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Bahen Ki Chudai

indiansexkahani.com हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम सिंघ हे और में आज अपना एकदम सच्चा सेक्स अनुभव शेयर करने जा रहा हु. वैसे में करनाल का रहने वाला हु और में चंडीगढ़ में जॉब कर रहा हु. दोस्तों मेरी उमर २२ साल हे और मेंरा लंड एकदम कडक होने पर एकदम ८ इंच लंबा और ढाई इंच मोटा हो जाता हे. मुझे भाभी, आंटी और सेक्सी लडकियो के साथ सेक्स करना खूब पसंद हे. दोस्तों में आज आप को अपनी एक एकदम सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हु. यह कहानी मेरी और मेरी कजिन बहन के बिच हुई चुदाई की एक सच्ची घटना हे

मित्रो मुझे सेक्स का बहोत ही ज्यादा शोक हे और में दिन में ५-६ बार अकेले अकेले मेरे घर पर सेक्सी लडकियों को और बड़ी बड़ी गांड वाली औरतो को सोच कर मुठ मर लिया करता हु. चलो अब आप लोगो को ज्यादा परेशान न करते हुए में आज की अपनी स्टोरी पर आता हु. शायद आप सब लोग को यह स्टोरी बहोत ही अजीबो गरीब लगे पर ये जरा भी जूठी नहीं हे. में बचपन से ही गलत दोस्तों की संगत में रहा हु तो तभी से मुझे सेक्स के बारे में बहोत कुछ पता चलने लगा था और मुझे सेक्स करने की बहोत ही ज्यादा इच्छा होती थी और मुझे मेरी साडी तरफ सिर्फ सेक्स सेक्स और सेक्स ही दीखता था. और में मेरे स्कुल टाइम में मेरी सेक्सी टीचर्स को देख कर उनको याद कर कर के घर आकर बहोत मुठ मारा करता था.. फिर जेसे जेसे में बड़ा हुआ वेसे वेसे मेरी सेक्स करने की इच्छा भी बहोत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी और मेरी कजिन जिस की उमर उस समय १८ साल थी, और ब्रा साइज़ ३२ और पेंटी की साइज़ ३४ थी. उसको कोई भाई नहीं था और अपने घर में अकेली रहती थी क्योंकि उसके मम्मी पप्पा जॉब पर जाते थे और वह पूरा दिन घर में बैठ बैठ कर एकदम बोर हो जाती थी.

एक दिन ऐसे ही मस्सी का फोन आया और उन्होंने मेरा फोन नम्बर लिया और वह मेरी कजिन बहन को दे दिया ताकि वह मेरे साथ बात कर लिया करे और उसका थोडा टाइम पास भी हो जाये. अब हम आपस में बाते करने लगे थे और बहोत वक्त ऐसे ही बाते करते करते गुजर गया था और हम आखरी बार दो साल पहले मिले थे वह भी एक शादी में. उस समय वह काफी छोटी लग रही थी. सुंदर तो उस समय पर भी बहोत थी पर उसका फिगर अभी उस तरह का नहीं रहा था जब हम आखिरी बार मिले थे.. फिर उसी रात मुझे मेरे मोबाईल पर उसका हाय करके मेसेज आया था और हमने हलकी बात चित शुरू कर दी और एक दुसरे के फोटो भी शेयर किये. मैने उसे देखा तो एकदम देखता ही रह गया क्यूंकि वह काफी बदल चुकी थी और मस्त हो गयी थी. पर उस समय तक मैने मन में उसके लिए कोई भी ऐसा वैसा खयाल नहीं था और अब तो हम रोज फोन पर बाते करने लगे थे और हम लोग आपस में काफी खुल भी गये थे और मैने उसे मेरी गर्ल फ्रेंड मित के बारे में भी बता रखा था. इसके बारे में मेरी लास्ट सेक्स स्टोरी थी की मैने और मित ने हमारा पहला सेक्स किया था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम एक दिन मेरी कजिन की तबीयत खराब थी और उसको फर्स्ट टाइम पीरियड आए थे मैंने पूछा क्या हुआ? तो वह शरमा कर मेरी बात को टाल रही थी. मेरे बार बार पुछ कर जोर करने पर उसने बताया कि उसको आज फर्स्ट टाइम पीरियड आए हैं. वह काफी नर्वस थी और पेन भी बहुत हो रहा था. तो मैंने कहा यह तो लड़की के लिए अच्छी बात है पीरियड आना नहीं तो लड़की कभी मां नहीं बन सकती. तो फिर वह मुझे पूछने लगी की लड़की मां कैसे बनती है? पहले तो मैंने कह दिया नेट पर पढ़ लेना पर उसके जोर डालने पर मैने  बताया कि जब लड़के का सेक्स पार्ट लड़की के सेक्स पार्ट के अंदर जाता है और आगे पीछे करने पर जो लड़के का वीर्य निकलता है उसके अंदर छोड़ने पर उससे बेबी बनता है. तो वह मुझे पूछने लग गई कि यह लड़के का सेक्स पार्ट कैसा होता है, तो मैंने कहा पेनीस लिख कर गूगल कर लेना और देख लेना… उसने फिर काफी लंड की पिक्स मुझे सेंड कर दी और कहा ऐसे होते हैं? मैंने कहा हां. तो वह कहने लगी कि भाई उसको मेरा वह देखना है, तो उस के जोर डालने पर मैंने अपना लंड को  खड़ा कर के उसकी एक पिक मेरे मोबाईल पर निकली और उसे व्हाट्सअप पर भेज दी. वह कहने लग गई यह काफी बड़ा होता है और लड़की का सेक्स पार्ट जहा से मूत निकलता हे वह तो  काफी छोटा होता है और मेरी चूत में तो एक उंगली भी नहीं जाती. मैंने कहा फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द और खून आता है पर फिर आसानी से वह अंदर आता जाता आहे और ओरतो को और मज़ा आने लगता है.

फिर मैंने उसको जिद करके उसकी चूत की पिक्चर देने को कहा  और उसने वह मुझे भेज दी. पर उस पर हल्के हल्के से बाल और उसके पीरियड की ब्लड और पानी के साथ भरे पढ़े थे. और ऐसे हमारी अब बातें सेक्स की तरफ हो गई अब हम रोज सेक्स चैट करने लग गए. और एक दूसरे को पिक्स भेजने लगे थे. एक दिन उसने अपनी चूत की पिक भेजी बिल्कुल क्लीन शेव और एकदम कच्ची कली की तरह उसकी चूत थी. में तो उसे देख कर आपने आप पर जरा भी कंट्रोल नहीं कर पाया और उस दिन मैंने भी मुठ मार कर वीर्य निकाला और उस की पिक मेरे मोबाईल में निकाल कर के  उसको भेज दी. उसने भी बदले में उसकी चूत पर उंगली कर के अपने पानी की पिक भेज दी. अब आग दोनों तरफ फुल जोरों पर थी.

हमको 10 दिन हो गए थे बातें करते करते पर मिलने का कोई प्लान नहीं बन रहा था. फिर एक रिश्तेदार के यहां बर्थडे पार्टी थी तो माँ पंजाब में होने की वजह से घर वालों ने मुझे ही वहां भेज दिया. तो मैंने जान बूझ कर 3 दिन की छुट्टी ले ली ऑफिस से. और पार्टी फ्राइडे को थी, मैंने प्लान बनाया कि फ्राइडे को पार्टी अटेंड कर के मोसी जी के पास चला जाऊंगा ताकि सेटरडे दिन को अपनी कजिन के साथ बिता सकु. और उसको मैंने यह सब बता दियाऔर मेरा उसके साथ मस्ती करने का प्लान भी मैने उसको बता दिया था. और वह सुनकर काफी खुश हो गई और जैसे ही फ्राइडे आया मैंने पहले ही एक सेक्सी ब्रा पैंटी का जोड़ा ले लिया और उसके लिए  गिफ्ट पैक कर लिया, एक चॉकलेट का पैक भी ले लिया था. अब फ्राइडे को में सब से मिला और वह उस पार्टी में मस्त लग रही थी. फिर मैने उसको हाय कहा और बाकि लोगो से मिला. और फिर मैंने उसको बाथ रुम में बुलाया और उसे कस के पकड लिया और उसके के गले लग गया और वह  उस को किस किया. यह उसका फर्स्ट टाइम किस था और वह पूरी लाल हो गई थी किस की वजह से. वह हमारा पहला किस पुरे १५ मिनिट तक चला था. तब मैने उसके सुट के ऊपर से उसकी चूची दबाई और उसके चुचे बहोत ही सॉफ्ट थे. तब मैने उसके साथ कुछ ज्यादा नही किया कही किसी को कुछ भी शक हो सकता था तो मैने उसके साथ कुछ ज्यादा नही किया. और फिर हम दोनो फिर से पार्टी में आ गये और पार्टी एन्जॉय करने लगे तब मैने खुब जि भर के डांस किया और पार्टी ख़त्म होने के बाद में मासी के घर चला आया. और तब मैने मेरे घर पे फोन कर के बता दिया के में अब अगले दो दिनों तक यही मासी के घर पर रुकने वाला हु, और मुझे देख के मेरी मासी बहोत ही खुश हुई, क्योंकि में काफी सालो के बाद उसके घर पर गया था. मेरी कजिन बहन को तो पहले ही सब प्लान पता था तो वह तो उस दिन सुबह से एकदम खुश खुश नजर आ रही थी.

फिर मैं अंदर गया और हम लोगों ने साथ में बैठकर चाय पी फिर हम लोग बातें करने लगे और ऐसे ही इधर उधर की बातें करते करते रात हो गई और हमने खाना खाया और मैं और मेरी बहन टीवी  देखने लग गई मासी और उसके हस्बैंड अपने रूम में जाकर सो गए. उनके जाते ही मेरी बहन मेरे पास आ गई और मेरे छाती पर हाथ फेरने लगी और फिर मुझे इशारा करके रूम की तरफ ले गई. रूम में जाते ही हम एक दूसरे को लिपट गए और पागलों की तरह किस करने लग गए. उसका रूम मासी के रूम के साथ जुड़ा हुआ था, तब हम वहां ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे क्यांकि हमारी कुछ आवाज निकलटी तो उनको शक हो सकता था तो उसने मुझसे कहा कि आप अब बाहर चले जाओ हमारे पास कल का पूरा दिन है हम आराम से करेंगे. फिर मैं उसको एक लंबा किस देकर हॉल में आकर सो गया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी और कल का इंतजार नहीं हो रहा था. तो मैं बाथरूम में गया और एक बार उसको याद कर के उसके  नाम की मुठ मार कर आ गया और फिर सो गया. और में आब सोच ने लग गया था की में उसे अगले दिन किस किs तरह से चोदुंगा और उसे क्या क्या कर के गर्म करूँगा और फिर यह सब सोचते सोचते मुझे कब नींद आ गयी मुझे कुछ भी समज में नहीं आया.

अगले दिन सुबह उसने मुझे उठाया और चाय दी. उस समय मासी किचन में थी तो उनके हस्बेंड नहा रहे थे तो उसने मुझे एक हल्की सी लिप किस भी कर दी. फिर 9:00 बजे तक मासी और उनके हस्बैंड अपनी जॉब पर चले गए, और मेरी कजिन ने कहा कि भाई पहली बार आया है तो वह घर में अकेला बोर हो जायेगा मुझे कंपनी देने के लिए घर पर ही रुक जाएगी. में तो मेरी बहन को चोदने के लिए कब से उतावला हो रहा था और इंतजार कर रहा था की वह लोग कब बहार जाते हे और कब हम अपने मजे शुरू करते हे. और उनके जाते ही मैंने उसको दोनों गिफ्ट दिए उसने उन गिफ्ट को खोल कर देखें और कहा कि उस को चॉकलेट बहुत पसंद है. और उसको मैंने वह ब्रा और पेंटी डाल कर आने को कही और वह तुरंत उसको अंदर जाकर पहन कर आ गई. लाल कलर की ब्रा पैंटी में वह एकदम माल लग रही थी.

तो मैंने उसे जोर से हग किया और उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और 30 मिनट तक जबरदस्त किस किया.

फिर उसने मुझे खुद से अलग किया और ब्रा उतार फेंकी और मुझे वापस अपनी तरफ खींचा और मेरा मुंह अपने बूब्स पर रखकर उसे दबा दिया मैं भी मजे से उस के बूब्स को चूस रहा था और उस के निपल को काट रहा था. मेरे निपल काटने की वजह से वह बोली

वह :  प्लीज भैया जरा आराम से करो मैं कहीं भागी थोड़ी ना जा रही हूं? प्लीज आई प्लीज भैया धीरे धीरे करो अहः औआऊच भैया प्लीज़ धीरे करो ना.

मैं  : काटने में ही तो मजा है मेरी प्यारी बहन. कुछ देर बाद तुम्हें भी मजा आएगा तब तक तुम थोड़ा सहन कर लो.

फिर मैं एक हाथ से उसके दूसरे निपल को खींच रहा था और मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी पैंटी के ऊपर मसल रहा था. उसकी पेंटी अब बहोत ही गीली हो चुकी थी क्योंकि वह अब बहोत गर्म हो चुकी थी और उस की चूत में से रस निकलने लगा था.

वह : भइया प्लीज भइया और जोर से और जोर से करो मुझे बहुत मजा आ रहा है. मुझे ऐसा मजा  आज तक मेरी जिंदगी में कभी नहीं आया और जोर से करो भइया प्लीज़ ज़ोर से करो.

फिर मैंने उसकी पैंटी उतार फेंकी और उसकी एकदम रस भरी चूत के दर्शन किए.. उसकी चूत पर जाटों का जंगल था, मैंने उसे बेड पर सीधा लिटाया और उसके दोनों पैरों को फैला दिया और उसकी चूत को अपने मुंह में भर लिया. चूत को मुह में लेते हैं कजिन ने  मेरे सर को पकड़कर और भी आगे किया और एक दम उसकी चूत से चिपका दिया तो मैंने भी अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और उसने चोर चोर से मोन करना शुरू कर दिया. वह सिसकियां लेने लगी और मेरे चूत पर जीभ घुमाने से एकदम मचल रही थी.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  कजिन :  हां भैया यह क्या कर रहे हो आप? आई अहः अह्ह्ह ई अहह उह्ह औऔ आआह्ह अमम्म अहः ओह्ह्ह  बहुत ही अच्छा लग रहा है और जोर से करो और जोर से करो भइया मुझे बहुत मजा आ रहा है.

फिर उसने मेरे कपड़े उतारे और मेरे लंड को देख के वह बोली की भिया जेसे पिक्स में देखा था उससे भी ज्यादा मस्त लग रहा है. क्या मैं उसको छू सकती हूं? मैंने कहा यह तुम्हारा ही है तुम्हे जो मर्जी आए वह करो. तो उसने उसे पकड़ा और उसके कोमल हाथ लगते ही मैं स्वर्ग में पहुंच गया. और वह उसको पहले सहलाने लगी और टोपी को ऊपर नीचे करके देखने लगी. मैंने कहा इस को मुंह में ले  कर देख. पहले वह हल्का हल्का ले रही थी फिर आराम आराम से पूरा चूसने लगी फिर मैंने उसे 69 पोजीशन में लाया और अपना लंड चूसने को कहा और वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर जोर जोर से अंदर बाहर करके और मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था आप उसके बूब्स  भी बहुत जोर जोर से चूस रहा था. फिर 20 मिनट तक चूसने के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसके बालों को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और अपने लंड को उसके मुंह के अंदर तक जोर जोर से धक्के देते हुए अपना वीर्य रस उसको पिला दिया.

कजिन : भाई आपका वीर्य तो बहुत स्वादिष्ट है. इस बीच वह कई बार जड गई थी. उसका पानी का कोई टेस्ट नहीं था बस हल्का सा नमकीन था.

और फिर मैं उसे कस के पकड़ कर फिर से किस करने लगा और मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा फिर वह मेरे ऊपर आ गई और उसने अपनी चूत को मेरे मुंह पर रख दिया और वह उसे रगड़ने लगी फिर मैंने 15 मिनट उसकी चूत चाटी और दो बार उसकी चूत का पानी पिया.. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

अब वह कहने लगी कि प्लीज़ भैया अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और बना दो मुझे अपनी रंडी और दे दो मुझे भी यह सुख. फिर मैंने उसको लिटाया और उसकी टांगों को फैलाया और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रखा और हल्का सर धक्का लगाया तो थूक और पानी की वजह से वह फिसल गया.

फिर उसने पकड़ कर चूत के मुंह पर रखा और मैं इस बार थोड़ी ताकत से जोर लगाया तो टोपा अंदर समा गया, और वह चीख उठी. मैंने उसके मुंह पर अपना मुंह रखा और उसके होंठों को चूसने लग गया. और कुछ सेकेंड बाद मैंने एक और जोर का धक्का लगाया इस बार मेरा लंड उसकी चूत में समा गया था. और उसकी आंखों से पानी बहने लगा.

वह मुझे अपने से दूर करने की एकदम नाकाम कोशिश कर रही थी. मैं भी उसको देर ना करते हुए उसको चूसता रहा और जैसे ही मुझे लगा कि उसका दर्द कम हो गया है मैंने एक और धक्का मारा और इस बार मेरा पूरा लंड उसके अंदर समा गया और वह चीखती इससे पहले मैंने उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए कुछ सेकेंड बाद मैंने फिर लंड को थोड़ा आगे पीछे करना शुरु कर दिया, तो मुझे काफी टाइट चूत महसूस हो रही थी. और मैं आराम आराम से धक्के लगाने लगा और अब उसका दर्द कम हो गया था और वह मेरा साथ दे रही थी.

फिर 10 मिनट के बाद मैंने उसको डॉगी स्टाइल में आने को कहा और पीछे से आकर उसे चोदना शुरू कर दिया. में बीच बीच में उसके चुचे दबा रहा था, और हमारी चुदाई की आवाज अब पुरे रुम में गूंजने लगी थी. और वह आह्ह आह्ह अहहह अह्ह्ह फक मी आह्ह फक मी आह्ह फक मी हार्ड आह्ह अह्ह्ह  की आवाज  निकालकर मुझे और मदहोश कर रही थी. अब तक वो तीन बार झड़ चुकी थी अब मेरा भी निकलने वाला था. और उसने मुझे अब कस कर पकड़ लिया मुझे पता लग गया कि यह अब फिर झड़ने वाली है और मैंने भी अपने धक्के  जोर से कर दिए.

अब हम दोनों एक साथ ही जड गये और मैंने अपना सारा वीर्य उसके चूत में ही निकाल दिया और उसके ऊपर लेट गया. 20 मिनट के बाद जब हम उठे तब मेरा लंड उसकी चूत में ही था जो कि हमारी पानी और उसके खून से भरा हुआ था, उसने जब देखा तो वह थोड़ी घबरा गई और बेडशीट भी गंदी हो गई थी और वह उठी और बेडशीट से नीचे उतरी तो उससे चला नहीं जा रहा था क्योंकि यह उसका पहला टाइम था और वह 18 साल की थी. पर उसने फिर मुझे पकड़ लिया और कहां थैंक्यू भाई इतने प्यार से मुझे चोदने के लिए, मुझे बहुत मजा आया. और फिर मैंने उसको गोद में उठा कर बाथरूम में ले जाकर साफ किया और फिर साथ में नहाए और बेड शीट भी चेंज की और रुम की साफ सफाई कर दी.

फिर बाथरुम में आकर हम दोनों ने बेड सीट को धोया और उस समय हम नंगे ही थे. उसको देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. और वह मैरे लड को देख कर बोली की  इस को क्या चाहिए? और वह उसको पकड़ कर फिर से सहलाने लगी, और मैंने भी उस को किस किया और उसके बूब्स दबा के उसको तैयार किया. इस बार मैंने बड़े प्यार से उसको बाथरूम में चोदा क्योंकि उसकी चूत हल्की सी सूज भी गई थी और अब उसको और भी ज्यादा मजा आ रहा था. हमने उस दिन सुबह से लेकर शाम तक तीन बार सेक्स किया और शाम को हमने मार्केट से जाकर आई पिल की गोली उसको लाकर दी और उसने ले ली. और रात को एक बार बाथरुम में भी करा कंडोम लगा कर. दुसरे दिन  रविवार को मैं अपने घर आ गया और उससे रात उसका फोन आया और कहने लगी कि यह उस पल को कभी नहीं भूलेगी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

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दोस्तों मेरा नाम अविनाश हैं और मैं आज आप लोगों के लिए एक मस्त हिंदी सेक्स कहानी ले के आया हु. यह कहानी मेरी बहन बबिता की हैं. बबिता के बारे में बता दूँ तो उसका फिगर कुछ ३४-२९-३४ का हैं. वो कोलेज में हैं और बड़े बूब्स और गांड के बहुत चाहनेवालों से घिरी रहती हैं वो हमेशा. उसका रंग साफ़ हैं और वो कोलेज की एक्स्ट्रा करीक्युलर एक्टिविटी में सब से बढ़ चढ़ के हिस्सा लेती हैं. और यह कहानी भी ऐसी ही कुछ पृष्ठभूमि के ऊपर आधारित हैं. मेरी सेक्सी बहन और उसके ग्रुप ने एक ग्रुप-प्ले लिया हुआ था और वो लोगो का रिहर्सल देखने के लिए मैं भी जाता था.

हलकी बारिश में रिहर्सल नहीं हुई

उस दिन हलकी हलकी सी बारिश हुई थी. बिन मौसम की बरसात से यातायात थोड़ी अफेक्ट हुई थी और जमीन से मीठी सी खुसबू भी आ रही थी. मेरा कोलेज बहन की कोलेज के जिमखाना से नजदीक ही था और मैं रिहर्सल के वक्त वहां पहुँच गया. लेकिन रोज की तरह आज कोई चहल पहन नहीं थी. बहार कुछ लड़के बास्केटबाल खेलते हैं वो भी आज नहीं थे. लेकिन मैदान पर कीचड़ तितर बितर था जिसका मतलब वो अभी खेल के गए थे बरसात होने के बाद में. मैं जब रिहर्सल वाले कमरे के पास गया तो मैंने वहां अपनी दीदी के एक क्लासमेट रवी को देखा. मुझे देख के वो थोडा सा घबरा सा गया.

मैंने पूछा, दीदी कहा हैं और आप लोग आज रिहर्स नहीं कर रहे हो?

तो उसने कहा, बबिता तो चली गई अपनी सहेली के साथ. आज बरसात की वजह से आधा ग्रुप आ नहीं सका इसलिए हम लोगों ने रिहर्स नहीं किया.

मैंने कहा, ठीक हैं मैं भी चलता हु.

यह कह के मैं भी वहां से जाने के लिए निकल पड़ा. लेकिन तभी चलते हुए मेरी नजर मेरी दीदी की बेग पर पड़ी जो मेकअप रूम के बहार ही पड़ी हुई थी. मैंने रवी से तो कुछ नहीं कहा लेकिन मैं समझ गया की दाल में कुछ काला जरुर हैं, और वैसे भी मैंने अपनी सेक्सी बहन के बारेम में कुछ गन्दी बातें तो सुनी ही थी. मैंने सोचा की चलो देखता हूँ. मैं जिमखाना के पीछेव वाले हिस्से में चला गया. अभी भी बारिश की बुँदे गिर रही थी. मैंने मेकअप वाले कमरे के पास खड़े हो के खिड़की से अन्दर देखा तो चमक गया. वहां लाईट नहीं थी इसलिए एकदम अँधेरा सा था. लेकिन मैंने देखा की इन लोगों ने एक मोबाइल में टोर्च एप्प ओन कर रखा था जिस से कुछ उजाला था मिडल में. मेरी दीदी की आँखों पर पट्टी बंधी हुई थी और उसके मुहं के आगे ५ लंड थे. जी हां, पांच पांच लंड चुसाए जा रहे थे मेरी बहन को.

क्या चुदवाया मेरी सेक्सी बहन ने

यह लौंडे वही बास्केटबाल वाले थे, और सब के सब एकदम मवाली जैसे थे. किसी ने कान में बाली पहनी थी तो किसी ने अपने लम्बे बालों में रिंग डाल के रखा हुआ था. दीदी के सामने सब लंड की औसतन लम्बाई ७ इंच तो थी ही. और मेरी सेक्सी बहन सब के सब लंड को अपने मुहं और हाथ से टर्न बाय टर्न चूस और हिला रही थी. साली मेरी सेक्सी बहन आज कैसे चुंगल में फंसी हुई थी. और मैं यह कह रहा हूँ की वो फंसी हुई थी क्यूंकि इतने बड़े लोड़ो से मुहं चुदवा के वो खुश नहीं लग रही थी. ऊपर से उसकी आँखे भी बंध कर दी गई थी इसलिए उसे अंदाजा लगा के ही हाथ हिला हिला के लंड ढूंढने पड़ रहे थे.

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फिर कान में बाली वाले लड़के ने मेरी इस सेक्सी बहन को खड़ा किया और दिवार पकडवा के खड़ा कर दिया. फिर उसने उसकी गांड खोली और चूत की दरार के ऊपर थूंक दिया उसने. दीदी ने दिवार के ऊपर दोनों हाथ फैला दिए और यह दढ़ियल ने अपना लंड पकड़ के दीदी की गांड पर मारा. लंड से गांड को थपथपाने के बाद वो दीदी के कान के पास अपने होंठो को ले गया. पता नहीं उसने क्या कहा दीदी को लेकिन उसके कुछ कहते ही दीदी ने अपने हाथ निचे कर के अपने दोनों कुल्हे खोले. अब उसने अपना लोडा चूत की दरार पर रख के अन्दर पेल दिया. दीदी की चीख आराम से सुनाई दे गई मुझे क्यूंकि वो एकदम जोर से ही चीखी थी. दीदी ने इस लौंडे से कहा, अबे भोसड़ी के इतनी जल्दी क्यूँ डाल देता हैं अन्दर हरामी बेन्चोद, साले चूत हैं कोई पुसीटॉय नहीं हैं.

इस बन्दे ने दीदी के बाल पकड़ के कहा, साली रंडी एक तो लंड लेने के पैसे लेती हैं और जबान चलाती हैं साली मादरछोड़, चल अपनी गांड हिला और चुदवा मेरे से. ऊपर से तेरा दलाल वो हरामी रवी भी बहुत पैसे ले गया हैं हम से. आज तो तेरी बुर का बोम्बे बना के छोड़ेंगे हम सब.

मेरी सेक्सी बहन बोली, आ जाओ सालो बहुत लंड देखे हैं मैंने भी. आँखों पर तो पट्टी हैं मेरे लेकिन मेरी चूत तुम सब को थका देंगी.

और सच में ऐसा ही हुआ. मैंने देखा की इस लड़के ने अपनी गांड हिला हिला के दीदी को चोदा और उसे थकाने की बहुत कोशिश की. लेकिन मेरी दीदी तो कस के उसकी चूत को दबा रही थी और लंड के ऊपर जैसे अपनी भोसड़ी को मार रही थी. कुछ देर में यह लौंडा थक सा गया और उसने फट से लंड चूत से निकाला. दीदी की गांड अपर पिचकारी लगी तभी उसके लंड से.

मेरी सेक्सी बहन ने पीछे मुड के कहा, क्या हुआ बे तू तो बहुत चोदु बनता था. देख मेरा पानी नहीं निकला और तूने मूत दिया.

उस बन्दे ने दमेरी सेक्सी बहन से कहा, हां साली तुझे रंडीपन में लाइफटाइम अचीवमेंट मिलेंगा साली खानदानी रांड.

दोस्तों मेरी सेक्सी बहन की चुदाई का सिलसिला वहाँ नहीं थमा, उसके बाद बाकी के चारो लड़को ने दीदी की चूत पेली. और मेरी सेक्सी बहन ने सच में इन सब को थका सा दिया. मुझे तो पहले इन्हें देख के लगा था की मेरी सेक्सी बहन बदमाशो के चुंगल में फंसी हैं. लेकिन बाद में मुझे पता चला की दीदी सच में बड़ी रंडी हैं!

 

Hindi Sex Kahani यह कहानी उस समय की हे जब मैने पहली बार मेरी सगी बहन रश्मि को चोदा था और इस काम में मेरी मदत मेरी भाभी अंजू ने की थी. और अब में स्टोरी पर आता हु. हेलो फ्रेंड्स में देव कुमार शर्मा एक बार फिर आप के सामने मेरी एक सच्ची कहानी ले कर आया हु और पहले में आप लोगो को अपने बारे में बताता हु मेरी उमर २६ साल हे और में दिखने में एकदम हेंडसम हु, मेरी बोडी एवरेज टाइप की हे और मेरे लंड का साइज़ ६.५ इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा हे..

मेरी बहन का नाम रश्मि हे और उसकी उमर २४ साल की हे और उसका फिगर ३२-२८-३४ हे. और वह दिखने में एकदम जूही जेसी दिखती हे. मेरी बहन को देख कर बुढ्हो का भी लंड खड़ा हो जाये. रश्मि १२th के बाद एक कोल सेंटर में जॉब करती हे और अब बात करते हे मेरी भाभी  की जिसका नाम अंजू हे और उसकी उमर २५ साल हे. उसका फिगर ३४-२८-३६ हे और वह बिल्कुल उर्मिला मातोंडकर जेसी दिखती हे. यह मेरे ताऊजी की बहु हे यानी के मेरे ताउजी के लड़के की वाइफ जो हमारे घर के पीछे की तरफ रहते हे. और मैने आप को पहले ही बताया हे की मैने किस तरह मेरी भाभी की चुदाई की थी और उसके बाद हमारा यह खेल महीने में २५ दिन तक होता था. मोक मिलते ही भाभी मेरे लंड की प्यास को बजाने आ जाती थी. मेरे घर में मेरी बहन रश्मि के अलावा माँ और पिताजी भी हे. माँ ऑफिस में जाते हे और माँ घर का काम संभालती हे और वह साथ में एक स्कुल में भी पढ़ाने के लिए जाती हे.

बेहें जब चली जाती तब भाभो हर रोज मेरे पास चुदवाने के लिए चली आती थी और एक दिन चुदाई करते समय मेर्री भाभी ने मुझे कहा.

अंजू : क्या कहते हो मेरे रंडी बाज देवर तुम्हे में ज्यादा मजा देती हु के तुम्हारी गर्ल फ्रेंड?

में : जो मजा घर की रखेल को चोदने में हे वह बहार किसी भी रंडी को चोदने में नही हे.

भाभी : और घर की रखेल में मेरी जगह कोई और होती तो?

में : क्या करू जान मेरी कोई और भाभी नहीं हे सिर्फ तू ही हे.

भाभी : अगर मेरी जगह रश्मि होती तो?

में यह सुन कर थोडा चोंक सा गया लेकिन अच्छा लगा सुन कर की काश मेरी बहन की चूत का स्वाद भी मिल जाये. में तो चाहता था की बहन की चुदाई का भी में मजा लू.

में : यह तो उसे चोदने के बाद ही पता चलेगा की तू ज्यादा नमकीन हे या वह हे.

भाभी : चलो अब बाते बंद करो और मेरी प्यास बुजा दो आग लगी हे मेरी चूत में.

मैने भाभी को चूमना चाटना चालू कर दिया पर मेरा ध्यान रश्मि पर था की काश एक बार मेरी बहन की चूत भी मुझे मिल जाए साली क्या माल हे, और फिर मैने भाभी को बोला

में : तुम मेरी मदद करोगी?

भाभी : किस काम में केसी मदद?

में : मुझे रश्मि की बुर का स्वाद लेना हे.

भाभी : पागल हो गया हे क्या? वह नहीं मानेगी और ये बहोत ही मुश्किल हे क्योंकि वह तुम्हारी बहन हे.

में : मुझे वह कुछ भी पता नही हे, तू मेरे लिए कुछ भी कर. नहीं तो में तुजे नही चोदुंगा.

भाभी : में कोशिश करुँगी लेकिन पक्का नहीं कह सकती के क्या होगा, सोच लो.

में : हा मैने सोच लिया मुझे बस रश्मि को चोदना हे बस चोदना हे.

भाभी : ठीक हे मुझे तो चोद ले हरामी, और फिर मेरी और उसकी रास लीला शुरू हो गयी और एक घंटे के बाद भाभी चली गई और में मेरी बहन की ब्रा और पेंटी ढूंढने लगा और मुझे उसकी ब्लेक पेंटी मिल भी गई और में उसे सूंघने लगा. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम आह्ह्ह अहः क्या मस्त नशीली खुशबु आ रही थी उसमे से. मेरा लंड तो फिर से खड़ा हो गया मैने रश्मि को सोच कर मुठ मारी, और में लेट कर रश्मि के बारे में सोचने लगा, थोड़ी देर बाद डोर बेल बजी मैने दरवाजा जाके खोला और देखा तो मेरी बहन आ गयी थी उसका जिस्म देख कर मेरा मन मचल गया और में मन में सोचने लगा की साली क्या मस्त कडक माल हे तू, एक बार मेरे लंड से चुदवा के देख ले.

रश्मि अंदर आकर बैठ गयी रोज की तरह, उसने सलवार और सूट पहना हुआ था सफ़ेद कलर का जिसमे उसकी अंदर की समीज साफ़ दिख रही थी, फिर बहन फ्रेश होने के लिए गयी और मैने तभी भाभी को कोल किया.

में : हेलो जान.

भाभी : क्या हुआ देवरजी?

में : रश्मि आ गयी हे कब तक मुझे इसकी दिलवा दोगी?

भाभी : थोडा सबर तो रखो ज्यादा जल्दी भी मत करो, में वही पर आती हु और तुम मुझे रश्मि के सामने फ्लर्ट करना और मुजे टच करने की कोशिश करना. और तुम यह भी भूल जाओ के आज ही बहेनचोद बन जाओगे.

में : ठीक हे जल्दी आ जाओ यह कह कर मैने फोन रख दिया और इधर से रश्मि भी बाथ रूम से बहार आ चुकी थी और वह टीवी देखने लगी थी. में आगे वाले रूम में जाके मोबाईल में पोर्न देखने लगा. और थोड़ी देर में अंजू भाभी आ गयी और मैने डोर खोला.

वह घर में आई और रश्मि के पास जा के बैठ गयी, और में भी उठ कर अंदर वाले रूम में आ गया.

में : भाभी क्या बात हे? आज तो आप बहोत अच्छी तयार हो कर आई हो कही भैया के साथ बहार जाने का प्लान हे क्या?

भाभी : अरे वो कहा मुझे लेकर जायेंगे उनके पास तो टाइम ही नही हे.

रश्मि : हां भाभी मुझे भी यही लग रहा था की आप कही बहार जा रही होगी.

भाभी : अरे में कहा जाउंगी वह मुझे कही लेकर जाए तो जाऊ ना, वह तो मुझे कही भी लेकर नहीं जाते हे.

में : तो चलो में आपको ले चलता हु.

भाभी : तुम मुझे कहा लेकर जाओगे?

में : लवर्स पॉइंट पर.

भाभी : अगर तुम्हारे भैया को पता चला ना तो तुम्हारा कुछ नही पर मरा चेहरा जरुर लाल कर देंगे.

रश्मि : उसमे क्या भाभी, तुम देवर के साथ हो तो जाओगी और कोई पराया थोड़ी ना हे.

भाभी : मैने तो उनको छोड़ के किसी के भी साथ कभी नहीं जा सकती, में मन में सोच रहा था की साली कितनी बड़ी रंडी हे रोज चुद्वाती हे मेरे से और अभी सती सावित्री बन रही हे.

रश्मि : बेठो में चाय बना देती हु, रश्मि किचन में गयी तो मैने भाभी को एक लिप किस किया, और भाभी ने मेरे हाथ में से मेरा मोबाईल एकदम से छीन लिया और बोली.

भाभी : दीदी यह मोबाईल देखो तो यह कोनसा वीडियो देख रहे थे, मुझे नहीं मालुम था की यह रंडी कोई चाल चल रही हे, मेरी तो गांड फट गई क्योंकि, पोर्न देख रहा था, में मोबाईल छिनने की कोशिश करने लगा लेकिन भाभी ने मेरा मोबाईल ब्लाउज में रख दिया और इतनी देर में रश्मि भी आ गयी.

रश्मि : क्या हुआ भाभी?  बताऊ दीदी को क्या देख रहे थे?

में : मेरा मोबाईल दे दो नहीं तो में निकाल लूँगा, और मेरी बहन वही खड़ी खड़ी हस रही थी.

भाभी : हिम्मत हे तो निकाल के दिखाओ और नही निकाल सकते तो में दीदी को बोल दूंगी के तुम क्या देख रहे थे.

रश्मि : भाभी यह क्या कर रहा था जरा मुझे भी तो बताओ?

में : मोबाईल दो मेरा.

भाभी : निकाल लो हिम्मत हे तो, मेरी तो अब गांड फटने लगी थी क्योंकि रश्मि और घर के बाकि लोगो के सामने हमारा रिश्ता अभी भी भाभी और देवर का ही हे, लंड और चूत का नहीं. मैने कहा अगर रश्मि नही होती तो में निकाल लेता.

भाभी : समज लो दिदि यहाँ पर नहीं हे निकाल लो, हे हिमत?

रश्मि : तुम दोनों जानो के क्या करना हे, मेरी तो चाय पक रही हे, रश्मि किचन में गई और मैने भाभी की ब्लाउज में हाथ डाल दिया.

में : मेरा मोबाइल दो.

भाभी : में नहीं दूंगी ऐसा बोल कर वह मोबाईल को हाथ से दबाने लगी थी, हम दोनों मोबाईल के लिए इतनी कशमकश कर रहे थे की भाभी कब बेड पर लेट गई और में उनके उपर चढ़ कर उनके ब्लाउज में से मोबाइल निकाल ने की कोशिश कर रहा था यह मुझे कुछ भी पता नहीं चला.

रश्मि : ये लो चाय पि लो तुम. रश्मि ने हम को ऐसे देख लिया पर वह कुछ भी नही बोली क्योंकि उसे लगा की हम लोग मस्ती कर रहे हे.

भाभी : यह ले लो, मुझे तुम्हारा मोबाइल नहीं चाहिए में तो ऐसे दस खरीद लुंगी तुम्हारे भैया से बोल के.

रश्मि : आज पहली बार तुमको ऐसा इतनी मस्ती करते हुए देखा हे वरना कभी भी ज्यादा बात नही करते हो आप, ऐसा क्या हे इस मोबाइल में?

भाभी : इनकी गर्ल फ्रेंड के फोटो देख रहे थे बिना कपडे वाले, ऐसा बोल के वह हस दी, और में भी शरमा गया. दीदी आपका मोबाईल दो ना मुझे आपके भैया को फोन लगाना हे. रश्मि ने मोबाइल दे दिया लेकिन भाभी ने उसे भी ब्लाउज में रख लिया और बोली.

में घर जाकर देखूंगी के इसमें किसके किसके फोटो हे.

रश्मि : यही पर देख लो ना उसमे कुछ भी नही हे.

थोड़ी देर के बाद भाभी रश्मि का मोबाइल देकर चली गई और तब तक माँ भी आ चुकी थी, और इसी तरह रोज दिन में में और भाभी बहन के सामने मस्ती करते थे और धीरे धीरे मेरी बहन को हम पर शक होने लगा था, क्योंकि जब भी मेरी बहन ऑफिस से घर पर आती तब मेरी बहन यही पर मिलती थी. और में आज कल घर में शर्ट निकाल कर घुमने लगा था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  एक दिन भाभी ने मुझे बताया की जब में घर में नहीं था तब उनके और रश्मि के बिच क्या बात हुई.

भाभी : आप को कोई बॉय फ्रेंड हे की नहीं?

रश्मि : नही, क्यों?

भाभी : क्या दीदी आप भी ना इतनी सुंदर हो और जूठ मत बोलो.

रश्मि : नही हे भाभी, लेकिन आपका शादी से पहले जरुर रहा होगा, और वह कुछ बोली नही और स्माइल देने लगी.

रश्मि : अच्छा तो सच में था मतलब.

भाभी : हां, लेकिन तुम्हारे भैया को यह बात पता नही चलनी चाहिए.

रश्मि : अरे वह पहले था ना और आब कहा से पता चलेगा.

भाभी : अब भी मेरा एक हे.

रश्मि : क्या, कोन भाभी,

भाभी : हे कोई.

रश्मि : भाभी यह गलत हे और भाई को पता चल गया तो?

भाभी : तुम्हे नही पता चला तो उनको कहा से पता चलेगा?

रश्मि : मुझे नही पता मतलब?

भाभी : कुछ नही छोडो. तुम बताओ तुमने किसी को बॉय फ्रेंड बनाने की नहीं सोची हे क्या?

रश्मि : भाभी आप पहले बताओ की आप गलत क्यों कर रही हो? आप की तो शादी भी हो चुकी है और फिर भी.

भाभी : में नही चाहती की मेरा और तुम्हारे भाई का रिलेशन ख़राब हो लेकिन वह मुझे बिस्तर पर खुश नहीं रख पाते और अगर यह बात ने उन्हें बताउंगी तो रिलेशन पर असर पडेगा, इसीलिए मुझे बहोत सोच समज कर यह कदम उठाना पड़ा. लेकिन प्लीज़ तुम किसी से नहीं कहना और यह मेरी और तुम्हारे भैया की जिंदगी का सवाल हे, क्या आप यह चाहती हो के हम लोग अलग हो जाये?

रश्मि : ठीक हे किसी को नही कहूँगी.

भाभी : तुम्हारा कोई बॉय फ्रेंड क्यों नही हे?

रश्मि : में ऐसे ही किसी को नहीं बनाउंगी किसी मर्द को सिलेक्ट करुँगी.

भाभी : लेकिन उसके लिए तो पहले आप को उसके साथ हमबिस्तर होना पड़ेगा.

रश्मि : तो क्या करू भाभी आप ही बताओ.

भाभी : क्यों अपनी जवानी बरबाद कर रही हो? एक बार जवानी चली गई तो बहोत पछताओगी खुल के मजे लो जवानी के और कोई अपना बॉय फ्रेंड बना लो.

रश्मि : क्या भाभी आप भी, लड़के सिर्फ एक ही चीज के लिए गर्ल फ्रेंड बनाते हे और फिर मुझे डर लगता हे.

भाभी : अगर लड़के एक ही चीज के लिए गर्ल फ्रेंड बनाते हे तो तुम भी सिर्फ एक ही चीज के लिए बॉय फ्रेंड बना लो. और बहार डर लगता हे तो घर में कर लो मरी तरह.

रश्मि : भाभी आप घर में किस से..

भाभी : आप किसी को बताओगी नहीं तो आप को भी में दिलवा दूंगी.

रश्मि : नहीं बताउंगी

भाभी : देवरजी से, फिर कुछ देर बाद भाभी चली गई और रात में मेरे मोबाईल पर मेसेज आया.

भाभी : दीदी कहा हे देवरजी?

में : घर में हे.

भाभी : ठीक हे, और फिर में अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने लगा. मैने देखा की रश्मि बड़े गौर से मोबाईल में कुछ कर रही थी लेकिन मैने देखना सही नहीं समजा.

अगले दिन जब भाभी घर पर आई तो आते ही बोली.

भाभी : आज मेरा रंडीबाज देवर बहनचोद बन जायेगा.

में : क्या बात कर रही हे मेरी रंडी, तूने उसे मना लिया क्या?

भाभी : नही लेकिन आज तेरा काम बन गया लगता हे, और अब ये बताओ की दीदी ने रात को कब तक मोबाइल चलाया?

में : येही कोई १ बजे तक क्यों?

भाभी : कल रात की मैने दीदी को कुछ गन्दी गन्दी कहानिया सेंड कर दी थी भाई बहन वाली.

में : भाभी अगर आज मेरा काम हो गया तो में तेरी बहोत ही धमाकेदार चुदाई करूँगा और नहीं हुआ तो तेरी गांड को फाड़ के रख दूंगा.

भाभी : फाड़ देना में भी यही तो चाहती हु की तू मेरी फाड़ के रख दे. तभी भाभी के पास रेशमा का मेसेज आया उसमे लिखा था एस मैने मेसेज पढ़ा. तो भाभी ने मुझे बताया की मैने उसे कहानी सेंड करने से पहले मेसेज किया था की अगर तुम बॉय फ्रेंड बनाना चाहती हो तो देवरजी ने क्या बुराई? हे घर की बात घर में रहेगी और किसी को कुछ शक भी नही होगा. और अगर तुम कहो तो में देवरजी से बात करू, कल तक तुम सोच कर बता देना और उसे एक कहानी और सेंड की और मुझसे कहा.

भाभी : जब वो  आएगी तब हम दोनों बिस्तर पर लेटे रहेंगे और बाकी काम आप मुज पर छोड़ देना.

में : ओके शाम को जब रश्मि आई तो में बिस्तर में लेटा हुआ था और भाभी ने गेट खोला और फिर आकर मेरे बगल में लेट गयी. रश्मि यह देख कर मुस्कुराई लेकिन कुछ भी नही बोली, लेकिन में उठ के बेठ गया, मुजे थोड़ी शर्म और डर लग रहा था.

भाभी : दीदी से ज्यादा तो आप डर रहे हो देवरजी.

रश्मि : भाभी में क्यों डरूंगी मैने आप के जेसे कुछ गलत थोड़ी ही कुछ किया हे?

भाभी : चलो ठीक हे कोई नहीं डर रहा लेकिन मेंरा एक काम कर दो बस तुम दोनों …

हम दोनों भाई बहन एक साथ बोले : क्या अब ऐसे अंजान मत बनो और तुम दोनों को पता नहीं हे की क्या करना हे तो हम तुम बेठो में तो जा रही हु मैने भाभी का हाथ पकड़ा और कहा.

में : तुम कहा जा रही हो अभी तो खेल शुरू हुआ हे.

भाभी : आज दूसरी पिच पर खेलना और फिर रश्मि का हाथ पकड पर उसे मेरे ऊपर गिरा दिया. मैने भाभी का हाथ नहीं छोड़ा लेकिन एक हाथ रश्मि को पकड लिया और उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था, मन तो कर रहा था की रश्मि को नंगा कर के चोद डू लेकिन ऐसा नहीं किया, रश्मि क्या माल लग रही थी उसने रेड सलवार सूट पहन रखा था.

मैने भाभी से कहा

में : यही रुको न प्लीज़.

भाभी : अब तुम बोलते हो तो रुक जाते हे.

और भाभी ने मेरे जींस की जिप पार हाथ रख के लंड को रगड़ना चालू कर दिया. मैने हिमत कर के रश्मि के लिप्स पर लिपस रखे और जब  उसने कुछ नहीं कहा तो में उसके लिप्स को चूसने लगा. भाभी मेरे लंड को जींस के ऊपर से मसलने लगी थी और में रश्मि के बूब्स को सहला रहा था.

में : आःह अह्ह्ह अह्ह्ह रश्मि मेरी बहन तेरे लिए में कब से तडप रहा था, रश्मि भी मेरा साथ दे रही थी लेकिन थोडा डरी हुई थी और मैने उसके बूब्स को दबाना चालू कर दिया.

रश्मि : आःह्ह्ह्हह धीरे. में और जोर जोर से बहन के बूब्स को दबाने लगा और बहन मेरी जान है तू रश्मि आहाह आम्म्म.

भाभी : ओये मेरे रंडी बाज देवर जेसा मुझे बोलते हो वैसा ही बोलो नहीं तो में भी तुम्हारी गलिया नही सुनूंगी,

में : रश्मि मेरी बहन मरी रंडी आय लव यु.

रश्मि : आह आह्ह भाई.

मैने रश्मि के सूट को उपर किया और उसकी रेड ब्रा उह्ह्हह्ह, क्या मस्त बूब्स थे मेरी बहन के. मैने तो जल्दी से उसकी कुर्ती निकाल दी वो शरमा गई और अपने हाथ से छुपाने लगी. मेरी भाभी ने उसके हाथ पकडे लेकिन उसने हाथ नहीं खोले. मैने भाभी का ब्लाउज निकाल दिया और कहा.

में : मेरी बहन आज से तू मेरी हे. अपनि भाभी से मत शरमा और मैने उसके हाथ को पकड के धीरे धीरे अलग किया. अब में रश्मि के बूब्स को ब्रा के ऊपर से मसल रहा था.

रश्मि : भाई धीरे आह्ह अह्ह्ह अहह मम्म अम्म्म ओह्ह ओह्ह ओह्ह भाई. इधर भाभी ने रश्मि की सलवार निकाल दी और खुद भी नंगी हो गयी.

रश्मि को बहुत शर्म आ रही थी लेकिन में उसके बूब्स दबा रहा था तो उसे खूब मजा आ रहा था, मैने रश्मि के ब्रा को अलग कर दिया उफ़फ क्या मस्त गोर चिकने बूब्स थे बहन के?

में : वाह्ह्अह्ह्ह मेरी रंडी बाज बहन क्या मस्त गोर बूब्स हे तेरे रंडी, एकदम सॉफ्ट सॉफ्ट हे.. उफ्फ्फ्फ़ में उन्हें चूसने लगा और एक हाथ से रश्मि की बुर को पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा भाभी ने मेरी जींस उतार दी थी और शर्ट तो मैने पहनी ही नही थी.

अब में चड्डी ने था और रश्मि पेंटी में. और मेरी भाभी ने ब्रा और पेंटी पहन रखी थी. मैने भाभी की ब्रा निकाल फेकी और में रश्मि के बूब्स को चूसने लगा और रश्मि की पेंटी के अंदर हाथ डाल के बुर मसलने लगा. भाभी भी मेरा साथ दे रही थी. वो एल हाथ से खुद को मसल रही थी और दुसरे से रश्मि के बूब्स दबा रही थी.

बहोत देर तक रश्मि के बूब्स चूसने के बाद में रश्मि के दोन्हो पेरो के बिच में बेठ गया और उसकी बुर को चाटने लग गया लेकिन भाभी ने मुझे उठा दिया और कहा की लेट जाओ.

मैने ऐसा ही किया में लेट गया और फिर मेरी भाभी ने रश्मि को मेरे मुह पर बेठने को कहा. रश्मि ने उसकी चूत को मेरे मुह पर रख दिया और में उसको चाटने लग गया और तब भाभी मेरे लंड को चाट रही थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

रश्मि : आह्ह अह्ह्ह हह्ह्ह मम्म अह्हह ममं ओघ्ह्ह हाहाह भाई और कर हाहाह हहह आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह मुझे पहले पता होता की चुदाई में इतना मजा आता हे तो में कब से तुजसे चुदवा लेती मुझे तो लगता था की चुदाई करने में सिर्फ मर्द को मजा आता होगा और ओरत की तो हालत ख़राब हो जाती हे. लेकिन में गलत थी तुम मेरी चूत चाट रहे हो या मुझे स्वर्ग की सफर करा रहे हो ये मुझे समज में नही आ रहा हे. मुझे अगर पहले मिल जाते तो में आज तक तुम्हारी पक्की रंडी बन गई होती और तुजे पराई ओरत के पास अपने लंड को शांत करने के लिए जाना भी नहीं पड़ता मेरे प्यारे भाई और चूस मेरी चूत को आज इसका सारा का सारा माल तू निकाल के पि जा. आअज मुझे सच्चा अहसास हो रहा हे की एक पुरुष ओरत की चूत को केसे चाट के साफ कर के उसे आनंद देता हे और उसे स्वर्ग में पंहुचा देता हे. आहाह्ह अह्ह्ह ..अहह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.

भाभी : आज देखो दीदी तुम्हे जवानी का अहसास होगा. में तो लगा रहा था चूत को चाटने में. और मेरा लंड बहोत ही टाईट हो चूका था. और उसे अब किसी का होल चाहिए था.

मैने रश्मि से कहा.

में : चल आजा मेरी रंडी बहन अब तूने मुझसे बहोत चुसवा लिया हे और अब तू अपने भाई का मिठा मीठा लंड चूस के उसको खुश कर दे.

रश्मि : नहीं में यह कभी नहीं कर सकती मुझे एकदम गंदा लगता हे और मुझे एकदम से उलटी आ जाएगी.

भाभी : रहने दो देवरजी उसके साथ जोर जबरदस्ती ना करो उसका पहली बार हे और वह भी धीरे धीरे रंडी की तरह तुम्हारा लंड चूसने लग जाएगी और फिर तुम्हे भी बहोत मजे कराएगी लेकिन अभी तो शुरुवात हे तो तुम जरा आराम से करो.

अब मेरे लंड को तो ठंडा करना ही था तो मैने रश्मि को लेटाया और उसकी गांड के निचे तकिया लगाया और चार पाच थप्पड़ उसकी गांड पर मार दिए और उसकी गांड मैने गोरी गोरी से एकदम टमाटर की तरह लाल लाल कर दी.

रश्मि : हरामजादे चोद रहा हे की मार रहा हे मुझे.

भाभी : प्यार से चोद लो देवरजी. यह बहन हे आप की, भाभी नहीं हे जो सब कुछ चुपचाप सहन कर लेग. मेरी तो मज़बूरी हे की मुझे मेरा मर्द खुश नहीं कर सकता वर्ना पराये मर्द के पास कोई नारी नहीं जाएगी और आज कल तो सबका फेशन चल रहा हे शादी से पहले एक बार सिल तुडवाने का. तो आप अपनी बहन की सिल आराम से तोड़ लो.

फिर मैने अपने लंड पे कंडोम चढ़ाया और रश्मि की बुर को मेरी उंगली से सहलाने लगा और फिर मैने भाभी से कहा.

में : आज तुम्हारी वजह से मुझे एक सिल तोड़ने को मिलेगी थेंक यु भाभी.

रश्मि : भाभी के गुलाम आब तो मुझे चोद दे कब से तडपा रहा हे मुझे.

अब में अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रख के रगड़ने लगा और मेरी बहन की आह्ह अह्ह्ह हह्ह्ह अम्मम्म अहह्ह्ह आन्हे सुनने में मुझे बहोत मजा आ रहा था. तभी भाभी ने मुझे न्यूज़पेपर दिया और कहा की इसको बहन की चूत के निचे रख दो अगर खून निकला तो इसमें आ जायेगा, फिर मैने भाभी को थैंक यु कहा और उसने कहा वैसे मैने पेपर को चूत के निचे रख दिया. फिर में अपना लंड उसकी चूत में धकेलने लगा. मैने लंड  को अंदर डालने के लिए थोडा जोर लगाया और मेरी बहन जोर से चीख उठी.

रश्मि : आःह हहह अह्ह्ह हह्ह्ह हहह मर गई में आःह अह्ह्ह्ह मा मर गई साले हरामजादे आह्ह्ह अहः बहनचोद उसकी आँख से अब आंसू निकल आये थे और मेरा तो एकदम पूरा का पूरा लंड अंदर जा चूका था. में थोड़ी देर तक बिना जरा भी हिले वही पर रुक गया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम भाभी ने देखा तो रश्मि की चूत से खून निकल रहा था तो वह बोली.  भाभी : दीदी बस अब काम हो गया हे अब आप को तकलीफ नही होगी. मेरी बहन रो रही थी और उसकी आँख से आंसू आ रहे थे और उसने बहोत मुश्किल से उसकी आवज को दबाके रखा हुआ था. अब मैने धीरे धीरे अपना लंड ऊपर निचे करने लग गया और उसे तो अभी भी दर्द हो रहा था. उसकी आवाज निकलने लगी तो मेरी भाभी ने अपना हाथ उसके मुह पर रख दिया. और में आपने लंड को अब जोर जोर से रगड़ने लगा. और थोड़ी देर बाद रश्मि को दर्द कम हुआ तो वह खुद आपने आप उछलने लगी थी.

रश्मि : आह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह आह्ह अम्मम्म येस्स उआह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह आह्ह्ह भाई और जोर से आह्ह्ह येस्स्स्स आज मेरी सारी प्यास मिटा दो आह्ह आह्ह और जोर से करो मुझे बहोत मजा आ रहा हे भाई आह्ह्ह हह्ह्ह येस्स्स्स उह्ह्ह्ह येस्स्स्स. आज अपनी बहन की चूत को फाड़ दे बहनचोद.

और फिर उसने मुझे अचानक से बहोत टाईट पकड लिया और कहने लगी के बस बस बस में समज गया की इसका पानी बहार आ गया हे. मैने उसे कहा रंडी २ मिनिट और रुक जाती तो क्या होता हरम जादी मेंरा पानी भी आ जता ना कुतिया.

रश्मि : बस अब नही प्लीज़,

में : मेरा पानी कोण निकालेगा.

भाभी : ओये रंडीबाज मुझे भूल गया क्या साले बहनचोद.

में : आरे मेरी रंडी तुजे तो में जिंदगी भर नही भूल सकता हु. मैने रश्मि को छोड़ दिया और फिर मैने अपने लंड का पानी मेरी भाभी को चोद कर निकाल दिया.

उस दिन के बाद में, मेरी भाभी और मेरी बहन का चुदाई का खेल चालू हे. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

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