loading...
Get Indian Girls For Sex
   

bahan

indiansexkahani.com हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम सिंघ हे और में आज अपना एकदम सच्चा सेक्स अनुभव शेयर करने जा रहा हु. वैसे में करनाल का रहने वाला हु और में चंडीगढ़ में जॉब कर रहा हु. दोस्तों मेरी उमर २२ साल हे और मेंरा लंड एकदम कडक होने पर एकदम ८ इंच लंबा और ढाई इंच मोटा हो जाता हे. मुझे भाभी, आंटी और सेक्सी लडकियो के साथ सेक्स करना खूब पसंद हे. दोस्तों में आज आप को अपनी एक एकदम सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हु. यह कहानी मेरी और मेरी कजिन बहन के बिच हुई चुदाई की एक सच्ची घटना हे

मित्रो मुझे सेक्स का बहोत ही ज्यादा शोक हे और में दिन में ५-६ बार अकेले अकेले मेरे घर पर सेक्सी लडकियों को और बड़ी बड़ी गांड वाली औरतो को सोच कर मुठ मर लिया करता हु. चलो अब आप लोगो को ज्यादा परेशान न करते हुए में आज की अपनी स्टोरी पर आता हु. शायद आप सब लोग को यह स्टोरी बहोत ही अजीबो गरीब लगे पर ये जरा भी जूठी नहीं हे. में बचपन से ही गलत दोस्तों की संगत में रहा हु तो तभी से मुझे सेक्स के बारे में बहोत कुछ पता चलने लगा था और मुझे सेक्स करने की बहोत ही ज्यादा इच्छा होती थी और मुझे मेरी साडी तरफ सिर्फ सेक्स सेक्स और सेक्स ही दीखता था. और में मेरे स्कुल टाइम में मेरी सेक्सी टीचर्स को देख कर उनको याद कर कर के घर आकर बहोत मुठ मारा करता था.. फिर जेसे जेसे में बड़ा हुआ वेसे वेसे मेरी सेक्स करने की इच्छा भी बहोत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी और मेरी कजिन जिस की उमर उस समय १८ साल थी, और ब्रा साइज़ ३२ और पेंटी की साइज़ ३४ थी. उसको कोई भाई नहीं था और अपने घर में अकेली रहती थी क्योंकि उसके मम्मी पप्पा जॉब पर जाते थे और वह पूरा दिन घर में बैठ बैठ कर एकदम बोर हो जाती थी.

एक दिन ऐसे ही मस्सी का फोन आया और उन्होंने मेरा फोन नम्बर लिया और वह मेरी कजिन बहन को दे दिया ताकि वह मेरे साथ बात कर लिया करे और उसका थोडा टाइम पास भी हो जाये. अब हम आपस में बाते करने लगे थे और बहोत वक्त ऐसे ही बाते करते करते गुजर गया था और हम आखरी बार दो साल पहले मिले थे वह भी एक शादी में. उस समय वह काफी छोटी लग रही थी. सुंदर तो उस समय पर भी बहोत थी पर उसका फिगर अभी उस तरह का नहीं रहा था जब हम आखिरी बार मिले थे.. फिर उसी रात मुझे मेरे मोबाईल पर उसका हाय करके मेसेज आया था और हमने हलकी बात चित शुरू कर दी और एक दुसरे के फोटो भी शेयर किये. मैने उसे देखा तो एकदम देखता ही रह गया क्यूंकि वह काफी बदल चुकी थी और मस्त हो गयी थी. पर उस समय तक मैने मन में उसके लिए कोई भी ऐसा वैसा खयाल नहीं था और अब तो हम रोज फोन पर बाते करने लगे थे और हम लोग आपस में काफी खुल भी गये थे और मैने उसे मेरी गर्ल फ्रेंड मित के बारे में भी बता रखा था. इसके बारे में मेरी लास्ट सेक्स स्टोरी थी की मैने और मित ने हमारा पहला सेक्स किया था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम एक दिन मेरी कजिन की तबीयत खराब थी और उसको फर्स्ट टाइम पीरियड आए थे मैंने पूछा क्या हुआ? तो वह शरमा कर मेरी बात को टाल रही थी. मेरे बार बार पुछ कर जोर करने पर उसने बताया कि उसको आज फर्स्ट टाइम पीरियड आए हैं. वह काफी नर्वस थी और पेन भी बहुत हो रहा था. तो मैंने कहा यह तो लड़की के लिए अच्छी बात है पीरियड आना नहीं तो लड़की कभी मां नहीं बन सकती. तो फिर वह मुझे पूछने लगी की लड़की मां कैसे बनती है? पहले तो मैंने कह दिया नेट पर पढ़ लेना पर उसके जोर डालने पर मैने  बताया कि जब लड़के का सेक्स पार्ट लड़की के सेक्स पार्ट के अंदर जाता है और आगे पीछे करने पर जो लड़के का वीर्य निकलता है उसके अंदर छोड़ने पर उससे बेबी बनता है. तो वह मुझे पूछने लग गई कि यह लड़के का सेक्स पार्ट कैसा होता है, तो मैंने कहा पेनीस लिख कर गूगल कर लेना और देख लेना… उसने फिर काफी लंड की पिक्स मुझे सेंड कर दी और कहा ऐसे होते हैं? मैंने कहा हां. तो वह कहने लगी कि भाई उसको मेरा वह देखना है, तो उस के जोर डालने पर मैंने अपना लंड को  खड़ा कर के उसकी एक पिक मेरे मोबाईल पर निकली और उसे व्हाट्सअप पर भेज दी. वह कहने लग गई यह काफी बड़ा होता है और लड़की का सेक्स पार्ट जहा से मूत निकलता हे वह तो  काफी छोटा होता है और मेरी चूत में तो एक उंगली भी नहीं जाती. मैंने कहा फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द और खून आता है पर फिर आसानी से वह अंदर आता जाता आहे और ओरतो को और मज़ा आने लगता है.

फिर मैंने उसको जिद करके उसकी चूत की पिक्चर देने को कहा  और उसने वह मुझे भेज दी. पर उस पर हल्के हल्के से बाल और उसके पीरियड की ब्लड और पानी के साथ भरे पढ़े थे. और ऐसे हमारी अब बातें सेक्स की तरफ हो गई अब हम रोज सेक्स चैट करने लग गए. और एक दूसरे को पिक्स भेजने लगे थे. एक दिन उसने अपनी चूत की पिक भेजी बिल्कुल क्लीन शेव और एकदम कच्ची कली की तरह उसकी चूत थी. में तो उसे देख कर आपने आप पर जरा भी कंट्रोल नहीं कर पाया और उस दिन मैंने भी मुठ मार कर वीर्य निकाला और उस की पिक मेरे मोबाईल में निकाल कर के  उसको भेज दी. उसने भी बदले में उसकी चूत पर उंगली कर के अपने पानी की पिक भेज दी. अब आग दोनों तरफ फुल जोरों पर थी.

हमको 10 दिन हो गए थे बातें करते करते पर मिलने का कोई प्लान नहीं बन रहा था. फिर एक रिश्तेदार के यहां बर्थडे पार्टी थी तो माँ पंजाब में होने की वजह से घर वालों ने मुझे ही वहां भेज दिया. तो मैंने जान बूझ कर 3 दिन की छुट्टी ले ली ऑफिस से. और पार्टी फ्राइडे को थी, मैंने प्लान बनाया कि फ्राइडे को पार्टी अटेंड कर के मोसी जी के पास चला जाऊंगा ताकि सेटरडे दिन को अपनी कजिन के साथ बिता सकु. और उसको मैंने यह सब बता दियाऔर मेरा उसके साथ मस्ती करने का प्लान भी मैने उसको बता दिया था. और वह सुनकर काफी खुश हो गई और जैसे ही फ्राइडे आया मैंने पहले ही एक सेक्सी ब्रा पैंटी का जोड़ा ले लिया और उसके लिए  गिफ्ट पैक कर लिया, एक चॉकलेट का पैक भी ले लिया था. अब फ्राइडे को में सब से मिला और वह उस पार्टी में मस्त लग रही थी. फिर मैने उसको हाय कहा और बाकि लोगो से मिला. और फिर मैंने उसको बाथ रुम में बुलाया और उसे कस के पकड लिया और उसके के गले लग गया और वह  उस को किस किया. यह उसका फर्स्ट टाइम किस था और वह पूरी लाल हो गई थी किस की वजह से. वह हमारा पहला किस पुरे १५ मिनिट तक चला था. तब मैने उसके सुट के ऊपर से उसकी चूची दबाई और उसके चुचे बहोत ही सॉफ्ट थे. तब मैने उसके साथ कुछ ज्यादा नही किया कही किसी को कुछ भी शक हो सकता था तो मैने उसके साथ कुछ ज्यादा नही किया. और फिर हम दोनो फिर से पार्टी में आ गये और पार्टी एन्जॉय करने लगे तब मैने खुब जि भर के डांस किया और पार्टी ख़त्म होने के बाद में मासी के घर चला आया. और तब मैने मेरे घर पे फोन कर के बता दिया के में अब अगले दो दिनों तक यही मासी के घर पर रुकने वाला हु, और मुझे देख के मेरी मासी बहोत ही खुश हुई, क्योंकि में काफी सालो के बाद उसके घर पर गया था. मेरी कजिन बहन को तो पहले ही सब प्लान पता था तो वह तो उस दिन सुबह से एकदम खुश खुश नजर आ रही थी.

फिर मैं अंदर गया और हम लोगों ने साथ में बैठकर चाय पी फिर हम लोग बातें करने लगे और ऐसे ही इधर उधर की बातें करते करते रात हो गई और हमने खाना खाया और मैं और मेरी बहन टीवी  देखने लग गई मासी और उसके हस्बैंड अपने रूम में जाकर सो गए. उनके जाते ही मेरी बहन मेरे पास आ गई और मेरे छाती पर हाथ फेरने लगी और फिर मुझे इशारा करके रूम की तरफ ले गई. रूम में जाते ही हम एक दूसरे को लिपट गए और पागलों की तरह किस करने लग गए. उसका रूम मासी के रूम के साथ जुड़ा हुआ था, तब हम वहां ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे क्यांकि हमारी कुछ आवाज निकलटी तो उनको शक हो सकता था तो उसने मुझसे कहा कि आप अब बाहर चले जाओ हमारे पास कल का पूरा दिन है हम आराम से करेंगे. फिर मैं उसको एक लंबा किस देकर हॉल में आकर सो गया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी और कल का इंतजार नहीं हो रहा था. तो मैं बाथरूम में गया और एक बार उसको याद कर के उसके  नाम की मुठ मार कर आ गया और फिर सो गया. और में आब सोच ने लग गया था की में उसे अगले दिन किस किs तरह से चोदुंगा और उसे क्या क्या कर के गर्म करूँगा और फिर यह सब सोचते सोचते मुझे कब नींद आ गयी मुझे कुछ भी समज में नहीं आया.

अगले दिन सुबह उसने मुझे उठाया और चाय दी. उस समय मासी किचन में थी तो उनके हस्बेंड नहा रहे थे तो उसने मुझे एक हल्की सी लिप किस भी कर दी. फिर 9:00 बजे तक मासी और उनके हस्बैंड अपनी जॉब पर चले गए, और मेरी कजिन ने कहा कि भाई पहली बार आया है तो वह घर में अकेला बोर हो जायेगा मुझे कंपनी देने के लिए घर पर ही रुक जाएगी. में तो मेरी बहन को चोदने के लिए कब से उतावला हो रहा था और इंतजार कर रहा था की वह लोग कब बहार जाते हे और कब हम अपने मजे शुरू करते हे. और उनके जाते ही मैंने उसको दोनों गिफ्ट दिए उसने उन गिफ्ट को खोल कर देखें और कहा कि उस को चॉकलेट बहुत पसंद है. और उसको मैंने वह ब्रा और पेंटी डाल कर आने को कही और वह तुरंत उसको अंदर जाकर पहन कर आ गई. लाल कलर की ब्रा पैंटी में वह एकदम माल लग रही थी.

तो मैंने उसे जोर से हग किया और उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और 30 मिनट तक जबरदस्त किस किया.

फिर उसने मुझे खुद से अलग किया और ब्रा उतार फेंकी और मुझे वापस अपनी तरफ खींचा और मेरा मुंह अपने बूब्स पर रखकर उसे दबा दिया मैं भी मजे से उस के बूब्स को चूस रहा था और उस के निपल को काट रहा था. मेरे निपल काटने की वजह से वह बोली

वह :  प्लीज भैया जरा आराम से करो मैं कहीं भागी थोड़ी ना जा रही हूं? प्लीज आई प्लीज भैया धीरे धीरे करो अहः औआऊच भैया प्लीज़ धीरे करो ना.

मैं  : काटने में ही तो मजा है मेरी प्यारी बहन. कुछ देर बाद तुम्हें भी मजा आएगा तब तक तुम थोड़ा सहन कर लो.

फिर मैं एक हाथ से उसके दूसरे निपल को खींच रहा था और मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी पैंटी के ऊपर मसल रहा था. उसकी पेंटी अब बहोत ही गीली हो चुकी थी क्योंकि वह अब बहोत गर्म हो चुकी थी और उस की चूत में से रस निकलने लगा था.

वह : भइया प्लीज भइया और जोर से और जोर से करो मुझे बहुत मजा आ रहा है. मुझे ऐसा मजा  आज तक मेरी जिंदगी में कभी नहीं आया और जोर से करो भइया प्लीज़ ज़ोर से करो.

फिर मैंने उसकी पैंटी उतार फेंकी और उसकी एकदम रस भरी चूत के दर्शन किए.. उसकी चूत पर जाटों का जंगल था, मैंने उसे बेड पर सीधा लिटाया और उसके दोनों पैरों को फैला दिया और उसकी चूत को अपने मुंह में भर लिया. चूत को मुह में लेते हैं कजिन ने  मेरे सर को पकड़कर और भी आगे किया और एक दम उसकी चूत से चिपका दिया तो मैंने भी अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और उसने चोर चोर से मोन करना शुरू कर दिया. वह सिसकियां लेने लगी और मेरे चूत पर जीभ घुमाने से एकदम मचल रही थी.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  कजिन :  हां भैया यह क्या कर रहे हो आप? आई अहः अह्ह्ह ई अहह उह्ह औऔ आआह्ह अमम्म अहः ओह्ह्ह  बहुत ही अच्छा लग रहा है और जोर से करो और जोर से करो भइया मुझे बहुत मजा आ रहा है.

फिर उसने मेरे कपड़े उतारे और मेरे लंड को देख के वह बोली की भिया जेसे पिक्स में देखा था उससे भी ज्यादा मस्त लग रहा है. क्या मैं उसको छू सकती हूं? मैंने कहा यह तुम्हारा ही है तुम्हे जो मर्जी आए वह करो. तो उसने उसे पकड़ा और उसके कोमल हाथ लगते ही मैं स्वर्ग में पहुंच गया. और वह उसको पहले सहलाने लगी और टोपी को ऊपर नीचे करके देखने लगी. मैंने कहा इस को मुंह में ले  कर देख. पहले वह हल्का हल्का ले रही थी फिर आराम आराम से पूरा चूसने लगी फिर मैंने उसे 69 पोजीशन में लाया और अपना लंड चूसने को कहा और वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर जोर जोर से अंदर बाहर करके और मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था आप उसके बूब्स  भी बहुत जोर जोर से चूस रहा था. फिर 20 मिनट तक चूसने के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसके बालों को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और अपने लंड को उसके मुंह के अंदर तक जोर जोर से धक्के देते हुए अपना वीर्य रस उसको पिला दिया.

कजिन : भाई आपका वीर्य तो बहुत स्वादिष्ट है. इस बीच वह कई बार जड गई थी. उसका पानी का कोई टेस्ट नहीं था बस हल्का सा नमकीन था.

और फिर मैं उसे कस के पकड़ कर फिर से किस करने लगा और मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा फिर वह मेरे ऊपर आ गई और उसने अपनी चूत को मेरे मुंह पर रख दिया और वह उसे रगड़ने लगी फिर मैंने 15 मिनट उसकी चूत चाटी और दो बार उसकी चूत का पानी पिया.. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

अब वह कहने लगी कि प्लीज़ भैया अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और बना दो मुझे अपनी रंडी और दे दो मुझे भी यह सुख. फिर मैंने उसको लिटाया और उसकी टांगों को फैलाया और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रखा और हल्का सर धक्का लगाया तो थूक और पानी की वजह से वह फिसल गया.

फिर उसने पकड़ कर चूत के मुंह पर रखा और मैं इस बार थोड़ी ताकत से जोर लगाया तो टोपा अंदर समा गया, और वह चीख उठी. मैंने उसके मुंह पर अपना मुंह रखा और उसके होंठों को चूसने लग गया. और कुछ सेकेंड बाद मैंने एक और जोर का धक्का लगाया इस बार मेरा लंड उसकी चूत में समा गया था. और उसकी आंखों से पानी बहने लगा.

वह मुझे अपने से दूर करने की एकदम नाकाम कोशिश कर रही थी. मैं भी उसको देर ना करते हुए उसको चूसता रहा और जैसे ही मुझे लगा कि उसका दर्द कम हो गया है मैंने एक और धक्का मारा और इस बार मेरा पूरा लंड उसके अंदर समा गया और वह चीखती इससे पहले मैंने उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए कुछ सेकेंड बाद मैंने फिर लंड को थोड़ा आगे पीछे करना शुरु कर दिया, तो मुझे काफी टाइट चूत महसूस हो रही थी. और मैं आराम आराम से धक्के लगाने लगा और अब उसका दर्द कम हो गया था और वह मेरा साथ दे रही थी.

फिर 10 मिनट के बाद मैंने उसको डॉगी स्टाइल में आने को कहा और पीछे से आकर उसे चोदना शुरू कर दिया. में बीच बीच में उसके चुचे दबा रहा था, और हमारी चुदाई की आवाज अब पुरे रुम में गूंजने लगी थी. और वह आह्ह आह्ह अहहह अह्ह्ह फक मी आह्ह फक मी आह्ह फक मी हार्ड आह्ह अह्ह्ह  की आवाज  निकालकर मुझे और मदहोश कर रही थी. अब तक वो तीन बार झड़ चुकी थी अब मेरा भी निकलने वाला था. और उसने मुझे अब कस कर पकड़ लिया मुझे पता लग गया कि यह अब फिर झड़ने वाली है और मैंने भी अपने धक्के  जोर से कर दिए.

अब हम दोनों एक साथ ही जड गये और मैंने अपना सारा वीर्य उसके चूत में ही निकाल दिया और उसके ऊपर लेट गया. 20 मिनट के बाद जब हम उठे तब मेरा लंड उसकी चूत में ही था जो कि हमारी पानी और उसके खून से भरा हुआ था, उसने जब देखा तो वह थोड़ी घबरा गई और बेडशीट भी गंदी हो गई थी और वह उठी और बेडशीट से नीचे उतरी तो उससे चला नहीं जा रहा था क्योंकि यह उसका पहला टाइम था और वह 18 साल की थी. पर उसने फिर मुझे पकड़ लिया और कहां थैंक्यू भाई इतने प्यार से मुझे चोदने के लिए, मुझे बहुत मजा आया. और फिर मैंने उसको गोद में उठा कर बाथरूम में ले जाकर साफ किया और फिर साथ में नहाए और बेड शीट भी चेंज की और रुम की साफ सफाई कर दी.

फिर बाथरुम में आकर हम दोनों ने बेड सीट को धोया और उस समय हम नंगे ही थे. उसको देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. और वह मैरे लड को देख कर बोली की  इस को क्या चाहिए? और वह उसको पकड़ कर फिर से सहलाने लगी, और मैंने भी उस को किस किया और उसके बूब्स दबा के उसको तैयार किया. इस बार मैंने बड़े प्यार से उसको बाथरूम में चोदा क्योंकि उसकी चूत हल्की सी सूज भी गई थी और अब उसको और भी ज्यादा मजा आ रहा था. हमने उस दिन सुबह से लेकर शाम तक तीन बार सेक्स किया और शाम को हमने मार्केट से जाकर आई पिल की गोली उसको लाकर दी और उसने ले ली. और रात को एक बार बाथरुम में भी करा कंडोम लगा कर. दुसरे दिन  रविवार को मैं अपने घर आ गया और उससे रात उसका फोन आया और कहने लगी कि यह उस पल को कभी नहीं भूलेगी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

किशन इस उम्र में भी एक नंबर का चुदक्कड़ था और जवान चूतों का दीवाना था. मज़े की बात ये कि उसके घर में भी कुछ ऐसा ही माहौल था. एक शानदार family hindi sex story पढ़िए..


किशन अपनी कार से नीचे उतरता है और सामने की बिल्डिंग मे जाकर सीधे लिफ्ट के अंदर पहुच कर 4 दबाता है और कुछ देर मे लिफ्ट 4th माले पर पहुच जाती है, सामने एक बंदा बैठा हुआ तंबाखू रगड़ रहा था और किशन को देखते ही जल्दी से खड़ा होकर सलाम करता है,

 

किशन-सेठ जी अंदर है,

 

जी साहेब अंदर ही है, किशन सीधे दरवाजा खोल कर अंदर दाखिल होते हुए अरे क्या यार नरेश तू यहा ऑफीस मे घुसा है और मैं दो दिन से ठीक से सो नही पा रहा हू,

 

 

नरेश- अरे बैठो किशन तुम तो हमेशा ही जल्दी मे रहते हो जब कि हमारा काम है बिल्डिंग बनवाना और वह

काम तो आराम से ही होता है,

 

किशन- अरे मैं वह नही कह रहा हू जो तुम समझ रहे हो

 

नरेश- मुस्कुराते हुए, अरे मेरे दोस्त मैं सब समझ रहा हू और मैने तेरा काम भी कर दिया है, अब कुछ देर

तो अपने लंड को संभाल कर रख, अब मैं तेरे लिए रोज-रोज तो 17-18 साल की कुँवारी लोंड़िया चोदने के लिए नही ला सकता हू ना, फिर भी जुगाड़ करके एक मस्त माल का अरेंज किया है और फिर नरेश बेल बजा कर चपरासी को बुलाता है,

 

किशन- कही तूने उसे पहले ही चोद तो नही दिया

 

नरेश- अरे नही बाबा वह तो मैने तेरे लिए ही बचा कर रखा है, तेरा काम हो गया है अब ज़रा धंधे की बात

कर ले,

 

 

किशन- बोल क्या करना है

 

नरेश- मेरी तो एक ही इच्छा है और वह काम बस तू ही करवा सकता है

 

 

किशन-हाँ तो बोल ना

 

नरेश- वो जो तेरा दोस्त मेहता है उसकी एक नई सड़क पर जो ज़मीन है वह कैसे भी मुझे दिलवा दे फिर देख उस ज़मीन से मैं कहाँ से कहाँ पहुच जाउन्गा,

 

किशन- अबे सपने देखना छ्चोड़ दे मेहता उस ज़मीन को किसी कीमत पर नही बेचेगा

 

नरेश-बेचेगा वह ज़रूर बेचेगा अगर एक बार तू उससे कह दे, मैं जानता हू वह तेरी बात कभी नही टालेगा क्यो कि उसके उपर तूने एक ही इतना बड़ा एहसान कर रखा है कि वह जिंदगी भर तुझे अपना खुदा मानता रहेगा,

 

 

 

किशन- लेकिन नरेश मैं इतना ख़ुदग़र्ज़ नही कि उस पर किए एहसान की कीमत मांगू, सॉरी दोस्त कोई और बात होती तो मैं तेरे लिए कभी मना नही करता पर इस बात के लिए तू मुझे माफ़ कर दे,

 

तभी कॅबिन के अंदर एक 25 साल की मस्त खूबसूरत लोंड़िया आती है उसने एक स्कर्ट जो उसके घुटनो तक था और उपर एक शर्ट पहन रखा था उसके दूध इतने बड़े और मोटे थे कि किशन का तो लंड खड़ा हो गया और जब वह लोंड़िया थोड़ा आगे जाकर पलटी तो उसकी मोटी कसी गांड देख कर किशन ने टेबल के नीचे अपना हाथ लेजा कर अपने लंड को सहलाते हुए उसकी गुदाज गांड देखना शुरू कर दी,

 

 

नरेश- अरे पारुल ज़रा जीवन को फोन लगा कर मेरी बात कर्वाओ

 

पारुल- जी सर

 

ओर फिर पारुल ने जीवन को फोन लगा कर नरेश को दिया नरेश ने फोन लेकर पारुल से कहा ज़रा चपरासी को बोल कर दो कॉफी का बंदोबस्त कर दो,

 

पारुल को जाते हुए किशन पीछे मूड कर देखने लगा और उसके भारी फैले हुए चुतडो को बड़ी गौर से

देख-देख कर अपना लंड मसल रहा था,

 

 

नरेश- ओये बस कर और इधर देख

 

किशन- वाह नरेश क्या माल है साले कितनी मस्त लोंड़िया को तूने अपनी पीए बना रखी है,

 

 

नरेश- बहुत मस्त है क्या

 

किशन- खुदा कसम एक बार तू तो इसकी दिलवा दे साली को रात भर पूरी नंगी करके चोदुन्गा,

 

नरेश- हेलो जीवन शाम को उस लोंड़िया को साथ लेकर मेरे फार्महाउस पर आ जाना

 

नरेश- ले तेरा काम हो गया है और अब शाम को वह अपने ठिकाने पर आ जाएगी,

 

किशन- अरे नरेश उसको छ्चोड़ तू तो तेरी इस पीए को एक बार मेरी बाँहो मे भेज दे कसम से कितनी मस्त चुचिया और गांड है उसकी,

 

नरेश- अबे साले वह मेरी बेटी पारुल है और उसने MBA कर लिया है इसलिए उसे अपने साथ ही बिजनेस मे लगा लिया है अब मेरे सारे काम को धीरे-धीरे वह संभाल रही है,

 

किशन का मूह एक दम से सुख गया उससे कुछ बोलते नही बन रहा था पर फिर वह नरेश को देख कर

मुस्कुराते हुए अपने कान पकड़ कर सॉरी यार मुझे ज़रा भी नही मालूम था कि वह तेरी बेटी है,

 

नरेश- मुस्कुराते हुए इसीलिए तो मैने तेरी बात का बुरा नही माना तभी उनकी कॉफी आ जाती है और किशन और नरेश चुस्किया लेने लगते है, किशन का लंड अभी तक खड़ा हुआ था तभी पारुल एक बार फिर से अंदर आती है

 

और कुछ फिलो को उठा कर वापस जाने लगती है तभी

 

नरेश-सुनो बेटी

 

पारुल- जी पापा

 

नरेश- ये मेरे खास दोस्त है किशन और किशन यह मेरी एक्लोति बेटी पारुल है

 

पारुल- नमस्ते अंकल

 

किशन नमस्ते बेटा

 

पारुल की नशीली नज़रो और गुलाबी रस से भरे होंठो को देख कर किशन का लंड फिर से उसकी पेंट मे तन चुका था, किशन फिर से पारुल के हुस्न मे खोने वाला था तभी नरेश ने कहा अच्छा पारुल बेटी तुम जाओ

मुझे ज़रा किशन से कुछ बाते करनी है और फिर पारुल वहाँ से चली जाती है,

 

 

 

किशन- यार एक बात बता नरेश तेरी बेटी की उम्र करीब 25 साल तो होगी और तेरी उम्र को देख कर लगता नही है कि तेरी कोई 25 बरस की बेटी होगी,

 

नरेश- क्यो भाई मैं भी तो 50 टच करने वाला हू और तू भी साले बुढ्ढा होने की कगार पर ही है

 

किशन- हाँ हाँ ठीक है लेकिन तुझसे तो दो साल अभी छ्होटा ही हू, पर नरेश पहले कभी तेरी बेटी को यहाँ देखा नही,

 


Indian Sexy Kahani


 

नरेश- मुस्कुराते हुए लगता है तुझे मेरी बेटी बहुत पसंद आई है,

 

किशन- मुस्कुराते हुए नही यार वह बात नही है,

 

नरेश-अच्छा सुन शाम को समय से आ जाना फिर बाकी बाते मेरे फार्महाउस पर ही करेगे,

 

किशन-अच्छा ठीक है और फिर किशन वहाँ से उठ कर चल देता है

 

किशन की कार मार्केट के ट्रॅफिक से धीरे-धीरे गुजर रही थी, तभी थोडा आगे नरेश को दो मस्त लोंड़िया स्कर्ट और वाइट शर्ट पहने रोड से अपने भारी भरकम चूतड़ मतकते हुए जाते दिखी,

 

 

किशन ने जब गाड़ी थोड़ा करीब लाकर उन्हे देखा तभी एक लड़की पास के सब्जी के ठेले पर रुक कर अपनी गांड खुजलाते हुए सब्जियो के भाव पूछने लगी, किशन का लंड उसकी मोटी गांड को देख कर खड़ा हो गया और जब वह उसके बिल्कुल पास से गुजरा तो उसके होश उड़ गये वह लड़की कोई और नही बल्कि उसकी अपनी बेटी रिया थी,

 

रिया 18 साल की मस्त भरे बदन की लोंड़िया थी,

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम वेद है और में जयपुर का रहने वाला हूँ, में जयपुर सिटी में काम करता हूँ और वहीं मेरी फेमिली के साथ रहता हूँ। में 25 साल का हूँ, मेरा थोड़ा सा गोरा चेहरा है, मेरे लंड का साईज़ 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। आज मैं एक बेहद नशीली sister sex story सुनाने जा रहा हूँ।


मेरे घर में 3 रूम है और किचन और छोटा सा आंगन है, एक रूम में मेरे पापा मम्मी, दूसरे रूम में दीदी और उनके ही बगल वाला कमरा मेरा है। मेरी दीदी और मेरे कमरे के बीच में एक खिड़की है, जिससे दोनों कमरे में आसानी से देख सकते है।

हमारी फेमिली में पाँच लोग है। पापा मोहन, उम्र 49 साल, जो हमेशा काम के सिलसिले से बाहर ही रहते है। मम्मी सरिता, उम्र 46 साल, वो अभी भी बहुत सेक्सी दिखती है, उनका रंग गोरा है, उनका फिगर साईज 32-30-34 है। दीदी पारुल जो हमारे साथ ही रहती है, क्योंकि उनके पति ने उन्हें झगड़ा होने की वजह से निकाल दिया, वो भी बहुत सेक्सी है, उनका फिगर साईज 36-34-38 है। में और मेरी पत्नी सविता, वो भी बहुत सेक्सी है, उसका फिगर 34-32-36 है, हम दोनों बहुत सेक्स करते है और हमारी शादी 10 महीने पहले हुई थी।

अब में सीधा कहानी पर आता हूँ। में हर रोज सुबह 10 बजे काम पर जाता और शाम को 6 बजे घर आ जाता हूँ। एक दिन की बात है, में और मेरी पत्नी सेक्स कर रहे थे, तभी मुझे अहसास हुआ कि खिड़की पर कोई है, लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया और मेरी पत्नी के साथ सेक्स करने लगा। अब हम दोनों बहुत इन्जॉय कर रहे थे। फिर आधे घंटे के बाद हम सो गये और फिर सुबह हुई, उस दिन रविवार था तो मेरे काम की छुट्टी थी। उस दिन मेरी पत्नी के मायके में किसी की मौत हो गयी थी, तो वो वहाँ 20 दिन के लिए चली गयी। फिर में उसे बस स्टॉप तक छोड़कर आया और वापस घर आने के बाद खाना खा कर मैच खेलने चला गया। फिर में वापस घर आया और चाय पी, अब में और मेरी दीदी बैठकर बात कर रहे थे, मेरी माँ कहीं बाहर गयी थी।

अब मेरी दीदी मुझसे पूछ रही थी कि अब कैसे दिन निकलेंगे तुम्हारे? तो में कुछ समझा नहीं। फिर मैंने दीदी से पूछा, तो वो बोली कि कुछ नहीं ऐसे ही मुँह से निकल गया और फिर वो मुस्कुरा कर चली गयी। फिर रात को हमने खाना खाया और सोने चले गये, अब माँ अपने कमरे में चली गयी और में अपने कमरे में और दीदी उनके कमरे में चली गयी। अब मुझे नींद नहीं आ रही थी तो में कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देखने लगा और मुठ मार रहा था तो मैंने खिड़की की तरफ देखा, तो दीदी मुझे देख रही थी। फिर में उन्हें पटाने के लिए पूरा नंगा हो गया और ऐसे नाटक कर रहा था कि जैसे मैंने उन्हें नहीं देखा है। फिर थोड़ी देर के बाद में सोने चला गया, लेकिन तब भी मुझे नींद नहीं आ रही थी।

फिर में दीदी के रूम में देखने लगा तो मुझे इतना नज़र नहीं आ रहा था, लेकिन मुझे कुछ कुछ दिखाई दे रहा था। अब मेरी बहन अपनी चूत में उंगली डाल रही थी और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थी आ आ उ उ और बीच बीच में मेरा नाम ले रही थी, वेद चोदो, चोदो मुझे, फिर वो सो गई और में भी जाकर अपने बेड पर सो गया। फिर एक दिन मेरी फेमिली में कुछ प्रोग्राम था, तो माँ वहाँ गयी थी और में और दीदी घर पर ही थे।

उस दिन शनिवार था, तो में काम से जल्दी आ गया था। अब जब में घर आया तो दीदी बहुत खुश थी, फिर दीदी ने मेरे लिए खाना बनाया और बोली कि खाना खाने के बाद हम शाम को मार्केट जायेंगे, मैंने कहा कि ठीक है। फिर में और दीदी मेरी बाइक पर बैठकर मार्केट गये, वहाँ पर दीदी ने कुछ कपड़े लिए और सब्जी ली। फिर जब हम वापस घर आ रहे थे तो बीच में एक थियेटर था, तो दीदी ने कहा कि चलो हम मूवी देखते है। मैंने कहा कि ठीक है और में और दीदी रोमांटिक मूवी देखने गये, क्योंकि उस दिन थियेटर में वही मूवी लगी थी, वो मूवी शुरुआत में तो नॉर्मल ही थी, लेकिन फिर बाद में उस मूवी में कुछ सेक्सी सीन आने लगे।

फिर मैंने दीदी की तरफ देखा तो वो बहुत ध्यान से देख रही थी। उसके बाद हम जब बाहर निकले तो दीदी ने कहा कि उन्हें अंडरगारमेंट्स लेनी है तो वो दुकान पर गयी और मुझे बोली कि तुम भी चलो। अब में शरमा रहा था और मैंने कहा कि तुम लेकर आओ, लेकिन उन्होंने बहुत ज़िद की तो में उनके साथ चला गया। फिर दीदी ने पारदर्शी 2 ब्रा और 2 पेंटी, काले और पीले कलर में ली। फिर दीदी ने मुझसे पूछा कि कैसी है? तो मैंने शरमाते हुए कहा कि अच्छी है। फिर हम घर पहुँचे, अब दीदी ने रात का खाना बनाया और फिर हमने खाया। अब खाना खाने के बाद में मम्मी के कमरे गया, क्योंकि वहाँ पर टी।वी लगा हुआ था और अब में टी।वी देख रहा था।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरी बहन आई और मेरे बगल में बैठ गयी। अब मेरे मन में अभी तक कुछ भी ग़लत ख्याल नहीं था, अब हम इंग्लिश मूवी देख रहे थे। मेरी दीदी ने एक नाइटी पहनी थी और मुझसे कहा कि क्या मूवी देख रहे हो? चलो कुछ बातें करते है। फिर मैंने टी।वी बंद की और में और दीदी उनके कमरे में चले गये और अब हम पहले तो नॉर्मल बातें कर रहे थे। फिर दीदी ने पूछा कि वेद में ब्रा और पेंटी ट्राई करती हूँ, तुम देखकर बताओ। अब मे हैरान हो गया और अब में अंदर ही अंदर खुश था कि चलो आज दीदी के बूब्स देखेंगे।

meri talaakshuda bahan sister sex story

मेरी मस्त दीदी की चुदाई

फिर दीदी उठी और अलमारी में से ब्रा और पेंटी का सेट निकाला और बाथरूम में जा कर चेंज करके आई। पहले तो उन्होंने काले कलर की ब्रा और पेंटी पहनी, उसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी। अब मुझे उनका पूरा बूब्स आसानी से दिख रहा था और उनकी चूत भी साफ़-साफ़ दिख रही थी, उनकी चूत पर बहुत बाल थे और उनके बूब्स के निप्पल बड़े-बड़े थे। फिर दीदी ने कहा कि कैसी है? तो मैंने कहा कि सेक्सी, तो फिर दीदी हंसी और कहा कि में दूसरी ट्राई करती हूँ।

उसके बाद दीदी ने कहा कि अब मुझे नींद आ रही है तो वो सोने चली गयी। उस रात मैंने 3 बार मुठ मारी और फिर सो गया। फिर सुबह में काम पर नहीं गया और मैंने 2-3 दिन की छुट्टी ले ली कि मुझे थोड़ा बुखार है। फिर हमने खाना खाया और फिर दीदी अपना काम करने लगी। अब दीदी बाथरूम में बैठकर अपने कपड़े धो रही थी। दीदी ने रात वाली ही नाइटी पहनी थी और अब उनकी नाइटी पूरी भीग गयी थी और फिर जब वो अपने कपड़े लेने बाहर आई तो उनकी नाइटी भीगी होने की वजह से मुझे उनके बूब्स का साईज़ साफ़-साफ़ दिख रहा था, शायद उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी। अब में उनके बूब्स को ही देख रहा था, जो शायद उन्हें पता चल गया था।

18 साल के लड़के की जिज्ञासा बहुत तगड़ी होती है. मैं अपनी बहनों को बाथरूम में नहाते हुए चुपके से देखता था. गजब की क़यामत थी मेरी भावना दीदी. एक मनमोहक didi sex kahani पेश है..


यह घटना करीब आठ साल पहले की है, ताऊ जी की दो लड़कियाँ हैं, उस समय बड़ी वाली भावना दीदी 22 साल की और छोटी वाली 19 साल की थीं। मैं 18 साल का था, पर मुझे भावना दीदी बहुत अच्छी लगती थीं।

वो मुझको बच्चा समझती थीं, पर मैं उनको एक सुंदर लड़की की तरह देखता था। उनका गोरा बदन और उभरे हुए मम्मे मुझे पागल कर देते थे। उनके साइज इस उम्र में इतने बड़े थे कि जब वो बिना दुपट्टे के चलती थीं तो उनकी हल चल और थरथराहट किसी को भी पागल करने के लिए काफी थी और यहाँ तो रोज ही पागल होने का सामान मौजूद था .

हमारे बाथरूम के दरवाजे में छोटे-छोटे छेद थे, कभी-कभी मौका मिलने पर मैं भावना दीदी को नहाते हुए देखता था। उनकी हल्के भूरे रंग के चूचुक मेरे लंड को खड़ा कर देते थे और उनकी गोरी चूत में से बाहर निकली हुई खाली दूध की चाय के रंग जैसी चूत की जीभ (क्लिट) मुझको पागल कर देती थी।

मुझे अभी तक याद है की मै अपना पहला मुठ मेरी दीदी के लिए ही मारा था. एक सन्डे सुबह सुबह जैसे ही मेरी दीदी बाथरूम से निकली मै बाथरूम मे घुस गया. मै बाथरूम का दरवाज़ा बंद किया और अपने कपड़े खोलना शुरू किया. मुझे जोरो की पिशाब लगी थी. पिशाब करने के बाद मै अपने लंड से खेलने लगा. एका एक मेरी नज़र बाथरूम के किनारे दीदी के उतरे हुए कपड़े पर पड़ी. वहां पर दीदी अपनी नाइटगाऊन उतार कर छोड़ गयी थी. जैसे ही मैने दीदी की नाइटगाऊन उठाया तो देखा की नाइटगाऊन के नीचे दीदी की ब्रा पडा हुआ था. जैसे ही मै दीदी का काले रंग का ब्रा उठाया तो मेरा लंड अपने आप खडा होने लगा. मै दीदी के नाइटगाऊन उठाया तो उसमे से दीदी के नीले रंग का पैँटी भी गिर कर नीचे गिर गया. मैने पैँटी भी उठा लिया. अब मेरे एक हाथ मे दीदी की पैँटी थी और दूसरे हाथ मे दीदी के ब्रा था.

दीदी के अन्दर वाले कपड़े चूमे से ही कितना मज़ा आ रहा है यह वोही ब्रा हैं जो की कुछ देर पहले दीदी के चुन्चिओं को जकड रखा था और यह वोही पैँटी हैं जो की कुछ देर पहले तक दीदी की चूत से लिपटा था. यह सोच सोच करके मै हैरान हो रहा था और अंदर ही अंदर गरमा रहा था. मै सोच नही पा रहा था की मै दीदी के ब्रा और पैँटी को ले कर क्या करूँ. मै दीदी की ब्रा और पैँटी को ले कर हर तरफ़ से छुआ, सूंघा, चाटा और पता नही क्या क्या किया. मैने उन कपड़ों को अपने लंड पर मला. ब्रा को अपने छाती पर रखा. मै अपने खड़े लंड के ऊपर दीदी की पैँटी को पहना और वो लंड के ऊपर तना हुआ था. फिर बाद मे मैं दीदी की नाइटगाऊन को बाथरूम के दीवार के पास एक हैंगर पर टांग दिया. फिर कपड़े टांगने वाला पिन लेकर ब्रा को नाइटगाऊन के ऊपरी भाग मे फँसा दिया और पैँटी को नाइटगाऊन के कमर के पास फँसा दिया. अब ऐसा लग रहा था की दीदी बाथरूम मे दीवार के सहारे ख़ड़ी हैं और मुझे अपनी ब्रा और पैँटी दिखा रही हैं मै झट जा कर दीदी के नाइटगाऊन से चिपक गया और उनकी ब्रा को चूसने लगा और मन ही मन सोचने लगा की मैं दीदी की चुंची चूस रहा हूँ. मै अपना लंड को दीदी के पैँटी पर रगड़ने लगा और सोचने लगा की मै दीदी को चोद रहा हूँ. मै इतना गरम हो गया था की मेरा लंड फूल कर पूरा का पूरा टनना गया था और थोड़ी देर के बाद मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और मै झड़ गया. मेरे लंड ने पहली बार अपना पानी छोड़ा था और मेरे पानी से दीदी की पैँटी और नाइटगाऊन भीग गया था. मुझे पता नही की मेरे लंड ने कितना वीरज़ निकाला था लेकिन जो कुछ निकला था वो मेरे दीदी के नाम पर निकला था.

मेरा पहले पहले बार झड़ना इतना तेज़ था की मेरे पैर जवाब दे दिया और मै पैरों पर ख़ड़ा नही हो पा रहा था और मै चुप चाप बाथरूम के फ़र्श पर बैठ गया. थॉरी देर के बाद मुझे होश आया और मै उठ कर नहाने लगा. शोवेर के नीचे नहा कर मुझे कुछ ताज़गी महसूस हुआ और मै फ़्रेश हो गया. नहाने बाद मै दीवार से दीदी की नाइटगाऊन, ब्रा और पैँटी उतारा और उसमे से अपना वीरज़ धो कर साफ़ किया और नीचे रख दिया. उस दिन के बाद से मेरा यह मुठ मरने का तरीक़ा मेरा सबसे फ़ेवरेट हो गया. हाँ, मुझे इस तरह से मै मरने का मौक़ा सिर्फ़ इतवार को ही मिलता था. क्योंकि, इतवार के दिन ही मै दीदी के नहाने के बाद नहाता था. इतवार के दिन चुप चाप अपने बिस्तर पर पड़ा देखा करता था की कब दीदी बाथरूम मे घुसे और दीदी के बाथरूम मे घुसते ही मै उठ जाया करता था और जब दीदी बाथरूम से निकलती तो मै बाथरूम मे घुस जाया करता था.

और अपना कारनामा अंजाम दिया करता था .

एक दिन को तो मैं भूल ही नहीं सकता, मैं भावना दीदी और पूजा (छोटी बहन) घूमने गए वहाँ एक झरना था।

 

सबने नहाने का मन बनाया…। भावना दीदी मुझको तो बच्चा समझती थीं,

उन्होंने कहा कि हम लोग जल्दी से नहा कर वापस चलेंगे इस लिए सब लोग अपने कपडे उतार कर इस पास के पत्थर पर रख दो जिससे गीले न हो जाएँ .

 

भावना दीदी ने अपना दुपट्टे को उतार कर पत्थर पर रख दिया ,नजारा देखने वाला था उनके सीने के दोनों गोलार्ध अपनी छठा बिखेर रहे थे .उन्होंने मुझे अपनी और देखते हुए देख कर कहा, ” अब क्या देख रहे हो जल्दी से अपने कपडे उतार कर पत्थर पर रखो “.और उन्होंने अपना कुरता उतार दिया उनका सांचे में ढला बदन सूरज की रोशनी से और निखर उठा और उनकी गोलाइयों के उत्तुंग शिखर पर्वतो के शिखरों से मुकाबला करने को लालायित दिख रहे थे ब्रा में उनके पयोधर कैसे समां रहे थे मुझे आश्चर्य हो रहा था

अभी तक तो इनके दर्शन अँधेरे बाथरूम में ही ,वो भी छेद से ही हुए थे .

इसके बाद उन्होंने अपने सलवार का नाड़ा खिंच दिया ,और वह एकाएक नीचे गिर पड़ा

उसके नीचे गिरते ही उनकी पुष्ट जांघो व् गठीली पिंडलियों का दृश्य ,बस जान लेने वाला था

पर साथ ही वहां पड़े हुए पानी से भीग गया और दीदी ने कहा ,” अरे यह तो भीग गया , अब मैं क्या करुँगी ?”

मैंने भी कहा , हाँ अब तो यह भीग गया ,अब तो इसे सुखाना पड़ेगा .

meri bhawna didi sex kahani

दीदी के मस्त चूचे

उन्होंने कहा, ” जल्दी से इसे पास वाले पत्थर पर रख दो ,जिससे जल्दी सूख जाये .”

 

मैं उसे उठाने के लिए जल्दी से झुका और उनकी जांघो को नजदीक से देखने का लोभ संवरण न कर पाया और जल्दी से जांघों के संधि प्रदेश पर नजर डाल कर सलवार उठा लिया .

loading...

Related Post & Pages

Indian Xxx - Amateur collection art New Sex Perfect Unlimited Beautifu... File size: 13,7 MBFile name: Ex Fat ass jumping on my hard dickVideo: AVC, 867 Kbps, 29.970 fpsAudio...
Indian Xxx - Carolina Sweets playing games and fucking with her dads f... *copy this code to Clipboard Thank you for your vote! You have already voted for this video! Uploade...
Beautiful model Zoe Doll is more than ready to blow delicious black co... Nice looking slender babe from Spain Zoe Doll exposes her natural tits and quite juicy bum while ans...
We love Big Boobs - BIG TITS bobs girl geting fucked in group Videos F... Click Here To Get Full Post >>>We love Big Boobs - BIG TITS bobs girl geting fucked in g...

loading...

Bollywood Actress XXX Nude