब्स चूसने के बाद में रश्मि के दोन्हो पेरो के बिच में बेठ गया और उसकी बुर को चाटने लग गया लेकिन भाभी ने मुझे उठा दिया और कहा की लेट जाओ.

मैने ऐसा ही किया में लेट गया और फिर मेरी भाभी ने रश्मि को मेरे मुह पर बेठने को कहा. रश्मि ने उसकी चूत को मेरे मुह पर रख दिया और में उसको चाटने लग गया और तब भाभी मेरे लंड को चाट रही थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

रश्मि : आह्ह अह्ह्ह हह्ह्ह मम्म अह्हह ममं ओघ्ह्ह हाहाह भाई और कर हाहाह हहह आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह मुझे पहले पता होता की चुदाई में इतना मजा आता हे तो में कब से तुजसे चुदवा लेती मुझे तो लगता था की चुदाई करने में सिर्फ मर्द को मजा आता होगा और ओरत की तो हालत ख़राब हो जाती हे. लेकिन में गलत थी तुम मेरी चूत चाट रहे हो या मुझे स्वर्ग की सफर करा रहे हो ये मुझे समज में नही आ रहा हे. मुझे अगर पहले मिल जाते तो में आज तक तुम्हारी पक्की रंडी बन गई होती और तुजे पराई ओरत के पास अपने लंड को शांत करने के लिए जाना भी नहीं पड़ता मेरे प्यारे भाई और चूस मेरी चूत को आज इसका सारा का सारा माल तू निकाल के पि जा. आअज मुझे सच्चा अहसास हो रहा हे की एक पुरुष ओरत की चूत को केसे चाट के साफ कर के उसे आनंद देता हे और उसे स्वर्ग में पंहुचा देता हे. आहाह्ह अह्ह्ह ..अहह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.

भाभी : आज देखो दीदी तुम्हे जवानी का अहसास होगा. में तो लगा रहा था चूत को चाटने में. और मेरा लंड बहोत ही टाईट हो चूका था. और उसे अब किसी का होल चाहिए था.

मैने रश्मि से कहा.

में : चल आजा मेरी रंडी बहन अब तूने मुझसे बहोत चुसवा लिया हे और अब तू अपने भाई का मिठा मीठा लंड चूस के उसको खुश कर दे.

रश्मि : नहीं में यह कभी नहीं कर सकती मुझे एकदम गंदा लगता हे और मुझे एकदम से उलटी आ जाएगी.

भाभी : रहने दो देवरजी उसके साथ जोर जबरदस्ती ना करो उसका पहली बार हे और वह भी धीरे धीरे रंडी की तरह तुम्हारा लंड चूसने लग जाएगी और फिर तुम्हे भी बहोत मजे कराएगी लेकिन अभी तो शुरुवात हे तो तुम जरा आराम से करो.

अब मेरे लंड को तो ठंडा करना ही था तो मैने रश्मि को लेटाया और उसकी गांड के निचे तकिया लगाया और चार पाच थप्पड़ उसकी गांड पर मार दिए और उसकी गांड मैने गोरी गोरी से एकदम टमाटर की तरह लाल लाल कर दी.

रश्मि : हरामजादे चोद रहा हे की मार रहा हे मुझे.

भाभी : प्यार से चोद लो देवरजी. यह बहन हे आप की, भाभी नहीं हे जो सब कुछ चुपचाप सहन कर लेग. मेरी तो मज़बूरी हे की मुझे मेरा मर्द खुश नहीं कर सकता वर्ना पराये मर्द के पास कोई नारी नहीं जाएगी और आज कल तो सबका फेशन चल रहा हे शादी से पहले एक बार सिल तुडवाने का. तो आप अपनी बहन की सिल आराम से तोड़ लो.

फिर मैने अपने लंड पे कंडोम चढ़ाया और रश्मि की बुर को मेरी उंगली से सहलाने लगा और फिर मैने भाभी से कहा.

में : आज तुम्हारी वजह से मुझे एक सिल तोड़ने को मिलेगी थेंक यु भाभी.

रश्मि : भाभी के गुलाम आब तो मुझे चोद दे कब से तडपा रहा हे मुझे.

अब में अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रख के रगड़ने लगा और मेरी बहन की आह्ह अह्ह्ह हह्ह्ह अम्मम्म अहह्ह्ह आन्हे सुनने में मुझे बहोत मजा आ रहा था. तभी भाभी ने मुझे न्यूज़पेपर दिया और कहा की इसको बहन की चूत के निचे रख दो अगर खून निकला तो इसमें आ जायेगा, फिर मैने भाभी को थैंक यु कहा और उसने कहा वैसे मैने पेपर को चूत के निचे रख दिया. फिर में अपना लंड उसकी चूत में धकेलने लगा. मैने लंड  को अंदर डालने के लिए थोडा जोर लगाया और मेरी बहन जोर से चीख उठी.

रश्मि : आःह हहह अह्ह्ह हह्ह्ह हहह मर गई में आःह अह्ह्ह्ह मा मर गई साले हरामजादे आह्ह्ह अहः बहनचोद उसकी आँख से अब आंसू निकल आये थे और मेरा तो एकदम पूरा का पूरा लंड अंदर जा चूका था. में थोड़ी देर तक बिना जरा भी हिले वही पर रुक गया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम भाभी ने देखा तो रश्मि की चूत से खून निकल रहा था तो वह बोली.  भाभी : दीदी बस अब काम हो गया हे अब आप को तकलीफ नही होगी. मेरी बहन रो रही थी और उसकी आँख से आंसू आ रहे थे और उसने बहोत मुश्किल से उसकी आवज को दबाके रखा हुआ था. अब मैने धीरे धीरे अपना लंड ऊपर निचे करने लग गया और उसे तो अभी भी दर्द हो रहा था. उसकी आवाज निकलने लगी तो मेरी भाभी ने अपना हाथ उसके मुह पर रख दिया. और में आपने लंड को अब जोर जोर से रगड़ने लगा. और थोड़ी देर बाद रश्मि को दर्द कम हुआ तो वह खुद आपने आप उछलने लगी थी.

रश्मि : आह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह आह्ह अम्मम्म येस्स उआह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह आह्ह्ह भाई और जोर से आह्ह्ह येस्स्स्स आज मेरी सारी प्यास मिटा दो आह्ह आह्ह और जोर से करो मुझे बहोत मजा आ रहा हे भाई आह्ह्ह हह्ह्ह येस्स्स्स उह्ह्ह्ह येस्स्स्स. आज अपनी बहन की चूत को फाड़ दे बहनचोद.

और फिर उसने मुझे अचानक से बहोत टाईट पकड लिया और कहने लगी के बस बस बस में समज गया की इसका पानी बहार आ गया हे. मैने उसे कहा रंडी २ मिनिट और रुक जाती तो क्या होता हरम जादी मेंरा पानी भी आ जता ना कुतिया.

रश्मि : बस अब नही प्लीज़,

में : मेरा पानी कोण निकालेगा.

भाभी : ओये रंडीबाज मुझे भूल गया क्या साले बहनचोद.

में : आरे मेरी रंडी तुजे तो में जिंदगी भर नही भूल सकता हु. मैने रश्मि को छोड़ दिया और फिर मैने अपने लंड का पानी मेरी भाभी को चोद कर निकाल दिया.

उस दिन के बाद में, मेरी भाभी और मेरी बहन का चुदाई का खेल चालू हे. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

हाय दोस्तों, मेरा नाम समीर सिंघानिया हे, में २१ साल का हु और मेरे लंड का साइज़ ६.२ इंच हे. यह स्टोरी मेरे घर के सामने रहने वाली एक जॉइंट फेमिली की बहु श्वेता भाभी की चुदाई की हे. एक बार मेरे घर के सभी लोग बहार गये हुए थे, और उनके घर के सभी लोग भी बहार गये हुए थे और वह लोग कुछ दिनों के बाद वापस आने वाले थे. में अपने घर में अकेला था और वह अपने घर में अकेली थी. जब मुझे कुछ जरूरत पड़ती तब में उसको कह देता था और जब उसको कुछ जरुरत पड़ती तो वह मुजको कह देती थी.. एक बार वह मेरे घर पे दूध मांगने के लिए आई हुई थी. मैने कहा की भाभी आप थोड़ी देर बैठिये में नहा के आता हु और फिर आपको दूध देता हु. फिर में नहाने चला गया और जब वापस आया तो भाभी टीवी देख रही थी और में जान बुच कर उसके सामने ही कपडे बदलने लगा पण हा मेरे ऊपर टावेल लपेटा हुआ था.

फिर मैने उन्हें दूध दिया और कहा की लीजिये भाभी दूध आपका दूध खतम हो गया है क्या?

वह मेरी डबल मीनिंग बातो को समज रही थी पर कुछ रिप्ले नही देती थी और उसे बुरा भी नही लगता था. भाभी बोली और बताओ भैया क्या चल रहा हे. वह हमे प्यार से भैया बुलाती थी नॉर्मली सभी लोगो के लाइफ में जैसे होता हे. हम बोले कुछ नही भाभी बस बैठे रहते हे आप बताइए. वह बोली के हा मेरा भी तो ऐसा ही हे मुझे भी कोई काम नही हे. हम ने कहा की ठीक हे चलिए अकेले अकेले रहती हे मजा ही आता होगा तो वह बोली की हां क्यों नही अकेले में जैसे बहुत मजा आता हे. अब में चलती हु मैने कहा ठीक हे. में उसको उसे चोदने की इच्छा को सीधे सीधे नही बता सकता था, और भाभी तो क्या बवाल लगती थी एकदम कडक २८-२९-२८ का फिगर हे उनका और बहोत सुंदर भी लगती हे. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

शाम को हम उनके घर ऐसे ही बात करने के लिए चले गए क्योकि हम घर पर अकेले बोर हो रहे थे तो वह साडी में थी तो मैने पूछा की भाभी अभी तो कोई घर पे नही हे फिर भी आप साडी ने क्यों हे? तो वह बोली के साडी में ही अच्छा लगता हे इसीलिए और बताइए आज हमारी याद कैसे आ गयी आप को? हम कहे की भाभी आपकी याद तो हमे हमेशा आती रहती हे आभी तो घर पर कोई नही हे तो जब भी खाली होते हे तो आपको ही याद करते रहते हे. वह बोली अच्छा अच्छा आप आपना मस्का आपने पास ही रखिये. हम पूछे की भाभी आप खली क्यों बेठी हे टीवी नही देखती हे क्या तो वह बोली की टीवी ख़राब हो गया हे तो हम कहे अरे गजब हे आप तो चलिए मेरे घर पे देख लीजिये और वह थोड़ी देर सोच के बोली चलिए.

अपने घर आने के बाद हम टीवी कम और मजाक मस्ती ज्यादा कर रहे थे और हम डबल मीनिंग बातें भी बहुत कर रहे थे. वह फिर बोली समीर भइया आप जो डबल मीनिंग बातें करते हैं मैं वह सब समझती हूं हम तो थोड़ा सोचने लगे कि अब कुछ बात बन सकती है तो हम बोले कि अगर भाभी आप सब समझती हैं तो कुछ रिप्लाई क्यों नहीं करती तो वह बोली इसमें रिप्लाइ देने वाली कौन सी बात है…

हम कहे अच्छा भाभी आप नाराज तो नहीं होती ना?

वह बोली नहीं जी आप पागल है क्या? हम आपकी बातों से नाराज क्यों होंगे? फिर वह हमसे अचानक पूछे अच्छा यह बताइए की कितनी गर्लफ्रेंड है आपकी तो हम कहें एक भी नहीं. तो बोली अच्छा जी कभी सच भी बोल दीजिये. अच्छा यह बताइए कि कितने लोगों के साथ किये है? हम कहें की क्या किया है? वह बोली इतना डबल मीनिंग बातें करते हैं पर समझते नहीं है ऐसा तो हो नहीं सकता कितने लोगों के साथ सेक्स कीया है? हम थोड़ी देर के लिए चुप हो गए फिर अपने अंदाज में बोले की भाभी नहीं  कहां किया है लड़कियां आसानी से देती नहीं है तो वह बोली अरे तो उसमें क्या है एक सुंदर सी लड़की पटाईए और कर लीजिये अपना काम… यह बोलते हुए वह हमें मजाक में अपनी तरफ खींच रही थी. हम कहें अच्छा भाभी अगर हम आपके साथ सोना चाहे तो..

तो वह थोड़ी मुस्कुराई और बोली अगर सोना है तो सिर्फ सोएंगे और कुछ नहीं और हम हंस के कहे की  अरे भाभी सोने का मतलब हम आपके साथ सेक्स करना चाहते हैं. उसे तो कुछ भी  समझ नहीं आया कि क्या कहे उस रिएक्शन को फिर वह बोली अच्छा मतलब हम ही मिले थे? अब सब कुछ क्लीयर था. तो हम बिना कुछ बोले उनका हाथ पकड़े और पीछे की तरफ मोड़ के उनके गले से बाल हटा कर गले पर पर हाथ रखते हुए उन्हें लिटा दिए.

फिर उनके गले पर किस करने लगे वह एकदम चुप थी. फिर उन्हें गले पर किस करते हुए ओठो पर किस करने लगे और अपना सीना उनके बूब्स पर दबा रहे थे फिर क्या बताएं गजब का मजा आ रहा था.  फिर किस करते हुए नीचे आ रहे थे और उनकी चुचियों को ब्लाउज के ऊपर से किस कर रहे थे फिर उनके पेट पर आये और दोनों हाथों से पेट के साइड से दबाए और बीच में किस किये तब उन्हें आवाज निकाली आह्ह अहह अहह उम् औम्म्मम्म.

फिर नीचे जाने की बजाए और वापस चुचियों की ओर आए और चुचियों को किस किया और इस बार जोर से दबा कर अब वो आवाजें निकालना शुरू कर दी अहः मम्म उम्म्म्म अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हुह उह्ह्ह्ह अईई अम्म्मम्म. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

फिर नीचे से उनकी सारी की गांठ खोल दिया और उन्होंने अपनी सांसे छोड़ दी फिर मैंने उठ कर लाइट ऑफ कर दी और डिम लाइट जला दी. फिर मैंने उनके ऊपर लेट गए और लेटते ही अपना सारा भार उनके ऊपर दे दिए. उनकी चुचिया दब गई थी और मेरा लंड उनके पेट की नाभि के नीचे था फिर मैंने उन्हें घुमा के साड़ी निकाल दी और उन्हें पेट के बल कर दिया.

फिर पीछे से उनका ब्लाउस खोल कर किस करने लगा पीठ पर फिर उन्हें सीधा करके उनका ब्लाउज निकाल दिया और फिर वह हमें पकड़ ली और खुद लेटे लेटे मेरा टी शर्ट निकाल दी और बनियान भी उतार दी. और फिर मेरे सीने के पास किस करने लगी और किस करते हुए पकड़ ली और थोड़ी देर बाद शांत हो गई. फिर हम उनके कमर को दबाए तो वह अहहह अह्ह्ह की  आवाज निकाली. फिर हम नीचे लेट गए और वह मेरे ऊपर आकर मेरे लोवर को और अंडरवेयर को निकाल दी. फिर अपने पेटिकोट का नाडा खोल दी और हम पेटिकोट निकाल दिए फिर उनके पैंटी भी निकाल दी. और वह मेरे ऊपर बैठे-बैठे मेरे लंड को अपने बुर में डाल दिया और लंड चूत में घुसते  समय हमें मजा आया की ….

फिर मैं ऊपर नीचे होने लगी और मदहोश होने लगी पर मैं भी गर्म होने लगा फिर उन्हें हमने खींच लिया और अपने ऊपर लेटा दिया और फिर लंड आगे पीछे करने लगे और उनकी ब्रा भी खोल दिए. फिर वह मेरे ऊपर से उठ कर बेठी तो उनका ब्रा गिर गया और हम दोनों फिर सेक्स का गजब का मजा लेने लगे. और फिर उन को बेड़ पर लेटा दिया और हम उनके ऊपर आकर उन्हें चोदने लगे और वह आवाजें निकाल रही थी अहः हहह मम्म उंम्म हाहाह येस्स्स्स उह्ह्हह्ह औउम्म्म्म अह्ह्ह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह उम्म्म्म ओह्ह्ह्ह.

फिर वह जड गई और जैसे जैसे जोश चढ़ता था चोदने  की रफ्तार तेज होती रहती थी. फिर मैं झड़ने वाला था और जैसे ही मेरा स्पर्म निकलने वाला था हम अपने लंड को  बाहर निकालें और उसमें से स्पर्म फेंक दिया. फ़ोर्स ज्यादा होने की वजह से  स्पर्म भाभी के मुंह तक पहुंच गया पर कुछ ही बूंद उनके मुंह में गया होगा और बाकी उनके गले और गाल पर था और कुछ चुचियों पर. और फिर हम थक कर पहले तो उनके ऊपर लेट गए और मेरा लंड उनके बुर में ही था और फिर हम साइड में लेट गए अब भाभी भी एकदम थक गई थी. और अब सांसे धीरे होने लगी थी, हम दोनों का शरीर एक दम टूट चुका था फिर भाभी ने साइड के कोने के कपड़े से अपना ऊपर गिरा हुआ स्पर्म साफ किया और फिर एक गहरी सांस लेकर छोड़ दी और लेट गई. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

थोड़ी देर बाद हम उन्हें खिच लिए और उनका मुंह नीचे कर दिए और उनका मुंह कुछ देर तक मेरे लंड के पास था और फिर वह मेरे लंड को चूसने लगी और वह फिर से खड़ा हो गया. हम लेटे हुए थे और भाभी लंड चूस रही थी आवाजें निकल रही थी. और फिर स्पर्म लंड में से निकला और भाभी पूरा स्पर्म पि गई और लेट गई. मैं पूरा थक चुका था और भाभी भी थक चुकी थी. फिर करीब आधा  घंटा लेटे रहने  के बाद मैंने उन्हें चोदने लगा और आखिर में उनका बदन एकदम  टूटने लगा और हम अपना लंड उनकी चूत में डाले ही सो गए और फिर दोनों बहुत गहरी नींद में सो गए हम लोग सुबह 7:00 बजे उठे और फिर धीरे धीरे  सब कुछ साफ कर दिया और फिर उसके बाद तो बहुत बार हम लोगों ने सेक्स किया और साथ में नहाए भी.

Sasural Me Devro Se Chudai-

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुनीता है और यह बात तब की है जब में मेरी शादी के बाद दूसरी बार ससुराल गई। मेरा फिगर 34-30-32 है। मेरे पति बाहर जॉब करते है तो तब मेरे पति घर पर नहीं थे। मेरे दो देवर है और मुझे रूम में देखकर मेरे दोनों देवर खुश हो गये और दोनों मेरे बगल में आकर बैठ गये, वो दोनों जिम जाते है और घर का घी माखन खाकर उनकी बॉडी काफ़ी मस्त हो गई थी। फिर कुछ देर बाद उन लोंगो ने मुझसे थोड़ी हंसी मज़ाक भी करनी शुरू कर दी थी, तभी मुझे लगा कि वो दोनों अपनी कोहनी मेरे बूब्स पर टच कर रहे थे, लेकिन में कुछ नहीं बोली। फिर शाम को मुझे पता चला कि मेरे घरवाले किसी रिश्तेदार के घर जा रहे थे और घर पर बस में अकेली थी और मेरे दोनों देवर भी आने वाले थे। Devro Se Chudai

फिर रात में डिनर तक तो सब ठीक रहा। फिर दोनों बोले चलो भाभी टी.वी देखते है और फिर दोनों मेरे बगल में आकर बैठ गये और फिर से मेरे बूब्स पर अपनी कोहनी टच करने लगे, अब में भी मज़े लेने लगी थी तभी टी.वी पर एक हॉट सीन आया तो मैंने अपनी गर्दन नीचे कर ली। तो मैंने देखा कि उन दोनों की पैंट में उनका लंड खड़ा हुआ था। मैंने फिर उनकी तरफ देखा और बोली कि में सोने जा रही हूँ और मैंने उठने के लिए उनकी जांघ पर हाथ रख दिया। मेरा हाथ उनके लंड को टच कर रहा था। फिर वो दोनों भी मेरे साथ बेडरूम में आ गये, लेकिन फिर में कुछ बोलती जिससे पहले वो दोनों मुझ पर टूट पड़े। में कुछ समझ भी नहीं पाई कि क्या हुआ और जब पता चला तब तक में बेड पर थी। फिर वो दोनों मेरी बॉडी के एक दूसरी साईड में आ गये और एक ने मेरे मुँह को अपने मुँह से लगा कर बंद कर दिया था और एक किस कर रहा था और उनके हाथ मेरे बूब्स पर थे। मैंने उनसे बचने के लिए बहुत हिलने की कोशिश की, लेकिन हिल नहीं पाई, क्योंकि उन दोनों ने मेरे एक-एक हाथ को अपनी बॉडी के नीचे दबा रखा था और पैरो को भी अपने पैरो में फंसा रखा था।

फिर कुछ देर के बाद उन दोनों ने मेरे बूब्स को सहलना शुरू कर दिया। फिर जिसने मेरे मुँह को बंद करके रखा था, वो जैसे ही हटा तो दूसरे ने अपना मुँह लगा दिया और चूमने लगा। मेरे मुँह से बस नहीं नहीं ही निकला, अब तो पहले वाला मेरे गालों पर फिर गर्दन पर किस करने लगा और अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स मसलने लगा। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और एक मेरे पैरो के बीच में हाथ डालकर सहलाने लगा। फिर एक ने मेरा ब्लाउज खोल दिया और ब्रा खोल कर, अहहाहम्म मेरी चूचियों को मुँह में भर लिया, अब में भी मस्ती में डूबती जा रही थी और एक मेरे मुँह को बंद करते हुए फिर मेरे होठों को चूसने में लगा था। तभी एक हाथ मेरी कमर पर घुमाने लगा और फिर उसने मेरे पेटीकोट को भी खोल दिया।

अब में सिर्फ पेंटी में थी और अब वो एक हाथ मेरी पेंटी अन्दर डालकर मेरी चूत को सहलाने लगा और दूसरे ने भी हाथ मेरी पेंटी में डाला और पेंटी के अन्दर हाथ डालकर चूत के छेद में उंगली करने लगा। में झट से उछल पड़ी, लेकिन में कुछ नहीं कर सकी, क्योंकि में उन दोनों के शरीर से दबी हुई थी। फिर एक ने जोर जोर से चूत में उंगली अन्दर बाहर डालना शुरू कर दिया। जिससे में भी बहुत गर्म हो गई थी। फिर मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और चूत से पानी बाहर निकलने लगा और अपना हाथ बाहर निकालकर बोला भाभी भी मज़े ले रही है और फिर मुझसे बोला भाभी मज़ा आया की नहीं, तो में कुछ नहीं बोल पाई।  Devro Se Chudai

फिर वो बोला भाभी आप भी मज़े लो और हमें भी मज़े लेने दो और फिर मेरे मुँह को आजाद कर दिया और होठों को भी आजाद कर दिया। में चुपचाप बेड पर पड़ी थी और फिर एक ने हल्के से मेरी बूब्स को सहलाया तो में झट से उसे पकड़ कर चूमने लगी, वो दोनों खुश हो गये। फिर एक ने अपना हाथ मेरी चूत पर रखा तो मैंने झटके से उसका हाथ हटा दिया तो वो बोला क्या हुआ? तो में स्माइल के साथ बोली तुम लोग अभी तक कपड़ो में हो और में नंगी हूँ तो दोनों हट गये और अपने-अपने कपड़े खोल दिए और फिर मैंने भी अपना पेटीकोट और साड़ी एक साथ उतार दी और फिर एक आगे आकर मेरी पेंटी उतार कर मेरी चूत चाटने लगा। तब मेरा ध्यान उसके लंड पर गया।

उसका लंड लगभग 8 इंच का था, ओह्ह्ह्ह मेरी चूत तो मचलने लगी और एक जो खड़ा हुआ था उसने मुझे आगे आकर अपना लंड पकड़ा दिया तो में भी उसे मुँह में लेकर चूसने लगी। फिर उसने भी मेरे बूब्स चूसना और सहलना शुरू कर दिया था और में अपने हाथ पहले वाले के सिर पर रख कर सहलाने लगी, अहहहः आराम से चाटो बड़बड़ाने लगी और वो भी अपनी जीभ मेरी चूत में अन्दर डाल कर रखता और दूसरा ऊपर मेरे मुँह में धक्के लगाने लगा और बूब्स मसलने लगा, उस समय में तो जन्नत में थी।

फिर पहले वाला उठा और बोला ज़रा मुझे भी लंड चुसवाने दो तो दूसरा हटकर मेरी चूत पर आ गया और चाटने लगा तो में उसे रोककर बोली अब और मत तड़पाओ और चोद भी दो। मेरी चूत तड़प रही थी और उसने चूत को चाटना छोड़कर और उठकर अपना लंड मेरी चूत में डाला और धीरे-धीरे अन्दर बाहर करने लगा। तो में बोली तुम्हारा लंड तो तुम्हारे भैया से बहुत बड़ा है और फिर उसने इतना तेज धक्का लगाया कि उसका आधा लंड अन्दर चला गया और तभी दूसरे ने मेरे मुँह में अपना लंड पूरा डाल दिया और उधर उसने मेरी चूत में एक और ज़ोर का धक्का मार कर पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया। मेरी तो सांस ही अटक गई थी। तब पहले वाले ने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला तो में चिल्ला उठी, ओह्ह्ह्हह फाड़ दी मेरी चूत, अहह्ह्ह्हह्ह। तो वो बोला बस अब दर्द नहीं होगा, बस मज़े लो तो में बोली तो किसका इंतज़ार कर रहे हो इतना सुनते ही वो ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा। Devro Se Chudai

फिर में भी उसका पूरा साथ देने लगी और बड़बडाने लगी, आह्ह्हह्ह ज़ोर से और जोर से हाँ मज़ा आ रहा है, जम कर चोदो, अहह्ह्ह्हह अब मेरे मुँह में लंड डालो। अब मुझे बहुत मजा आने लगा था कि पहले वाला चूत से हट गया, तो में बोली क्या हुआ? तो दूसरा बोला कि अब मेरी बारी है। फिर उसने मुझे डॉगी स्टाइल में कर दिया और जो मेरी चूत से हटा था। उसने आगे आकर मेरे मुँह में लंड डाल दिया और दूसरे ने पीछे से लंड डालकर एक ज़ोर के धक्के के साथ पूरा अन्दर डाल दिया तो में बहुत जोर से चिल्ला उठी और फिर वो मेरी जमकर चुदाई करने लगा। फिर में भी उसका पूरा साथ दे रही थी और फिर 10 मिनट के बाद वो दोनों झड़ गये, एक मेरे मुँह में तो, एक मेरी चूत में झड़ गया और में कितनी बार झड़ी थी मुझे याद नहीं है और उस रात हमने 3 बार और चुदाई की और सुबह तक मेरी चूत फूल गई और बूब्स पर उंगलीयों के निशान पड़ गये थे ।।

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